छपी-अनछपी: टेंडर घोटाले में दो आईएस अफसर सस्पेंड, बंगाल में ममता के भतीजे पर हमला

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और अनुचित लाभ लेने के गंभीर आरोपों में दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों- अभिलाषा कुमारी शर्मा  और योगेश कुमार सागर को सस्पेंड कर दिया गया है। हिंसा पीड़ितों से मिलने गए पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे सांसद अभिषेक बनर्जी के साथ मारपीट की गई है। केंद्र सरकार द्वारा आयोजित होने वाली एक और परीक्षा सीयूईटी यूजी में गड़बड़ी के बाद हंगामा मचा है।

और, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और सरकार में 10 सर्कुलर रोड वाले क्वार्टर पर तकरार।

पहली ख़बर

प्रभात ख़बर ने लिखा है कि अफसरों को मोटी घूस देकर सरकारी टेंडर मैनेज करने वाले हाइप्रोफाइल ठेकेदार रिशु रंजन सिन्हा उर्फ रिशु श्री की गिरफ्तारी के बाद बिहार सरकार ने प्रशासनिक अमले में बड़ी सर्जरी की है. राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और अनुचित लाभलेने के गंभीर आरोपों में दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों-अभिलाषा कुमारी शर्मा (2014 बैच) और योगेश कुमार सागर (2017 बैच) को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है. सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा शनिवार को जारी निलंबन आदेश के मुताबिक, यह कार्रवाई विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से प्राप्त बेहद संवेदनशील दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों और बयानों के आधार पर की गयी है. प्रशासनिक गलियारों में इस कार्रवाई से हड़कंप मचा है, क्योंकि बिहार के इतिहास में चारा घोटाले के बाद यह पहला मौका है जब दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों पर एक साथ निलंबन की गाज गिरी है.

क्या क्या गुल खिलाए

आईएएस योगेश कुमार सागर के निलंबन की कहानी सीधे तौर पर बुडको में टेंडर फिक्सिंग और उपकृत करने के खेल से जुड़ी है. ईडी की तफ्तीश में सामने आया कि रिशु श्री के करीबी कारोबारी सहयोगी बृजेश नरोला की गुजरात स्थित कंपनी जैनम एंगीकॉन प्राइवेट लिमिटेड को बुडको ने काली सूची (ब्लैकलिस्ट) में डाल रखा था. योगेश सागर जब बुडको के एमडी थे, तब 16 मई 2025 को इस दागी कंपनी को अचानक काली सूची से बाहर कर दिया गया. इस उपकार के ठीक एक महीने बाद आइएएस योगेश कुमार सागर एक आलीशान विदेश दौरे पर निकल गये. ईडी ने जब उनके बैंक खातों और रिशु श्री के वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड को खंगाला, तो साफ हो गया कि इस विदेश यात्रा का पूरा खर्च और हवाई टिकटों का पैसा इसी ठेकेदार के जरिये रूट किया गया था.

अभिषेक बनर्जी के साथ मारपीट

भास्कर के अनुसार पश्चिम बंगाल की पूर्ववर्ती तूणमूल सरकार में ममता बनर्जी के बाद दूसरे सबसे ताकतवर शख्स रहे अभिषेक बनर्जी के साथ शनिवार को लोगों ने मारपीट कर दी। सांसद अभिषेक ममता के भतीजे और तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव हैं। वह सोनारपुर इलाके में चुनाव बाद हुई हिंसा के पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे थे। पुलिस ने बताया कि स्थानीय लोगों ने पहले धक्का-मुक्की की, फिर कुछ अज्ञात लोगों ने उन पर पत्थर, जूते और अंडे फेंके। इस दौरान चोर-चोर के नारे भी लगाए गए। हंगामे के बीच अभिषेक को हेलमेट पहनाकर इलाके से बाहर निकाला गया। उन्हें भारी पुलिस फोर्स के साथ अपोलो अस्पताल ले जाया गया। वहीं ममता भी उनसे मिलने पहुंची। उन्होंने मीडिया से कहा कि अब शासक हत्यारे बन गए हैं। भाजपा पर शर्म आती है। कांग्रेस ने इसकी निंदा की। पार्टी अध्यक्ष खड़गे ने कहा कि बनर्जी पर हमला चौंकाने वाला है। वहीं बंगाल में भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा- यह घटना उन स्थानीय लोगों के गुस्से का नतीजा हो सकती है, जिन्हें सालों प्रताड़ित किया गया।

