छपी-अनछपी: बिहार में और महंगी होगी जमीन, ऑस्ट्रेलिया में गोलीबरी- 15 की मौत

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। बिहार में जमीन की खरीद-बिक्री महंगी हो सकती है क्योंकि सरकार ने रजिस्ट्री की दर बढ़ाने की कवायद शुरू कर दी है। ऑस्ट्रेलिया में सिडनी के बॉन्डी बीच पर रविवार को यहूदी समुदाय के उत्सव हनुक्का के दौरान दो बंदूकधारियों की अंधाधुंध गोलीबारी में 15 लोगों की मौत हो गई। बिहार सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री 45 वर्षीय नितिन नबीन को भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

पहली ख़बर

हिन्दुस्तान की खबर है कि बिहार में जमीन की खरीद-बिक्री महंगी हो सकती है। लगभग एक दशक के लंबे अंतराल के बाद बिहार सरकार ने जमीन और फ्लैटों के निबंधन (रजिस्ट्री) की दर बढ़ाने की कवायद शुरू कर दी है। मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने सभी जिलों में डीएम की अध्यक्षता में गठित जिला मूल्यांकन समितियों को एमवीआर (न्यूनतम मूल्य दर) की समीक्षा कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। यह समिति शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में किए गये वर्गीकरण के आधार पर मौजूदा बाजार दर का आकलन करते हुए एमवीआर की नयी दर निर्धारित करने की अनुशंसा करेगी। समितियों की अनुशंसा पर राज्य सरकार अंतिम निर्णय लेगी। जानकारी के मुताबिक 2013 के बाद ग्रामीण क्षेत्र में जबकि 2016 के बाद शहरी क्षेत्र के एमवीआर में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इस बीच जमीन की बाजार दर कई गुना बढ़ गई है।

ऑस्ट्रेलिया में अंधाधुंध गोलीबारी में 11 लोगों की मौत

प्रभात खबर के अनुसार ऑस्ट्रेलिया में सिडनी के बॉन्डी बीच पर रविवार को यहूदी समुदाय के उत्सव हनुक्का के दौरान दो बंदूकधारियों की अंधाधुंध गोलीबारी में 11 लोगों की मौत हो गई. (यह संख्या बाद में पंद्रह हो गई)। वहीं, एक हमलावर भी मारा गया. ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने इसे आतंकी हमला करार दिया है. पुलिस ने एक हमलावर को मार गिराया जबकि दो अन्य को गिरफ्तार कर लिया गया. सिडनी के न्यू साउथ वेल्स पुलिस आयुक्त एम लेनयॉन ने बताया कि इस हमले में दो पुलिस अधिकारियों समेत 29 लोग घायल हुए हैं. उन्होंने बताया कि घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया है. राज्य प्रमुख क्रिस मिन्स ने कहा, “इस हमले का निशाना सिडनी का यहूदी समुदाय था।”

नितिन नबीन बने भाजपा के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष

भास्कर के अनुसार भारतीय जनता पार्टी के संसदीय बोर्ड ने बिहार सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री 45 वर्षीय नितिन नबीन को तत्काल प्रभाव से राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। सूत्रों की मानें तो अगले साल होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव तक वे इस पद पर रह सकते हैं। मौजूदा भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल 22 जनवरी 2026 तक है। उनके पदमुक्त होने पर नवीन को पूर्ण अध्यक्ष बनाया जा सकता है। ऐसा होता है तो नितिन भाजपा के सबसे कम उम्र के अध्यक्ष होंगे। 23 मई 1980 को जन्मे नितिन बिहार के बांकीपुर से विधायक हैं। उन्होंने विद्यार्थी परिषद से भाजपा में एंट्री की। 26 की उम्र में पहली बार विधायक बने। 5 बार से विधायक हैं। पिता नवीन किशोर भी 7 बार विधायक रहे।

राहुल बोले- भाजपा वोट चोरी करती है

जागरण के अनुसार कथित वोट चोरी के मुद्दे पर कांग्रेस ने रविवार को रामलीला मैदान में ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ रैली की। रैली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सांसद प्रियंका वाड्रा और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग पर निशाना साधते हुए अपनी लड़ाई को सत्य बनाम असत्य की लड़ाई बताया। राहुल ने कहा, चुनाव आयोग असत्य के साथ खड़ा है, जबकि हम सत्य की लड़ाई लड़ रहे हैं। भाजपा के पास सत्ता है, वो वोट चोरी करते हैं और चुनाव के समय 10 हजार रुपये देते हैं। प्रधानमंत्री चुनाव आयुक्तों के लिए नया कानून लेकर आए कि उन पर कार्रवाई नहीं की जा सकती, कानून बदलेंगे और लेकिन हम कान कार्रवाई भी करेंगे। राहुल ने कहा, सर संघचालक मोहन भागवत ने अंडमान निकोबार में बयान दिया है- ‘विश्व सत्य को नहीं, शक्ति को देखता है, जिसके पास शक्ति है, उसे माना जाता है।’ राहुल ने कहा- यह उनकी सोच है, आरएसएस की विचारधारा है, लेकिन हम सत्य के पीछे खड़े होकर नरेंद्र मोदी, अमित शाह और आरएसएस की सरकार को सत्ता से हटाएंगे।

