छपी-अनछपी: क्या आज उमर खालिद को मिलेगी ज़मानत? जाड़े से अभी निजात नहीं

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। सुप्रीम कोर्ट शरजील इमाम, उमर खालिद और कई अन्य की जमानत याचिकाओं पर अपना फैसला सोमवार को सुनाएगा। बिहार में अभी एक हफ्ता जाड़े से निजात मिलने की उम्मीद नहीं है। वेनेजुएला के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने अब क्यूबा और मेक्सिको को धमकी दी है। वैशाली जिले में जेवर और नकदी चोरी के आरोप में एक थानेदार और दरोगा को सस्पेंड किया गया है।

और, जानिएगा कि बांग्लादेश की क्रिकेट टीम ने भारत आकर टी 20 विश्व कप खेलने से इनकार कर दिया है।

पहली ख़बर

हिन्दुस्तान में एक छोटी सी खबर है कि सुप्रीम कोर्ट शरजील इमाम, उमर खालिद और कई अन्य की जमानत याचिकाओं पर अपना फैसला सोमवार को सुनाएगा। उमर खालिद का मामला कई बार अदालतों की तारीखों की वजह से आगे बढ़ता रहा है। इन लोगों के खिलाफ 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश में शामिल होने के आरोप में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। उमर खालिद पिछले 5 साल से बिना किसी ट्रायल के जेल में बंद हैं और हाल ही में न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने उनके बारे में भारत सरकार को कुछ और सांसदों के साथ मिलकर चिट्ठी लिखी थी।

एक सप्ताह तक ठंड से राहत की उम्मीद नहीं

बिहार में एक सप्ताह तक ठंड से राहत की उम्मीद नहीं है। देश के पहाड़ी इलाकों में लगातार बर्फबारी से बिहार में भी सर्द पछुआ का प्रवाह हो रहा है। इससे शीतलहर जैसे हालात बने हुए हैं। लोगों को दिन में भी ठिठुरन और कनकनी का एहसास हो रहा है। सोमवार को उत्तर बिहार के कुछ जिलों में शीत दिवस और कोहरे की चेतावनी है। वहीं दक्षिण बिहार में रात के तापमान में गिरावट होगी। इससे प्रदेश में ठंड और बढ़ेगी। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से देश के मैदानी इलाकों में ठंड अभी ठिठुराएगी। रविवार को सुबह के समय सूबे के ज्यादातर शहरों में घने से मध्यम स्तर का कोहरा छाया रहा। वहीं प्रदेश के ज्यादातर शहरों के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी हुई। बिहार का न्यूनतम तापमान 8.2 से 14.5 और अधिकतम तापमान 13.8 से 19.5 डिग्री के बीच रहा। सबसे कम तापमान 8.2 छपरा और सबसे अधिक तापमान 19.5 डिग्री शेखपुरा में दर्ज हुआ।

ट्रंप ने अब क्यूबा और मेक्सिको को धमकी दी

भास्कर के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वेनेजुएला में कब्जे के बाद रुकने के मूड में नहीं हैं। ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका के पड़ोसी क्यूबा, मैक्सिको और दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया के नेताओं का भी मादुरो जैसा हश्र हो सकता है। ये सभी देश अमेरिका के लिए परेशानियां पैदा कर रहे हैं। मैक्सिको पर हमलावर ट्रम्प ने यहां तक आरोप जड़ दिया कि वहां क्लाउडिया शिनबाम नहीं, ड्रग माफिया सत्ता चला रहे हैं। ट्रम्प ने कहा, वे कई बार शिनबाम को चेता चुके हैं। क्यूबा में लोकतंत्र नहीं है, अमेरिका कई बार वहां के लोगों के अधिकारों के पक्ष में आवाज उठा चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, वेनेजुएला के पक्ष में आवाज उठाने वाले दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्ताव पेट्रो अमेरिका में कोकीन भेज रहे हैं। ट्रम्प ने शुक्रवार को ईरान पर हमले का अल्टीमेटम दिया था। ग्रीनलैंड पर कब्जे के इरादे वे काफी समय से दोहरा रहे हैं। उधर, वेनेजुएला सुप्रीम कोर्ट ने उप राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज को अंतरिम राष्ट्रपति बनाने का आदेश दिया। वहीं, मस्क की स्टारलिंक ने वेनेजुएला में 3 फरवरी तक मुफ्त ब्रॉडबैंड इंटरनेट का ऐलान किया है।

