छ्पी-अनछपी: मोदी ने मुसलमानों को बताया ‘पंचर बनाने वाला’, पटना बुलाकर पुणे के कारोबारी का मर्डर

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान पर काफी विवाद हुआ है जिसमें उन्होंने मुसलमान को पंचर बनाने वाला कहा। पुणे के स्क्रैप कारोबारी को पटना बुलाकर मार डाला गया। पशुपति कुमार पारस ने राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी को एनडीए से अलग किया। बिहार के 60 हज़ार एससी-एसटी टोलों में कैंप लगेंगे।

और, जानिएगा कि पटना विश्वविद्यालय के किसी सरकारी कॉलेज को ‘नैक’ से नहीं मिला ए ग्रेड।

जागरण के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अगर पुराना वक़्फ़ कानून ठीक होता तो मुस्लिम समाज के युवाओं को पंक्चर नहीं बनाना पड़ता। वह हरियाणा के हिसार में सोमवार को संविधान निर्माता डॉक्टर भीमराव आंबेडकर की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अगर मुसलमानों से इतना ही प्रेम है तो तो किसी मुसलमान को पार्टी अध्यक्ष बनाए।

पुणे के व्यापारी की बिहार में हत्या

जागरण के अनुसार पटना एयरपोर्ट से अगवा पुणे के बड़े स्क्रैप व्यवसाय लक्ष्मण साधु शिंदे (55 वर्ष) की हत्या कर उनका शव जहानाबाद के घोसी थाना क्षेत्र के झुमकी व मानपुर गांव के बीच सड़क किनारे फेंके जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। हवाई अड्डा थाने की पुलिस सोमवार को व्यवसाय का शो वहां से बरामद कर पटना ले आई और स्वजन को सौंप दिया। जहानाबाद पुलिस को 12 अप्रैल को उनका शव मिला था लेकिन पहचान नहीं हो सकी थी। प्रारंभिक रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की बात सामने आई थी। वहां की पुलिस शव को लावारिस मानकर 14 अप्रैल को अंतिम संस्कार में जुटी थी कि पटना पुलिस ने उनकी पहचान बताकर रोका। हवाई अड्डा थाने में व्यवसाय के अपहरण की प्राथमिक की कराई गई थी। आशंका है कि साइबर अपराधियों ने स्क्रैप दिलाने का झांसा देकर पटना बुलाया और उनके हत्या कर दी।

पारस ने राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी को एनडीए से अलग किया

भास्कर के अनुसार आखिरकार  लोक जनशक्ति पार्टी एनडीए से अलग हो गई। पार्टी अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस ने कहा एनडीए से हमारा नाता खत्म हुआ। जो पार्टी हमें उचित सम्मान देगी हम उसी के साथ चुनावी गठबंधन करेंगे। वे सोमवार को अंबेडकर जयंती पर हुए महा संकल्प सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। पार्टी ने रामविलास पासवान को भारत रत्न देने, प्राइवेट नौकरियों में भी आरक्षण लागू करने तथा सरकारी नौकरियों में आरक्षण का बैकलॉग खत्म करने की बात की। उन्होंने एनडीए को दलित और अल्पसंख्यकों का विरोधी बताया।
एससी-एसटी टोले में लगेंगे कैंप
बिहार के 60 हजार से अधिक अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति टोलों में विशेष विकास शिविर लगेंगे। सरकार की 22 से अधिक योजनाओं का लाभ मौके पर ही लाभार्थियों को दिलाया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को ‘डॉ. आंबेडकर समग्र सेवा अभियान’ का शुभारंभ किया। प्रत्येक प्रखंड की आधी पंचायतों के एक-एक टोले में बुधवार एवं शेष पंचायतों के हर टोले में शनिवार को शिविर लगेंगे।

तेलंगाना ने लागू किया अनुसूचित जाति का उपवर्गीकरण

जागरण के अनुसार तेलंगाना सरकार ने अंबेडकर जयंती के अवसर पर अनुसूचित जाति अप वर्गीकरण के कार्यान्वयन को लागू करना शुरू कर दिया है। राज्य के सिंचाई मंत्री और उत्तम कुमार रेड्डी ने दावा किया है कि तेलंगाना ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य है। तेलंगाना सरकार ने पहले स वर्गीकरण पर रिटायर्ड हाई कोर्ट जस्टिस शमीम अख्तर की अध्यक्षता में एक आयोग बनाया था। आयोग ने सिफारिश की थी के 59 अनुसूचित जाति समुदायों को सरकारी नौकरियों और शिक्षा में कुल 15% आरक्षण के लिए तीन समूहों को एक, दो और तीन में विभाजित किया जाना चाहिए।

