छ्पी-अनछपी: वोटर लिस्ट से ज़्यादा नाम कटे तो दखल देगा सुप्रीम कोर्ट, ब्रिटेन भी फ़लस्तीन को मान्यता देगा
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। बिहार में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बारे में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर बड़े पैमाने पर नाम काटे गए तो वह दखल देगा। फ्रांस के बाद ब्रिटेन ने भी कहा है कि अगर नेतन्याहू ने सीजफायर नहीं किया तो फलस्तीन को मान्यता देगा। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साफ तौर पर यह नहीं बता सके कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का सीजफायर करने का दावा झूठा है।
और, जानिएगा कि संपत्ति लेने के लिए पैन और आधार का वेरिफिकेशन जरूरी किया गया है।
पहली ख़बर
जागरण के अनुसार सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में मंगलवार को साफ हो गया कि बिहार में चल रहा मतदाता सूची का विशेष गहन परिक्षण (एसआईआर) अभियान जारी रहेगा और चुनाव आयोग तय कार्यक्रम के मुताबिक काम करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चुनाव आयोग संवैधानिक संस्था है और यह माना जाए कि वह कानून के अनुसार काम करेगा। शीर्ष अदालत ने कहा कि वह मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान की न्यायिक निगरानी कर रहा है। अगर मतदाता सूची से बड़ी संख्या में लोग बाहर हो गए तो कोर्ट हस्तक्षेप करेगा। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने बिहार में एसआईआर की प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर नियमित सुनवाई के लिए 12 और 13 अगस्त की तारीख तय कर दी।
ब्रिटेन ने कहा कि फलस्तीन को मान्यता देंगे अगर…
भास्कर के अनुसार फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों द्वारा फलस्तीन को मान्यता देने की घोषणा के बाद अब ब्रिटेन इसी राह पर है। ब्रिटिश पीएम कीयर स्टारमर ने मंगलवार को चेतावनी दी कि अगर इसराइल हमास के साथ युद्ध विराम का पर सहमत नहीं होता तो ब्रिटेन सितंबर में फलस्तीन को स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता दे देगा। यह फैसला कैबिनेट की आपात बैठक के बाद आया और ब्रिटेन के रूप में बड़ा बदलाव है। ग़ज़ा में बच्चों की भुखमरी और तबाही की तस्वीरों के बाद ब्रिटिश जनता के दबाव में यह घोषणा हुई है। स्टारमर ने में स्पष्ट किया कि मान्यता तुरंत नहीं दी जाएगी बल्कि यह उस व्यापक यूरोपीय प्रयास का हिस्सा होगी जिसका उद्देश्य ग़ज़ा युद्ध को समाप्त करना है।
राहुल गांधी का आरोप: ट्रंप के दावे पर मोदी का साफ जवाब नहीं
हिन्दुस्तान के अनुसार ऑपेरशन सिंदूर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जवाब के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संसद परिसर में पलटवार किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान स्पष्ट रूप से यह नहीं बता सके कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मध्यस्थता संबंधी दावा झूठा है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत में यह भी कहा कि पीएम मोदी ने अपने भाषण में एक बार भी चीन का नाम नहीं लिया, जबकि सबको पता है कि पाकिस्तान के पीछे चीन का हाथ है। इससे पहले लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर बहस में हिस्सा लेते हुए राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधा। राहुल ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में इंदिरा गांधी का 50 प्रतिशत भी साहस है तो सदन में बोलना चाहिए कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का मध्यस्थता का दावा गलत है।
दुनिया के किसी नेता ने ऑपरेशन सिंदूर रोकने को नहीं कहा: मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर दो दिन तक चली चर्चा का जवाब दिया। विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे अमेरिकी राष्ट्रपति के दावों सहित तमाम मुद्दों पर मोदी ने विस्तार से बातें रखीं। प्रधानमंत्री ने दो टूक कहा, पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान से संघर्ष के दौरान ऑपरेशन सिंदूर से सिंधु समझौता स्थगित करने जैसी कड़ी कार्रवाई की गई। प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट कहा कि दुनिया के किसी नेता ने ऑपरेशन सिंदूर रोकने को नहीं कहा था। मोदी ने बताया कि नौ मई की रात अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने उनसे बात करने का प्रयास किया। वेंस घंटेभर कोशिश करते रहे। लेकिन वह सेना के साथ बैठक में व्यस्त थे। बाद में उन्हें कॉलबैक किया। मोदी ने कहा, अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने उन्हें बताया कि पाकिस्तान बहुत बड़ा हमला करने वाला है। इस पर उन्होंने कहा, अगर पाकिस्तान का यह इरादा है तो उसे बहुत महंगा पड़ेगा। अगर पाकिस्तान हमला करेगा तो हम बड़ा हमला करके जवाब देंगे।
