छ्पी-अनछपी: तेजस्वी का दांव- हर घर को एक सरकारी नौकरी, जन सुराज की पहली लिस्ट में 7 मुसलमान

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। राजद के वरिष्ठ नेता तेजस्वी यादव ने सत्ता में आते ही ऐसे सभी परिवारों में कम से कम एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का वादा किया है। जन सुराज पार्टी में उम्मीदवारों की पहली लिस्ट में 51 में 7 मुसलमानों को टिकट दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने बिहार की फाइनल वोटर लिस्ट से हटाए गए 3.66 लाख लोगों को अपील करने का मौका दिया है। कांग्रेस ने नीतीश राज के 20 साल को विनाश काल बताया है।

और, जानिएगा कि मुजफ्फरपुर में विदेश भेजने के नाम पर 300 लोगों से 3 करोड़ की ठगी की गई।

पहली ख़बर

हिन्दुस्तान के अनुसार राजद के वरिष्ठ नेता तेजस्वी यादव ने बिहार विधानसभा चुनाव में बड़ा वादा किया है। उन्होंने कहा कि सत्ता में आते ही राज्य के जिस परिवार में सरकारी नौकरी नहीं है, ऐसे सभी परिवारों में कम से कम एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी देंगे। हमारी सरकार बनते ही 20 दिनों के अंदर विशेष नौकरी-रोजगार अधिनियम बना कर 20 माह के अंदर नौकरी देने का लक्ष्य पूरा कर देंगे। गुरुवार को उन्होंने पोलो रोड स्थित अपने सरकारी आवास पर प्रेस वार्ता कर यह घोषणा की। तेजस्वी ने कहा, “हमारी सरकार में लोगों की भागीदारी और युवाओं की हिस्सेदारी होगी। इसलिए तेजस्वी सरकार देगी, हर परिवार को सरकारी नौकरी। मैं वादा करता हूं कि 5 साल में सेवा से साबित कर दिखाऊंगा कि मेरा कर्म बिहार है और मेरा धर्म बिहारी।”

जन सुराज की पहली लिस्ट में 7 मुसलमान

भास्कर के अनुसार जन सुराज पार्टी ने गुरुवार को विधानसभा चुनाव के लिए 51 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की। सूची में प्रशांत किशोर का नाम शामिल नहीं है। इनमें 7 सुरक्षित और 44 सामान्य सीटों के प्रत्याशी घोषित किए गए हैं। पहली सूची में 7 मुस्लिमों को टिकट दिया गया है। सहनी समाज के 5 और 4 यादवों को मैदान में उतारा गया है। प्रशांत किशोर के गृह क्षेत्र सासाराम की करगहर सीट से भोजपुरी गायक रीतेश पांडेय को टिकट मिला है। पूर्व सीएम जननायक कर्पूरी ठाकुर की पोती जागृति ठाकुर को समस्तीपुर के मोरवा से प्रत्याशी बनाया गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह की बेटी लता सिंह को नालंदा की अस्थावां सीट से टिकट दिया गया है। पटना की कुम्हरार सीट से गणितज्ञ प्रो. केसी सिन्हा मैदान में होंगे। सहरसा से पार्टी महासचिव व पूर्व विधायक किशोर कुमार मुत्रा प्रत्याशी हैं। गोपालगंज की भोरे सीट से प्रौति किन्नर को टिकट दिया गया है। पार्टी ने बेनीपट्टी से मोहम्मद परवेज आलम, किशनंगज जिले की कोचाधामन सीट से अबु अफ्फान फारूकी और अमौर से अफरोज आलम को उम्मीदवार बनाया है। वहीं बायसी से मोहम्मद शहनवाज आलम, महिसी से शमीम अख्तर और दरभंगा रूरल से शोएब खान को टिकट दिया है। अररिया की सिकटी सीट से रागिब बबलू को टिकट दिया गया है।

