छपी-अनछपी: जंग की आग में झुलसा शेयर बाजार, बिहार में नई सरकार 30 से पहले
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। ईरान पर इसराइल और अमेरिका के हमलों के बाद भारतीय शेयर बाजार में 2 साल की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई और उसमें लगभग 13 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। बिहार में 30 मार्च से पहले नई सरकार का गठन हो सकता है और जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा का कहना है कि किस पार्टी का मुख्यमंत्री होगा, अभी यह तय नहीं है। चांद नजर नहीं आने की वजह से 21 मार्च को ईद मनाने का ऐलान किया गया है।
पहली ख़बर
भास्कर के अनुसार अमेरिका-ईरान जंग में तेल-गैस ठिकानों पर हमले तेज होने के कारण गुरुवार को बीएसई सेंसेक्स में 2,496.89 अंक (3.26%) की भारी गिरावट आई। जून 2024 के बाद यह एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट है। सेंसेक्स 74,207.24 पर बंद हुआ, जो 7 अप्रैल 2025 के बाद का सबसे निचला स्तर है। कारोबार के दौरान यह 2,753.18 अंक (3.58%) तक गिरकर 73,950.95 के स्तर पर पहुंच गया था। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 775.65 अंक (3.26%) गिरकर 23,002 पर बंद हुआ। इससे निवेशकों को 12.87 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। जिओजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वीके विजयकुमार बताते हैं- शेयर मार्केट में इस गिरावट के पीछे दो बड़े कारण रहे। पहला-गुरुवार सुबह ब्रेंट क्रूड लगभग $110 पर था, लेकिन कारोबारी दिन के दौरान कीमतें बढ़कर $117 के ऊपर पहुंच गईं। यदि ब्रेंट की कीमतें लंबे समय तक $120 के ऊपर बनी रहती हैं, तो इसका असर वित्त वर्ष 2027 में देश की जीडीपी वृद्धि और कॉर्पोरेट आय पर पड़ेगा। यही डर बाजार में दिखाई दे रहा है। दूसरा- एचडीएफसी बैंक के चेयरमैन के इस्तीफे ने बाजार में निराशा और बढ़ा दी। हालांकि, इसमें कोई नियामक या गवर्नेस संबंधी समस्या नहीं है, फिर भी इसने बाजार की धारणा को प्रभावित किया। एचडीएफसी बैंक का शेयर 5% तक गिर गया। बता दें कि इंडियन बास्केट में ब्रेंट क्रूड की कीमत 146 डॉलर प्रति बैरल हो गई। भारत इराक, सऊदी, रूस, यूएई से तेल खरीदता है। इन सभी अलग-अलग तरह के तेलों की कीमतों के औसत को ही इंडियन बास्केट कहा जाता है।
ईरान की बमबारी से भारी तबाही
हिन्दुस्तान के अनुसार इसरायल द्वारा पार्स गैस फील्ड को निशाना बनाने के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए गुरुवार को कतर, सऊदी अरब, कुवैत, इसरायल और यूएई की सबसे बड़ी रिफाइनरियों और गैस संयंत्रों पर मिसाइलों और ड्रोनों की बरसात कर दी। कतर ने बताया कि हमले में कई एलएनजी संयंत्रों को आग और धमाके से नुकसान हुआ है लेकिन नुकसान का सटीक आकलन नहीं हो सका है। फिलहाल ऊर्जा का उत्पादन रोक दिया गया है और आग पर काबू पा लिया गया है। कतर के रास लाफान औद्योगिक शहर से दुनिया को 20 फीसदी गैस आपूर्ति होती है। वहीं, सऊदी अरब की समरेफ रिफाइनरी पर भी ड्रोन से हमला हुआ। ईरान ने कुवैत कर मिना अब्दुल्ला रिफाइनरी और मिना अल अहमदी रिफाइनरी पर भी ड्रोन गिराए, जिससे संयंत्र में आग लग गई। मिना अल अहमदी रिफाइनरी मध्यपूर्व की सबसे बड़ी रिफाइनरी है। इससे रोजाना 7.30 लाख बैरल पेट्रोलियम उत्पादों का उत्पादन होता है। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि दक्षिणी रियाद में भी ईरान ने एक रिफाइनरी को मिसाइल से निशाना बनाया। ईरान गैस फिल्ड पर हुए हमले के बाद बौखला गया है। ईरान ने इजरायल पर क्लस्टर बम से हमला किया। बुधवार रात से लेकर गुरुवार सुबह आठ बजे तक हुए मिसाइल हमलों में मध्य इजरायल में एक 30 वर्षीय विदेशी युवक जबकि वेस्ट बैंक में पहली बार हुए हमले में चार महिलाओं की मौत हो गई। ईरान के आक्रामक हमले के चलते इजरायल में रातभर सायरन बजते रहे।
बिहार में 30 मार्च के पहले ही नई सरकार बनने के आसार
भास्कर के अनुसार बिहार में 30 मार्च के पहले ही नई सरकार बनने के आसार हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 16 मार्च से ही राज्यसभा के सदस्य निर्वाचित हो गए हैं। उन्हें 14 दिनों के अंदर किसी एक सदन की सदस्यता छोड़ने की कानूनी बाध्यता है। संविधान के अनुच्छेद 101(2) के तहत प्रॉहिबिशन ऑफ सायमल्टेनियस मेंबरशिप रुल्स 1950 (दो सदनों की एक साथ सदस्यता निषेध नियम) के कारण कोई व्यक्ति एक ही समय में दोनों सदनों का सदस्य नहीं हो सकता है। ये नियम संसद और राज्य विधानमंडल दोनों के लिए निर्वाचित किसी भी व्यक्ति पर लागू होता है। ऐसी स्थिति में राज्यसभा चुने जाने वाली अधिसूचना के 14 दिनों के भीतर बिहार विधान परिषद की अपनी सीट से नीतीश कुमार को इस्तीफा देना है। उन्होंने विधान परिषद से इस्तीफा कर दिया तो राज्यसभा की सदस्यता रह जाएगी। ऐसा नहीं करने पर उनकी राज्यसभा सीट स्वतः रिक्त हो जाएगी।