सीयूईटी यूजी में गड़बड़ी के बाद हंगामा

जागरण के अनुसार नीट यूजी के पेपर लीक व सीबीएसई के आन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) के जरिए कराए गए मूल्यांकन में गड़बड़ियों का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि शनिवार को विश्वविद्यालयों के स्नातक कोर्सों में प्रवेश से जुड़ी और नीट-यूजी के बाद देश की दूसरी सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा सीयूईटी की गड़बड़ियों का एक नया मामला सामने आया। एनटीए के अंदर खामी किस तरह व्याप्त हैं, इसका नजारा फिर देखने को मिला। सीयूईटी-यूजी की शनिवार सुबह नौ बजे से होने वाली परीक्षा तकनीकी गड़बड़ियों के चलते समय पर शुरू नहीं हो पाई। बाद में लंबी मशक्कत के बाद को दो से ढाई घंटे की देरी से कराया गया। इस दौरान परीक्षा केंद्रों पर भारी अफरा-तफरी का माहौल रहा। छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने तकनीकी गड़बड़ियों के चलते परीक्षा समय से शुरू न हो पाने को लेकर अभिभावकों व छात्रों से खेद जताया है। साथ ही कहा कि तकनीकी सेवा प्रदान करने वाली एजेंसी टीसीएस को गड़बड़ी के मूल कारण का विश्लेषण करने और अपनी रिपोर्ट तुरंत पेश करने के लिए कहा गया है।

ईरान बोला- अमेरिका के साथ अभी कोई समझौता नहीं

अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए शांति समझौते पर असमंजस का दौर खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। होर्मुज स्ट्रेट के प्रबंधन को लेकर अड़े ईरान ने कहा है कि अमेरिका के साथ अभी कोई समझौता तय नहीं है। इसे अंतिम रूप नहीं दिया गया है। जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित समझौता पर फैसला टाल दिया है। उन्होंने कहा कि वह इस पर जल्द निर्णय करेंगे। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने स्पष्ट किया कि अमेरिका के साथ अभी तक किसी भी समझौते को अंतिम रूप नहीं दिया गया है। दोनों पक्ष के बीच संदेशों का आदान प्रदान जारी है।

डीके शिवकुमार होंगे कर्नाटक के नए सीएम

कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार अब राज्य के नए मुख्यमंत्री बनेंगे। जागरण के अनुसार वोक्कालिगा समुदाय से आने वाले 64 वर्षीय शिवकुमार को पार्टी विधायक दल ने सर्वसम्मति से अपना नया नेता चुन लिया है। शनिवार को विधान सौध में आयोजित बैठक में निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्दरमैया ने विधायक दल के नए नेता के रूप में शिवकुमार के नाम का प्रस्ताव रखा। वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री जी परमेश्वर ने प्रस्ताव का समर्थन किया। इसके बाद सर्वसम्मति से प्रस्ताव को पारित कर दिया गया। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर बैठक में उपस्थित रहे। विधायक दल की बैठक के बाद शिवकुमार ने लोकभवन में राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया। इस पर राज्यपाल गहलोत ने उन्हें अपने कैबिनेट सहयोगियों के साथ राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के लिए आमंत्रित किया। शपथ ग्रहण समारोह तीन जून को शाम 4.05 बजे लोक भवन परिसर में होगा। कर्नाटक में कांग्रेस सरकार को तीन साल पूरे हो चुके हैं।

