छ्पी-अनछपी: ईरान-अमेरिका में अभी समझौता नहीं, कटिहार सड़क हादसे में 13 की मौत

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। अमेरिका ने ऐलान किया है कि फिलहाल ईरान से समझौता नहीं हो पाया है। कटिहार में एक सड़क हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई। नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद सात सर्कुलर रोड स्थित आवास में रहेंगे।

और, जानिएगा कि लॉन्चिंग के बाद से अब तक यूपीआई के लेनदेन में 12 हजार गुना इजाफा हुआ।

पहली ख़बर

बीबीसी की ख़बर है कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच कोई समझौता नहीं हुआ है. उन्होंने इस्लामाबाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, “पाकिस्तान ने बातचीत को सुचारू रूप से संचालित करने में अच्छा काम किया ताकि एक समझौता हो सके.” उन्होंने कहा, “हम 21 घंटे से इस पर हैं लेकिन बुरी ख़बर ये है कि हम किसी समझौते पर नहीं पहुंच सके.” उन्होंने कहा, “हमने अपनी सीमा स्पष्ट कर दी है. उन्होंने हमारी शर्तें मानने से इनकार कर दिया है. बातचीत में जो भी कमियां थीं, वे पाकिस्तानियों की वजह से नहीं थीं. उन्होंने शानदार काम किया.”

शनिवार को क्या हुआ?

हिन्दुस्तान के अनुसार एक महीने से अधिक समय तक चली जंग को खत्म करने के लिए ईरान और अमेरिका के बीच शनिवार को बातचीत हुई। पाकिस्तान इस वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। अमेरिका-ईरान के प्रतिनिधिमंडल ने सीधी बातचीत से पहले पाकिस्तानी मध्यस्थों के साथ मुलाकात की। इस दौरान ईरान ने अपनी ‘रेड लाइन्स’ (अंतिम शर्तें) सामने रखीं और कहा कि वाशिंगटन को बातचीत से पहले इन्हें स्वीकार करना होगा। इन शर्तों में होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण, ईरान की जब्त संपत्तियों को छोड़ना, युद्ध के मुआवजे का भुगतान और पूरे क्षेत्र में युद्धविराम शामिल था। जिस समय दोनों पक्षों की बातचीत चल रही थी, कुछ तल्ख बयान भी सामने आए। सूत्रों के अनुसार, ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका को चेतावनी दी कि अगर उनका सैन्य जहाज होर्मुज की तरफ बढ़ना बंद नहीं करेगा तो 30 मिनट के भीतर पर उसपर हमला कर दिया जाएगा।

कटिहार में सड़क हादसा, 13 की मौत

जागरण के अनुसार कटिहार राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर शनिवार की शाम मौत बनकर दौड़ी तेज रफ्तार बस ने एक ही झटके में 13 जिंदगियां लील लीं और 32 लोगों को जिंदगी-मौत के बीच ला खड़ा किया। दुर्घटना कटिहार जिले के कोड़ा थाना क्षेत्र में दादपुर और बसगारा चौक के बीच हुई। पीछे से एक कार और टोटो को टक्कर मारकर तेज रफ्तार में भाग रही बस अनियंत्रित होकर सामने से आ रही पिकअप वैन से टकरा गई। बस की चपेट में एक स्कार्पियो और तीन बाइक भी आ गई। मृतकों में पिकअप पर सवार के साथ-साथ बाइक चालक भी शामिल हैं। बाइक सवार की पहचान पूर्णिया जिले के बीकोठी महादेव टोला निवासी सदानंद मुर्मू के रूप में हुई है। वह कोड़ा के मड़वा से घर लौट रहे थे। पिकअप पर सवार सभी लोग पूर्णिया जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत सुहवा गांव के रहने वाले बताए जा रहे हैं। यह लोग झारखंड के साहिबगंज से भोगनाडीह से पूजा कर लौट रहे थे।

नीतीश का सामान सर्कुलर रोड पहुंच रहा

नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद सात सर्कुलर रोड स्थित आवास में रहेंगे। शनिवार को इस आवास में मुख्यमंत्री आवास से सामान भी भेजा जाने लगा। नीतीश कुमार 14 अप्रैल को बाबा साहेब भीमराव आम्बेडकर जयंती के दिन मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे। जदयू ने अपनी तरफ‌ से भाजपा को 15 अप्रैल को नई सरकार के गठन का प्रस्ताव भेजा है। अब गेंद भाजपा के पाले में है और उसे ही फैसला लेना है। इसी तरह शपथग्रहण समारोह कहां होगा, यह भी अभी तय होना है। प्रस्तावित स्थलों में गांधी मैदान, लोकभवन और बापू सभागार शामिल हैं। चूंकि, बिहार में पहली बार भाजपा का कोई नेता मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहा है, इसलिए इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन समेत भाजपा के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी की संभावना है।

सरकारी डॉक्टरों के प्राइवेट प्रैक्टिस पर रोक

भास्कर के अनुसार बिहार में सरकारी डॉक्टर अब ‘निजी प्रैक्टिस’ नहीं कर सकेंगे। राज्य सरकार ने सरकारी एलोपैथिक डॉक्टरों के प्राइवेट क्लीनिक चलाने या निजी अस्पतालों में सेवा देने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ‘सात निश्चय-3’ के तहत इस बड़े फैसले को मंजूरी दे दी गई है। शनिवार को स्वास्थ्य सचिव लोकेश कुमार सिंह के हस्ताक्षर से जारी संकल्प के बाद अब सब मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों और आईजीआईसी के डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं कर पाएंगे। सरकार ने सभी प्रमंडलीय आयुक्तों, डीएम और मेडिकल कॉलेज अधीक्षकों को निर्देश दिया है कि इसे तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। नियम तोड़ने वाले डॉक्टरों पर सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसे लागू होने की तारीख और विस्तृत गाइडलाइन जल्द जारी होगा।