फाइनल वोटर लिस्ट से हटाए गए 3.66 लाख लोगों को अपील करने का मौका

जागरण के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के बाद अंतिम मतदाता सूची से बाहर हो गए करीब 3.66 लाख लोगों को समयसीमा के भीतर अपील दाखिल करने का इंतजाम कर दिया है। विधिक सेवा अधारिटी के पैरा लीगल वालंटियर और मुफ्त कानूनी सहायता देने वाले वकील अपील दाखिल करने में लोगों की मदद करेंगे। शीर्ष अदालत ने गुरुवार को अपील दाखिल करने के लिए बचे कम समय को देखते हुए अंतरिम उपाय के तौर पर बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष से अनुरोध किया है कि वह लोगों की मदद के लिए जिला स्तर पर निर्देश जारी करें। पारा लीगल वालंटियर बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) से संपर्क करके सूचना एकत्र करेंगे और अंतिम मतदाता सूची से बाहर हो गए लोगों के पास जाकर उन्हें अपील के अधिकार के बारे में बताएंगे और अपील दाखिल करने में मदद करेंगे। ये आदेश न्यायमूर्ति सूर्यकांत और जोयमाल्या बागची की पीठ ने बिहार एसआइआर मामले में सुनवाई के दौरान गुरुवार को दिए।

चुनावी बुलेटिन:

  • जनता दल यूनाइटेड के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री लक्ष्मेश्वर राय ने राजद का दामन थामा
  • भभुआ से राजद विधायक भरत बिंद ने विधानसभा की सदस्यता से त्यागपत्र दिया, भाजपा के टिकट पर लड़ेंगे चुनाव
  • आज से 121 सीटों के लिए होगा नामांकन, 6 दिन मिलेगा समय
  • भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक 12 अक्टूबर को दिल्ली में प्रस्तावित, इसके बाद होगा सीटों का ऐलान
  • पोस्टल बैलेट से वोटिंग के लिए आज से 14 तक होगा आवेदन

कांग्रेस ने नीतीश के 20 साल के राज को विनाश कल बताया

कांग्रेस ने गुरुवार को एनडीए के बीस साल विनाशकाल का आरोप पत्र (चार्जशीट) जारी किया है। 42 पृष्ठों के आरोपपत्र में पार्टी ने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आर्थिक मोर्चे, काननू व्यवस्था की बदहाली का आरोप लगाया है। मंत्रियों और अधिकारियों के भ्रष्टाचार गिनाए हैं। साथ ही पलायन के मुद्दे पर सरकार को घेरा है। सदाकत आश्रम में गुरुवार को आयोजित प्रेसवार्ता में वरीय पर्यवेक्षक राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व सांसद अधीर रंजन चौधरी ने इसे जारी किया। इस मौके पर अशोक गहलोत ने कहा कि बिहार चुनाव देश का भविष्य तय करेगा। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार सभी मामलों में पिछड़ गया है, इसका कारण भ्रष्टाचार है। डिप्टी सीएम, मंत्री पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। इसका जवाब देना चाहिए। सीएजी रिपोर्ट में 70 हजार करोड़ गड़बड़ी की बात कही गई है। पेपरलीक कर युवाओं का भविष्य बर्बाद किया जा रहा है। एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार 20 साल में अपराध 323 फीसदी बढ़ गया है। 3 करोड़ लोग पलायन कर गए हैं। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन की जीत बिहार के विकास की गारंटी है।

मुजफ्फरपुर में 5 लाख की आबादी बाढ़ से घिरी

बागमती, बूढ़ी गंडक और सहायक नदियों में उफान से आई बाढ़ का दंश मुजफ्फरपुर के कटरा, औराई, गायघाट प्रखंड समेत शहर में नदी की पेटी में बसे मोहल्ले के लोग झेल रहे हैं। कटरा प्रखंड में बागमती ने काफी तबाही मचाई है। गंगेया, सोनपुर, माधोपुर, पतारी, अंदामा, बकुची, बसघट्टा, मोहनपुर समेत अन्य एक दर्जन गांव बाढ़ के पानी से चौतरफ़ा घिर गए हैं। एक दर्जन से ऊपर लोगों के कच्चे मकान बाढ़ के पानी में ध्वस्त हो गए। कटरा, औराई और गायघाट समेत आसपास के प्रखंडों की 5 लाख की आबादी के समक्ष आवागमन का संकट है। घर की छत पर बाढ़ पीड़ित शरण लिए हुए हैं।

