छ्पी-अनछपी: बौखलाहट में गाली-गलौज पर उतरे ट्रंप, नए डिग्री कॉलेजों में होगी 9196 भर्ती
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। ईरान में अपनी नाकामी से बौखलाए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी ताजा धमकी में गाली गलौज का इस्तेमाल किया है। धनबाद में बंद प्लांट से चोरों के पाइप काटने से गैस रिसाव में तीन लोगों की मौत हो गई।
और, जानिएगा कि बिहार से पटना के बाद सबसे ज़्यादा किस जिले से हज पर जा रहे लोग।
पहली ख़बर
जागरण के अनुसार ईरान में मौत के मुंह में फंसे अपने पायलट को सुरक्षित निकाल लाने से उत्साहित अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शाम होते-होते आक्रामक हो गए और आपा तक खो बैठे। उन्होंने ईस्टर के मौके पर रविवार को ईरान को अंतिम चेतावनी देते हुए टूथ सोशल पर लिखा कि मंगलवार तक ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोला तो उसे गंभीर सैन्य परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए लिखा कि मंगलवार को ईरान में ‘पावर प्लांट डे” और “ब्रिज डे’ साबित हो सकता है। उस दिन हम ईरान का सबकुछ बरबाद कर देंगे और तेल पर कब्जा कर लेंगे। हालांकि, उन्होंने उम्मीद भी जताई कि सोमवार तक ईरान समझौता कर लेगा। ट्रंप की तमाम धमकियों से बेपरवाह ईरान ने न समझौता करने की और न होर्मुज को खोलने की ही कोई बात कही है।
ईरान में मौत के मुंह से पायलट को निकालने का दावा
अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज ने ईरान में मौत के मुंह में फंसे अपने दूसरे पायलट को सुरक्षित बाहर निकाल लाने का हैरतअंगेज साहसिक कारनामा कर दिखाने का दावा किया है। किसी हालीवुड युद्ध फिल्म की तर्ज पर चलाए गए इस अभियान को अमेरिकी सैन्य इतिहास का सबसे खतरनाक सफल मिशन माना जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे बेहद जटिल और सफल सैन्य कार्रवाई बताते हुए कहा कि अभियान में शामिल सभी सैनिक सुरक्षित लौट आए हैं। बचाए गए पायलट को उपचार के लिए कुवैत ले जाया गया है। वहीं, ईरान ने अमेरिकी बचाव अभियान को पूरी तरह से विफल बताया है। रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स दवा किया कि अमेरिका के दो सी-130 सैन्य परिवहन विमान और दो ब्लैक हाक हेलीकाप्टर मार गिराए गए। अमेरिका का कहना है कि उसने परिवहन विमान खुद नष्ट किए। शुक्रवार को ईरानी हमले में विमान गिरने के बाद एक पायलट को तुरंत बचा लिया गया था, जबकि दूसरा अधिकारी दक्षिणी इस्फ्हान के कठिन पहाड़ी इलाके में पैराशूट से उतरने के बाद घायल हो गया था। बचाव अभियान में दर्जनों लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर, साइबर और अंतरिक्ष निगरानी संसाधन लगाए गए थे।
ईरान के हमलों से दहला कुवैत
प्रभात ख़बर के अनुसार पश्चिम एशिया संघर्ष के 37वें दिन ईरान ने खाड़ी देशों पर बड़े हमले किये. कुवैत के दो पावर और वॉटर डिस्टिलेशन प्लांट्स को ईरानी ड्रोन्स ने निशाना बनाया है. कुवैत के ऊर्जा मंत्रालय के मुताबिक, इस हमले में प्लांट के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है और बिजली पैदा करने वाली दो मुख्य यूनिट्स पूरी तरह ठप हो गयी हैं. मंत्रालय ने इस हमले को आपराधिक करार दिया है. कुवैत में जरूरी ठिकानों पर हमले का यह सिलसिला थम नहीं रहा है. इससे पहले भी ईरानी ड्रोन्स ने शुवाइख तेल क्षेत्र के एक बड़े कॉम्प्लेक्स में आग लगा दी थी.
