छपी-अनछपी: ईरान को स्टोन एज में पहुंचाने की धमकी, एसआईआर पर मालदा में बवाल

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। अमेरिका के राष्ट्रपति ने बमबारी कर ईरान को पाषाण युग में पहुंचा देने की धमकी दी है तो ईरान ने कहा है कि उसकी धरती पर उतरने वाला कोई अमेरिकी हमलावर जिंदा नहीं बचेगा। वोटर लिस्ट के एसआईआर में धांधली के खिलाफ पश्चिम बंगाल के मालदा में जबरदस्त हंगामा हुआ है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा के सदस्य की शपथ लेंगे। पीएममच और एम्स में तीन दिन के बच्चे को बेड नहीं मिलने के बाद उसकी मौत हो गई।

और, जानिएगा कि गैस की किल्लत की वजह से कैसे बिहार के मजदूर जत्थों में वापस आ रहे हैं।

पहली ख़बर

हिन्दुस्तान के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी दी है कि अमेरिका बमबारी कर ईरान को पाषाण युग में पहुंचा देगा, जहां वो पहले था। ट्रंप ने गुरुवार तड़के (भारतीय समयानुसार) व्हाइट हाउस से प्राइम टाइम संबोधन में ये बात कही। ट्रंप के इस बयान के बाद युद्धविराम और हॉर्मुज खुलने की उम्मीद लगा रही दुनिया सकते में हैं। ट्रंप ने कहा कि 32 दिन की जंग और अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन के बाद ईरान अब कोई खतरा नहीं है। अमेरिका ने ईरान की नौसेना और वायुसेना को नष्ट कर दिया है। ईरान का बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम बुरी तरह प्रभावित हो चुका है। ट्रंप ने कहा कि अगले दो-तीन हफ्तों में ईरान पर कड़ा प्रहार करेंगे। हम उसे पाषाण युग में भेज देंगे, जहां उसे वास्तव में होना चाहिए था। हालांकि, ट्रंप ने युद्ध को खत्म करने की कोई ठोस योजना नहीं बताई। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि अमेरिका बहुत जल्दी अपना काम पूरा कर लेगा।

ईरान का जवाब… तो कोई अमेरिकी नहीं बचेगा

डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बाद ईरान की आईआरजीसी के एयरोस्पेस प्रमुख जनरल सैय्यद माजिद मूसावी ने कहा कि 250 साल का इतिहास वाला देश छह हजार साल पुरानी सभ्यता को धमकी दे रहा, ये सिर्फ उसका भ्रम है।ट्रंप के पाषाण युग वाली धमकी से जुड़े अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की पोस्ट के जवाब में मूसावी ने कहा कि अमेरिका अपने सैनिकों को उनकी कब्रों की ओर ले जा रहा है। ईरान को पाषाण युग में ले जाना सिर्फ आपका भ्रम है। उन्होंने कहा कि हॉलीवुड के भ्रमों से अमेरिका के दिमाग में जहर भर गया है, इसी का नतीजा है कि वो हजारों साल पुरानी सभ्यता को धमका रहा है। अगर उसकी धरती पर कोई उतरता है तो एक भी व्यक्ति जिंदा नहीं बचेगा।

होर्मुज स्ट्रेट खुलवाने जुटेंगे 35 देश

भास्कर के अनुसार ईरान के कड़े तेवरों के चलते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प होर्मुज स्ट्रेट से आउट हो गए हैं। होर्मुज से ईरानी नाकाबंदी खुलवाने में विफल रहे ट्रम्प ये कहने को मजबूर हुए कि अमेरिका को होर्मुज नहीं चाहिए, जिन देशों का तेल यहां से गुजरता है वे इसकी चिंता करें। इस बीच, होर्मुज मुद्दे की कमान अब ब्रिटेन ने संभाल ली है। ब्रिटिश पीएम कीर स्टारमर ने 35 देशों को लंदन में बैठक के लिए बुलाया है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी भारत को भी न्योता दिया गया है। इसी सप्ताह होने वाली बैठक में भारत के शामिल होंगे। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा, हम ईरान से संपर्क में हैं, 28 फरवरी के बाद होर्मुज से भारत के एलपीजी व एलएनजी के 6 टैंकर पास हुए।

