छपी-अनछपी: ज़मीन के दस्तावेज़ ऑनलाइन मिलेंगे, “जज का अपमान- डिप्टी सीएम माफ़ी मांगें”
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। बिहार में जमीन से जुड़े दस्तावेज की नकल लेने के लिए चिरकुट जमा करने और कागज पर आवेदन देने की जरूरत समाप्त हो जाएगी। बिहार न्यायिक सेवा संघ ने उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा द्वारा एक न्यायाधीश के खिलाफ की गई टिप्पणियों पर उनसे माफी मांगने की मांग की है। समस्तीपुर में दुकान पर बैठे भाजपा नेता को गोलियों से भून डाला गया।
और जानिएगा कि कैसे वनडे फॉरमैट वाले विजय हजारे ट्राफी टूर्नामेंट में बिहार के बल्लेबाजों ने अपनी आतिशी पारियों से विश्व कीर्तिमान गढ़ दिया।
पहली ख़बर
जागरण की ख़बर है कि बिहार में जमीन से जुड़े दस्तावेज की नकल लेने के लिए चिरकुट जमा करने और कागज पर आवेदन देने की जरूरत समाप्त हो जाएगी। इससे संबंधित राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का आदेश अगले साल के एक जनवरी से लागू हो जाएगा। विभाग के सचिव जय सिंह ने बुधवार को यह जानकारी दी। आदेश के अनुसार अगले साल के एक जनवरी से आनलाइन प्रणाली से जारी होने वाली दस्तावेज की डिजिटल हस्ताक्षरित प्रति ही मान्य होगी। सचिव ने कहा कि अबतक किसी रैयत को किसी दस्तावेज की सर्टिफाइड कॉपी लेने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता रहा है। इसके लिए आवेदन के साथ स्टांप फीस जमा करना पड़ता है। अटेस्टेड कॉपी लेने में 7 से 14 दिन का समय लग जाता है। आवेदक को कार्यालय का चक्कर भी लगाना पड़ता है। भू अभिलेख पोर्टल पर राजस्व अभिलेखों की स्कैन की गई कॉपियां उपलब्ध है। कोई दस्तावेज पोर्टल पर उपलब्ध नहीं है तो उसके लिए भी ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
शहरी क्षेत्रों में वंशावली सीओ ऑफिस से बनेगी
बिहार के शहरी क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के लिए वंशावली निर्गत करने का अधिकार अंचलाधिकारियों को दे दिया गया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल के हवाले से बुधवार को इससे संबंधित आदेश जारी कर दिया गया है। उप मुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि अब तक ते शहरी क्षेत्रों में वंशावली निर्गत करने की स्पष्ट व्यवस्था नहीं होने से आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
नए अपार्टमेंट के सभी फ्लैट की जमाबंदी अब एक साथ
बिहार में एक साल से अपार्टमेंट के नए फ्लैट की जमाबंदी पर राजस्व विभाग ने रोक लगा रखी है। इससे नए फ्लैट खरीदने वाले हजारों लोग परेशान हैं। वे अंचल कार्यालयों का चक्कर काटने को मजबूर हैं। अंचल कार्यालय राजस्व विभाग से नई नियमावली लागू होने तक इंतजार करने को कह रहे हैं। उधर, विभाग ने नई नियमावली तैयार कर ली है। इसमें प्रावधान है कि नए अपार्टमेंट के सभी फ्लैट की जमाबंदी अब एक साथ होगी।
डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा से जजों के संगठन ने माफी की मांग की
भास्कर के अनुसार बिहार न्यायिक सेवा संघ ने उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा द्वारा एक न्यायाधीश के खिलाफ की गई “अत्यधिक आपत्तिजनक और परेशान करने वाली” टिप्पणियों पर कड़ा एतराज जताया। संघ ने इसके लिए उनसे माफी की मांग की है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो का हवाला देते हुए, संघ के सचिव अनिल कुमार सिंह ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। वायरल वीडियो में राजस्व एवं डिप्टी सीएम विजय सिन्हा एक जनसुनवाई के कार्यक्रम में डीएम से कहा था कि आपने भी कोर्ट में दाखिल किया है। उस जज के बारे में भी लिखिए। इतना जल्दी- हड़बड़ी में फैसला कैसे आया? क्या इंटरेस्ट था?
