छपी-अनछपी: वक़्फ़ जेपीसी के 10 विपक्षी सदस्य सस्पेंड, अनंत सिंह बेऊर जेल भेजे गए
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। वक़्फ़ पर बनी जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) की बैठक में हंगामे के बाद 10 विपक्षी सदस्यों को सस्पेंड कर दिया गया। बाहुबली पूर्व विधायक अनंत सिंह को सरेंडर करने के बाद बेऊर जेल भेजा गया। डोनाल्ड ट्रंप के नागरिकता वाले आदेश पर अमेरिकी कोर्ट की रोक लगी है। पूर्वी चंपारण के डीईओ के ठिकानों से जब्त हुई रक़म 3.52 करोड़ हुई।
आज के अखबारों की यह अहम खबरें हैं।
जागरण के अनुसार वक़्फ़ कानून में संशोधनों को लेकर बनाई गई संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की बैठक में एक बार फिर हंगामा हुआ। विपक्षी सांसदों ने जेपीसी अध्यक्ष जगदंबिका पाल पर बैठक की तारीख और एजेंडा बदलने का आरोप लगाते हुए तीखा विरोध किया। दूसरी तरफ जगदंबिका पाल ने तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी पर उन्हें गाली देने का आरोप लगाया। इसके बाद भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के प्रस्ताव पर 10 विपक्षी सांसदों को एक दिन के लिए निलंबित कर दिया गया। विपक्षी सांसदों के निलंबन के बाद जेपीसी की बैठक चलती रही। विपक्षी सांसदों ने अध्यक्ष पर उनके साथ घरेलू नौकर की तरह व्यवहार करने और सरकार के निर्देश पर काम करने का आरोप लगाया। कल्याण बनर्जी के अनुसार बैठक के दौरान जगदंबिका पाल के पास लगातार फोन आ रहे थे जिसमें सरकार की ओर से निर्देश दिए जा रहे थे। विपक्षी सांसदों की नाराजगी की वजह 27 जनवरी को बुलाई गई बैठक है जिसमें प्रस्तावित संशोधनों पर बिंदुवार चर्चा होनी थी। संसदीय समिति ने अपने रिपोर्ट 29 जनवरी को सौंपने का लक्ष्य रखा है लेकिन विपक्षी सांसद 30 या 31 जनवरी के बाद बैठक की मांग कर रहे थे।
इन्हें किया गया सस्पेंड
वक़्फ़ जेपीसी की बैठक से सस्पेंड किए गए सांसदों के नाम हैं: टीएमसी के कल्याण बनर्जी और नदीम उल हक, कांग्रेस के मोहम्मद जावेद, इमरान मसूद और नासिर हुसैन, डीएमके के ए राजा और मोहम्मद अब्दुल्ला, एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी, समाजवादी पार्टी के मोहिबुल्लाह और शिवसेना (उद्धव भाऊ ठाकरे) के अरविंद सावंत।
अनंत सिंह जेल भेजे गए
हिन्दुस्तान की सबसे बड़ी खबर के अनुसार मोकामा के पंचमहला में बुधवार को फायरिंग मामले में पूर्व विधायक अनंत सिंह ने शुक्रवार को बाढ़ कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गयी थी। सोनू सिंह की मां उर्मिला सिन्हा की शिकायत पर उन पर एफआईआर दर्ज की गई थी। बाढ़ के अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी राजीव रंजन के कोर्ट ने अनंत सिंह को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेज दिया। वहीं, दूसरी तरफ सोनू-मोनू गैंग के सरगना सोनू कुमार को भी पुलिस ने जलालपुर रेलवे हाल्ट के पास से गिरफ्तार कर लिया। बाढ़ के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राकेश कुमार ने कहा कि सोनू को पुलिस ने उसके घर के पास से गिरफ्तार किया है।
ट्रंप के नागरिकता कानून पर कोर्ट की रोक
भास्कर के अनुसार अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पहला बड़ा झटका लगा है। वैध और अवैध आप्रवासियों के बच्चों को जन्म के आधार पर नागरिकता नहीं देने के ट्रंप के आदेश पर फेडरल कोर्ट ने अस्थाई रोक के आदेश दिए हैं। वाशिंगटन के फेडरल जज जॉन कफनर ने जन्मजात नागरिकता नहीं देने को घोर असंवैधानिक आदेश करार दिया। वाशिंगटन, एरीजोना, इलिनॉय और ओरेगॉन राज्यों ने ट्रंप के आदेश को चुनौती दी थी। कोर्ट ने 14 दिन की अस्थाई रोक लगाते हुए ट्रंप सरकार से जवाब मांगा है।
हथकड़ी और बेड़ी लगाकर बाहर किये गए आप्रवासी
