छ्पी-अनछपी: राहुल बोले- बिहार का चुनाव चुराने की साजिश, गुजरात में पुल गिरा- 13 मरे

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। वोटर वेरीफिकेशन के चुनाव आयोग के फरमान के खिलाफ बुधवार को बिहार में चक्का जाम रहा। इस मौके पर पटना पहुंचे कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि बिहार का चुनाव चुराने की साजिश हो रही है। गुजरात में पुल गिरने से नदी में गिरे 13 लोगों की मौत। चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने वाली है।

और, जानिएगा कि एपल के नए सीओओ सबीह खान का जन्म तो मुरादाबाद में हुआ लेकिन उन्होंने पढ़ाई कहां से की।

पहली खबर

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के चुनाव आयोग के फरमान के विरोध में इंडिया महागठबंधन नेताओं ने बुधवार को प्रदेश भर में चक्का जाम किया। प्रभात खबर के अनुसार इस दौरान पटना में इनकम टैक्स चौराहा से सप्त मूर्ति चौक तक निकले विशेष मार्च में महागठबंधन के शीर्ष राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी बिहार में महागठबंधन के नेता तेजस्वी यादव भाकपा माले के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य, भाकपा के राष्ट्रीय महासचिव डी राजा और सीपीएम के महासचिव एमए बेबी ने विशेष रूप से शिरकत की। यह लोग विशेष रथ पर सवार होकर आयकर गोलंबर से शहीद स्मारक तक पहुंचे। विधानसभा के सामने पुलिस ने मार्च को रोक दिया। शहीद स्मारक के निकट पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद वहां कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि एनडीए महाराष्ट्र की तरह बिहार विधानसभा का चुनाव जीतने की चल कर रही है। मतदाता पुनरीक्षण के बहाने बिहार का चुनाव चोरी करने की साजिश है। आरएसएस-बीजेपी जान गई है कि महाराष्ट्र में उनका चुनाव जीतने का मॉडल हमने समझ लिया है। इसलिए वह मतदाता पुनरीक्षण पर आधारित बिहार मॉडल लेकर आए हैं।

भाजपा पहले गरीबों का वोट काटेगी और फिर उनका राशन-पेंशन: तेजस्वी

बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग गोदी आयोग बन गया है। केंद्र व राज्य सरकार के इशारे पर बिहार के गरीब मतदाताओं का नाम वोटर लिस्ट से काटने की तैयारी चल रही है। जब एनडीए को पता चल चुका है कि वह चुनाव हारने वाला है तो चुनाव आयोग को आगे किया जा रहा है। तेजस्वी यादव ने कहा कि चुनाव आयोग के सहयोग से भाजपा पहले गरीबों का वोट काटेगी और फिर उनका राशन-पेंशन और आरक्षण का अधिकार छीन लेगी। बिहारी ऐसा नहीं होने देंगे।

चुनाव आयोग के फरमान के खिलाफ आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण कराने के निर्वाचन आयोग के फैसले के खिलाफ दायर याचिकाओं पर गुरुवार को सुनवाई करेगा। उधर, सुप्रीम कोर्ट में दो और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने याचिका दायर की है। पीठ अन्य लंबित याचिकाओं के साथ इस पर गुरुवार को सुनवाई के लिए सहमत हुई। अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर ने कहा कि अरशद अजमल और रूपेश कुमार ने राज्य में एसआईआर कराने के निर्वाचन आयोग के 24 जून के फैसले को चुनौती दी है।

गुजरात में पुल गिरा, 13 की मौत

भास्कर के अनुसार गुजरात में वडोदरा जिले के पादरा तालुका में बुधवार सुबह 7:55 बजे 40 साल पुराने गंभिरा पुल का 12 मीटर लंबा प्रिस्केप स्लैब धमाके की आवाज के साथ गिर गया। उस वक्त पुल पर दोनों तरफ से आ रहे दो ट्रक, दो पिकअप वैन समेत 9 वाहन 110 फीट नीचे महीसागर नदी में जा गिरे। एक टैंकर पुल के छोर पर लटक गया। हादसे में दो बच्चों समेत 13 लोगों की मौत हो गई जबकि पांच दूसरे घायल हैं और पांच लापता हैं। गुजरात में 4 साल में यह 16वां ब्रिज टूटा है। गंभिरा पुल मध्य और दक्षिण गुजरात को जोड़ता है। पादरा के पास करीब 25 कंपनियां हैं उनके 20000 कर्मचारी रोज पुल पार कर पहुंचते हैं।

