छपी-अनछपी: बजट से रूठा शेयर बाजार, ईरान बोला- अमेरिका ने हमला किया तो बड़ी जंग

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। शेयर बाजार को केंद्रीय बजट नहीं भाया। ईरान ने कहा है कि अगर अमेरिका ने उस पर हमला किया तो यह पूरे इलाके में फैलने वाली जंग होगी। पाकिस्तान ने टी 20 वर्ल्ड कप में भारत के साथ अपना मैच नहीं खेलने का ऐलान किया है।

पहली ख़बर

हिन्दुस्तान के अनुसार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट में वायदा एवं विकल्प (एफएंडओ) खंड में अत्यधिक सट्टेबाजी रोकने के लिए डेरिवेटिव्स पर प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) को बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। वायदा अनुबंधों पर एसटीटी को वर्तमान के 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत किया जाएगा। इसके साथ ही विकल्प सौदों में प्रीमियम और विकल्प के उपयोग पर एसटीटी को बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत किया जाएगा जो वर्तमान में क्रमशः 0.1 और 0.125 प्रतिशत है। शेयर बाजार को यह घोषणा पसंद नहीं आई। यह घोषणा होते ही बीएसई सेंसेक्स 2,370.36 अंक यानी 2.88 प्रतिशत टूटकर 79,899.42 अंक पर आ गया जबकि एनएसई निफ्टी 748.9 अंक यानी 2.95 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 24,571.75 अंक पर आ गया।

बजट के दिन तीसरी सबसे बड़ी गिरावट

भास्कर ने लिखा है कि बजट के दौरान रविवार को बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली जो बजट के दिन के इतिहास में तीसरी सबसे बड़ी गिरावट है। बजट पेश होते ही डिफेंस शेरों में 10% तक की गिरावट आई। पब्लिक सेक्टर बैंक और मेटल के शहरों में भी 5% तक की कमी आई।

बजट के आंकड़े

प्रभात ख़बर के अनुसार रविवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 53.5 लाख करोड़ का बजट पेश किया. पूंजीगत व्यय को पिछले वर्ष 9% से बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया. वहीं, राजकोषीय घाटा 4.3% रखने का लक्ष्य रखा. क्रिएटिव इंडस्ट्री को ‘ऑरेंज इकोनॉमी’ के रूप में विकसित करने पर जोर दिया है.

बजट की कुछ और खास बातें

  • देश में साथ हाई स्पीड रेल कॉरिडोर और 20 नए जलमार्ग बनेंगे
  • पटना में बनेगा शिव रिपेयरिंग सेंटर अप्रैल से शुरू होगा काम
  • शिक्षा बजट 1.3 लाख करोड़ का, 800 जिलों में एक-एक गर्ल्स हॉस्टल खोला जाएगा
  • इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं, टैक्स में किसी रियायत का भी ऐलान नहीं

सस्ता

  • अपने इस्तेमाल के लिए विदेश से मंगाई गई दवाएं
  • स्मार्टफोन और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक आइटम
  • लेदर आइटम, जूट बैग और जैकेट
  • मखाना और भुने हुए नट्स, बादाम, अखरोट
  • माइक्रोवेव ओवंस के लिए प्रमुख कॉम्पोनेंट्स
  • क्रिकेट बैट से लेकर टेनिस रैकेट तक

महंगा

  • कोयला और दूसरे खनिज पदार्थ, स्क्रैप
  • शराब, सिगरेट, तंबाकू, गुटखा
  • चिड़ियाघर के लिए बाहर से मांगे जाने वाले जानवर और परिंदे
  • कम लागत वाले इंपोर्टेड छाते
  • लग्जरी घड़ियां
  • एटीएम कैश मशीन डिस्पेंसर मशीन
  • खेती वाला अमोनियम फास्फेट खाद
  • बड़े ब्रांड्स के लैपटॉप

