छ्पी-अनछपी: तेजस्वी के वादे अब महागठबंधन का मेनिफेस्टो, अचार संहिता के बीच 8वां वेतन आयोग

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। हर घर एक नौकरी देने और जीविका कम्युनिटी मोबिलाइज़र्स के लिए स्थाई नौकरी के तेजस्वी यादव के वादों को अब महागठबंधन के घोषणा पत्र में शामिल किया गया है। चुनाव आचार संहिता लागू होने के बीच मोदी सरकार ने आठवें वेतन आयोग की घोषणा की है। जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने बिहार में एआई और सेमीकंडक्टर के बारे में बात की है। छठ के दौरान 30 जिलों में डूबने से 108 लोगों की मौत हो गई।

और, जानिएगा कि आरएसएस घर संपर्क और एक लाख हिंदू सम्मेलन करेगा।

पहली ख़बर

हिन्दुस्तान के अनुसार इंडिया गठबंधन ने अपना चुनावी घोषणा पत्र मंगलवार को जारी कर दिया। महागठबंधन के सीएम चेहरा और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने घटक दलों के वरीय नेताओं के साथ इसे जारी किया। घोषणा पत्र को महागठबंधन ने ‘बिहार का तेजस्वी प्रण’ नाम दिया है। न्यायपूर्ण नए बिहार के लिए इंडिया गठबंधन ने इसे संकल्प पत्र 2025 भी कहा है। घोषणा पत्र में मुख्य रूप से 25 बिंदुओं को शामिल किया गया है। मौके पर तेजस्वी ने कहा कि इंडिया गठबंधन का संकल्प पत्र दलों और दिलों का प्रण है। एक-एक घोषणा दिल से लिया हुआ प्रण है और अपने हर प्रण को प्राण झोंक कर पूरा करेंगे। एक बिहारी दिल से जब कुछ ठान लेता है तो फिर बिना हासिल किए रुकता नहीं है। हमें सरकार नहीं, बल्कि नया बिहार बनाना है। जनता के समक्ष हमने अपना विजन और ब्लू प्रिंट रख दिया है। अव्वल राज्य और विकसित बिहार बनाने के लिए हम अपने संकल्प हो हर हाल में पूरा करेंगे। घोषणाओं को पूरा करने के लिए पैसा कहां से लाएंगे? इस पर तेजस्वी ने कहा कि हम टूटे-फूटे वादे नहीं करते। एनडीए को बताना चाहिए कि उसने जो घोषणाएं की है, उसके लिए पैसा कहां से लाएंगे। हमने जब नियोजित शिक्षकों की सेवा स्थायी करने और 10 लाख को नौकरी देने की बात कही तो मजाक उड़ाया गया था। अभी भी जो कहा है, उसे पूरा करेंगे। किसी के मन में असमंजस की स्थिति न रहे। जल्द बताएंगे कि घोषणाएं कैसे पूरा करेंगे। सरकार बनी तो पांच नए एक्सप्रेसवे बनेंगे।

तेजस्वी प्रण के पांच प्रमुख वादे:

  1. हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देंगे
  2. एक दिसम्बर से महिलाओं को हर महीने ₹2500
  3. संविदाकर्मी और जीविका समन्वयक स्थायी होंगे
  4. हर परिवार को 200 यूनिट मुफ्त बिजली की सुविधा
  5.  भूमिहीनों को ग्रामीण क्षेत्र में पांच, शहर में तीन डिसमिल जमीन देंगे

35 लाख बटाईदारों को जमीन का पहचान पत्र देने का वादा

भास्कर के अनुसार महागठबंधन ने मंगलवार को अपना 32 पन्नों का चुनाव घोषणा-पत्र जारी किया। इसमें बिहार के 35 लाख बटाईदारों को जमीन का पहचान-पत्र देने का वादा किया गया है। इससे उन्हें फसल बीमा, मुआवजा और सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा। गठबंधन ने इस तरह बंदोपाध्याय कमेटी की अनुशंसा लागू करने का संकेत दिया है। घोषणा-पत्र में हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का भी वादा है। कहा गया है कि सरकार बनने के 20 दिनों में इसका कानून बनेगा। 20 महीने में नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू होगी। वक्फ बोर्ड कानून को रद्द करने का वादा भी है। साथ ही पंचायत प्रतिनिधियों को 50 लाख तक का बीमा किया जाएगा। ताड़ी पर से प्रतिबंध हटाने की भी बात कही गई है।