शेख हसीना के बयान पर बांग्लादेश ने भारत के हाई कमिश्नर को तलब किया

प्रभात खबर के अनुसार बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने रविवार को भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा को तलब कर भारत में मौजूद अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की ओर से दिये गये बयानों को भड़काऊ बताते हुए ‘गंभीर चिंता’ जताई. हसीना (78) पिछले साल अगस्त में छात्रों के हिंसक प्रदर्शन के बाद भारत में हैं. बांग्लादेश की के एक विशेष न्यायाधिकरण ने उन्हें मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई है. बांग्लादेश भारत से हसीना के प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है. बांग्लादेश के विदेश विभाग ने एक बयान में कहा, ‘विदेश मंत्रालय ने आज भारतीय उच्चायुक्त को तलब किया और भारत सरकार को बांग्लादेश सरकार की इस गंभीर चिंता से अवगत कराया कि शेख हसीना को ऐसे भड़काऊ बयान जारी करने की अनुमति दी जा रही है, जिसमें वह अपने समर्थकों को बांग्लादेश में आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के लिए उकसा रही हैं. उनके बयान का उद्देश्य आगामी संसदीय चुनावों को विफल करना है.’

 कुछ और सुर्खियां:

  • जमीन की जमाबंदी में गलती अब 15 से 75 दिनों के अंदर सुधरेगी
  • सीतामढ़ी-रक्सौल रे खंड पर मालगाड़ी पटरी से उतरी, साढे तीन घंटे बाधित रहा रूट
  • सेंट्रल यूनिवर्सिटीज में एडमिशन के लिए होने वाले सीयूईटी पीजी के लिए आवेदन शुरू, मार्च में होगी परीक्षा
  • भारत ने अंडर-19 एशिया कप क्रिकेट में पाकिस्तान को 150 रन पर ढेर कर 90 रन से जीत हासिल की
  • जहानाबाद में पटना-गया एनएच पर घने कुहासे में दो बाइक की टक्कर में इंजीनियरिंग के दो छात्रों समेत तीन युवकों की मौत

अनछपी: सरकारी पार्टी को जब मीडिया का समर्थन पहले से मिला हुआ होता है तो भारतीय जनता पार्टी जैसी पार्टियों की सभी गतिविधियां अच्छी नजर आती हैं और विपक्षी कांग्रेस को उसी बात के लिए बदनाम किया जाता है। कहने को भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और भारतीय जनता पार्टी दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है लेकिन भाजपा के अंदर संगठन के जो फैसले होते हैं उसमें कितना लोकतंत्र होता है इसकी चर्चा करने वाले बहुत कम लोग हैं। सुनते हैं कि कभी चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों की आंतरिक लोकतांत्रिक प्रक्रिया के बारे में बात की थी लेकिन आजकल तो उस पर यह आरोप लगता है कि वह दरअसल भारतीय जनता पार्टी के निर्देशों पर चलने वाला आयोग है। इसलिए इस बात की उम्मीद नहीं की जा सकती कि चुनाव आयोग भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक चुनाव के बारे में कोई ऐसा फैसला ले जो उसके खिलाफ जाए। लेकिन एक दूसरी ध्यान देने की बात यह है कि ऐसे फैसलों के बाद मीडिया जिस तरह उस फैसले को मास्टर स्ट्रोक और सही साबित करने की कोशिश करता है उससे लोगों को बचाना जरूरी है। यह बात शनिवार को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद बताना और भी जरूरी है। नितिन नबीन के पिता भी विधायक रह चुके हैं और अब उन्हें भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष घोषित किया गया है। सवाल यह है कि क्या भारतीय जनता पार्टी का संविधान इसी तरह की नियुक्ति की बात करता है और अगर ऐसा है तो क्या इस प्रक्रिया को लोकतांत्रिक माना जाएगा? राष्ट्रीय जनता दल जैसे पारिवारिक दल में भी दिखावे के लिए ही सही लेकिन लालू प्रसाद को नामांकन पत्र दाखिल करना पड़ता है। लेकिन भाजपा में ना तो किसी चुनाव का ऐलान होता है, ना कोई उम्मीदवार होता है और ऐसे में किसी न तो किसी वोटिंग की भी जरूरत पड़ती है। यह भी कहा जा रहा है कि इस समय की भाजपा में वैसे किसी आदमी को ही अध्यक्ष बनाया जाता है जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की बात हर समय और बिना किसी सवाल के मानने के लिए तैयार हों। तो अगली बार जब भी कोई यह पूछे कि कांग्रेस पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र कितना है तो हम आसानी से कह सकते हैं कि कम से कम उतना तो जरूर है जितना भारतीय जनता पार्टी में है।

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