बिहार में 209 नए डिग्री कॉलेजों में 9196 पदों पर भर्ती होगी
हिन्दुस्तान के अनुसार बिहार के 209 नए डिग्री कॉलेजों में प्राचार्य, शिक्षक और कर्मियों सहित 9196 पदों पर बहाली होगी। इनमें प्राचार्य के 209, सहायक प्राध्यापकों के 6479 और लिपिक सहित गैर शैक्षणिक कर्मियों के 2508 पद शामिल हैं। शिक्षकों और कर्मियों की स्थायी नियुक्ति के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजा है। वित्त विभाग पद सृजन के इस प्रस्ताव पर प्रशासी पदवर्ग समिति का अनुमोदन लेगा। विधि विभाग से भी परामर्श लिया जाएगा। इसके बाद इस प्रस्ताव को राज्य कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
धनबाद में बंद प्लांट से गैस रिसाव, तीन लोगों की मौत
हिन्दुस्तान के अनुसार धनबाद के मुनीडीह ओपी क्षेत्र स्थित बीसीसीएल के बंद सीपीपी (कैप्टिव पावर प्लांट) में शनिवार देर रात गैस रिसाव से तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों में संजय यादव (केंदुआ 5 नंबर), आनंद ताम्रकार (केंदुआ राजपूत बस्ती) और अजहरुद्दीन (लोयाबाद) शामिल हैं। कई लोग गंभीर रूप से बीमार भी हुए हैं। हादसे के बाद धनबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मोहम्मद इब्राहिम, इमामुद्दीन और मुख्तार को भर्ती कराया गया, पर मौका देख यहां से तीनों भाग निकले। इधर, सीआईएसएफ के तीन कर्मी समेत पांच लोग सेंट्रल अस्पताल में भर्ती हैं। ग्रामीण एसपी कपिल चौधरी ने कहा कि लोहा चोरी के दौरान गलती से गैस पाइप को काट देने से घटना घटी। मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पूर्वी चंपारण में मदरसे से पिस्टल और कारतूस जब्त, तीन गिफ्तार
जागरण की ख़बर है कि पुर्वी चंपारण में पुलिस की एक विशेष टीम ने चकिया के गवंद्रा स्थित मदरसा इस्लामिया बागे रेसालत से रविवार को पिस्टल और कारतूस जब्त किया है। पुलिस मदरसे के मौलवी समेत तीन को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। मदरसे को सील कर दिया गया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि मदरसा में आग्नेयास्त्र छिपाकर रखा गया है और यहां से हथियारों की खरीद-बिक्री हो रही है। हथियारों की खरीद-बिक्री की सूचना पर पुलिस ने छापेमारी कर मदरसा से एक पिस्टल और कारतूस जब्त किया। मौके पर मौजूद मौलवी समेत तीन. लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों में मौलाना गुल मोहम्मद, मौलाना फारुक व मौलाना शोएब शामिल हैं। सभी झाझा टोला गुवंद्रा के निवासी हैं। एसपी ने बताया कि इसी मदरसा से 19 जुलाई, 2023 को बिहार एटीएस व मोतिहारी पुलिस ने संयुक्त छापेमारी कर पीएफआइ के सक्रिय सदस्य उस्मान उर्फ सुल्तान को गिरफ्तार किया गया था।
सबसे ज्यादा हज यात्री पटना के, उसके बाद अररिया का नंबर