नीतीश कुमार की बिहार में एआई और सेमीकंडक्टर के बारे में बात

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर और गायघाट में हुई चुनावी सभा में विपक्ष पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जिन्होंने 15 वर्षों तक बिहार का खजाना लूटा, वही आज युवाओं को बरगला रहे हैं। युवाओं से अपील की कि वे इनके बहकावे में न आएं। हमारी सरकार ने जो कहा, उसे पूरा किया है और आगे भी विकास व सेजगार के लिए काम करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि एनडीए की डबल इंजन सरकार की ताकत से बिहार में बड़े पैमाने पर उद्योग लगाए जा रहे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर निर्माण इकाइयों के क्लस्टर की स्थापना होगी।

प्रशांत किशोर को दो राज्यों के वोटर, नोटिस

जागरण के अनुसार जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर का नाम दो विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज है। इसे गंभीरता से लेते हुए करगहर विधानसभा क्षेत्र के निर्वाची पदाधिकारी सह डीसीएलआर अशोक प्रसाद ने नोटिस भेजकर तीन दिन के अंदर पक्ष रखने का निर्देश दिया है। इस संबंध में प्रशांत किशोर ने बताया कि अगर दो जगह मतदाता सूची में मेरा नाम है तो चुनाव आयोग को बताना चाहिए कि बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) हुआ, तो मेरा नाम क्यों नहीं कटा? 2019 से करगहर में मेरा नाम है। बीच में दो वर्ष बंगाल गया था तो वहां मतदाता बना था। चुनाव आयोग नोटिस क्यों भेज रहा है, अगर मेरी गलती है तो गिरफ्तार कर ले।

चुनाव बुलेटिन:

  • आज से राहुल गांधी की चुनावी सभाएं शुरू होंगी, तेजस्वी यादव के साथ मुजफ्फरपुर और दरभंगा में देंगे भाषण
  • अमित शाह और राजनाथ सिंह की आज दरभंगा समस्तीपुर और बेगूसराय में छह चुनावी सभाएं
  • भाजपा नेता और सांसद रवि शंकर प्रसाद ने कहा, नीतीश कुमार एनडीए के चेहरा थे, हैं और रहेंगे

आठवें वेतन आयोग की घोषणा

प्रभात खबर के अनुसार केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को कई अहम निर्णय लिए. पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में केंद्रीय कर्मचारियों के हित को ध्यान में रखते हुए आठवें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दी गयी. इसके तहत आयोग कर्मचारियों के वेतन, भत्ते और पेंशन में आवश्यक सुधार के लिए सिफारिश करेगा. आयोग की सिफारिशें लागू होने पर लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 69 लाख पेंशनधारक लाभान्वित होंगे. आयोग को गठन की तारीख से 18 माह के भीतर अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी. सूचना प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह जानकारी दी. सिफारिशें लागू होने की तारीख के बारे में पूछे जाने पर वैष्णव ने कहा, “इसकी विशिष्ट तिथि अंतरिम रिपोर्ट आने के बाद ही तय की जाएगी लेकिन ज्यादा संभावना है कि यह 1 जनवरी 2026 से प्रभावित हो जाएगी।”

छठ के दौरान 30 जिलों में डूबने से 108 लोगों की मौत

भास्कर के अनुसार छठ के दौरान बिहार के 30 जिलों में डूबने से 108 लोगों की मौत हो गई। 10 लापता हैं। इनकी तलाश जारी है। इसमें सबसे अधिक नालंदा में 8 और वैशाली में 7 लोगों की डूबने से मौत हुई। वहीं, औरंगाबाद में 5 व गयाजी में 4 लोगों की जान गई। पटना जिले में भी 11 की डूबने से मौत हो गई। इसमें नौबतपुर में एक, बिहटा में 2, मोकामा में तीन, मनेर में 2 और बाढ़ में 3 की मौत हुई। उत्तर बिहार में छठ घाटों पर 24 लोग डूब गए। इनमें 22 लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति लापता है। इसमें मधुबनी में 5. दरभंगा में 4, मोतिहारी में 4, सीतामढ़ी में 3 लोगों की डूबने से मौत हो गई। मुजफ्फरपुर के मीनापुर व मोतीपुर में दो लोग डूब गए। इनमें एक की मौत हो गई, जबकि एक लापता की तलाश जारी है। समस्तीपुर के वारिसनगर थाना क्षेत्र में दो किशोर की डूबने से मौत हो गई। इसके अलावा शिवाजीनगर में एक बच्चे, दलसिंहसराय में एक युवक व व शाहप्रपटोरी में एक युवक की डूबने से मौत हो गई। सिंधिया में एक किशोर डूब गया, जिसकी तलाश जारी है। वहीं भागलपुर और आसपास के जिलों में डूबने से 33 लोगों की मौत हो गई, जबकि सात लापता हैं। भागलपुर के इस्माइलपुर में 5 की डूबने से मौत हो गई। खगड़िया, मधेपुरा बांका और पूर्णिया में भी लोग डूबे।

