छपी-अनछपी: टैंकर जब्त करने से अमेरिका- रूस में तनाव, 57 सब रजिस्ट्रार को नोटिस

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। अमेरिका ने रूसी झंडा वाला तेल टैंकर जब्त किया है जिससे तनाव और बढ़ गया है। उत्तर बिहार में जमीन की खरीद बिक्री में कैश के लेनदेन पर बहुत से सब रजिस्ट्रार को नोटिस जारी किया गया है।

और, जानिएगा कि महाराष्ट्र में बीजेपी के साथ कांग्रेस और एआईएमआईएम के गठबंधन पर क्यों हंगामा मचा है।

पहली ख़बर

प्रभात खबर के अनुसार अमेरिका और रूस के बीच जारी तनाव अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. उत्तरी अटलांटिक महासागर में हफ्तों तक चले हाइवोल्टेज ड्रामे के बाद अमेरिका ने रूस के झंडे वाले तेल टैंकर मरीनेरा को जब्त कर लिया. यह कार्रवाई उस समय हुई, जब उसी समुद्री क्षेत्र में रूसी नौसेना के युद्धपोत और पनडुब्बियां तैनात थीं. इस सैन्य-समान ऑपरेशन ने दुनिया भर में भू-राजनीतिक चिंता बढ़ा दी है. इसके समानांतर, कैरेबियन सागर में वेनेजुएला से जुड़े एक अन्य तेल टैंकर को भी अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने पकड़ लिया. अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी सचिव क्रिस्टी नोएम ने दोनों ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए कहा कि यह अवैध तेल व्यापार में शामिल घोस्ट फ्लीट (अवैध व्यापार में शामिल जहाजों) के खिलाफ बड़ी और निर्णायक कार्रवाई है. रिपोर्ट के मुताबिक, यह टैंकर पहले बेला1 नाम से जाना जाता था, लेकिन बाद में इसका नाम बदल कर मरीनेरा रख दिया गया और इसे रूसी झंडा के तहत चलाया जा रहा था. भास्कर के अनुसार रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह मामले पर नजर बनाए हुए हैं वहीं रूसी संसद के ऊपरी सदन के वरिष्ठ नेता एंड्री बिलशास ने इसे समुद्र में खुली लूट बताया है।

ग्रीनलैंड में सेना उतार सकता है अमेरिका

हिन्दुस्तान ने लिखा है कि व्हाइट हाउस ने मंगलवार को कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड को हासिल करने के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं और इस लक्ष्य के लिए अमेरिकी सेना का इस्तेमाल भी उनके पास विकल्प के तौर पर मौजूद है। बयान में कहा गया कि ट्रंप ग्रीनलैंड को आर्कटिक क्षेत्र में अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अहम मानते हैं और इसे रूस व चीन जैसी ताकतों को रोकने से जोड़कर देखते हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा, ट्रंप पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि आर्कटिक क्षेत्र में विरोधी ताकतों को रोकने के लिए ग्रीनलैंड अमेरिका के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम है।

11 जिलों के 57 निबंधन कार्यालयों के सब-रजिस्ट्रार को नोटिस

जागरण के अनुसार बिहार में जमीन रजिस्ट्री के दौरान बड़े पैमाने पर नकद लेनदेन के जरिए कालेधन खपाने को लेकर आयकर विभाग ने अलर्ट करते हुए निबंधन विभाग के रजिस्ट्रार, सब रजिस्ट्रार को नोटिस किया है। आयकर विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए बिहार के करीब 11 जिलों में स्थित 57 निबंधन कार्यालयों के सब-रजिस्ट्रार को नोटिस जारी किया है। इसमें दानापुर, पटना सदर, फुलवारीशरीफ, विक्रम, पटना सिटी, बिहटा सब रजिस्ट्रार शामिल हैं। इसमें सभी को कहा गया है कि दो लाख से अधिक रुपये के नगद राशि के ट्रांसफर पर तुरंत जानकारी देनी है। आयकर विभाग के अनुसार, उत्तर बिहार में जमीन रजिस्ट्री के समय नकद लेनदेन का चलन चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है। अनुमान है कि करीब 95 प्रतिशत जमीन रजिस्ट्रियां कैश में की जा रही हैं, इससे कालेधन के इस्तेमाल की आशंका बढ़ गई है। यह प्रवृत्ति सुप्रीम कोर्ट और आयकर नियमों के विपरीत मानी जा रही है।

349 पासपोर्ट के साथ फ़र्ज़ी एजेंट गिरफ्तार

गोपालगंज जिले के हथुआ थाना पुलिस ने मठिया गांव में मंगलवार की रात छापेमारी कर एक फर्जी एजेंट को 349 लोगों के पासपोर्ट समेत अन्य कागजात के साथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार फर्जी एजेंट मठिया गांव का मृत्युंजय कुमार सिंह उर्फ गुड्डू है। उसके पास से दो लैपटॉप, एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन और एक सीवी बरामद भी बरामद किया गया है। बुधवार को पूछताछ की प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसके खिलाफ हथुआ थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद पुलिस ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