जागरण की एक खबर से पता चलता है कि बिहार से हज की यात्रा पर सबसे ज्यादा 329 लोग पटना से जा रहे हैं जिनमें 184 मर्द और 145 औरतें हैं। इसके बाद अररिया का नंबर है जहां से कुल 191 लोग हज पर जा रहे हैं जिनमें 118 मर्द और 73 महिलाएं हैं। तीसरे नंबर पर कटिहार है जहां से 183 लोग हज पर जा रहे हैं। इसके बाद गया से 181, पूर्णिया से 164 और भागलपुर से 137 लोग हज पर जा रहे हैं। वैसे तो मुसलमान की आबादी का अनुपात सबसे ज्यादा किशनगंज में है लेकिन वहां से 135 लोग आज पर जा रहे हैं। इसके बाद सीतामढ़ी से 132, पूर्वी चंपारण से 118, दरभंगा से 114, मुजफ्फरपुर से 84 जबकि पश्चिमी चंपारण से 60 लोग हज पर जा रहे हैं। मधुबनी से 58, समस्तीपुर से 56, नालंदा से 50, बेगूसराय से 47, सारण से 39, रोहतास और वैशाली से 37-37, भोजपुर से 35 और कैमूर से 31 लोग हज पर जा रहे हैं। लखीसराय एक ऐसा जिला है जहां से कोई हज पर नहीं जा रहा जबकि शिवहर से 2, मधेपुरा से 6, अरवल से 7, शेखपुरा से 9, बक्सर से 11, मुंगेर से 17 सहरसा से 19, जमुई से 20, जहानाबाद और गोपालगंज से 23-23, खगड़िया से 24, सुपौल से 25 और नवादा और बांका से 27-27 लोग हज पर जा रहे हैं।
कुछ और सुर्खियां:
- पूर्वी चंपारण के तुरकौलिया शराब कांड में दो और लोगों की जान गई, अबतक 10 मरे
- बिहार के कई जिलों में आज तेज आंधी और बारिश का अलर्ट
- अकासा एयरलाइन ने दरभंगा से बेंगलुरु के लिए सीधी उड़ान शुरू की
अनछपी: पश्चिम बंगाल में वैसे तो ममता बनर्जी की पार्टी मजबूत स्थिति में होगी लेकिन अगर इस चुनाव में किसी तरह का कोई उलटफेर होता है तो चुनाव आयोग का रोल भारतीय जनता पार्टी के सहायक के रूप में और बेहतर तरीके से स्थापित होगा। अफसोस की बात यह है कि चुनाव आयोग के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट का रोल पर भी हमेशा के लिए सवालिया निशान लग गया है क्योंकि वह वहां वोटर लिस्ट के एसआईआर की निगरानी कर रहा है, उसके बावजूद लाखों लोग अपने वोट के अधिकार के लिए बिल्कुल बेबस नजर आ रहे हैं। इस मामले में वहां बनाए गए ट्रिब्युनल्स की चर्चा जरूरी है क्योंकि बताया यह जा रहा है कि कम से कम 23 लाख लोगों के वोट देने के अधिकार का फैसला इन्हीं ट्रिब्युनल्स में होना है और उसने अब तक काम शुरू नहीं किया है। यह वैसे बदकिस्मत वोटर हैं जिनके बारे में चुनाव आयोग ना तो यह कह रहा है कि उन्हें यह अधिकार नहीं मिलना चाहिए और ना ही उन्हें यह अधिकार दे रहा है बल्कि उन्हें शक के दायरे में रखकर ट्रिब्यूनल जाने की बात कह रहा है। पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होना है और इस दिन 152 विधानसभा क्षेत्र में होने वाले मतदान के लिए वोटर लिस्ट जल्द ही फ्रीज़ होने वाली है। ऐसे में कम से कम 23 लाख वोटरों को अपना अधिकार मिलने की उम्मीद कम है और अगर ऐसा होता है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी सुप्रीम कोर्ट की होगी। एसआईआर के शुरुआती दौर में सुप्रीम कोर्ट यह कहते हुए नजर आता था कि कोई वोटर भी अपने अधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा लेकिन अब वही इस मामले में मूकदर्शक बना हुआ है। इस स्थिति से केवल भारतीय जनता पार्टी ही खुश नजर आती है क्योंकि इसे वह अपने जीत के हथियार के तौर पर देख रही है।
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