रक्षा बजट में एक लाख करोड़ की बढ़ोतरी

जागरण के अनुसार आपरेशन सिंदूर के बाद पहले बजट में सरकार ने रक्षा आवंटन में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की बढ़ोतरी कर यह संदेश देने की कोशिश की है कि उसे देश की सीमाओं पर कायम दोहरी सामरिक चुनौतियों का अहसास है। बजट में रक्षा खर्च के लिए 7.85 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो वर्तमान वित्त वर्ष 2025-26 में आवंटित 6.81 लाख करोड़ रुपये की तुलना में एक लाख तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक है। इसमें रक्षा क्षेत्र के लिए 2.19 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत आवंटन का हिस्सा भी शामिल है। रक्षा पूंजीगत आवंटन की यह बढ़ोतरी पिछले वर्ष की तुलना में 21 प्रतिशत अधिक है, जिसके जरिये तीनों सेनाओं के हथियारों, उपकरणों तथा अन्य सैन्य साजो-समान की खरीद की जाएगी। इसका बड़ा हिस्सा लड़ाकू जेट विमानों और एयरो इंजनों की खरीद तथा नौसेना की पोत-पनडुब्बियों की

चाबहार बन्दरगाह के लिए बजट में कोई पैसा नहीं

आम बजट में चाबहार बंदरगाह के लिए कोई बजट आवंटन नहीं किया गया है। ऐसी स्थिति तब है जब अमेरिका ने अप्रैल तक ईरान में स्थित चाबहार बंदरगाह के संचालन पर लगे प्रतिबंधों से भारत को छूट दे रखी है। भारत इस छूट को बढ़ाने के लिए भी प्रयासरत है। चाबहार बंदरगाह के लिए सरकार ने वर्ष 2025-26 के बजट में 100 करोड़ का प्रावधान किया था, लेकिन संशोधित बजट अनुमानों में यह राशि बढ़कर 400 करोड़ हो गई। 2024-25 में भी 400 करोड़ रुपये रखे गए थे, लेकिन 2026-27 के बजट में कोई प्रावधान नहीं किया गया है। इस पर तनातनी के चलते इस परियोजना पर संकट मंडरा रहा है। सवाल खड़े हो रहे हैं।

बांग्लादेश को आर्थिक मदद आधी की

सरकार ने पड़ोसी प्रथम के तहत विदेशी सहायता के लिए बजट में विदेश मंत्रालय को 22119 करोड़ आवंटित किए हैं। विदेश मंत्रालय के बजट में मामूली बढ़ोतरी हुई है। पिछले साल यह आंकड़ा करीब 20517 करोड़ था। इस बार के बजट में सरकार ने बांग्लादेश के लिए वित्तीय सहायता में बड़ी कटौती की है। इसके अलावा म्यांमार और मालदीव भी बजट कटौती वाली लिस्ट में शामिल हैं। बांग्लादेश के लिए 60 करोड़ रुपये की सहायता राशि का ऐलान किया गया है। वजह है कि इससे पहले भारत ने उसको 120 करोड़ दिए थे, पर वहां सिर्फ 34 करोड़ ही इस्तेमाल हुए। म्यांमार के लिए 350 के बजाय 300 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। मालदीव को दी जाने वाली सहायता राशि 600 से 550 करोड़ की गई है। भारत ने कई देशों का बजट बढ़ाया है। इनमें करीबी रणनीतिक साझेदार भूटान के लिए वित्तीय सहायता बढ़ाकर 2288 करोड़ की है। पिछली बार उसे 2150 करोड़ रुपये मिले थे।

अमेरिका ने हमला किया तो पूरे इलाके में जंग फैलेगी

हिन्दुस्तान की ख़बर है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने रविवार को अमेरिका को सीधी धमकी दी। कहा, अगर अमेरिका युद्ध शुरू करता है तो ये क्षेत्रीय युद्ध होगा। खामेनेई ने देशवासियों से कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति नियमित रूप से बोल रहे हैं कि अमेरिकी युद्धपोत ईरान के करीब हैं। इससे हम डरने वाले नहीं हैं। ईरानियों को ऐसी धमकियों से विचलित होने की जरूरत नहीं है। हम युद्ध की पहल नहीं करेंगे और न ही किसी देश पर हमला करना चाहते हैं। लेकिन अगर किसी ने हमें छेड़ा, उकसाया या हमला किया तो इसका करारा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी रक्षा क्षमताओं को कमजोर करने की कोशिश न की जाए तो हम निष्पक्ष बातचीत के लिए तैयार हैं।