किस दल का मुख्यमंत्री होगा, अभी तय नहीं: झा
जागरण के अनुसार जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार झा ने गुरुवार को कहा कि अभी यह तय नहीं हुआ है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री किस दल का या फिर कौन होगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा खत्म होने के बाद इस बारे में एनडीए के सभी घटक दल बैठेंगे और फिर आपस में विमर्श कर नए मुख्यमंत्री का नाम तय किया जाएगा। इस मामले में नीतीश कुमार के सुझाव पर भी विचार होगा।
देशभर में 21 मार्च (शनिवार) को ईद
बिहार सहित देश भर में ईद का चांद गुरुवार को नजर नहीं आया। इस वजह से देशभर में 21 मार्च (शनिवार) को ईद मनाई जाएगी। फुलवारीशरीफ स्थित इमारत-ए-शरिया के मरकजी दारुल कजा ने गुरुवार को यह घोषणा की। शुक्रवार को 30वां और आखिरी रोजा होगा। काजी-ए-शरीअत मौलाना मुफ्ती मोहम्मद अंजार आलम कासमी ने पत्र जारी कर बताया कि गुरुवार को कहीं से चांद देखे जाने की सूचना नहीं मिली। इसलिए, शनिवार को ईद-उल-फित्र मनाई जाएगी। खानकाह मुजीबिया, फुलवारीशरीफ की मरकजी हिलाल कमेटी ने भी चांद न दिखने की पुष्टि की।
कुछ और सुर्खियां:
- तेज रफ्तार कर के गड्ढे में पलटने से नालंदा इंजीनियरिंग कॉलेज, चंडी के तीन छात्रों की मौत
- दुलारचंद यादव हत्याकांड में विधायक अनंत सिंह को पटना हाई कोर्ट से जमानत मिली
- आज से स्पीड पेट्रोल ₹2 लीटर महंगा
- नीतीश कुमार फिर बनेंगे जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष, 24 मार्च को होगी घोषणा
- पटना नगर निगम क्षेत्र में खुले में मांस मछली बेचने पर 1135 दुकानों को नोटिस, 1 महीने में केवल 12 ने लिया लाइसेंस
अनछपी: ईरान में दुनिया के सबसे बड़े गैस फील्ड पर इसराइल के हमले के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जिस तरह का बयान दिया है उससे वह यह संदेश देना चाहते हैं कि यह हमला उनकी जानकारी में नहीं हुआ लेकिन इस पर भरोसा करने वाले कम ही लोग होंगे। ऐसा लगता है कि अमेरिका में इसराइल के हमलों की वजह से जिस तरह का विरोध हो रहा है उससे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी प्रभावित हैं और वह दुनिया खासकर अपने देश के लोगों को बताना चाहते हैं कि इसराइल ने ऐसा ‘ग़ुस्से भी किया’ है और इसकी उन्हें जानकारी नहीं थी। ईरान के गैस फील्ड पर हमले का बहुत बुरा असर हुआ है हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप यह जताना चाह रहे हैं कि उसके एक छोटे हिस्से को ही हमले का निशाना बनाया गया है। राष्ट्रपति ट्रंप इसराइल के इस हमले के बारे में साफ तौर पर कह रहे हैं कि अमेरिका को इसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी। दुनिया इस वक्त यह बात खुलकर कहे या नहीं कह लेकिन इसमें कोई शक नहीं कि इन हमलों और जवाबी हमले की वजह से सारी दुनिया में गैस की किल्लत और आर्थिक परेशानी का संकट पैदा हुआ है। दरअसल ईरान ने इस हमले के जवाब में कतर के गैस फील्ड पर हमला किया और राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि क्योंकि इस हमले में कतर शामिल नहीं था इसलिए अगर फिर उस पर हमला हुआ तो वह ईरान के पूरे पार्स गैस फील्ड को उड़ा देंगे। राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी कहा कि इस बेहद अहम और क़ीमती दक्षिण पार्स गैस फील्ड पर इसराइल अब कोई हमला नहीं करेगा। राष्ट्रपति ट्रंप को यह सफाई इसलिए देनी पड़ रही है कि दुनिया की नजरों में गैस की कीमत की वजह उन्हें ही माना जा रहा है। जहां तक ईरान की बात है तो वह इस नीति पर चल रहा है कि अमेरिका के अरब मित्र देशों को नुकसान पहुंचा कर अमेरिका को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। मतलब अगर अमेरिका यह चाहता है कि उसके मित्र अरब देश को नुकसान न पहुंचे तो वह भी ईरान पर हमले न करे और उसे रुकवाये। ईरान अपने वजूद के लिए लड़ रहा है और वह किसी भी हद तक जा सकता है यानी उसकी नीति यह है कि अगर वह डूबेगा तो अमेरिका के दोस्तों को लेकर डूबेगा।
38 total views