सोमवार और शुक्रवार को सरकार सुनेगी शिकायतें

भास्कर ने लिखा है कि बिहार सरकार ने पब्लिक की शिकायत व समस्याओं के समाधान की नई व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि 19 जनवरी 2026 से हरेक सोमवार व शुक्रवार को अफसर व कर्मी अपने दफ्तर में पब्लिक की शिकायत-समस्याएं सुनेंगे; इसे निपटाएंगे। यह काम ग्राम पंचायत, थाना, अंचल, प्रखंड, अनुमंडल, जिला, प्रमंडल एवं राज्य के सभी सरकारी दफ्तरों में होगा। इसके वास्ते अफसर व कर्मियों को हर हाल में अपने दफ्तर में मौजूद रहना होगा। पब्लिक उनके पास जाएगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, पब्लिक से मिली शिकायतें दर्ज की जाएंगी। इसका रजिस्टर मेनटेन होगा। शिकायतों, इसके समाधान की मॉनीटरिंग होगी। अफसर-कर्मी पब्लिक से सम्मानपूर्वक मिलेंगे। उनकी शिकायतों को पूरी संवेदनशीलता से सुनकर उसका जल्द से जल्द निराकरण करेंगे। कार्यालयों में पब्लिक को बैठाने का इंतजाम होगा। उनके वास्ते जरूरी सुविधाएं जैसे पेयजल, शौचालय आदि होंगी। इन सबके बारे में जरूरी निर्देश दे दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने बुधवार को सोशल मीडिया के माध्यम से ये जानकारी दी।

महाराष्ट्र में भाजपा का कांग्रेस व एआईएमआईएम से गठबंधन

जागरण ने लिखा है कि राजनीति में सत्ता के लिए पार्टियां कई बार अपनी विचारधारा से भी समझौता कर लेती हैं। महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों में इन दिनों ऐसे ही गठबंधन देखने को मिल रहे हैं। अंबरनाथ नगर परिषद में भाजपा ने कांग्रेस को गले लगाकर अपनी पुरानी सहयोगी शिवसेना (शिंदे) को ही बाहर का रास्ता दिखा दिया है, तो अकोला में सत्ता पाने के लिए भाजपा ने असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम से हाथ मिला लिया है। सत्ता के लिए हुए इस गठजोड़ के बाद कांग्रेस ने अपनी पूरी अंबरनाथ इकाई को निलंबित कर दिया है। वहीं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इन दोनों गठबंधनों को तुरंत तोड़ने के निर्देश दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एवं एआईएमआईएम के साथ गठबंधन कतई स्वीकार्य नहीं है।

कुछ और सुर्खियां:

  • मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा नकाब खींचने से चर्चा में आईं डॉक्टर नुसरत परवीन ने 23 दिनों बाद नौकरी ज्वाइन की
  • समस्तीपुर में शराब पीने से पिता की मौत, बेटे की आंख की रोशनी गई, आरोपित फरार
  • अरबपति कारोबारी अनिल अग्रवाल के बड़े बेटे 49 वर्षीय अग्निवेश अग्रवाल स्कीइंग में हुए थे ज़ख़्मी, हार्ट अटैक से अमेरिका में मौत
  • पटना हाई कोर्ट के 47 वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में जस्टिस संगम कुमार साहू ने शपथ ली

अनछपी: मीडिया में बिहार के ज्वैलरी दुकानों में अब नकाब, हिजाब पहनकर आने पर नो एंट्री लगाए जाने की खबर आपने भी सुनी-पढ़ी होगी। पहली प्रतिक्रिया के रूप में यह कहा जा सकता है कि बिहार को एक बेमतलब के विवाद में घसीटने की कोशिश है और इसके पीछे जो लोग हैं उनका स्वर्ण व्यवसाय से कोई बड़ा नाता नहीं है। कुछ दुकानों में इसके लिए नोटिस भी साटा गया है और उसका ही वीडियो बनाकर वायरल किया गया है। दूसरी तरफ तनिष्क जैसी बड़ी ब्रांडेड ज्वैलर कंपनी ने ऐसा कोई नोटिस नहीं सता है। यह भी सोने की बात है कि अगर कोई ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड फेडरेशन नाम का संगठन इस तरह का निर्देश देता है तो वह यह निर्देश पटना में क्यों देगा, दिल्ली या मुम्बई में क्यों नहीं? इसके प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा को बताया गया है जिनके मुताबिक इससे पहले झांसी और जोधपुर के कारोबारी ने जिला स्तर पर यह लागू किया है। एक और अंजान ‘स्वर्णकार समाज विकास एवं शोध संस्थान’ के कथित प्रदेश अध्यक्ष अरुण कुमार वर्मा का बयान भी छपा है। उनके हवाले से यह बात लिखी गई है कि आभूषण की दुकानों में लूट की घटनाओं से बचने के लिए सरकार के साथ आभूषण दुकानदारों को भी सचेत रहना होगा। इन दोनों का कहना है कि यह फैसला किसी समुदाय के खिलाफ नहीं लेकिन नकाबपोश लूटपाट करते हैं इसलिए ऐसा कदम उठाया गया है। उनसे यह कहा जा सकता है कि वह सिर्फ यह कह सकते थे कि जो ग्राहक चेहरा ढक कर आए उसे अंदर नहीं आने दिया जाएगा। इसके बजाय वह नकाब, हिजाब का नाम लेकर कह रहे हैं तो इसका मतलब है कि वह एक विवाद खड़ा करना चाहते हैं। इन दोनों कथित संगठनों ने कभी बिहार में सोने की दुकानों में हुई लूटपाट के लिए सरकार से सवाल नहीं पूछे, कभी उनके हवाले से यह बात नहीं आई कि वह सोना लूट को लेकर चिंतित हैं। बिहार सरकार और प्रशासन को चाहिए कि ऐसे विवादास्पद लोगों पर कड़ी नजर रखे और एक समुदाय को टारगेट करने से बिहार को बचाए।

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