छ्पी-अनछपी: होर्मुज से निकलने में कुछ तेल-गैस टैंकर को छूट, राहुल की नागरिकता फिर चर्चा में
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। होर्मुज़ स्ट्रेट से भारत सहित पांच ‘मित्र देशों चीन, रूस, पाकिस्तान और इराक के वाणिज्यिक जहाजों को बिना किसी रोकटोक के आवागमन की छूट मिली है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नागरिकता विवाद में केंद्र सरकार को पक्षकार बनाने की मंजूर दी गई है।
और, जानिएगा कि बिहार में मनरेगा के तहत किए गए कामों के ऑडिट के लिए 20 करोड़ खर्च होगा।
पहली ख़बर
पश्चिम एशिया में जारी भीषण युद्ध के बीच भारत को बड़ी कूटनीतिक जीत मिली है. ईरान ने भारत को होर्मुज स्ट्रेट के इस्तेमाल की विशेष अनुमति दे दी है. ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराग़ची ने सरकारी टेलीविजन पर घोषणा की कि भारत सहित पांच ‘मित्र देशों चीन, रूस, पाकिस्तान और इराक के वाणिज्यिक जहाजों को बिना किसी रोकटोक के आवागमन की छूट होगी. अराग़ची ने स्पष्ट किया कि चूंकि क्षेत्र वर्तमान में ‘युद्ध क्षेत्र’ बना हुआ है, इसलिए शत्रुओं और उनके सहयोगियों के पोतों के लिए यह मार्ग बंद रहेगा, लेकिन मित्र देशों की ऊर्जा सुरक्षा को देखते हुए उन्हें यह सहूलियत दी गयी है. भारत के लिए यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि होर्मुज जलमार्ग के अवरुद्ध होने से वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की कीमतों में भारी उछाल आया था. पिछले कुछ सप्ताह से भारत लगातार ईरान के साथ कूटनीतिक संवाद कर रहा था ताकि घरेलू ईंधन और उर्वरक आपूर्ति बाधित न हो. होर्मुज को खुलवाने के लिए विदेश मंत्री एस जयशंकर लगातार ईरान के साथ संपर्क में बने हुए थे.
ईरान के नेवी कमांडर को मारने दावा
भास्कर के अनुसार अमेरिका और ईरान जंग अब तक के सबसे खतरनाक मोड़ पर आ गई है। अमेरिका के सहयोगी इसराइल ने गुरुवार को ईरानी आईआरजीसी के नेवी कमांडर अली रेजा तंगसीरी को मार गिराया। है। इसराइल के पीएम नेतन्याहू ने इसकी पुष्टि की है। तंगसीरी के जिम्मे होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी थी। सूत्रों के अनुसार इसराइल ने ईरानी विदेश मंत्री अरागची व संसद के स्पीकर गालिबाफ को हिट लिस्ट से हटा दिया है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान अब हमसे समझौते के लिए गिड़गिड़ा रहा है। ईरान द्वारा 15 पॉइंट के पीस प्लान नहीं मानने से ट्रम्प तिलमिलाए हुए हैं। सूत्रों के अनुसार ट्रम्प जल्द ही फाइनल ब्लो (अंतिम प्रहार) के लिए जमीनी जंग की तैयारी में हैं। वाइट हाउस ने खाका बना लिया है।
ईरान बोला- खार्ग पर कब्जे की कोशिश हुई तो देंगे करारा जवाब
जागरण के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान ने दावा किया है कि उसके विरोधी देश क्षेत्रीय सहयोगी की मदद से ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण खार्ग द्वीप पर कब्जे की फिराक में हैं। खुफिया रिपोटों के हवाले से ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गलीबाफ ने कहा कि ईरानी सेना दुश्मन की हर गतिविधि पर नजर रखे हुए है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा कोई कदम उठाया गया तो संबंधित क्षेत्रीय देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर लगातार और कठोर हमले किए जाएंगे।
राहुल गांधी के नागरिकता विवाद में केंद्र को वादी बनाने की मंजूरी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नागरिकता विवाद में हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने गुरुवार को केंद्र सरकार को पक्षकार बनाने की मंजूर दी। हिन्दुस्तान के अनुसार याची द्वारा केंद्र सरकार को पक्षकार बनाने की मांग वाले प्रार्थना पत्र पर कोर्ट ने यह आदेश दिया। न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की एकल पीठ ने मामले के याची एस विगणेश शिशिर की ओर से दाखिल प्रार्थना पत्रों पर 6 अप्रैल को अगली सुनवाई पर मामले से संबंधित रिकॉर्ड पुनः प्रस्तुत करने का आदेश भी केंद्र को दिया। पिछली सुनवाई पर केंद्र की ओर से अनुरोध किया गया था कि मामले की सुनवाई खुले कोर्ट में न की जाए। क्योंकि, गृह मंत्रालय से आए दस्तावेज काफी गोपनीय हैं। इस पर न्यायालय ने मामले की सुनवाई चैंबर में की थी।
आरा कोर्ट ब्लास्ट: हाई कोर्ट ने रद्द की सज़ा
प्रभात खबर के अनुसार आरा सिविल कोर्ट परिसर में हुए बम धमाके में लंबू शर्मा को निचली अदालत से मिली फांसी की सजा को हाइकोर्ट ने रद्द कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि लंबू शर्मा और अखिलेश उपाध्याय को जेल से भागने के मामले में मिली सजा बहाल रहेगी. वहीं, इस मामले में चांद मियां, नईम मियां, रिंकू यादव, प्रमोद सिंह, श्याम विनय शर्मा व अंशु कुमार को मिली आजीवन कारावास की सजा को रद्द करते हुए हाइकोर्ट ने बरी कर दिया है. मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने इन सभी अभियुक्तों की ओर से निचली अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली आपराधिक अपील पर सुनवाई पूरी कर पिछले 12 फरवरी को ही आदेश सुरक्षित रख लिया था, जिसे गुरुवार को सुनाया गया.
