छ्पी-अनछपी: राष्ट्रपति मुर्मू को ‘पुअर थिंग’ कहने पर विवाद, ज्वेलरी दुकान से 45 लाख की लूट
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लिए पुअर थिंग यानी बेचारी शब्द का प्रयोग किया तो इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर दूसरे भाजपा नेताओं ने आपत्ति की। पटना के सगुना मोड़ पर एक ज्वेलरी दुकान से 45 लाख रुपए की लूट हो गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डॉलर से दूरी बनाने पर 100% टैरिफ लगाने की धमकी दी है।
और जानिएगा कि हफ्ते में कितने घंटे से ज्यादा काम करने पर सेहत खराब हो सकती है।
हिन्दुस्तान की सबसे बड़ी खबर के अनुसार बजट सत्र के पहले दिन शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अभिभाषण के बाद संसद परिसर में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी के बयान पर सियासी संग्राम शुरू हो गया। राष्ट्रपति भवन ने बयान जारी कर इसे पद की गरिमा को ठेस बताया। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने सोनिया गांधी के बयान को जनजातीय समाज का अममान करार देते हुए माफी की मांग की। इस पर कांग्रेस ने पलटवार करते हुए भाजपा पर पहले ही राष्ट्रपति का अपमान करने का आरोप लगा दिया। राष्ट्रपति ने शुक्रवार को बजट सत्र के पहले संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार की तमाम उपलब्धियों का उल्लेख किया। अभिभाषण के बाद कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा एक साथ संसद से निकले। जब मीडिया ने सोनिया गांधी से राष्ट्रपति के अभिभाषण के बारे में पूछा तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। इस बीच, सोनिया गांधी और राहुल गांधी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर आपस में बातचीत करते हुए दिखाई दिए। सोनिया गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण को लेकर कहा कि झूठे वादे हैं। जिस पर राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण को बोरिंग बताया। इस पर सोनिया गांधी ने कहा कि पुअर लेडी, राष्ट्रपति आखिर में बहुत थक गई थी। भास्कर के अनुसार सोनिया गांधी ने कहा She could hardly speak, poor thing।
सगुना मोड़ की जेवर दुकान से 45 लाख की लूट
प्रभात खबर के अनुसार दानापुर थाने के सगुना मोड़ स्थित जीवा ज्वेलरी शॉप में चार बाइक से आए 7 हथियारबंद बदमाशों ने शुक्रवार को दिनदहाड़े 45 लाख की सोने और हीरे की ज्वेलरी और 26000 कैश लूट लिया। अपराधियों ने ज्वेलरी शॉप के स्टाफ को पहले पिस्टल के बल पर बंधक बना लिया और फिर एक-एक ज्वेलरी को बैग में भरकर दानापुर स्टेशन की ओर भाग गए। जानकारी मिलते ही मौके पर सिटी एसपी पश्चिम, एएसपी दानापुर समेत अन्य थानों की पुलिस पहुंची। ज्वेलरी शॉप के कर्मचारी रोहित कुमार ने बताया कि दोपहर करीब पौने बारह बजे दो युवक ग्राहक बनकर आए और सोने की बेहतर बड़ी साइज की अंगूठी दिखाने को कहा। इसके बाद एक युवक ने कहा कि बाहर से भाभी को लेकर आते हैं। युवक जब वापस आया तो उसके साथ चार युवक लाल रंग के बैग लेकर दुकान में घुसे और कनपटी पर पिस्तौल तान दिया। इसके बाद सोने के जेवरात को बैग में रख लिया। जब एक युवक सिल्वर के जेवरात भी रखने लगा तो उससे कहा कि यह चांदी के जेवर हैं तो उसने उसे छोड़ दिया।
मोबाइल फोन ले जा रहे थे लेकिन…
जिस ज्वेलरी शॉप में यह डाका डाला गया उसके एक कर्मचारी का मोबाइल फोन गलती से लुटेरों ने अपने बैग में रख लिया था। जब इस बात की जानकारी पुलिस को दी गई तो पुलिस ने लोकेशन के आधार पर लुटेरों का पीछा करना शुरू किया। लेकिन पुलिस का कहना है कि दो बार रिंग होने के बाद लुटेरों ने मोबाइल फोन को बैग से निकालकर बेलदारी चक के पास फेंक दिया। पुलिस ने वहां से मोबाइल फोन बरामद कर लिया है।
ट्रंप की 100% टैरिफ लगाने की धमकी
भास्कर के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत समेत BRICKS देशों को चेतावनी दी है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि यदि BRICKS देशों ने अमेरिकी डॉलर की जगह कोई वैकल्पिक करंसी बनाने की कोशिश की तो उन्हें 100% टैरिफ का सामना करना पड़ेगा। “ऐसा करने वाले अमेरिकी बाजार से बाहर होंगे। इसके लिए वह किसी दूसरे बेवकूफ दूर देश को ढूंढ सकते हैं। हम यह बर्दाश्त नहीं करेंगे कि कोई देश डॉलर को कमजोर करने की कोशिश करे।” उन्होंने कहा कि ऐसे देश हमें वचन दें कि ना तो वह BRICKS करंसी बनाएंगे और ना ही किसी अन्य करंसी को डॉलर की जगह देंगे।
