तब्लीगियों को ‘कोरोना केरियर’ कहने वाले अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी पर क्या बोले बिहारी?

बिहार लोक संवाद ब्यूरो

पटना, 4 नवंबर: पत्रकार अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी बिहार से जुड़े कई लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।

प्रदेश प्रदेश् अध्यक्ष संजय जासयसवाल ने ट्विट कर कहा है कि ‘अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी ने आपातकाल की यादें ताजा कर दी हैं. यह दिखाता है कि कांग्रेस-शिवसेना दोनों का लोकतंत्र में रत्ती भर भी विश्वास नहीं है और अपनी खुन्नस निकालने के लिए यह दोनों किसी भी हद को पार कर सकते हैं।’
संजय जायसवाल ने आगे लिखा है, ‘इस घटना ने राजद के कार्यकाल की यादें ताजा कर दी हैं. हालांकि शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी सरकार की तुलना में राजद-कांग्रेस का राज कई गुणा भयावह था. हत्या, नरसंहार की खबरों से अखबारों के पन्ने रोजाना रंगे रहते थें. अपहरण तो एक उद्योग ही बन गया था. आम तो आम खास भी सुरक्षित नहीं रहते थे. शो रूम से गाड़ियां उठा ली जाती थी, रंगदारी टैक्स लिए जाते थे. क्या महाराष्ट्र उसी राह पर तेजी से नहीं चल रहा है…’

आपको बताते चलें कि रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी को मुंबई पुलिस ने आज सुबह-सुबह उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। अर्नब गोस्वामी का कहना है कि मुंबई पुलिस ने उनकी सास, सुसर, बेटे और पत्नी के साथ मारपीट की। रिपब्लिक टीवी पर प्ले की गई वीडियो के मुताबिक मुंबई पुलिस ने अर्नब गोस्वामी के साथ भी मारपीट की।

 

अर्नब, कोरोना और तब्लीगी

आने वाले दिनों में अर्नब गोस्वामी की मुश्किलें और भी बढ़ सकती हैं। उनके चैनल पर इल्जाम है कि उन्होंने तब्लीगी जमाअत से जुड़े लोगों पर आरोप लगाया था कि वे देश में कोरोना वायरस फैला रहे हैं। जमीयते उलेमा हिन्द ने इस सिलसिले में सुप्रीम कोर्ट में रिपब्लिक समेत कई अन्य चैनलों और मीडिया हाउस के खिलाफ एक मुकदमा दायर कर रखा है जिसकी सुनवाई अभी चल रही है।

किस मामले में गिरफ्तार हुए अर्नब
मुंबई पुलिस ने बुधवार तड़के दो साल पुराने आत्महत्या से जुड़े एक मामले में अर्नब को गिरफ्तार किया है। अर्नब पर आरोप है कि उन्होंने दो साल पहले 53 वर्षीय एक इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक को कथित रूप से आत्महत्या के लिए उकसाया था। इसी मामले में बुधवार को उनको गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि अलीबाग पुलिस की एक टीम ने गोस्वामी को मुम्बई में उनके घर से गिरफ्तार किया।

अधिकारी ने बताया कि 2018 में आर्किटेक्ट अन्वय नाइक और उनकी मां ने कथित तौर पर गोस्वामी के रिपब्लिक टीवी द्वारा उनके बकाया का भुगतान न किए जाने के कारण आत्महत्या कर ली थी।

इस वर्ष मई में महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने आर्किटेक्ट अन्वय नाइक की बेटी अदन्या नाइक की नई शिकायत के आधार पर फिर से जांच के आदेश दिये जाने की घोषणा की थी.

देशमुख ने बताया था कि अदन्या ने आरोप लगाया है कि अलीबाग पुलिस ने गोस्वामी के चैनल द्वारा बकाया भुगतान ना करने के मामले में जांच नहीं की। उसका दावा है कि इस कारण ही उसके पिता और दादी ने मई 2018 में आत्महत्या कर ली थी.

इस बीच अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी के खिलाफ कई लोगों ने आवाज उठाई है. केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि यह महाराष्ट्र में “प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला है” और इससे “आपातकाल के दिनों” की याद आती है. जावड़ेकर ने ट्वीट किया, “महाराष्ट्र में प्रेस की स्वतंत्रता पर हमले की हम निंदा करते हैं. प्रेस के साथ पेश आने का यह तरीका नहीं है। इससे आपातकाल के दिनों की याद आती है जब प्रेस के साथ इस प्रकार का व्यवहार किया जाता था.”

हालांकि शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा हिै कि महाराष्ट्र की सरकार कभी बदले की भावना से कार्रवाई नहीं करती, महाराष्ट्र में कानून का राज है। पुलिस को जांच में कोई सबूत हाथ लगा होगा तो पुलिस किसी पर भी कार्रवाई कर सकती है।

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