छपी-अनछपी: अगड़ों के हंगामे पर यूजीसी के नियम पर रोक, चांदी चार लाख के पार
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। अगड़ी जाति के भारी विरोध के बीच सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के समानता के नियम पर रोक लगा दी है। चांदी की कीमत बढ़कर चार लाख रुपये प्रति किलोग्राम हो गयी है। भारत सरकार के 2025-26 के आर्थिक सर्वेक्षण में बिहार की प्रति व्यक्ति आय सबसे कम बताई गई है।
पहली ख़बर
प्रभात ख़बर के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा 13 जनवरी को अधिसूचित ‘समानता विनियमन-2026’ पर अंतरिम रोक लगा दी है. प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाला बागची की पीठ ने इन नियमों को प्रथम दृष्टया ‘अस्पष्ट’ और ‘दुरुपयोग की आशंका’ वाला बताया. कोर्ट ने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में हस्तक्षेप नहीं किया गया, तो खतरनाक प्रभाव पड़ेगा और समाज में विभाजन पैदा होगा. दरअसल, ये नियम 2019 में रोहित वेमुला व पायल तड़वी की माताओं द्वारा दायर जनहित याचिका के बाद बनाये गये थे, जिन्होंने कथित जातिगत भेदभाव के कारण अपने बच्चों को खोया था. हालांकि, कोर्ट ने पाया कि नये नियमों में ‘जाति आधारित भेदभाव’ को केवल एससी, एसटी और ओबीसी तक सीमित कर दिया गया है. याचिकाओं में दलील दी गयी कि यह परिभाषा गैर-समावेशी है और सामान्य श्रेणी के उन व्यक्तियों को संरक्षण से वंचित करती है, जिन्हें उनकी पहचान के आधार पर उत्पीड़न झेलना पड़ सकता है. कोर्ट ने केंद्र और यूजीसी को नोटिस जारी कर 19 मार्च तक जवाब मांगा है. तब तक 2012 के पुराने विनियम प्रभावी रहेंगे.
चांदी चार लाख के पार
हिन्दुस्तान के अनुसार दिल्ली के सर्राफा बाजार में गुरुवार को चांदी की कीमत चार लाख रुपये प्रति किलोग्राम के पार पहुंच गईं, जबकि सोना 1.83 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के नए शिखर पर पहुंच गया। यह बढ़ोतरी वैश्विक बाजारों में उछाल और निवेशकों की मजबूत मांग के कारण हुई। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, चांदी में लगातार चौथे दिन तेजी जारी रही। यह 19,500 रुपये बढ़कर रिकॉर्ड 4,04,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। वहीं, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 12,000 बढ़कर 1,83,000 रुपये प्रति 10 ग्राम की ऊंचाई पर पहुंचा।
देश में बिहार के लोग सबसे गरीब
भास्कर ने लिखा है कि बिहार के लोगों की प्रति व्यक्ति सालाना आमदनी देश में सबसे कम है। भारत सरकार के 2025-26 के आर्थिक सर्वेक्षण से इसका खुलासा होता है। साल 2024-25 में बिहार के हर व्यक्ति की सालाना औसत कमाई वर्तमान मूल्य पर 69,321 रुपए रही। जो आर्थिक सर्वेक्षण की सूची में शामिल 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सबसे कम है। 25 राज्यों के ही प्रति व्यक्ति आय के आंकड़े दिखाए गए हैं। बाकी नौ राज्यों के आंकड़े प्रदर्शित नहीं किए गए हैं।
हज यात्री अब अपनी उड़ान खुद बुक कर सकेंगे
हिन्दुस्तान की खबर है कि हज कमेटी ऑफ मुंबई ने अपने आदेश में कहा है कि हज-2026 के हज यात्रियों के लिए अपने व्यक्तिगत लॉगइन के माध्यम से सीधे अपनी उड़ानें बुक करने के लिए एक ऑनलाइन सेल्फ बुकिंग सुविधा आरंभ की गयी है। हज यात्री स्वयं अपने लॉगइन से अपनी इच्छानुसार उड़ान वेबसाइट hajcommittee.gov.in पर या हज सुविधा एप के माध्यम से बुक कर सकते हैं। यह सुविधा पूरी तरह से वैकल्पिक है, जिसका उद्देश्य केवल हज यात्रियों को अपनी इच्छानुसार उड़ान बुक करने की है। यह सुविधा 29 जनवरी से केवल चार दिन के लिए दी गयी है। बुकिंग सीट की उपलब्धता व उड़ान की क्षमता के अधीन होगी। एक बार बुकिंग हो जाने के बाद यात्रा या उड़ान की तिथि में कोई बदलाव सम्भव नहीं होगा। जोहफा, बिना महरम श्रेणी की महिलाएं व रुबात श्रेणी के यात्रियों के लिए सुविधा अनुमन्य नहीं है।
अमेरिकी धमकी पर ईरान बोला- हम कड़ा जवाब देंगे