देवघर में बस-ट्रक की टक्कर में छह कांवरियों की मौत
जागरण के अनुसार देवघर में चल रहे श्रावणी मेले के आनंद के बीच मंगलवार सुबह हुए हादसे ने 6 जिंदगियां छीन लीं। बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण करने के बाद बासुकीनाथ जा रहे कांवरियों से भरी बस और ट्रक की टक्कर में छह कांवरियों की मौत हो गई जबकि 27 लोग घायल हो गए। दुर्घटना देवघर-हंसडीहा मार्ग पर मोहनपुर प्रखंड के जमुनिया चौक के पास हुई। दुर्घटना में बस चालक की भी मौत हो गई। झारखंड सरकार ने मृतकों के परिवार को एक लाख रुपये तथा घायलों को 20-20 हजार रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घटना पर दुख जताते हुए मृतकों के परिवारों को दो-दो लाख रुपए की सहायता देने की घोषणा की है।
पैन और आधार के वेरिफिकेशन के बाद ही ले सकेंगे संपत्ति
हिन्दुस्तान के अनुसार बेनामी संपत्ति और भूमि खरीद पर लगाम लगाने के लिए जल्द ही सरकार बैनामे से पहले आधार और पैन नंबर का सत्यापन अनिवार्य करने जा रही है। ग्रामीण विकास मंत्रालय के भूमि संसाधन विभाग ने इसके लिए नए पंजीकरण विधेयक-2025 का मसौदा तैयार किया है। मौजूदा समय में संपत्ति खरीदने के लिए आधार कार्ड और पैन कार्ड नंबर देना जरूरी है लेकिन उनका सत्यापन नहीं किया जाता। हालांकि, सभी राज्यों के स्टांप एवं निबंधन विभाग (सब रजिस्ट्रार) के लिए अनिवार्य है कि वह अपने यहां 30 लाख रुपये से अधिक का बैनामा होने पर इसकी पूरी जानकारी आयकर विभाग को दे। मगर काफी मामलों में यह देखा गया कि ऐसा नहीं होता है।
कुछ और सुर्खियां:
- अर्थशास्त्री और लंबे समय तक ब्रिटेन के हाउस आफ लॉर्ड्स के सदस्य रहे मेघनाथ देसाई का 84 साल की उम्र में निधन
- अगले 6 दिन में बिहार सहित 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
- न्यूयॉर्क में एक कॉरपोरेट ऑफिस टावर में अंधाधुंध गोलीबारी में चार लोगों की मौत
- सवा लाख आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के लिए नए बर्तन और फर्नीचर के मद में 115 करोड़ रुपए मंजूर
अनछपी: बरसात के जमाने में बारिश होना कोई अजूबा बात नहीं है लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्मार्ट सिटी की लिस्ट में शामिल पटना का बहुत बुरा हाल है। इसके बावजूद इस पर जैसी चर्चा मीडिया और समाज में होनी चाहिए वह नहीं हो रही है। अखबार और दूसरे समाचार माध्यमों में यह तो बताया जा रहा है कि बारिश मूसलाधार हो रही है लेकिन इसकी चर्चा नहीं की जा रही है कि यहां का ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह फेल है। इसका पक्का हिसाब तो नहीं मालूम लेकिन क्या नीतीश सरकार ने पिछले 20 सालों में पटना को जल जमाव से मुक्त करने के लिए करोड़ों रुपए की योजनाओं की घोषणा नहीं की है? यह बात भी याद रखने की है कि पिछले 20 वर्षों से पटना की लोकसभा सीटों और विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के प्रतिनिधि चुने जा रहे हैं। 2024 के चुनाव में जरूर राजद की मीसा भारती चुनी गई हैं और इसमें भी कोई शक नहीं कि उन्होंने अपने क्षेत्र को जल जमाव से मुक्त कराने के लिए ऐसा कोई उपाय नहीं किया जिसे कारगर माना जाए। सही बात तो यह है कि भारतीय जनता पार्टी के सांसद रविशंकर प्रसाद और राजद सांसद मीसा भारती- दोनों में से कोई मुसीबत की इस घड़ी में जनता के साथ नहीं खड़े हैं। अगर पटना नगर निगम और आसपास के नगर निकायों की बात की जाए तो उस पर भी भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड के नेताओं का कब्जा रहा है। बिहार की राजधानी होने और स्मार्ट सिटी बनाए जाने की घोषणा के बावजूद पटना की बदहाली का आलम यह है कि विधानसभा से लेकर रेलवे ट्रैक तक पानी जमा हो जाता है। मोहल्लों का हाल तो और बुरा है क्योंकि वहां से पानी निकालने की कोई कारगर व्यवस्था नहीं है। अखबारों में तस्वीर छपवाने वाले नगर निगम के अधिकारी और कुछ नेता जरूर मिल जाएंगे लेकिन वह दरअसल कटे पर नामक छिड़कते हैं। शहरी विकास के लिए जिम्मेदार बुडको भी पटना को पानी पानी करने के लिए बड़ी हद तक जिम्मेदार है। बुडको की मजबूरी यह है कि वह जिन ठेकेदारों को काम के लिए चुनता है वह दरअसल पैरवी पर आते हैं और काम किए बिना भाग जाते हैं। इन सब का नतीजा पटना की जनता झेलती है लेकिन शायद उसके लिए भी यह इतना महत्वपूर्ण सवाल नहीं कि वह अपना जनप्रतिनिधि बदले। इसलिए फिलहाल पटना के जल जमाव का स्थाई समाधान नजर नहीं आ सकता है।
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