उर्दू को शहज़ादी होना था, यह फरियादी बना दी गयी है: मेहता

हमारे संवाददाता, बिहार लोक संवाद डाॅट नेट
पटना,10 जनवरी: राजद के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद आलोक मेहता ने रविवार को मरहूम गुलाम सरवर की याद में आयोजित प्रोग्राम में कहा कि बिहार में उर्दू को शहज़ादी की तरह होना चाहिए था लेकिन आज यह फरियादी बना दी गयी है। उन्होंने यह बात मुनव्वर राना का शेर सुनाते हुए कही।
श्री मेहता ने  कहा कि राष्ट्रवाद किसी की बपौती नहीं। जिन लोगों ने आज़ादी की लड़ाई में हिस्सा नहीं लिया, वे लोग राष्ट्रवाद की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया पर क़ब्ज़े की तानाशाही कोशिश की जा रही है। पत्रकारिता का सबक मरहूम गुलाम सरवर साहब से लेना चाहिए। उहोंने सत्ता में रहते हुए भी सत्ता के खिलाफ लिखने में हिचक नहीं दिखाई।

आइजीआइएमएस के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉक्टर मनीष मंडल ने गुलाम सरवर को संस्कृति का महासागर बताया।

इस अवसर पर एक परिचर्चा भी आयोजित की गई जिसका विषय था, ‘बिहार का विकास कैसे’। इस पर डॉक्टर अहमद अब्दुल हई ने कहा कि बिहार को हेल्थ सेक्टर में बजट बढ़ाना चाहिए। बिहार के विकास में इसका बहुत बड़ा रोल है।

 

 

 2,381 total views

Share Now