छ्पी-अनछपी: जंग की मॉक ड्रिल में कल बजेगा सायरन, वक़्फ़ कानून पर सुनवाई के लिए नई बेंच
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। भारत और पाकिस्तान में बढ़ते तनाव के बीच देश के 244 जिलों में बुधवार को मॉक ड्रिल होगी और सायरन बजेगा। विवादास्पद वक़्फ़ संशोधन कानून की वैधानिकता पर अगले चीफ जस्टिस की पीठ सुनवाई करेगी। मेडिकल प्रवेश परीक्षा में फर्जीवाड़े की कोशिश में एक डॉक्टर समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। राहुल गांधी को नागरिकता के मामले में हाई कोर्ट से राहत मिल गई है। कटिहार में सड़क दुर्घटना में आठ बारातियों की मौत हो गई।
और, जानिएगा कि सुप्रीम कोर्ट ने सभी हाईकोर्ट से ‘सुरक्षित’ फैसलों का ब्यौरा क्यों मांगा।
पहली खबर
प्रभात खबर के अनुसार पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच देश के 244 जिलों में बुधवार को नागरिक सुरक्षा की मॉक ड्रिल होगी। इसमें नागरिकों को हमले के दौरान खुद को बचाने की ट्रेनिंग दी जाएगी। यह इसलिए किया जा रहा है ताकि युद्ध की स्थिति में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सोमवार को देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश जारी किए हैं कि वे सार्वजनिक स्थानों, स्कूलों, मॉल, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में माल ड्रिल कराएं। इस दौरान एयर रेड वार्निंग सायरन बजाए जाएंगे और आम नागरिकों व छात्रों को इस बात की ट्रेनिंग दी जाएगी कि दुश्मन के हमले के वक़्त खुद की सुरक्षा कैसे करें। मॉक ड्रिल के दौरान ब्लैक आउट की तैयारी और महत्वपूर्ण परियोजनाओं और संस्थाओं को जल्द से छिपाने की व्यवस्था भी की जाएगी।
विवादास्पद वक़्फ़ क़ानून पर सुनवाई नई बेंच करेगी
भास्कर के अनुसार सुप्रीम कोर्ट में वक़्फ़ संशोधन अधिनियम की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अब 15 मई से सुनवाई होगी। यह सुनवाई अगले चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया बीआर गवई की पीठ करेगी क्योंकि वर्तमान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया 13 मई को सेवानिवृत हो रहे हैं। सोमवार को प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना की पीठ ने मामले पर विस्तार से सुनवाई की जरूरत बताई।
नीट यूजी: डॉक्टर समेत तीन गिरफ्तार
हिन्दुस्तान के अनुसार नीट यूजी 2025 परीक्षा में धांधली की कोशिश में बिहार पुलिस ने कई जिलों में कार्रवाई की है। समस्तीपुर से सॉल्वर गैंग में शामिल एक डॉक्टर सहित दो लोगों की गिरफ्तारी हुई है। वहीं, अररिया में टेलीग्राम चैनल बना कर अभ्यर्थियों से ठगी करने के आरोप में बांग्लादेश के नॉर्थ ईस्ट मेडिकल कॉलेज सिलहट में पढ़ रहे मेडिकल छात्र को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इन मामलों में जांच के बाद कई और लोगों पर कार्रवाई हो सकती है। समस्तीपुर के एएसपी सह एसडीपीओ संजय कुमार पांडे ने बताया कि रविवार को नीट परीक्षा के दौरान स्कॉलर को परीक्षा में बैठाने वाले गिरोह की सूचना मिलने पर एसआईटी ने छापेमारी शुरू की। इस दौरान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मोहनपुर पुल के पास एक परीक्षा केंद्र के पास से दो लोगों को चारपहिया वाहन लगाकर बैठे देखा गया। पुलिस ने दोनों से पूछताछ की और उनके मोबाइल में कई छात्रों के एडमिट कार्ड मिले। दोनों ने पैसे लेकर परीक्षा में स्कॉलर कैंडिडेट को बैठाने की बात स्वीकार की, जिसके बाद उनको गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार डॉ रंजीत कुमार समस्तीपुर के विभूतिपुर क्षेत्र के बेलसंडी टारा निवासी लक्ष्मी प्रसाद सिंह का पुत्र है। वह बेगूसराय जेल में पोस्टेड है। दूसरा आरोपित दरभंगा के लहेरियासराय रहमगंज निवासी सुरेश मल्लिक का पुत्र रामबाबू मल्लिक है।
राहुल गांधी को नागरिकतान के मुद्दे पर राहत
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने रिपोर्ट के अभाव में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की नागरिकता को चुनौती देने वाली याचिका का सोमवार को निपटारा कर दिया। अदालत ने याचिकाकर्ता कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर को अन्य कानूनी वैकल्पिक उपाय अपनाने की छूट दी है। न्यायमूर्ति ए. आर. मसूदी और न्यायमूर्ति राजीव सिंह की खंडपीठ ने कहा कि केंद्र सरकार याचिकाकर्ता की शिकायत के समाधान के लिए कोई समय सीमा नहीं दे पा रही है। ऐसे में इस याचिका को लंबित रखने का कोई औचित्य नहीं है। गत 21 अप्रैल को अदालत को बताया गया था कि केंद्र ने ब्रिटेन सरकार से ब्रिटिश नागरिकता होने के दावों के बारे में जानकारी मांगी है।