हफ्ते में 60 घंटे से ज़्यादा काम सेहत के लिए सही नहीं
हिन्दुस्तान के अनुसार हाल ही में हफ्ते में 90 घंटे काम किए जाने को लेकर जमकर बहस छिड़ी थी। इसी को लेकर आर्थिक समीक्षा में चेताया गया है। सर्वेक्षण में कई अध्ययनों का हवाला देते हुए कहा गया कि सप्ताह में 60 घंटे से अधिक काम करने से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। सर्वेक्षण के मुताबिक, डेस्क पर लंबे समय तक रहना मानसिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। जो व्यक्ति डेस्क पर 12 या अधिक घंटे (प्रति दिन) बिताते हैं, उन्हें मानसिक परेशानियों से जूझना पड़ सकता है। सर्वेक्षण में कार्य से जुड़े रोगों के बारे में पेगा एफ, नफ्राडी बी (2021) और विश्व स्वास्थ्य संगठन और अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन के विश्लेषणों का हवाला दिया गया है। इनमें बताया गया है कि काम पर बिताए गए घंटों से आमतौर पर उत्पादतका का पैमाना मापा नामा जाता है, लेकिन पिछले अध्ययन में पाया गया कि सप्ताह में 55-60 घंटे से अधिक काम करने का सेहत पर प्रतिकूल असर हो सकता है।
कुछ और सुर्खियां
- बिहार में 1677 केंद्रों पर आज से शुरू हो रही इंटरमीडिएट की परीक्षा, 12.92 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे
- बिहार के 20 जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) से काम में लापरवाही बरतने की वजह से जवाब तलब किया गया
- 13 साल बाद रणजी ट्रॉफी का मैच खेलने उतरे पूर्व भारतीय कप्तान विराट कोहली 15 गेंद में छह रन बनाकर आउट
- आर्थिक सर्वेक्षण में आर्थिक वृद्धि दर 6.8 प्रतिशत रहने की उम्मीद जताई गई
- पटना से प्रयागराज के लिए बस सेवा शुरू, किराया ₹550
- दिल्ली में मतदान से 5 दिन पहले आठ विधायकों ने छोड़ी आम आदमी पार्टी
अनछपी: पश्चिम चंपारण के बगहा के ठकराहा थाना क्षेत्र के गांव से एक खबर आई है कि वहां एक युवती ने अपने लिव इन रिलेशन को शादी में बदलने की मांग ठुकराए जाने के बाद लड़के के घर के सामने जहर खाकर मां के साथ जान दे दी। यानी एक रिश्ते के लिए दो लोगों की जान चली गई। अखबारों में आए दिन शादी का झांसा देकर लड़कियों का शोषण करने की बात सामने आती रहती है। इस कड़ी में एक नई बात जुड़ी है और उसका नाम है लिव इन रिलेशन। पश्चिमी देशों से आए इस रिवाज को अब भारत में भी मान्यता मिलने लगी है। इसका सबसे बड़ा घाटा लड़कियों और औरतों को ही हो रहा है। जिन दो लोगों की जान चली गई वह बंजरिया गांव की थीं और जिस लड़के से लिव इन रिलेशन था वह गोपालगंज के कुचायकोट थाना के मठिया दयाराम गांव का रहने वाला है। हम इस खबर की चर्चा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि समाज को इस बारे में गंभीरता से सोने की जरूरत है। अदालत और नेता चाहे जो कानून बना लें, समाज का अपना रीति रिवाज होता है। जिस लड़की ने आत्महत्या की उसका नाम काजल कुमारी और उसकी मां का नाम मीरा देवी था। काजल के पिता मंतोष मिश्रा का निधन हो चुका है। लड़की सूरज मिश्रा नाम के लड़के के साथ 3 साल से लिव इन रिलेशन में थी। लड़के के परिवार वालों का कहना है कि चूंकि दोनों का गोत्र एक था इसलिए उनकी शादी नहीं हो सकती थी। दूसरी ओर लड़की ने पुलिस को जो आवेदन दिया था, उसमें दहेज के लिए शादी से इनकार करने की बात का जिक्र था। इस तरह यह मुद्दा गोत्र की शादी, लिव इन रिलेशन और दहेज का है। एक बात तो साफ है कि लिव इन रिलेशन में उस ज़िम्मेदारी का एहसास नहीं होता जो परंपरागत शादी में माना जाता है। परेशानी तो परंपरागत शादी में होती है लेकिन उसमें शादी के नाम पर झांसा देने की शिकायत नहीं होती। इसलिए लिव इन रिलेशन और झांसे में आकर जीवन बर्बाद करने की लड़कियों की समस्या पर परिवार वालों को सचेत रहने और लड़की से लगातार बातचीत करने की ज़रूरत है। इस मामले में पुलिस से भी सवाल किया जाना चाहिए क्योंकि उसके पास उसकी शिकायत थी लेकिन उसने शायद समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं की।
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