प्रभात खबर के अनुसार अवैध आप्रवासियों को अमेरिका से बाहर निकलने का काम शुक्रवार को शुरू हो गया। व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को तस्वीरें शेयर करते हुए इसकी पुष्टि की है। व्हाइट हाउस ने एक पर जो तस्वीरें शेयर की हैं उनमें अवैध आप्रवासियों को अमेरिकी सेना के विमान में चढ़ते हुए देखा जा सकता है। इन लोगों को जंजीरों से बांधकर विमान में चढ़ाया गया। उनके हाथों और पीठ के साथ पैरों में भी जंजीर बंधी हुई थी। कानून लागू करने वाले अधिकारियों ने बताया कि ‘वादा किया है, पूरा करके दिखाएंगे’ के सिद्धांत पर काम कर रहे हैं। अब आप्रवासियों को पकड़ो और छोड़ो की जगह पकड़ो और बाहर करो उनका साफ संदेश है। ट्रंप की नीतियों के तहत काम करते हुए एजेंसियों ने शुक्रवार को 538 अवैध आप्रवासियों को गिरफ्तार किया और उनके देश डीपोर्ट कर दिया।
डीईओ के ठिकानों से जब्त रक़म ₹3.52 करोड़
प्रभात खबर की सबसे बड़ी खबर के अनुसार पश्चिमी चंपारण के निलंबित डीईओ रजनीकांत प्रवीण के ठिकानों से 3.52 करोड़ रुपए कैश मिले हैं। इनमें तीन करोड़ रुपए से अधिक कैश दरभंगा स्थित डीईओ की पत्नी सुषमा कुमारी की आवाज से बरामद हुए हैं। डीईओ के बेतिया स्थित आवास से करीब 50 लाख रुपए नकद बरामद होने की बात कही गई है। शुक्रवार को विशेष निगरानी इकाई के एडीजी पंकज दराद ने नोटों की गिनती पूरी हो जाने के बाद इसकी पुष्टि की।
कुछ और सुर्खियां
- यूजीसी ने यूनिवर्सिटी खोलने के लिए कम से कम 20 एकड़ भूमि की शर्त लगाई
- यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में शुरू में ही जमा करने होंगे दस्तावेज
- बीपीएससी 70 वीं की मुख्य परीक्षा अप्रैल में
- बिहार विधान मंडल का बजट सत्र 28 फरवरी से संभव
- महाराष्ट्र के भंडारा जिले में सेना की हथियार फैक्ट्री में विस्फोट होने से आठ लोगों की मौत
- बिस्कोमान चुनाव में वोट पड़े, सुनील सिंह गुट का जीत का दवा
अनछपी: पटना के बिहटा और भोजपुर के आरा- छपरा फोरलेन पर लगने वाला भीषण जाम लोगों के लिए जी का जंजाल बन गया है। सड़कों की चौड़ाई बढ़ने और अन्य सुविधाओं के दावों के बीच यह हकीकत है कि जाम लोगों की जान भी ले रहा है। हम अक्सर जगह पर जाम में फंसे एंबुलेंस की खबर पढ़ते रहते हैं। अब आरा से यह खबर आई है कि आरा- छपरा फोरलेन पर गुरुवार को देर रात जाम में फंसे एक ट्रक में आग लग गई जिसमें ड्राइवर और खलासी जिंदा जल गए। उनके आग में जलने की वजह जाम ही बताई जा रही है क्योंकि जाम इतना ज्यादा था कि वह दोनों ट्रक के अंदर ही सो गए थे। अंदाजा लगाया जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी होगी लेकिन सोए होने की वजह से ड्राइवर और खलासी को इसका पता नहीं चला और उनकी जान चली गई। हम आये दिन ट्रैफिक व्यवस्था को ठीक करने के लिए तरह-तरह की घोषणाओं के बारे में सुनते रहते हैं। हम यह भी सुनते हैं कि ट्रैफिक व्यवस्था को ठीक करने के लिए आईआईटी की मदद ली जाएगी। इसके लिए नए ट्रैफिक पोस्ट बनाये जाते हैं और ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की बहाली भी होती है। फिर भी इस जाम की समस्या से निजात नहीं मिल रही है। शहर के अंदर लगने वाले जाम से भी परेशानी होती है लेकिन हाईवे पर लगने वाला जाम लोगों को कई तरह से नुकसान पहुंचता है। बिहटा और आरा रूट पर जाम लगने का एक बड़ा कारण बालू ढोने वाले ट्रकों को बताया जाता है। यह बात सबको मालूम है लेकिन दिक्कत यह है कि जाम का जो भी हल निकाला जाता है वह टिकाऊ नहीं होता है और एक-दो दिन के बाद फिर जाम लगना शुरू हो जाता है। इस जाम से व्यापारियों को भी बहुत बड़ा घाटा हो रहा है। एक तो ट्रक का भाड़ा बढ़ रहा है और दूसरे माल आने जाने में काफी समय भी लग रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की यह घोषणा अच्छी है कि बिहार के किसी भी कोने से पटना पहुंचने में महज 5 घंटे लगेंगे लेकिन पटना से ठीक पहले लगने वाले जाम में लगने वाले समय के बारे में कब सोचा जाएगा? यह जाम जानलेवा बन चुका है और इससे निजात पाने के लिए फौरन कोई ऐसी योजना बनाई जानी चाहिए जो लंबे समय तक कारगर हो।
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