एसआईआर में धांधली पर मालदा में जबरदस्त हंगामा

जागरण के अनुसार एसआईआर के विरोध में बुधवार को मालदा के कलियाचक ब्लाक से शुरू हुआ बवाल दूसरे दिन भी नहीं थमा। गुरुवार को भी लोग सड़क पर उतर आए। उनका कहना था कि वोटर लिस्ट से उनका नाम षड्यंत्र के तहत हटाया गया है। लाखों लोगों के नाम एसआइआर के चलते हट गए है। इससे पहले भीड़ ने बुधवार को सात न्यायिक अधिकारियों को बंधक बना लिया गया था। मामले में सुप्रीम कोर्ट के कडे निर्देश पर प्रशासन भी एक्शन में आ गया है। अब तक 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें मोथाबाड़ी विधानसभा सीट से इंडियन सेकुलर फ्रंट (आइएसएफ) के उम्मीदवार मोहम्मद शाहजहां अली कादरी भी शामिल है। मालदा में हुई घटनाओं पर अब तक चार मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस व सुरक्षाबलों ने स्थिति फिलहाल नियंत्रित कर लिया है। गुरुवार को लोगों ने वैध मतदाताओं के नाम काटने का आरोप में लगाकर इंग्लिशबाजार थाना क्षेत्र यदुपुर इलाके में बवाल कर दिया। पुलिस पहुंची तो उग्र भीड़ ने हमला दिया। पुलिस की गाड़ी में तोड़फोड़ कर पथराव किया।

भाजपा बंगाल में राष्ट्रपति शासन की साजिश रच रही: ममता

मालदा की घटना को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को मुर्शिदाबाद के सागरदिधी में एक चुनावी रैली को सबोधित करते हुए कहा कि मेरी सारी शक्तियां छीनी गई हैं। आयोग कानून-व्यवस्था सभालने में पूरी तरह विफल रहा है। आरोप लगाया कि भाजपा बंगाल में चुनाव रद करने और राष्ट्रपति शासन लागू करने की साजिश रच रही है।

मालदा हिंसा पर कोर्ट का सख्त बयान

बंगाल के मालदा जिले में एसआईआर के काम में लगे सात न्यायिक अधिकारियों को घंटों तक घेरने और उन पर हमले की घटना पर सुप्रीम कोर्ट ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने इसे न्यायपालिका को डराने-धमकाने की ‘सुनियोजित कोशिश’ करार देते हुए साफ किया कि यह केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि न्यायिक स्वतंत्रता पर सीधा हमला और सुप्रीम कोर्ट के अधिकार को चुनौती देने जैसा है। कोर्ट ने एसआईआर के काम में लगे न्यायिक अधिकारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा के लिए चुनाव आयोग को केंद्रीय बलों की तैनाती करने के आदेश दिए हैं।

नीतीश कुमार 10 अप्रैल को ले सकते हैं राज्यसभा सदस्य की शपथ

प्रभात खबर के अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा के सदस्य की शपथ लेंगे. इसके लिए वे नौ अप्रैल को नयी दिल्ली जायेंगे. 10 अप्रैल को शपथ ग्रहण के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मुलाकात नयी दिल्ली में एनडीए के कई आला नेताओं से होगी. इसमें ताजा राजनीतिक हालात पर चर्चा होने की संभावना है. संभवतः मुख्यमंत्री 11 अप्रैल को पटना लौट आयेंगे. प्रदेश में 14 अप्रैल के बाद नयी सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है. इसके पहले एनडीए विधायक दल की बैठक भी हो सकती है. वहीं, जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारिणी और राष्ट्रीय परिषद की बैठक 20 अप्रैल या इसके बाद होने की संभावना है. हाल में जदयू संगठन चुनाव हुये हैं और इसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में एक बार फिर नीतीश कुमार चुने गये हैं. इस चुनाव के बाद यह बैठक अहम मानी जा रही है. इसमें कई राजनीतिक प्रस्तावों पर मुहर लगाये जायेंगे.

बिहार में नई सरकार दस दिन बाद

जागरण के अनुसार बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया अगले दस दिनों बाद शुरू हो जाएगी। नीतीश कुमार 12 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे। संभावना है कि 14 अप्रैल को बिहार में नए मुख्यमंत्री पद की शपथ होगी। नए मुख्यमंत्री के साथ नए मंत्रिमंडल का भी शपथग्रहण होगा। विधानसभा के कुल सदस्य संख्या के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकता। बिहार में 243 सदस्यों की संख्या के आधार पर यह 36.45 आता है। यानी अधिकतम 36 मंत्री ही हो सकते हैं। इस हिसाब से इनका बंटवारा एनडीए के अलग-अलग घटक दलों में उनकी संख्या के आधार पर होगा।

एम्स और पीएमसीएच में नहीं मिला बेड, तीन दिन के बच्चे की जान गई
भास्कर के अनुसार लखीसराय के तीन दिन के एक नवजात को पटना के सबसे बड़े अस्पतालों एम्स और पीएमसीएच में बेड नहीं मिला। वेंटिलेटर सपोर्ट एंबुलेंस से उसके परिजन अस्पतालों की दौड़ लगाते रहे, लेकिन कहीं जगह नहीं मिली। 48 घंटे तक मौत से जंग लड़ते-लड़ते उसने दम तोड़ दिया। लखीसराय जिले के हालसी थाना क्षेत्र के सांडमाथ गांव की रहने वाली काजल कुमारी ने 30 मार्च को वहां के सदर अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था। 24 घंटे के भीतर ही नवजात की हालत बिगड़ने लगी। डॉक्टरों ने उसे पटना रेफर कर दिया। परिवार को उम्मीद थी कि राजधानी में बेहतर इलाज मिलेगा और बच्चे की जान बच जाएगी। लेकिन, राज्य के सबसे प्रतिष्ठित अस्पताल एम्स और विश्व का दूसरा सबसे बड़ा अस्पताल बनने जा रहे पीएमसीएच में उसे एक बेड भी नहीं मिल सका। आखिरकार, बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं ने एक मां की गोद सूनी कर दी।