राबड़ी देवी और सरकार में 10 सर्कुलर रोड वाले क्वार्टर पर तकरार

हिन्दुस्तान के अनुसार दस सर्कुलर रोड आवास पर राजद और सरकार में ठन गई है। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने आवास खाली करने से साफ इनकार कर दिया है। भवन निर्माण विभाग ने उन्हें 15 दिन की मोहलत दी है। इस अवधि में आवास खाली नहीं हुआ तो कानून सम्मत कदम उठाए जाएंगे। इस मामले में एनडीए और राजद नेताओं में सियासी तकरार छिड़ गई है। लालू-राबड़ी परिवार दो दशक से 10 सर्कुलर रोड आवास में रह रहा है। 25 नवम्बर को नेता प्रतिपक्ष आवास कर्णांकित करते हुए 39, हार्डिंग रोड बंगला राबड़ी देवी को आवंटित किया गया था। भवन निर्माण विभाग ने 27 मई को 10 सर्कुलर रोड आवास डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित किया। राबड़ी से इसे खाली करने का अनुरोध किया गया। तब राबड़ी देवी सपरिवार दिल्ली में थीं। पटना आने पर उन्होंने शनिवार को दो टूक कहा कि सम्राट चौधरी नए-नए मुख्यमंत्री बने हैं। फोर्स बुलाकर खाली करा लें। हम आवास खाली नहीं करेंगे। वहीं, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा है कि राबड़ी देवी को कानून और नियम का पालन करना चाहिए। इस मामले में जो कानून कहता है, वही होगा।

कुछ और सुर्खियां:

  • गोपालगंज में पुलिस मुठभेड़ पर ₹50000 के इनामी बदमाश आकाश सिंह को गोली लगी
  • पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के 7 कॉलेजों में एक साथ बदले गए प्रिंसिपल, मगध यूनिवर्सिटी के पूर्व वीसी एसपी शाही को भेजा गया एएनएस कॉलेज, बाढ़
  • झारखंड सरकार वैभव सूर्यवंशी को बनाएगी स्वास्थ्य का ब्रांड एंबेसडर
  • आईपीएल के फाइनल में आज रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटल्स के बीच मुक़ाबला

अनछपी: पश्चिम बंगाल में जिस तरह ममता बनर्जी की हार के बाद उनकी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हमले हुए हैं उस पर किसी को हैरत नहीं होती लेकिन जिस तरह उनके भतीजे और सांसद अभिषेक बनर्जी को हिंसा का शिकार बनाया गया उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि मामला किस हद तक बिगड़ा हुआ है। भारतीय जनता पार्टी ने हमेशा बंगाल में अपने कार्यकर्ताओं पर हिंसा की शिकायत की लेकिन आज जब उसकी सरकार बनी है तो वही शिकायत उसके खिलाफ भी की जा रही है। इसमें गौर करने की बात यह है कि भारतीय जनता पार्टी और उसके समर्थक इस हिंसा को जायज ठहरने की कोशिश में कह रहे हैं कि अभिषेक बनर्जी ने जिस तरह की हरकतें की हैं, उसके खिलाफ यह गुस्सा है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने अब तक यह नहीं कहा कि हिंसा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और जो लोग हमले में शामिल थे उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। ऐसे में अगर ममता बनर्जी यह कहती हैं कि हमला करने वाले भारतीय जनता पार्टी के लोग थे तो शायद ही किसी को इस पर यकीन ना हो। खास कर जिस तरह अंडे लेकर महिलाएं खड़ी थी उससे तो यह बात बिल्कुल साबित होती है कि यह हमला पूर्व नियोजित था। बहाना जरूर अंडे बरसाने का है लेकिन असल में जिस तरह उन पर पत्थर बरसे उससे इस हिंसा के पीछे के लोगों का अंदाजा किया आ सकता है। यह बात अपनी जगह पर सही हो सकती है कि तृणमूल कांग्रेस ने अपनी सरकार के वक्त लोगों के साथ अत्याचार किया हो लेकिन इस वक्त मुद्दा वह नहीं है बल्कि सवाल यह है कि अगर बीजेपी की सरकार बनी है तो क्या सांसद भी सुरक्षित नहीं है? क्या बीजेपी की सरकार यह समझती है कि अभिषेक बनर्जी पर उनके कथित अपराधों के लिए कानूनी कार्रवाई करने के बजाय जहां-तहां पड़कर उनके साथ हिंसा की जाए? भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और उसके समर्थकों की बोली तो इसी तरह की है। वह इस हिंसा को मजाक के तौर पर पेश कर रहे हैं और उनकी बातों से कहीं ऐसा नहीं लगता कि वह कानून का सम्मान करना चाहते हैं।

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