छ्पी-अनछपी: राहुल की किस बात पर ‘सरकार डरी’?, बिहार की विकास दर घट रही
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। चीन की घुसपैठ के मुद्दे पर पूर्व आर्मी चीफ की बात को लोकसभा में रखने की इजाज़त न देने पर सरकार से पूछा कि वह किस बात से डरी हुई है। बिहार के आर्थिक सर्वे से पता चलता है कि यहां की विकास दर लगातार घट रही है हालांकि यह राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका अब भारत पर रेसिप्रोकल टैरिफ को 25% से घटाकर 18% करेगा।
और जानिएगा कि बनारस से सिलीगुड़ी के लिए जब बुलेट ट्रेन चलेगी तो बिहार में कहां कहां रुकेगी।
पहली ख़बर
जागरण के अनुसार राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान शोर-शराबे में संसद की कार्यवाही बाधित रही। लेकिन बाहर राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार पर सवाल खड़े किए। राहुल गांधी ने कहा, ‘सदन में नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक का उल्लेख करने की उन्हें अनुमति नहीं दी जा रही क्योंकि यह 2020 में चीन से हुए संघर्ष के दौरान सेना को निराश करने लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को कठघरे में खड़ा करती है।’ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, ‘आरएसएस-भाजपा की वैचारिक आधारशिला ही तथ्यों को विपाने पर टिकी है, तभी यह कायर मोदी सरकार संसद में राष्ट्रीय सुरक्षा के गंभीर सवालों पर जवाब देने से ऐसे बच रही है जैसे उसकी दुखती रग पर किसी ने हाथ रख दिया हो।’
इससे पहले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा चीनी सेना की घुसपैठ के संदर्भ में पूर्व थलसेना अध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे की एक अप्रकाशित पुस्तक और एक मैगजीन की रिपोर्ट का हवाला देने पर सत्तापक्ष ने सख्त आपत्ति जताई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि वह सदन को गुमराह कर रहे हैं। राजनाथ और गृह मंत्री अमित शाह के हस्तक्षेप के बीच स्पीकर ओम बिरला ने सदन के नियमों का हवाला देते हुए ऐसे उद्धरणों की अनुमति नहीं दी, जिसके बाद विपक्ष ने हंगामा किया। समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और राजद समेत अन्य विपक्षी दलों ने भी कांग्रेस का साथ दिया। दोनों पक्षों के अड़े रहने से सदन में 50 मिनट तक तीखी नोक-झोंक चलती रही। लिहाजा कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी और अंततः दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। पहले ही दिन संवेदनशील मुद्दे पर हुआ यह विवाद बताता है कि आगे भी हंगामा जारी रह सकता है। हंगामे के दौरान सदन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी मौजूद थे।
बिहार की विकास दर घट रही
प्रगति की तमाम कोशिशों के बाद भी बिहार के छलांग लगाने की गति मंद पड़ रही है। 2024-25 में लगातार दूसरे साल बिहार की विकास दर नीचे गिरी है। सोमवार को बिहार विधानसभा में पेश 2025-26 के आर्थिक सर्वेक्षण से इसका पता चला है। इसके मुताबिक, वर्तमान मूल्य पर 2022-23 में बिहार की विकास दर 17.9 फीसदी थी। इसका मतलब हुआ कि सालभर पहले की तुलना में बिहार की अर्थव्यवस्था का आकार 17.9 फीसदी बढ़ा। परंतु, यही विकास दर 2023-24 में गिरकर 14.9 तक आ गया। अभी आए 2024-25 के ताजा आंकड़ों के तहत यह 13.1 फीसदी के स्तर तक गोता लगा गया है। दूसरी तरफ वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव का कहना है कि बिहार देश में सबसे तेज गति से बढ़ाने वाले राज्यों में है और इसकी विकास दर राष्ट्रीय औसत से अधिक है।
भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील, टैरिफ घटकर 18%
भास्कर के अनुसार आम बजट के अगले ही दिन सोमवार को भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित ट्रेड डील हो गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका अब भारत पर पारस्परिक टैरिफ (रेसिप्रोकल टैरिफ) को 25% से घटाकर 18% करेगा। ट्रम्प ने कहा कि भारत भी अमेरिका के खिलाफ अपने टैरिफ और नॉन-टैरिफ बाधाओं को शून्य करने की दिशा में आगे बढ़ेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोमवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से व्यापार और अन्य मुद्दों पर टेलीफोन पर बातचीत की। इसके बाद रात करीब 10:30 बजे ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘टुथ’ पर इस डील की घोषणा की।
ट्रम्प ने लिखा, प्रधानमंत्री मोदी से बात करना मेरे लिए सम्मान की बात थी। वह मेरे सबसे अच्छे मित्रों में से एक हैं और अपने देश के एक शक्तिशाली व सम्मानित नेता हैं। ट्रम्प ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने रूस से तेल की खरीद बंद करने और अमेरिका से, तथा संभावित रूप से वेनेजुएला से, ज्यादा तेल खरीदने पर सहमति जताई है। ट्रम्प के मुताबिक, इससे यूक्रेन युद्ध को खत्म करने में मदद मिलेगी। उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी ने ‘बाय अमेरिकन’ नीति के तहत अमेरिका से ऊर्जा, तकनीक, कृषि, कोयला और अन्य उत्पादों की 46 लाख करोड़ रुपए (500 अरब डॉलर) से अधिक की खरीद का संकल्प लिया नहीं किया गया है। है। हालांकि, ये कितनी समयावधि में होगा, ये स्पष्ट नहीं किया गया है।