समस्तीपुर में दुकान पर बैठे भाजपा नेता को गोलियों से भून डाला
हिन्दुस्तान के अनुसार समस्तीपुर जिले के खानपुर थाना क्षेत्र के शादीपुर घाट पर बुधवार शाम करीब पांच बजे बेखौफ बदमाशों ने भाजपा नेता रूपक सहनी (23) की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के समय रूपक शादीपुर घाट स्थित अपनी फोटोस्टेट की दुकान में बैठे थे। इसी दौरान बाइक पर सवार बदमाशों ने बेहद नजदीक से उनपर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। रूपक दुकान में ही गिर पड़े। गोली की आवाज सुनते ही इलाके में अफरातफरी मच गई। देर शाम एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने बताया कि खानपुर थानाध्यक्ष रंजीत कुमार चौधरी को निलंबित कर दिया गया और इस मामले में दो लोगों को पकड़ लिया गया।
पटना मेट्रो में तकनीकी खराबी, ठप
जागरण के अनुसार पटना मेट्रो का पहिया 76 दिनों बाद तकनीकी कारणों से बुधवार को रुक गया। पटना मेट्रो रेल कार्पोरेशन लिमिटेड ने एक सार्वजनिक सूचना जारी कर बताया कि अप्रत्याशित तकनीकी समस्याओं के कारण बुधवार को मेट्रो ट्रेन सेवाएं उपलब्ध नहीं रहीं। कार्पोरेशन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि अप्रत्याशित तकनीकी खराबी के कारण आज मेट्रो ट्रेन सेवाएं उपलब्ध नहीं होंगी। इससे हुई असुविधा के लिए हमें खेद है और यात्रियों से वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था करने का अनुरोध है। समस्या को जल्द से जल्द ठीक करने के प्रयास जारी हैं और सेवाएं शीघ्र बाल की जाएंगी। बता दें कि पटना मेट्रो की प्राथमिकता कारिडोर का छह अक्टूबर को मुख्यमंत्री ने उद्घाटन किया था। सात अक्टूबर से आम यात्रियों के लिए मेट्रो ट्रेन का संचालन शुरू हो गया था। अभी मेट्रो ट्रेन का संचालन भूतनाथ, जीरो माइल और आइएसबीटी तक किया जा रहा है।
क्रिकेट में बिहार का वर्ल्ड रिकॉर्ड
जागरण के अनुसार वनडे प्रारूप वाले विजय हजारे ट्राफी टूर्नामेंट में बुधवार को कई रिकार्ड ध्वस्त हुए। बिहार के बल्लेबाजों ने बुधवार को अपनी आतिशी पारियों से विश्व कीर्तिमान गढ़ दिया। रांची के जेएससीए ओवल मैदान पर विजय हजारे ट्राफी के प्लेट ग्रुप मुकाबले में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी, कप्तान साक़िबुल गनी और आयुप लोहारुका की ताबड़तोड़ शतकीय पारियों से बिहार ने 50 ओवर में छह विकेट के नुकसान पर 574 रन बना दिए। जवाब में अरुणाचल प्रदेश की टीम 42.1 ओवर में 177 रन पर सिमट गई। बिहार ने तमिलनाडु के 506 रन के स्कोर के रिकार्ड को तोड़ा, जो उसने 2022 में बनाया था। साकिब 32 गेंद में शतक जड़कर लिस्ट ए में सबसे तेज शतक लगाने वाले भारतीय बने।
कुछ और सुर्खियां:
- बिहार के सभी 81 223 सरकारी स्कूलों में आज से 31 दिसंबर तक विंटर वेकेशन, 1 जनवरी से खुलेंगे
- बिहार के सभी पारंपरिक विश्वविद्यालयों को वेतन पेंशन के लिए लगभग 300 करोड़ जारी
- असम के हिंसा प्रभावित वेस्ट कार्बी आंगलोंग जिले में फ्लैग मार्च
- छपरा मुजफ्फरपुर एनएच पर गढ़खा के पास टायर ब्लास्ट होने से स्कॉर्पियो पलटी, दो लोगों की मौत
अनछपी: अपनी दूसरी कमियों के बावजूद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर बिहार में सरकार बनाने में कामयाब हुए हैं तो इसके पीछे आम लोगों को मिलने वाले वह पैसे हैं जो सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत मिलते हैं। लेकिन एक ताजा रिपोर्ट में यह पता चला है कि पिछले 10 महीने से जननी सुरक्षा योजना के तहत महिलाओं को बच्चों की पैदाइश के बाद मिलने वाली ₹1400 या ₹1000 की सरकारी मदद 8 महीने से बंद है। इसकी वजह यह बताई गई है कि इस योजना के तहत पैसे देने का काम जिस सॉफ्टवेयर से होना है उसपर अभी तक काम नहीं हुआ है। आईटी के क्षेत्र में भारत का नाम दुनिया भर में हो रहा है लेकिन बिहार में 10 लाख महिलाओं को डिलीवरी के बाद मिलने वाले पैसे 8 महीने से सिर्फ इस वजह से बंद हैं कि सॉफ्टवेयर से काम नहीं हो रहा, यह सोचकर अफसोस और हैरत दोनों होती है। यह पूरी तरह से स्वास्थ्य विभाग और खासकर बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति की लापरवाही का नतीजा है वरना इससे काम लेने में इतनी देर नहीं होनी चाहिए थी। रिपोर्ट के अनुसार फरवरी 2025 में ही तय हुआ था कि पोर्टल के जरिए महिलाओं के बैंक खाते में पैसे भेजे जाएंगे लेकिन एएनएम के जरिए एंट्री और हेल्थ मैनेजर के जरिए अप्रूवल नहीं हो पाया है। पहले चेक के जरिए पैसे दिए जाते थे लेकिन गड़बड़ी हटाने के लिए सॉफ्टवेयर पर डाटा डालने की बात कही गई। कुल मिलाकर हुआ यह कि जरूरतमंदों को पैसे मिलने बंद हैं। इसलिए इस परेशानी के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए और जरूरतमंदों को जल्द से जल्द पैसे भेजे जाने चाहिए।
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