छ्पी-अनछपी: लालू ने बड़े बेटे को बेदखल किया, ऑपरेशन सिंदूर पर टिकी होगी एनडीए की राजनीति

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद ने बड़े बेटा तेज प्रताप को नई रिलेशनशिप की चर्चा के बाद पार्टी और परिवार से बेदखल कर दिया है। एनडीए ऑपरेशन सिंदूर पर केंद्रित राजनीति करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए के नेताओं से सोच समझकर बोलने को कहा है। इमारत-ए-शरीया ने विवादास्पद वक़्फ़ कानून के खिलाफ आंदोलन की घोषणा की है। बिहार में कोरोना के दो मरीज मिलने की खबर सामने आई है।

और, जानिएगा कि दुनिया के कई देशों से चोरी किए गए आईफोन का चीन में लगता है बाजार।

पहली ख़बर

प्रभात खबर के अनुसार राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने लोक आचरण की ‘लक्ष्मण रेखा’ लांघने वाले अपने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव पर सख्ती दिखाई है। तेज प्रताप से जुड़े विवादास्पद मामले के प्रकाश में आने के बाद लालू ने उनको 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया और पारिवारिक संबंध भी तोड़ दिए। अपने एक्स हैंडल पर लालू ने पोस्ट में तेज प्रताप के प्रति सख्त शब्दों का इस्तेमाल करते हुए यह घोषणा की है। गौरतलब है कि शनिवार को तेज प्रताप के फेसबुक पर उनकी तस्वीर एक महिला के साथ वायरल हुई थी। इस पर पोस्ट में महिला के साथ तेज प्रताप के लिए रिश्ते की बात कबूल की गई थी और कहा गया था कि वह एक युवती के साथ 12 साल से रिलेशनशिप में हैं। हालांकि देर रात होते-होते तेज प्रताप ने सफाई दी थी कि किसी ने उनके अकाउंट को हैक करके ऐसा किया है। इसके बाद ही लालू का यह कदम सामने आया। लालू ने लिखा: “निजी जीवन में नैतिक मूल्यों की अवहेलना करना हमारे सामाजिक न्याय के लिए सामूहिक संघर्ष को कमज़ोर करता है. ज्येष्ठ पुत्र की गतिविधि, लोक आचरण तथा गैर जिम्मेदाराना व्यवहार हमारे पारिवारिक मूल्यों और संस्कारों के अनुरूप नहीं है. अतएव उपरोक्त परिस्थितियों के चलते उसे पार्टी और परिवार से दूर करता हूँ. अब से पार्टी और परिवार में उसकी किसी भी प्रकार की कोई भूमिका नहीं रहेगी. उसे पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित किया जाता है।” लालू के छोटे बेटे थे जिसकी यादव ने कहा कि वह यह सब बर्दाश्त नहीं कर सकते। छपरा से लोकसभा चुनाव लड़ चुकीं लालू की बेटी रोहिणी आचार्य ने भी उनके फैसले का समर्थन किया।

ऑपरेशन सिंदूर पर केंद्रित होगी राजग की राजनीति

जागरण की खबर है कि ऑपरेशन सिंदूर पर भारतीय जनता पार्टी की तिरंगा यात्रा चल रही है और कांग्रेस ने जय हिंद सभा का आयोजन शुरू कर दिया है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगवाई में रविवार को हुई एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्रियों की बैठक में जातिवार गणना और ऑपरेशन सिंदूर के फैसले को लेकर प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व क्षमता साहस और दूरदर्शन को जमकर सारा गया। समूचे गठबंधन ने उनके फैसलों के साथ पूरी ताकत से खड़ा रहने और उसे आगे बढाने का संकल्प भी लिया। एनडीए नेताओं ने उसको लेकर राजनीतिक प्रस्ताव भी पारित किया। संकेत साफ है कि भावी राजनीति भी जातिवार गणना और ऑपरेशन सिंदूर पर केंद्रित रहेगी।