आरएसएस चलाएगा गृह संपर्क अभियान, होंगे एक लाख से ज्यादा हिंदू सम्मेलन

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक में देशभर के सामाजिक हालात पर चिंतन होगा। संघ अपने शताब्दी वर्ष में देशभर में गृह संपर्क अभियान के साथ हिंदू सम्मेलन आयोजित करने की रूपरेखा तय कर रहा है। देशभर में एक लाख से ज्यादा हिंदू सम्मेलन होंगे। यह जानकारी संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने मध्य प्रदेश के जबलपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में दी। उन्होंने बताया कि 30 अक्टूबर से एक नवंबर तक होने जा रही कार्यकारी मंडल की बैठक में सरसंघचालक, सरकार्यवाह, सहकार्यवाह समेत 407 कार्यकर्ता शामिल होंगे। बैठक में शताब्दी वर्ष से जुड़े अपने अनुभवों को संघ पदाधिकारी साझा करेंगे तथा नई नीति व विषयों पर मंथन होगा।

कुछ और सुर्खियां:

  • नगालैंड की राजधानी कोहिमा में आतंकियों के हमले में गोपालगंज के सीआरपीएफ जवान हदीस अंसारी की मौत
  • चक्रवाती तूफान मोंथा के असर से पटना समेत बिहार के कई इलाकों में आज बादल छाए रहेंगे, आंध्र प्रदेश और उड़ीसा में हाई अलर्ट, उड़ानें और ट्रेनें रद्द
  • अमेरिका में शटडाउन से 4000 उड़ानों में देरी

अनछपी: आज के अखबारों में खबरों से ज्यादा एनडीए के उस विज्ञापन पर ध्यान जाता है जो फ्रंट पेज पर ऊपर से नीचे तक आधे पेज में है और उसका शीर्षक है- झूठे वादे, गलत इरादे। इस विज्ञापन का आज छपना महज़ इत्तेफाक नहीं है और हो सकता है कि आगे भी यह विज्ञापन छपे लेकिन आज इसे छापने का मकसद कुछ और नजर आता है। यह बात भी ध्यान देने की है कि अगर इस विज्ञापन को आधे पेज पर छपना था तो यह अखबार के निचले हिस्से में हो सकता था लेकिन इसे दाहिने हिस्से में दिया गया है। अब इस विज्ञापन की एक और खास बात यह है कि दो अखबारों ने तेजस्वी यादव के घोषणा पत्र को इस विज्ञापन के साथ-साथ छापा है। पता नहीं यह इत्तेफाक की बात है या संपादकों के साथ एनडीए, और खास करके भाजपा नेताओं के समझौते की बात कि तेजस्वी यादव के घोषणा पत्र की खबर के बगल में ही इस तरह का विज्ञापन दिया गया है जिसमें जहानाबाद में उग्रवादियों द्वारा 100 लोगों को मारने और कोर्ट के जरिए जंगल राज जैसी बातें कहे जाने का उल्लेख है। यानी तेजस्वी के घोषणा पत्र का कोई सकारात्मक असर ना हो इसलिए ऐसे नकारात्मक विज्ञापन को उसके साथ छापा गया है। उम्मीद है कि राजद और महागठबंधन के दूसरे घटक दल इस पर ध्यान दे रहे होंगे और जब एनडीए का घोषणा पत्र हो तो वह भी इसी तरह के विज्ञापन को जारी करें और अखबारों से यह कहें कि वह उसके साथ छापें। महागठबंधन के इस विज्ञापन में पटना के पारस अस्पताल में दिनदहाड़े घुसकर हत्या और गोपाल खेमका के मर्डर जैसी दूसरे मामलों को शामिल किया जा सकता है। इसी तरह पलायन के मुद्दे पर ट्रेनों में बोरों की तरह सैंतकर आ रहे लोगों की तस्वीर भी दी जा सकती है। मीडिया की भूमिका के बारे में जब भी चर्चा होगी तो खबरों के साथ ऐसे विज्ञापनों की चर्चा भी जरूरी होगी।

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