न्यूयॉर्क के डिटेंशन सेंटर में बीती मदुरै की रात

अमेरिकी सेना ने शनिवार तड़के गुप्त सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजाल्व’ के तहत वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद दोनों को पहले युद्धपोत और फिर विमान से न्यूयॉर्क ले जाया गया, जहां से उन्हें भारी सुरक्षा के बीच न्यूयार्क के मैनहट्टन स्थित डिटेंशन सेंटर ले जाया गया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए घोषणा की कि वेनेजुएला में सुरक्षित सत्ता हस्तांतरण होने तक अमेरिका वहां का प्रशासन संभालेगा. ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार का दोहन अब दूसरे देशों को तेल बेचने और वहां के बुनियादी ढांचे को ठीक करने में किया जायेगा. मादुरो पर अमेरिका में मादक पदार्थों की तस्करी और आतंकवाद (नार्को-टेररिज्म) की साजिश के गंभीर आरोप हैं, जिनका सामना उन्हें अब अमेरिकी कोर्ट में करना होगा. ट्रंप ने इसे 2003 के इराक युद्ध के बाद सत्ता परिवर्तन के लिए सबसे आक्रामक और सफल अमेरिकी कार्रवाई बताया है.

वेनेज़ुएला के मुद्दे पर बंटी दुनिया

वेनेजुएला में घुसकर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर न्यूयार्क ले जाने की अमेरिकी कार्रवाई पर दुनिया बंट गई है। रविवार को ज्यादातर देशों ने कार्रवाई की कड़ी आलोचना की तो कुछ देशों ने गिरफ्तारी का समर्थन भी किया। भारत ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। न्यूयाॅर्क में राष्ट्रपति मादुरो को हथकड़ी लगाकर लाया गया। चीन और रूस ने अमेरिका से निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को तुरंत रिहा करने और बातचीत के जरिए सभी मुद्दों का समाधान निकालने की अपील की है। चीन ने राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को जबरन हिरासत में देश से बाहर ले जाने को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया। वहीं रूस ने कहा कि एक संप्रभु देश के राष्ट्रपति को अमेरिका तुरंत रिहा करे। कई भारतीय-अमेरिकी सांसदों ने भी इस कार्रवाई का विरोध किया। वहीं पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस, न्यूयाॅर्क के मेयर ममदानी इसे गैरकानूनी बताया। कनाडा और इसराइल ने मादुरो शासन को दमनकारी करार देते हुए अमेरिकी कार्रवाई का खुलकर समर्थन किया। अर्जेंटीना ने भी सराहना की।

105 गंगा घाटों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगेगा

देहरादून से जागरण की खबर है कि उत्तराखंड सरकार कुंभ में हरिद्वार-ऋषिकेश के नगर निगम व संपूर्ण कुंभ क्षेत्र को पवित्र सनातन नगरी घोषित करने की तैयारी कर रही है। सरकार के इस फैसले से हरकी पैड़ी समेत 105 गंगा घाटों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लग जाएगा। यह देश में पहली बार होगा जब किसी गंगा तीर्थ नगरी में घाट-स्तर पर एकसमान धार्मिक नियम लागू किए जाएंगे। सूत्रों के अनुसार इस प्रस्ताव पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से सैद्धांतिक सहमति दी गई है।

जेवर और नकदी चोरी के आरोप में थानेदार सस्पेंड

हिन्दुस्तान ने लिखा है कि वैशाली जिले में खाकी पर सवाल खड़े हो गए हैं। लालगंज में चोरी के एक बड़े मामले का खुलासा करने गई पुलिस टीम पर ही सोना-चांदी और लाखों रुपये गायब करने का आरोप लगा है। छापेमारी के दौरान वीडियोग्राफी नहीं करवाने और जब्त सामानों से कुछ बहुमूल्य सामान गायब करने के आरोप में लालगंज थानाध्यक्ष संतोष कुमार और एसआई सुमन जी झा को निलंबित कर दिया गया है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद डीआईजी मुजफ्फरपुर के आदेश पर यह कार्रवाई हुई है।