कटिहार में नौ सड़क हादसे में आठ बारातियों की मौत
कटिहार जिले के समेली प्रखंड मुख्यालय के पास एनएच 31 पर मंगलवार की रात ट्रैक्टर और बारातियों से भरी स्कॉर्पियो के बीच भीषण टक्कर हो गई। इसमें स्कॉर्पियो सवार आठ लोगों की मौत मौके पर ही हो गई। दो बाराती गंभीर रूप से घायल है। घायलों का समेली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज चल रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ढिबरा बाजार बड़हरा कोठी जिला पूर्णिया से स्कॉर्पियो पर 10 व्यक्ति सवार होकर कुरसेला के नजदीक कोशकीपुर बारात जा रहे थे। चांदपुर पश्चिमी पंचायत के चांदपुर चौक के पास मक्के का ढेर देख स्कॉर्पियो असंतुलित होकर आगे मक्के से लदे ट्रैक्टर से जा टकराया। डीआईजी प्रमोद कुमार मंडल ने पांच लोगों की मौत की पुष्टि की है। डॉक्टर के मुताबिक, आठ लोगों की मौत हुई है।
सुप्रीम कोर्ट ने सभी हाई कोर्ट से सुरक्षित फ़ैसलों का ब्योरा मांगा
जागरण के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाई कोर्ट द्वारा सुनवाई पूरी होने के बाद लंबे समय तक फैसला सुरक्षित रखने और आदेश ना सुनाये जाने पर नाराजगी व्यक्त की है। शीर्ष अदालत में झारखंड सहित देश के सभी हाईकोर्टों से उन मामलों का ब्योरा मांगा है जिनमें 31 जनवरी 2025 से पहले के जजमेंट सुरक्षित हैं और जिनका फैसला नहीं दिया गया है। हाई कोर्टों को चार सप्ताह के भीतर इस संबंध में जानकारी प्रस्तुत करनी होगी। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट 21 जुलाई को फिर सुनवाई करेगा।
कुछ और सुर्खियां:
- कानपुर के आवासीय क्षेत्र में चल रहे जूता कारखाने में आग लगने से मां-बाप और तीन बेटियां जिंदा जलीं
- अरवल के जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ऑफिस में हेड क्लर्क और कंप्यूटर ऑपरेटर ₹ 50000 रिश्वत लेते गिरफ्तार
- क्रिकेटर मोहम्मद शमी से ईमेल भेज एक करोड़ की फिरौती मांगी, जान मारने की धमकी
- सैनिक स्कूल की तर्ज पर पटना में बनेगा बिहार पुलिस स्कूल
अनछपी: जाति की बुनियाद पर लोगों से भेदभाव और पक्षपात की शिकायतें हमारे समाज में आम हैं लेकिन क्या यह समस्या अदालतों तक फैली हुई हैं? पंजाब के एक एडिशनल जज की बर्खास्तगी के मामले में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से तो ऐसा ही लगता है कि अदालतें भी जातीय भेदभाव से बची हुई नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस सूर्यकांत ने पंजाब के एडिशनल जज प्रेम कुमार की बर्खास्तगी के मामले में याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा कि यह जज परिस्थितियों और जातिगत पक्षपात का शिकार हुआ है। कोर्ट के अनुसार, “सब पहले से फिक्स था। ऊंचे समुदाय के लोग बर्दाश्त ही नहीं कर पा रहे थे की उपेक्षित समुदाय के व्यक्ति का लड़का (जो मोची है) कम उम्र में जज बन गया और उनके बीच आ गया।” जज प्रेम कुमार को दुष्कर्म के मामले में आरोपी की शिकायत पर संदिग्ध निष्ठा का दोषी मानते हुए बर्खास्त किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उनकी बर्खास्तगी गलत थी, उन्हें बहाल किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एक जज जिसका आचरण लगातार अच्छा था, उसे एक अपराधी की शिकायत पर संदिग्ध निष्ठा वाला बता दिया गया। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि वह जानते हैं कि हाई कोर्ट में किस तरह की बातें हुई थीं। दरअसल हाई कोर्ट ने विजिलेंस जांच के आधार पर जज को संदिग्ध निष्ठा वाला बताया था और उन्हें बर्खास्त कर दिया था। यह सोचकर हैरत होती है कि हाई कोर्ट की फुल बेंच ने इस तरह की जातीय पक्षपात वाली रिपोर्ट पर बर्खास्तगी का फैसला कैसे किया। जरूरी नहीं कि हर आदमी को सुप्रीम कोर्ट की सेवा उपलब्ध हो और क्या इस तरह हाईकोर्ट में जाति के आधार पर फैसला दिया जाना हमारे समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय नहीं है? लगभग तीन सालों से बर्खास्त चल रहे जस्टिस प्रेम कुमार को सुप्रीम कोर्ट से तो इंसाफ मिल गया लेकिन सवाल यह है कि ऐसे और कितने जज और आम लोग हैं जिन्हें अब तक इंसाफ नहीं मिल पाया है। इसके बारे में भी गंभीर चिंतन मनन की जरूरत है।
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