मनरेगा के तहत किए गए कामों के ऑडिट के लिए 20 करोड़ खर्च होगा
जागरण के अनुसार महात्मा गांधी रोजगार योजना (मनरेगा) के तहत ग्राम पंचायतों में कराए गए विकास कार्यों की सच्चाई जानने के लिए सोशल आडिट पर लगभग 20 करोड़ रुपये सरकार खर्च करेगी। ग्रामीण विकास विभाग ने इसकी स्वीकृति दे दी है। पहल का मुख्य उद्देश्य आजीविका सुरक्षा को सुदृढ़ करने के साथ ही टिकाऊ परिसंपत्तियों के सृजन पर खर्च की गई राशि से हुए विकास कार्यों की सत्यता का पता लगाना है। इसमें मुख्य रूप से जल संरक्षण, कृषि विकास, ग्रामीण बुनियादी ढांचा आदि कार्यों का सरकार सोशल आडिट कराएगी। इसमें स्वच्छता से संबंधित कार्यों के साथ-साथ तालाब कुओं का निर्माण, चेक डैम, पौधरोपण, ग्रामीण सड़कें, आंगनवाड़ी भवन, स्कूलों में शौचालय, खेल मैदान आदि का निर्माण जीर्णोद्धार संबंधित आडिट भी सम्मिलित है।
कुछ और सुर्खियां:
- आंध्र प्रदेश के मार्कापुरम जिले में डंपर से टक्कर के बाद निजी बस में भीषण आग लगने से 14 यात्रियों की मौत
- अबू धाबी में मिसाइल का मालवा गिरने से एक भारतीय और एक पाकिस्तानी की मौत
- हाथियों के झुंड ने झारखंड के कोडरमा और पश्चिमी सिंहभूम जिले में तीन लोगों को कुचल कर मार डाला
- मणिपुर में सेना की चौकी पर कुकी उग्रवादियों का हमला, चुरा चांदपुर में सुरक्षा बलों की गाड़ी में लगाई आग
- पटना समेत बिहार में आज आंधी बारिश का अलर्ट
अनछपी: आजकल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बारे में अखबारों में अजीबोगरीब खबरें आती रहती हैं और इससे उनकी पारिवारिक स्थिति पर भी हैरत होती है। लंबे समय तक नीतीश कुमार परिवारवाद के विरोध में लालू प्रसाद समेत विपक्ष के नेताओं पर हमला करते रहे। पूरी दुनिया ने देखा कि कैसे नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को पापा की पार्टी यानी जदयू में शामिल किया गया। अब नीतीश कुमार की अपने बेटे निशांत कुमार से मुलाकात भी खबर बनती है। यह कहा जा सकता है कि चूंकि नीतीश कुमार अपनी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और निशांत कुमार पार्टी में नए-नए शामिल हुए हैं तो नेता के तौर पर बाप-बेटे की यह मुलाकात हुई है। इस मुलाकात से यह सवाल पैदा हो रहा है कि नीतीश कुमार और निशांत कुमार के बीच बाप-बेटे का संबंध इतना औपचारिक हो गया है कि उनकी मुलाकात भी अब खबर बनेगी? इससे यह भी पता चलता है कि दोनों एक ही छत के नीचे नहीं रह रहे हैं लेकिन मीडिया जगत में कभी इस पर चर्चा नहीं हुई कि आखिर दोनों के बीच के रिश्ते में इतना ठंडापन क्यों है। वैसे तो नीतीश कुमार और उनकी पत्नी के बीच भी रिश्ते को अच्छा नहीं बताया गया लेकिन वह मामला राजनीति का हिस्सा नहीं था। चूंकि निशांत कुमार अब राजनीति में अपने पापा की पार्टी में शामिल होकर आ चुके हैं तो इस तरह की मुलाकातों की खबर पढ़ कर यह सवाल उठता है कि यह कैसा रिश्ता है।
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