बांग्लादेश का भारत मे टी 20 विश्व कप खेलने से इनकार

भास्कर की खबर है कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए आईसीसी से अनुरोध किया है कि पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 में बांग्लादेश के मैच भारत के बाहर कराए जाएं। बीसीबी ने साफ किया है कि मौजूदा हालात में टीम भारत यात्रा नहीं करेगी। यह फैसला बोर्ड की आपात बैठक में बांग्लादेश सरकार की सलाह के बाद लिया गया। शनिवार को बीसीसीआई के निर्देश पर शाहरुख की केकेआर ने बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्ताफिजुर रहमान को आईपीएल 2026 टीम से रिलीज कर दिया था। समझा जाता है कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने इसी फैसले के खिलाफ भारत आने से इनकार किया है।

कुछ और सुर्खियां:

  • बिहार के 19 प्रमुख बस डिपो में जीविका दीदी की रसोई के तहत कैंटीन खोली जाएगी
  • बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष रहे और सांसद अरुण कुमार के पिता बृजनंदन शर्मा का निधन
  • चीन को पीछे छोड़ भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक देश बना, भारत का उत्पादन 15.18 करोड़ टन
  • सुरक्षा के लिहाज से हवाई जहाजों में पावर बैंक के इस्तेमल पर बैन लगाया गया

अनछपी: कभी ‘क्रिकेट फ़ॉर पीस’ का नारा लगाने वाले दक्षिण एशिया में आजकल क्रिकेट को ही नफरत का जरिया बना दिया गया है और अपना दबदबा कायम रखने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है जबकि राजनेता एक दूसरे देश के प्रतिनिधियों से हाथ मिलाते हैं। पाकिस्तान से रिश्ता बिगड़ने की वजह से क्रिकेट पर पड़ने वाले असर को समझना कुछ आसान था लेकिन बांग्लादेश भी अब इस मामले में भारत के खिलाफ नजर आता है। यह सही है कि भारत और बांग्लादेश के बीच हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय संबंधों में गिरावट आई है लेकिन क्रिकेट का खेल अब तक इससे बचा हुआ था। इसकी शुरुआत इस तरह हुई कि शाहरुख खान के सह स्वामित्व वाले कोलकाता नाइट राइडर्स से खेलने के लिए बांग्लादेश के मुस्तफ़ीजुर रहमान का सिलेक्शन हुआ तो हिंदूत्ववादी तत्वों ने इसका विरोध शुरू किया और शाहरुख खान को गद्दार तक कहा। इसके अलावा भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड से इन तत्वों ने मुस्तफ़ीजुर रहमान को केकेआर से बाहर करने की मांग की। बीसीसीआई ने तुरंत घुटने टेक दिए और केकेआर से कहा कि वह मुस्तफ़ीजुर रहमान को रिलीज कर दे। जब यह बात हो गई तो बांग्लादेश क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने तुरंत भारत में आकर टी20 वर्ल्ड कप खेलने से इनकार करने का फैसला किया। इससे पहले भारत, पाकिस्तान में जाकर क्रिकेट मैच खेलने से इनकार कर चुका है जिसके जवाब में पाकिस्तान ने भी भारत आने से मना किया था। इस बात पर भारत के क्रिकेट प्रेमी भी हैरान हैं कि बांग्लादेश के साथ भारत का वैसा रिश्ता खराब नहीं है जैसा पाकिस्तान के साथ है तो इस तरह की हरकत से रिश्ता और खराब हो रहा है और क्या रिश्ता खराब करना भारत के हित में होगा? भारत के राजनीतिक नेतृत्व को इस बारे में शीघ्र फैसला लेना होगा ताकि मामला हाथ से निकल ना जाए।

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