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की धमकियों के बीच गुरुवार को ईरान ने चेतावनी दी कि किसी भी हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा, हम इसके लिए तैयार हैं। ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि तेहरान किसी भी अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है। हालांकि, राजनयिक समाधान से इनकार नहीं किया। ईरानी आर्मी चीफ ने चेतावनी दी कि 1,000 स्ट्रेटेजिक ड्रोन कॉम्बैट रेजिमेंट में शामिल हो गए हैं। अमेरिका द्वारा ईरान पर हमले की तैयारियों के बीच रूस ने गुरुवार को कहा कि किसी भी तरह के बल प्रयोग से क्षेत्र में अराजकता फैल जाएगी और इसके बहुत खतरनाक नतीजे होंगे। तुर्किये ने कहा कि ईरानी विदेश मंत्री के दौरे के दौरान वह दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की पेशकश करेंगे। तुर्किये के विदेश मंत्री हकन फिदान ने कहा कि ईरान पर हमला करना गलत है। फिर से युद्ध शुरू करना गलत है।
अजित पवार का अंतिम संस्कार
भास्कर ने लिखा है कि महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का गुरुवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पूरे महाराष्ट्र से हजारों लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे थे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस समेत राज्य के कई नेता शामिल हुए। अजित पवार और 4 अन्य का बुधवार को एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया था।
दो सरकारी सेवक घूस लेते गिरफ्तार
जागरण की ख़बर है कि विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए भभुआ (कैमूर) से एक सहायक निदेशक रविशंकर राम और अभियंत्रण विशेषज्ञ (भूमि संरक्षण) अंजनी कुमार को 20 हजार की रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई उमेश कुमार एवं अरविन्द कुमार द्वारा दी गई लिखित शिकायत के आधार पर की गई। शिकायत के अनुसार उमेश कुमार और अरविन्द कुमार ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत कराए गए कार्य के बकाया भुगतान के लिए आवेदन किया था। इसकी राशि जारी करने के एवज में सहायक निदेशक रविशंकर राम के लिए अभियंत्रण विशेषज्ञ अंजनी कुमार के माध्यम से करीब 30,000 रुपये रिश्वत की मांग की गई।
कुछ और सुर्खियां:
- नौकरी के बदले जमीन केस की 9 मार्च से हर दिन होगी सुनवाई, लालू राबड़ी और तेजस्वी को 1 से 25 फरवरी के बीच पेश होने का आदेश
- महाराष्ट्र के बारामती में दुर्घटनाग्रस्त हुए अजित पवार के विमान के मलबे से ब्लैक बॉक्स मिल गया है
- भारत में इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या 95 करोड़ के पार
- पीएमसीएच के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट बदले, फिजियोलॉजी के हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट डॉ राजीव कुमार सिंह को सौंप गई जिम्मेदारी
अनछपी: स्कूल और कॉलेज में भेदभाव को लेकर देश में इस समय जबरदस्त बहस चल रही है और यूजीसी ने जो समानता का कानून लाया था, अगड़ी जातियों ने जिस तरह उसका विरोध किया उसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने उसे पर रोक लगाई है। इस खबर के बीच यह खबर भी पढ़िए कि बिहार सरकार ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग की प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत दिए जाने वाले पैसे को दुगना कर दिया है। इससे करीब 27 लाख विद्यार्थियों को फायदा मिलेगा। इस खबर में बताया गया है कि इसी तरह पिछड़ा वर्ग और अति पिछड़ा वर्ग को भी समान दर से छात्रवृत्ति का भुगतान होगा। सरकार का यह कदम स्वागत योग्य है लेकिन यहां एक गंभीर सवाल है यह है कि जो छात्रवृत्ति अल्पसंख्यक छात्रों को दी जा रही थी उसके लिए यह इजाफा क्यों नहीं किया गया? इसी तरह पिछड़ा वर्ग और अत्यंत पिछड़ा वर्ग छात्रावास अनुदान के तहत पहले ₹1000 प्रति महीना दिया जा रहा था जिसे बढ़ाकर अब ₹2000 प्रति महीना कर दिया गया है। इससे करीब 8150 विद्यार्थियों को फायदा होगा। यह भी सरकार का अच्छा फैसला है लेकिन यहां भी वहीं गंभीर सवाल है कि इस फायदे में अल्पसंख्यक छात्रों को क्यों शामिल नहीं किया गया? जिस आधार पर बाकी छात्रों की छात्रवृत्ति बढ़ाई गई है और छात्रावास अनुदान में इजाफा किया गया है, क्या वह आधार अल्पसंख्यक विद्यार्थियों पर लागू नहीं होता? अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के मंत्री मोहम्मद जमा खान को इस बारे में ध्यान देना चाहिए और यह उम्मीद की जानी चाहिए कि उनकी बात पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नोटिस लेंगे और छात्रवृत्ति और छात्रावास अनुदान की राशि में अल्पसंख्यकों को भी इस तरह का इजाफा मिलेगा।
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