पटना विश्वविद्यालय के किसी सरकारी कॉलेज को ‘नैक’ ए ग्रेड नहीं

हिन्दुस्तान के अनुसार पटना विश्वविद्यालय के कॉलेज नैक मूल्यांकन में काफी पीछे हैं। नैक मूल्यांकन को लेकर पटना विश्वविद्यालय के कॉलेजों में कोई उत्सुकता नहीं दिखती है। वाणिज्य महाविद्यालय एक बार भी नैक मूल्यांकित नहीं हो सका है। कॉलेज के लिए एक बार आवेदन किया गया था। पर, सही तरीके प्रक्रिया पूरी नहीं होने से नैक मूल्यांकन नहीं हुआ। कॉलेज के 50 वर्ष पूरे हो चुके हैं। इसी तरह वीमेंस ट्रेनिंग कॉलेज ने भी कभी आवेदन नहीं किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी इस ओर कोई दिशा-निर्देश नहीं दिया। इसी तरह से कला एवं शिल्प महाविद्यालय ने भी कभी नैक मूल्यांकन नहीं कराया। कॉलेज को पांच साल पहले नैक कराना था, पर नहीं हो सका। पीयू में गिनती के कॉलेज हैं, इसके बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन कॉलेजों को नैक के लिए प्रेरित नहीं करता है। वहीं देखा जाए तो पटना वीमेंस कॉलेज ने ही पटना विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा बचा के रखी है। इस कॉलेज को नैक ए प्लस प्राप्त है। पटना वीमेंस कॉलेज विश्वविद्यालय से अलग हो चुका है। यह कॉलेज नामांकन से लेकर परीक्षा खुद संचालित करता है। सिर्फ अंक प्रमाण-पत्र में छात्राओं को पटना विवि की डिग्री मिलती है। वहीं मगध महिला कॉलेज को नैक मूल्यांकन से बी प्लस प्राप्त है। इसके अलावा साइंस कॉलेज, लॉ कॉलेज दोनों को भी बी ग्रेड प्राप्त है।

कुछ और सुर्खियां:

  • अरवल जिले के करपी प्रखंड के शादीपुर गांव में बिजली गिरने से पुआल में आग लगी, मां-बेटा और बेटी जिंदा जल गए
  • मौसम खराब होने से पटना साहिब महोत्सव स्थगित
  • पटना में खेलो इंडिया यूथ गेम्स का लोगो और मैस्कॉट रिलीज किया गया
  • सबके लिए पेंशन योजना इस साल के अंत तक लागू होने की संभावना
  • एसबीआई ने क़र्ज़ पर ब्याज दर में 0.25% की कटौती की

अनछपी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुसलमानों के बारे में जब भी कोई बात कहते हैं तो उस पर विवाद खड़ा हो जाता है और उन पर यह आरोप लगता है कि दरअसल वह मुसलमानों को नीचा दिखाने की कोशिश करते हैं। इससे पहले 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी उन्होंने मुसलमानों के बारे में इस तरह की बात की थी, जैसे कि वह बहुत ज्यादा बच्चा पैदा करते हैं और दूसरे की संपत्ति को हड़पने वाले हैं। अब ताजा विवाद उनके वक़्फ़ संबंधी बयान को लेकर है। उन्होंने वक़्फ़ के बारे में जिस तरह की बात की उस लोगों को यह आरोप लगाने का मौका मिल गया कि नरेंद्र मोदी ने मुसलमानों को दरअसल ‘पंचर’ बनाने वाले लोगों की तरह बताया। इसमें कोई दो राय की नहीं कि वक़्फ़ संपत्ति का दुरुपयोग हुआ लेकिन इसका मतलब यह भी नहीं कि कोई व्यक्ति मुसलमानों को ‘पंचर’ बनाने वाला कहकर नीचा दिखाने की कोशिश करे। दरअसल पंक्चर बनाने वाले को पहले भी ‘पंचर पुत्र’ कहकर बदनाम किया जाता रहा है और यह आभास देने की कोशिश की गई कि यह लोग किसी काम के नहीं है। प्रधानमंत्री के बयान के बाद लोगों ने दो तरह के प्रतिक्रिया दी। एक तो लोगों का कहना है कि ‘पंचर’ बनाना कोई गलत काम नहीं है और यह मेहनत का काम है, इसका सम्मान किया जाना चाहिए। दूसरी तरफ कई लोगों ने गैर मुसलमानों की ‘पंचर’ दुकानों की तस्वीर भी लगाई और यह बताया कि ‘पंचर’ बनाने का काम केवल मुसलमान नहीं, ग़ैरमुस्लिम भी करते हैं। प्रधानमंत्री मुसलमानों की खराब स्थिति बताने के लिए कोई और शब्द का भी इस्तेमाल कर सकते थे लेकिन उन पर यह आरोप है कि दरअसल वह मुसलमानों को हमेशा नीचा दिखाना चाहते हैं इसलिए उसी तरह के शब्दों का प्रयोग करते हैं जो मुसलमानों को नीचा दिखाने के लिए इस्तेमाल होता है। हो सकता है कि नरेंद्र मोदी ने अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस को कटघरे में खड़ा करने के लिए यह बात कही हो लेकिन उन्हें यह सोचना चाहिए कि अपनी राजनीति चमकाने के लिए किसी समुदाय को नीचा दिखाना किसी तरह भी बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। वैसे नरेंद्र मोदी की इस बात की चर्चा भी जरूरी है जिसमें उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस को मुसलमानों से इतना प्रेम है तो वह किसी मुस्लिम को पार्टी अध्यक्ष बनाए। यह दरअसल एक राजनीतिक चाल है क्योंकि अगर कांग्रेस किसी मुसलमान को अध्यक्ष बनाती है तो वह तुरंत इस पर हमला करेंगे कि यह मुस्लिमवादी पार्टी है और फिर यह मांग करेंगे कि कांग्रेस किसी दलित को अध्यक्ष बना कर दिखाए। ऐसे में यह सवाल पूछा जा सकता है कि नरेंद्र मोदी खुद भारतीय जनता पार्टी के कमान किस मुसलमान को क्यों नहीं सौंप देते?

 562 total views

Share Now