गैस की किल्लत के बीच जत्थे में रहे मजदूर

हिन्दुस्तान के अनुसार गैस की किल्लत के बीच प्रवासी मजदूर जत्थे में बिहार लौट रहे हैं। गुजरात और पंजाब से सबसे अधिक प्रवासी वापस आ रहे हैं। गुरुवार को अहमदाबाद से आनेवाली स्पेशल ट्रेन और मगध एक्सप्रेस से बड़ी तादाद में कामगार पटना और दानापुर स्टेशन पहुंचे। कामगारों के आगे खाना बनाने के लिए गैस का संकट है। कई दिनों से खाना बनाने के लिए गैस नहीं मिलने के चलते भूखे रहने की नौबत आने के बाद उन्होंने लौटना ही बेहतर समझा। मजदूरों का कहना है कि हालात सामान्य होने पर वे वापस जाएंगे। कामगारों के पलायन से गुजरात के कई उद्योगों में श्रमिकों की कमी हो गई है।

कुछ और सुर्खियां:

  • मुंगेर के कमिश्नरी ऑफिस में पेशकार मुकेश कुमार को जमीन के कागज़ात के मामले में 1.7 लख रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया
  • संसद का बजट सत्र बढ़ाया गया, 16 अप्रैल की सुबह 11:00 से फिर शुरू होगा
  • ईडी ने राजनीतिक दलों की रणनीति बनाने वाली कंपनी आई-पैक के चार राज्यों में स्थित दफ्तरों पर छापे मारे

अनछपी: पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के एसआईआर के नाम पर जो धांधली हो रही है उसमें सुप्रीम कोर्ट का रवैया बहुत ही निराशाजनक और आपत्तिजनक है। पश्चिम बंगाल के मतदाताओं को सुप्रीम कोर्ट से इंसाफ की उम्मीद थी लेकिन वह इसमें बुरी तरह नाकाम नजर आ रहा है और पूरी तरह ऐसी बातें कह रहा है जो केंद्र सरकार, भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग की मनमानी को शह देने वाली हैं। ऐसा लगता है कि भारतीय जनता पार्टी किसी भी तरह और लोकतंत्र के सभी उसूलों की धज्जियां उड़ाते हुए पश्चिम बंगाल में अपनी सरकार बनाना चाहती है जिसके लिए चुनाव आयोग का सहारा लेकर कथित तौर पर अपने विरोधियों का नाम वोटर लिस्ट से हटाने में लगी है। चूंकि लोगों को सुप्रीम कोर्ट से भी इंसाफ नहीं मिल रहा है इसलिए उनका गुस्सा होना लाज़िमी है हालांकि कानून को अपने हाथ में लेना किसी भी तरह सही नहीं माना जाएगा। दिलचस्प बात यह है कि ऐसे मामलों में सुप्रीम कोर्ट तुरंत तिलमिला जाता है लेकिन लोगों के साथ जो ना इंसाफी हो रही है उसके बारे में उसका रवैया बहुत ही ढीला और मायूसी से भरा है। यह सुना बहुत भयानक है कि सुप्रीम कोर्ट यह कह रहा कि अगर कोई इस बार वोट नहीं डाल सकता तो क्या हुआ अगली बार डाल सकते है। अगर सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी की है तो उसे इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। अगर सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा कहा है तो इसका मतलब यह है कि वह किसी के मताधिकार को कोई महत्व नहीं दे रहा है जबकि कहा यह जाता है कि किसी को उसके लोकतांत्रिक अधिकार से एक क्षण के लिए भी वंचित करना अपराध है। एक तरफ चुनाव आयोग राज्य सरकार को और स्थानीय लोगों को धमकियां दे रहा है तो दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट भी ऐसे बयान जारी कर रहा है जो किसी भी तरह से समझौते का संदेश देने वाला नहीं है। सुप्रीम कोर्ट से तो यह उम्मीद की जा रही थी कि वह इस मामले को सुलझाएगा लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि वह खुद इस मामले में एक पार्टी बन चुका है और अपने अधिकारों का इस्तेमाल सामने वाले को धौंसाने में कर रहा है। भारतीय लोकतंत्र के लिए यह एक काला अध्याय माना जाएगा, इसमें सुप्रीम कोर्ट का रवैया उससे भी ज्यादा अफ़सोसनाक है।

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