बिहार के राजस्व अधिकारी हड़ताल पर
हिन्दुस्तान के अनुसार अनुमंडल राजस्व पदाधिकारी पद के गठन के फैसले के खिलाफ सोमवार को सभी सीओ सहित राजस्व सेवा के अधिकारी बेमियादी हड़ताल पर चले गए। इससे अंचल कार्यालय में कामकाज ठप हो गया। इस पर सख्ती दिखाते हुए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने नो वर्क- नो लागू करने का निर्णय लिया। समाहर्ताओं को पत्र जारी कर कहा कि वे कार्यालय चलाने के लिए वैकल्पिक इंतजाम करें। देर शाम उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा से हड़ताली अफसरों ने बातचीत की पर कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। वार्ता के बाद प्रेस बयान जारी कर सरकार ने हड़ताल समाप्त होने का दावा किया। लेकिन, बिहार राजस्व सेवा संघ के महासचिव सौरभ कुमार ने कहा कि हड़ताल जारी है।
बिहार में दो जगह रुकेगी बुलेट ट्रेन
प्रभात ख़बर ने लिखा है कि अब बिहार में भी बुलेट ट्रेन चलेगी. यह ट्रेन वाराणसी से पटना होते हुए सिलीगुड़ी तक चलेगी. इसके लिए 704 किमी लंबा हाइ स्पीड रेल कॉरिडोर बनेगा. बिहार में इसके स्टोपेज पटना और कटिहार में होगा. यह हाइ स्पीड बुलेट ट्रेन 350 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी, जो वाराणसी से सिलीगुड़ी की दूरी सिर्फ 2 घंटे 55 मिनट में तय करेगी. अभी वाराणसी से सिलीगुड़ी के सफर में सामान्य ट्रेनों से करीब 14 से 18 घंटे लगते हैं। बुलेट ट्रेन से बनारस से पटना केवल 50 मिनट और पटना से सिलीगुड़ी लगभग 2 घंटे 5 मिनट में पहुंचा जा सकेगा। हालांकि यह नहीं बताया गया है कि यह बुलेट ट्रेन कब से शुरू होगी।
कुछ और सुर्खियां:
- पटना में यूजीसी रेगुलेशन के समर्थन में छात्रों का मार्च, पुलिस से हुई नोकझोंक
- चांदी की कीमत 1 दिन में ₹52000 कम हुई, 4 लाख की सबसे ज्यादा कीमत से घटकर अब 2.60 प्रति किलोग्राम
- बिहार का सबसे अमीर जिला पटना और शिवहर सबसे गरीब
- बिहार इंटरमीडिएट परीक्षा के पहले दिन नकल करने के आरोप में 26 परीक्षार्थी निकाले गए
- जेएनयू की सेंट्रल लाइब्रेरी में तोड़फोड़ के मामले में जेएनयू छात्र संघ के सभी पदाधिकारी को निलंबित किया गया
- आरा में सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकराई कार, तीन लोगों की मौत
- जेल में बंद बाहुबली अनंत सिंह को विधायक की शपथ लेने को कोर्ट से मिली इजाजत
अनछपी: वक़्त के साथ तेजी से बदलते परवरिश के नजरिए पर सुप्रीम कोर्ट ने जो टिप्पणी की है वह काबिल-ए-गौर है। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर बात करने से पहले जरूरी है कि यह बात याद की जाए कि आज के दौर में हर इंसान के पास मोबाइल फोन और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के लिए वक़्त होता है लेकिन रिश्तों को निभाने के लिए वक्त की कमी बताई जाती है। ऐसे में बच्चों की परवरिश भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसीलिए सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी पर ग़ौर करना चाहिए कि माता-पिता के पास बच्चों के लिए वक़्त नहीं है, इसलिए वे अपने बच्चों को एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन दे देते हैं। इसके साथ ही अदालत ने एक अहम मसले का ज़िक्र किया और कहा कि बच्चों के नशे में गाड़ी चलाने से होने वाले हादसों के लिए उनके माता-पिता को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और उज्जल भुइयां की पीठ ने पुणे में नाबालिग द्वारा लापरवाही से लग्जरी (पोर्शे) कार चलाने से हुए हादसे में खून के नमूने बदलने के तीन आरोपियों को जमानत देते हुए यह मौखिक टिप्पणी की। जस्टिस नागरत्ना ने ऐसे हादसों पर दुख जताते हुए कहा कि ऐसे माता-पिता कितने गैर-जिम्मेदार होते हैं जो नाबालिग बच्चों को तेज रफ्तार कार चलाने देते हैं, उन्हें शराब और ड्रग्स जैसी चीजों के साथ जश्न मनाने की इजाजत देते हैं। उन्होंने कहा कि नशा और तेज रफ्तार गाड़ी चलाना और सड़क पर बेगुनाह लोगों को मारना या सड़क पर सो रहे बेगुनाह लोगों को मार देना जश्न नहीं होता। जजों द्वारा कही गई यह बात आम लोगों तक पहुंचाने की जरूरत है क्योंकि मां-बाप आजकल इस बात पर ध्यान नहीं रख पा रहे कि उनका बच्चा किस रास्ते पर जा रहा है और अपना पिंड छुड़ाने के लिए वह अपने बच्चों की हर मांग पूरी कर देते हैं। ऐसे में अगर कोई हादसा होता है तो यह कहना बिल्कुल सही है कि उसके लिए जिम्मेदार बच्चों से ज्यादा उनके मां-बाप हैं।
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