टी 20 वर्ल्ड कप में भारत के साथ मैच नहीं खेलेगा पाकिस्तान

प्रभात ख़बर के अनुसार पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ आइसीसी टी-20 विश्व कप के अपने बहुप्रतीक्षित ग्रुप लीग मुकाबले के बहिष्कार के फैसले की रविवार को औपचारिक घोषणा कर दी लेकिन सरकार ने सात फरवरी से शुरू हो रहे टूर्नामेंट के बाकी मैचों में राष्ट्रीय टीम की भागीदारी को मंजूरी दे दी है. यह एक ऐसा कदम, जिसके दूरगामी असर पड़ने की संभावना है. सरकार के एक आधिकारिक बयान के माध्यम से दिये गये इस निर्णय को बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर किये जाने से जुड़ा एक राजनीतिक विरोध माना जा रहा है।

तीन सड़क हादसों में दो दर्जन लोगों की मौत

प्रभात ख़बर के अनुसार पटना के बिहटा थाना क्षेत्र में पटना आरा मुख्य मार्ग पर रविवार देर रात एक सड़क हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा परेव लेखन टोला सिक्स लेन पुल के पास रात करीब 2:00 बजे तब हुई जब तेज रफ्तार ट्रक ने सामने से आ रहे टेंपो में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे पर मौके पर ही पांच लोगों की मौत हो गई जबकि एक घायल ने इलाज के दौरान पटना में दम तोड़ दिया। टेंपो में सवार सभी लोग मनेर में लगे उर्स मेला देखकर भोजपुर जिले की ओर अपने घर लौट रहे थे।

उधर आरा-बक्सर फोरलेन पर चंदा गांव के पास रविवार की सुबह कोहरे की वजह से ट्रेलर ट्रैक्टर की टक्कर से कार सवार दो महिलाओं और उनके दो भतीजे समेत कुल चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। एक अन्य घटना में माघ पूर्णिमा के अवसर पर गंगा स्नान और माता मरियम चर्च में लगने वाले मेले को लेकर शेखपुरा से मोकामा जा रहे तीन युवकों की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। यह सभी जुगाड़ गाड़ी से मोकामा जा रहे थे कि रास्ते में इन्हें ट्रक ने टक्कर मार दी।

कुछ और सुर्खियां:

  • बिहार विधान मंडल का बजट सत्र आज से 27 फरवरी तक चलेगा, कल होगा बजट पेश
  • डेहरी के पास एनएच-19 पर महाजाम लगा, 10 किलोमीटर तक गाड़ियों की कतार लगी
  • दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी स्पेन के कार्लोस अलकाराज ने पहली बार ऑस्ट्रेलियाई ओपन जीती
  • बिहार में इंटरमीडिएट की परीक्षा आज से, 13.17 लख स्टूडेंट्स हो रहे शामिल

अनछपी: बजट में हमेशा हर बात अच्छी या खराब नहीं होती लेकिन यह देखना पड़ता है कि ऐसी खास बातें क्या हैं जो कारोबारी को पसंद या नहीं पसंद आई और यह भी देखना पड़ता है कि इसमें अमेरिका का कितना दबाव था। वैसे बजट पर सरकारी लोगों की तारीफ और विपक्ष की निंदा कोई खास या नहीं बात नहीं है और इसे बहुत गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए। फिर भी, शेयर बाजार ने जिस तरह बजट से मायूसी दिखाई है, उससे सरकार को कोई ना कोई संदेश जरूर मिला होगा। अंतरराष्ट्रीय लिहाज से देखा जाए तो यह बजट अमेरिका के दबाव में तैयार किया गया लगता है। जिस तरह ईरान के चाबहार में बंदरगाह के लिए बजट शून्य है, वह साफ तौर पर यह बताता है कि अमेरिका ने इस मामले में भारत के लिए राहें तंग कर दी हैं। एक जमाने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाबहार बंदरगाह के बारे में बड़ी-बड़ी बातें कर रहे थे लेकिन आजकल उन्होंने इस पर चुप्पी साथ रखी है। इस बात को अगर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उसे बयान से जोड़कर देखा जाए कि भारत अब ईरान के बजाय वेनेजुएला से तेल खरीदेगा तो इस मामले को समझने में और आसानी होगी। बिहार के लिहाज से भी यह बजट कोई खास नहीं है हालांकि गठबंधन में रहने की वजह से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसकी तारीफ की है लेकिन बिहार के उद्योग जगत से जुड़े लोगों ने यही कहा कि यह बिहार के लिए कोई खास राहत देने वाला बजट नहीं है।

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