बयान देने में संयम बरतने की सलाह

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में एनडीए दलों के मुख्यमंत्रियों और उप मुख्यमंत्रियों की रविवार को बैठक हुई। इस दौरान मोदी ने एनडीए नेताओं को सार्वजनिक रूप से अपनी टिप्पणियों में संयम बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि नेता अपने भाषण में संयम बनाए रखें। गलत बयान से पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचता है।

वक़्फ़ क़ानून के खिलाफ आंदोलन का ऐलान

हिन्दुस्तान के अनुसार इमारत-ए-शरिया वक्फ के नए कानून के खिलाफ आंदोलन चलाएगा। रविवार को इमारत-ए-शरिया बिहार, झारखंड व ओडिशा की विशेष कमेटी की बैठक में इसकी रणनीति बनाई गई। बैठक के बाद आंदोलन के कार्यक्रम भी घोषित कर दिए गए। अमीर-ए-शरियत मौलाना अहमद वली फैसल रहमानी ने बताया कि हमारा प्रस्ताव है कि मुस्लिम समाज के लोग प्रत्येक गुरुवार को रोजा रखें और सामूहिक इफ्तार का आयोजन किया जाए। प्रत्येक शुक्रवार को काली पट्टी बांधकर नमाज-ए-जुमा अदा की जाए और शनिवार की रात में फ्लैशलाइट से विरोध दर्ज कराएंगे।

कोरोना के दो संदिग्ध मरीज मिले

प्रभात खबर के अनुसार रविवार को राजधानी पटना में भी कोरोना के दो संदिग्ध मरीज मिले। इन दोनों मरीजों का इलाज बेली रोड स्थित एक बड़े प्राइवेट हॉस्पिटल में चल रहा है। अस्पताल प्रबंधन ने इसकी जानकारी सिविल सर्जन कार्यालय को भेज दी है। इस बारे में सिविल सर्जन डॉक्टर अविनाश कुमार सिंह का कहना है कि दोनों मरीजों की रिपोर्ट देखने के बाद कोविड की पुष्टि की जाएगी।

ऑर्केस्ट्रा लेकर आई बरात तो निकाह नहीं पढ़ाएंगे

बगहा से हिन्दुस्तान ने ख़बर दी है कि शादी समारोहों में नाच-गाने का मुस्लिम समाज बहिष्कार करेगा। शादी में डीजे-नाच, गाना बजाने वाले परिवारों का भी बहिष्कार किया जाएगा। ऑर्केस्ट्रा रखने पर काजी निकाह नहीं पढ़ाएंगे। मुस्लिम समाज के लोग दहेज प्रथा का भी विरोध करेंगे ताकि शादी विवाह में होनेवाले अनावश्यक खर्च पर रोक लगायी जा सके। बगहा अनुमंडल के सभी मदरसों व मस्जिदों के इमामों ने संयुक्त रूप से बैठक कर निर्णय लिया है कि मुस्लिम समाज शादी विवाह में नाच गाने, दहेज प्रथा, आर्केस्ट्रा आदि का प्रयोग नहीं करेगा। अगर किसी मुस्लिम परिवार द्वारा ऐसा किया जाता है तो मुस्लिम धर्मगुरु उस परिवार में निकाह नहीं पढ़ाएंगे।

चोरी के आईफोन का चीनी बाजार

भास्कर के अनुसार अगर आईफोन लंदन, न्यूयॉर्क, मेलबर्न या पेरिस की सड़कों से चोरी हो गया है तो उसके मिलने की उम्मीद ना के बराबर है। बहुत संभव है कि वह फोन हजारों किलोमीटर दूर चीन के शेनजेन शहर में खुलेआम बिक रहा हो। वहां का कुख्यात फेयांग इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट आज दुनिया का सबसे बड़ा चोरी हुए मोबाइल फोन का हब बन चुका है जहां हर दिन हजारों आईफोन और उनके पुर्जे बेचे जाते हैं। अब आईफोन चोरी कर चीन पहुंचाना तस्करों के लिए कारोबार बन गया है। आईफोन को चीन लाने के बाद एक-एक पुर्जे में तोड़ दिया जाता है। स्क्रीन, कैमरा, मदरबोर्ड, स्पीकर और बैटरी अलग-अलग खरीदारों को बेचे जाते हैं।