मुजफ्फरपुर में विदेश भेजने के नाम पर 300 बेरोजगारों से 3 करोड़ की ठगी

हिन्दुस्तान के अनुसार फर्जी वीजा और टिकट देकर विदेश भेजने के नाम पर युवकों से ठगी का बड़ा खुलासा मुजफ्फरपुर में हुआ है। शहर के बैरिया में एक मॉल में तीन माह से विदेश भेजने वाले रैकेट का ऑफिस (इंपीरियल इंटरप्राइजेज) चल रहा था। 300 से अधिक बेरोजगारों से करीब तीन करोड़ रुपये की ठगी की बात सामने आ रही है। 29 बेरोजगार युवकों को पश्चिमी अफ्रीका के बेनिन देश का फर्जी वीजा और टिकट देकर मुंबई एयरपोर्ट भेजा गया था। वहीं, कई युवकों को अमेरिका व यूरोप के अलग-अलग देशों का फर्जी वीजा देने की भी बात सामने आई है। एयरपोर्ट पर जांच के बाद वीजा फर्जी निकला तो सभी लौट आए। युवकों के आवेदन के आधार पर अहियापुर थाने में विदेश भेजने वाले रैकेट के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इसमें झारखंड के धनबाद जिले के कलरास रोड भटकुलिया निवासी अभिषेक कुमार, रंजीत कुमार शर्मा, संदीप , विनय शर्मा और मो. अरमान को नामजद आरोपित बनाया गया है।

कुछ और सुर्खियां:

  • राजस्थान में अब जबरन या लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने के लिए उम्र कैद और 50 लाख तक जुर्माना की सजा
  • दूसरी नदियों के पानी से गंगा का जलस्तर
  • भागलपुर में खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटर ऊपर
  • भारत को ड्रोन मार गिराने वाला ‘शिकारी’ मिसाइल देगा ब्रिटेन
  • क्रिकेटर रिंकू सिंह को पांच करोड़ रंगदारी धमकी देने के मामले में दरभंगा का युवक मोहम्मद दिलशाद नवेद पकड़ा गया
  • गया जिले के इमामगंज में बच्चों को स्कूल ले जा रहे ड्राइवर को बस से खींच कर उतारा और गोली मार दी
  • हंगरी के लेखक लास्लो पक्रासनाहोरकाई को इस साल साहित्य का नोबेल प्राइज़

अनछपी: सोशल मीडिया पर वाहवाही के लिए रील्स बनाने के दौरान कई ऐसी घटनाएं हुई हैं जिसमें लोगों की मौत हो गई है लेकिन इससे आगे बढ़कर यह लत अब पारिवारिक रिश्तों में भी जहर घोल रही है। मुजफ्फरपुर के पानापुर थाना क्षेत्र के सोनवर्षा गांव से यह बेहद दुखद और चिंताजनक खबर आई है कि इंस्टाग्राम पर फोटो अपलोड करने से पति के रोकने पर गुरुवार को पत्नी ने फांसी लगाकर जान दे दी। एक अखबार के अनुसार सोनवर्षा गांव निवासी मुशर्रफ आलम की 22 वर्षीय पत्नी गुलशन खातून इंस्टाग्राम पर सक्रिय रहती थीं। बताया जाता है कि गुलशन का पति बेंगलुरु में रहकर नौकरी करते हैं। हाल के दिनों में जब उन्हें पता चला कि उनकी पत्नी सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें साझा करती हैं, तो उन्होंने ऐसा करने से मना किया। पति की इस बात से नाराज होकर गुलशन ने बुधवार को अपने मायके मढ़ौरा थाना क्षेत्र के कोल्हुआ से ससुराल लौट आई थी। ताज्जुब की बात है कि पति ने पत्नी का मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया था। इसके बाद गुलशन ने ससुर के मोबाइल से पति को फोन कर बात करने की कोशिश की। बात इतनी बिगड़ी कि उसने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद से मृतका के ससुराल वाले घर छोड़कर फरार बताए जा रहे हैं। गांव में इस घटना से मातम पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया के दुरुपयोग और आपसी संवाद की कमी के कारण परिवार टूट रहे हैं। हो सकता है कि यह मामला सिर्फ इंस्टाग्राम पर फोटो डालने से जुड़ा हुआ नहीं हो। इसमें कुछ और दूसरी तनावपूर्ण बातें भी होंगी लेकिन इंस्टाग्राम के फोटो वाले मामले ने इसे इस हद तक बिगाड़ दिया। हालांकि परिवार बचाने के लिए समाज की तरफ से कोशिश की जाती रही है लेकिन सोशल मीडिया पर नाम कमाने के लिए कितनी जिद पाई जाती है कि आपसी रिश्ते भी इस कदर बिगड़ रहे हैं। समाज और सरकार को इस मसले पर नए सिरे से सोचने की जरूरत है।

 

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