सबीह खान एपल के नए सीओओ

दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में शुमार एपल ने भारतीय मूल के सबीह खान को नया चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (सीओओ) नियुक्त किया है। 58 वर्षीय खान ने तीन दशक तक कंपनी में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। वह इस महीने के अंत में जेफ विलयम्स की जगह लेंगे। जागरण के अनुसार सबीह खान का जन्म उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के सिविल लाइंस इलाके में हुआ था। जन्म के कुछ वक्त बाद उनके परिवार सिंगापुर चला गया और फिर वह अमेरिका चले गए। टफ्ट्स यूनिवर्सिटी से उन्होंने अर्थशास्त्र और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डबल ग्रेजुएट करने के बाद न्यूयॉर्क के रेंससेलर पॉलिटेक्निक इंस्टिट्यूट से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री ली। 1995 में जीई प्लास्टिक में एप्लीकेशन डेवलपमेंट इंजीनियर के रूप में काम करने के बाद एपल में शामिल हुए और प्रोडक्ट क्वालिटी और सप्लाई चेन की जिम्मेदारी संभालने लगे। 2019 में उन्हें ऑपरेशंस में वाइस प्रेसिडेंट का पद मिला।

कुछ और सुर्खियां:

  • पटना से दिल्ली के लिए उड़ान भरने के बाद इंडिगो की फ्लाइट पक्षी से टकराई, इमरजेंसी लैंडिंग
  • ग्राम कचहरी सचिवों के मानदेय में दुगनी बढ़ोतरी होगी, ₹6000 की जगह मिलेगा ₹12000
  • चारा घोटाले में देवघर ट्रेजरी से अवैध निकासी में लालू प्रसाद मिली सजा को बढ़ाने की सीबीआई की अर्ज़ी झारखंड हाई कोर्ट में मंजूर
  • जदयू के पूर्व विधायक कौशल यादव, पूर्णिमा यादव व पूर्व एमएलसी सलमान रागिब ने राजद का दामन थामा
  • जैगुआर ट्रेनी पायलट राजस्थान के चुरू जिले में गिरा, दोनों पायलटों की मौत
  • रांची में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक आज

अनछपी: सुप्रीम कोर्ट आज विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों की उन अर्जियों पर सुनवाई करेगा जो चुनाव आयोग के वोटर वेरिफिकेशन के फरमान (एसआईआर) के खिलाफ दी गयी हैं। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट में यह मामला भी दर्ज होना चाहिए कि चुनाव आयोग ने एसआईआर के लिए अपनी ओर से जो नियम बनाए हैं उसका भी पालन नहीं हो रहा है और इसमें खुले आम मनमानी हो रही है। उदाहरण के लिए चुनाव आयोग कहता है कि वोटर वेरीफिकेशन के लिए जो फॉर्म भरे जाएंगे उसके साथ दस्तावेज भी लगेगा लेकिन चुनाव आयोग की ओर से नियुक्त बीएलओ दस्तावेज लेने में आनाकानी कर रहे हैं। चुनाव आयोग कहता है कि फॉर्म की दो प्रति दी जाएगी और एक प्रति पर बीएलओ अपना दस्तखत कर रिसिविंग देंगे। जमीनी हकीकत यह है कि अक्सर बीएलओ कोई रिसीविंग नहीं दे रहे हैं। ऐसे में अगर किसी का नाम वोटर लिस्ट से कटता है तो उसके पास यह सबूत भी नहीं होगा कि उसने कोई फॉर्म और दस्तावेज जमा किया है। चुनाव आयोग पर इस मामले में भी केस होना चाहिए कि इसके आदेश से गलतफहमियां पैदा हुई हैं। चुनाव आयोग ने पहले दस्तावेजों की लिस्ट जारी की और बाद में यह विज्ञापन दिया कि बिना दस्तावेज के भी एन्यूमरेशन फॉर्म जमा हो सकते हैं लेकिन उसके बाद यह दावा भी किया कि पहले के नियम में कोई बदलाव नहीं आया है। कुल मिलाकर इस समय पूरा बिहार इस ऊहापोह में है कि दस्तावेज जमा करना है या नहीं। अब एक ताजा खबर में यह बताया गया है कि मतदाता 1 सितंबर तक दस्तावेज दे सकेंगे। तो चुनाव आयोग को यह बताना चाहिए कि दस्तावेज लेने का आधार क्या होगा? क्या चुनाव आयोग के मांगने पर दस्तावेज देने होंगे या फॉर्म जमा करने के बाद बिना मांगे ही दस्तावेज जमा करना होगा? चुनाव आयोग को यह भी बताना चाहिए कि जिन लोगों ने दस्तावेज जमा किए हैं उनका क्या होगा? इन सवालों पर अगर कोई अर्जी नहीं भी दी जाती है तो सुप्रीम कोर्ट को भी इन पर गौर करना चाहिए।

 

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