कुछ और सुर्खियां:

  • गुजरात, केरल, पश्चिम बंगाल और पंजाब में पांच विधानसभा क्षेत्रों के लिए उपचुनाव 19 जून को
  • जापान से बड़ी अर्थव्यवस्था बना भारत, दुनिया में चौथा स्थान
  • रूस ने यूक्रेन पर सबसे बड़ा हवाई हमला किया, 13 लोगों की मौत
  • पटना स्थित बोरिंग रोड में ताबड़तोड़ फायरिंग के बाद दरोगा सहित 18 पुलिसकर्मी सस्पेंड
  • बिहार बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा 28 मई को 214 केंद्रों पर होगी
  • मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पर अश्लील हरकत करने वाले भाजपा नेता मनोहर लाल धाकड़ गिरफ्तार
  • बारह दिन पहले मानसून महाराष्ट्र पहुंचा, दिल्ली में बारिश से तबाही

अनछपी: आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद ने अपने बड़े बेटे तेज प्रताप को पार्टी और परिवार से निकालने की घोषणा तो कर दी लेकिन उनके लिए यह सांप छछूंदर वाली स्थिति है। तेज प्रताप अपनी अजीबोगरीब हरकत के लिए हमेशा चर्चा में रहे और कई बार लालू प्रसाद और तेजस्वी प्रसाद यादव दोनों के लिए परेशानी की वजह बने। छोटे होने के बावजूद तेजस्वी प्रसाद को लालू प्रसाद ने अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी बनाया तो इसका मलाल तेज प्रताप को था लेकिन इसकी जिम्मेदारी भी तेज प्रताप पर ही मानी जाती है। तेज प्रताप की वजह से कई बार लालू और तेजस्वी को राजनीतिक हमले का सामना करना पड़ा। कई बार ऐसा लगा कि तेज प्रताप खुद को तेजस्वी प्रसाद की जगह पर लाना चाहते हैं और इस वजह से उनके विरोधियों को यह कहने का मौका मिलता था कि दोनों के बीच मनमुटाव है और मीडिया में भी ऐसी खबरें आती थीं। तेजस्वी प्रसाद ने हमेशा अपने बड़े भाई को सम्मान देने की कोशिश की और बात आगे ना बढ़े इसके लिए भी उनकी कोशिश मानी जाती है। माना जा रहा है कि लालू प्रसाद का यह कदम उनके सब्र का बांध टूटने की निशानी है क्योंकि उनकी बदनामी इस वजह से भी हुई थी कि तेज प्रताप ने अपनी पत्नी को कुछ ही महीने बाद तलाक दे दिया था और यह लालू प्रसाद के परिवार के लिए बहुत ही लज्जाजनक हो गया था। तलाक का मामला अभी तक अदालत में है लेकिन इस दौरान तेज प्रताप ने अपनी रिलेशनशिप की बात जाहिर कर लालू के लिए एक और मुसीबत और चुनौती खड़ी कर दी। तलाक की अर्जी अदालत में रहने के बीच नई रिलेशनशिप का ऐलान करना केवल तेज प्रताप के लिए नहीं बल्कि लालू प्रसाद के परिवार के लिए भी एक कानूनी चुनौती बन सकती है। इसलिए हो सकता है के पार्टी और परिवार से निकालने के पीछे एक कारण कानूनी भी हो। तेज प्रताप जब-जब मंत्री बने तब भी उनकी हरकतों से नीतीश कुमार सरकार और लालू प्रसाद के परिवार को परेशानी का सामना करना पड़ा। होली के दौरान एक सिपाही से जबरदस्ती डांस करवाने का मामला भी लालू परिवार के लिए बदनामी का कारण बना था। अब जबकि लालू ने तेज प्रताप को बेदखल कर दिया है तो विपक्ष उन पर दूसरी तरह से हमलावर है और वह कह रहा है कि उन्होंने कार्रवाई करने में इतनी देर क्यों की। निश्चित रूप से तेज प्रताप का मामला लालू प्रसाद के लिए बहुत अफसोसनाक रहा है।

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