बिहार लोक संवाद डाॅड नेट
उर्दू के मशहूर शायर अकबर इलाहाबादी की याद में 24 अगस्त को पटना विश्वविद्यालय के पीजी उर्दू विभाग की ओर से एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने अकबर की ग़ज़ल और सूफ़ियाना शायरी पर रौशनी डाली।
इस अवसर पर बिहार लोक संवाद से विशेष बातचीत करते हुए इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के उर्दू के पूर्व एचओडी प्रोफ़ेसर अली अहमद फ़ातमी ने कहा कि अकबर की शायरी आज ज़्यादा प्रासंगिक है।
प्रोफ़ेसर फ़ातमी ने कहा कि अकबर ने सूफ़ियाना शायरी में ग़ज़ल और तंज़ को भी शामिल किया।
कार्यक्रम में उर्दू के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने भाग लिया।
1,764 total views