ख़ुदा बख्श लाइब्रेरी के डायरेक्ट का पोस्ट खाली होने पर चिंता जताई गई

जागरण के अनुसार संसद की एक समिति ने पटना स्थित प्रसिद्ध खुदा बख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी में अगस्त 2023 से निदेशक का पद खाली पड़े होने पर चिंता जताई है। साथ ही पद को भरने में देरी के कारणों पर संस्कृति मंत्रालय से रिपोर्ट मांगी है। परिवहन, पर्यटन और संस्कृति संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने संस्कृति मंत्रालय को भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार (एनएआइ) के डिजिटलीकरण परियोजना को पूरा करने के लिए एक समयसीमा निर्धारित करने का भी सुझाव दिया। समिति की रिपोर्ट 25 मार्च को संसद में प्रस्तुत की गई। रिपोर्ट में समिति ने पटना स्थित खुदा बख्श ओरिएंटल लाइब्रेरी के संबंध में चिंता व्यक्ति की है जहां नियुक्ति के लिए पैनल प्रस्तुत किए जाने के बावजूद अगस्त 2023 से निर्देशक का पद रिक्त है। समिति ने सिफारिश की है कि मंत्रालय को खुदा बख्श ओरिएंटल लाइब्रेरी में निदेशक का पद 90 दिनों के भीतर भरना चाहिए और देरी के कारणों पर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी चाहिए। वैसे इस पद पर एक अस्थाई डायरेक्टर की नियुक्ति हुई है।

लॉन्चिंग से अब तक यूपीआई से लेनदेन 12000 गुना बढ़ी

जागरण की ख़बर है कि यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआइ) ने 11 अप्रैल यानी शनिवार को अपनी 10वीं सालगिरह मनाई है। इस बीच सरकार ने कहा है कि अब दुनिया के रियल-टाइम पेमेंट ट्रांजेक्शन में भारत की हिस्सेदारी 49 प्रतिशत हो गई है और इसमें यूपीआइ का प्रमुख योगदान है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, लांच से अब तक यूपीआइ से लेनदेन की संख्या में 12 हजार गुना और लेनदेन के मूल्य में चार हजार गुना की बढ़ोतरी हुई है। सरकार का कहना है कि यूपीआइ का असली बदलाव सिर्फ ट्रांजेक्शन की संख्या तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसकी पहुंच घरेलू अनौपचारिक बाजारों तक भी है। आटो-रिक्शा चालकों से लेकर गांव की मंडियों और सड़क किनारे के विक्रेता तक यूपीआइ का इस्तेमाल कर रहे हैं।

कुछ और सुर्खियां:

  • मशहूर गायिका आशा भोसले फेफड़े के इंफेक्शन और दूसरी पेचीदगियों की वजह से ब्रिज कैंडल अस्पताल में भर्ती
  • बैंक में रखी रकम पर साइबर सेंध लगी तो बैंक करेगा भुगतान, नया नियम 1 जुलाई से
  • विदेशी पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स ने अप्रैल के सात कारोबारी सत्रों में 48 213 करोड रुपए के शेयरों की भारी बिकवाली की
  • बिहार में हर महीने औसतन लगभग 35 लाख उपभोक्ताओं को बिजली बिल नहीं मिल रहा

अनछपी: ईरान पर हमला करने, वहां के नेताओं की हत्या और वहां बड़े पैमाने पर तबाही मचाने के बाद अमेरिका का अब यह कहना है कि उसके साथ समझौता नहीं होने का यह मतलब है कि यह अमेरिका से ज्यादा ईरान के लिए बुरी खबर है। अमेरिका की यही सोच इस पूरे झगड़े की असली वजह है। इस मौके पर फौरी तौर पर यह बात याद रखने की है कि इस जंग से ईरान के साथ-साथ पूरी दुनिया परेशान हुई है और सबको आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है जिसकी पूरी की पूरी जिम्मेदारी अमेरिका और उसके हथियारों की मदद से कत्लेआम करने वाले इसराइल की है। जैसे जंगल में जानवरों को खून की लत लग जाती है इस तरह अमेरिका को हर दूसरे देश पर हमले करने की लत लगी हुई है और हाल ही में उसने जिस तरह वेनेजुएला के राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को उठाकर अपने यहां के जेल में डाल दिया, उसे इसकी लटकन अंदाजा लगता है। इस हमले की शुरुआत से पहले भी लोगों ने यह कहा कि अमेरिका ने ईरान को इसी तरह समझा, जंग के दौरान और जंग के बाद भी वह इसी रवैए पर कायम लगता है। इसमें कोई दो राय नहीं कि अमेरिका अब फिर से ईरान पर हमले कर सकता है और उसे धौंसाने की कोशिश कर सकता है लेकिन शायद उसे इस बात का अब तक एहसास नहीं हो पाया है कि ईरान वेनेजुएला नहीं है और वहां की जनता फिलहाल उसके सामने झुकने को तैयार नहीं है। बहरहाल दुनिया के सभी देशों को इस बात पर गंभीरता से विचार करना चाहिए कि अमेरिका की दादागिरी से कैसे निकाला जाए। अगर उन्होंने ऐसी कोशिश नहीं की तो हमला तो ईरान पर होगा लेकिन उसका असर सब पर होगा

 

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