बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। नेपाल के प्रधानमंत्री ने माना है कि उनके देश ने भी कई जगहों पर भारत की जमीन पर कब्जा कर रखा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ईरान से बहुत अच्छे समझौते के करीब है। भारी आलोचना के बाद सीबीएसई ने स्वीकार किया है कि उसके ऑनलाइन पोर्टल में डेटा ब्रीच खतरा है।
और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने दूसरी बार जीती आईपीएल चैंपियनशिप।
पहली ख़बर
जागरण के अनुसार नेपाल और भारत के बीच का सदियों पुराना रोटी-बेटी का रिश्ता एक बार फिर सीमा विवाद की तपिश में झुलस रहा है। संसद के चालू सत्र में नेपाल के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने एक ऐसा बयान दे दिया है, जिसने दोनों देशों के कूटनीतिक गलियारों में लेकर काठमांडू की सड़कों तक एक नया सियासी भूचाल ला दिया है। संसद में अपनी पहली उपस्थिति के दौरान शाह ने स्वीकार किया कि कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा को लेकर दोनों देशों में पुराना विवाद है। लेकिन उन्होंने चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि केवल भारत ने ही नेपाल की जमीन पर अतिक्रमण नहीं किया है, बल्कि नेपाल ने भी कई जगहों पर भारत की जमीन पर कब्जा कर रखा है। हालांकि, उन्होंने कहा कि भारत के साथ सीमा विवाद वार्ता और राजनयिक प्रयासों के माध्यम से हल किया जाएगा। ‘पीएम शाह के मुताबिक, उन्हें प्रधानमंत्री बनने के बाद ही इस तथ्य का पता चला है। उन्होंने अब इस उलझे हुए मुद्दे को सुलझाने के लिए इतिहासकारों, सर्वेक्षकों और विशेषज्ञों की मदद से द्विपक्षीय बातचीत की वकालत की है। इतना ही नहीं, चूंकि यह विवाद ब्रिटिश काल से जुड़ा है और चीन की सीमा के करीब है, इसलिए नेपाल ने इस इस मामले में भारत के अलावा चीन और ब्रिटेन के साथ भी राजनयिक चर्चा की है और चार-देशीय बातचीत का रुख अपनाया है।
अमेरिका और ईरान अच्छे शांति समझौते के करीब : ट्रंप
हिन्दुस्तान के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार और कहा है कि अमेरिका और ईरान अच्छे शांति समझौते के करीब है। मगर वार्ता विफल रहती है तो हम सैन्य कार्रवाई का विकल्प अपनाएंगे। एक साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा, हम बहुत अच्छे समझौते के करीब हैं, अगर हम इसे सफल बना लेते हैं तो ठीक है, वरना हम सीधे युद्ध शुरू करेंगे। अमेरिका वार्ता के माध्यम से समझौता करना पसंद करता है, लेकिन इस बात पर बल दिया कि समझौते में परमाणु हथियारों पर सख्त गारंटी शामिल होनी चाहिए। वे इस पर सहमत हो गए हैं। ट्रंप ने कहा कि सैन्य कार्रवाई विकल्प बनी हुई है, मगर कूटनीति बेहतर विकल्प है।
सीबीएसई ने स्वीकार किया- ऑनलाइन पोर्टल में सिक्योरिटी का खतरा
जागरण के अनुसार केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की आन स्क्रीन मार्किंग की गड़बड़ियों का तूफान अभी थमा भी नहीं है कि अब 12वीं बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के डाटा ब्रीच के मामले का नया घमासान सामने आ गया है। उत्तर पुस्तिकाओं का डाटा पब्लिक डोमेन में उपलब्ध होने की बात अब तक नकार रही सीबीएसई ने रविवार को आखिरकार अपने सर्विस प्रोवाइडर के आन मार्क पोर्टल में साइबर सुरक्षा से जुड़ी खामियों को स्वीकार किया। आन मार्क पोर्टल एक आन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम है जिसका इस्तेमाल इस साल 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं को जांचने के लिए किया गया था। सीबीएसई ने दावा किया है कि आन मार्क पोर्टल में पहचान की गई कमियों को ठीक कर लिया गया है और अन्य संभावित कमजोरियों की जांच कर इन्हें दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
ठेकेदार और आईएएस अफसरों के बीच चलता था कमीशन का 10% फॉर्मूला
प्रभात खबर के अनुसार बिहार के बहुचर्चित टेंडर घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार हाईप्रोफाइल ठेकेदार रिशु रंजन सिन्हा उर्फ रिशु श्री को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) की जांच में रोज नये और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. ईडी के आरोपों के मुताबिक, रिशु श्री ने सरकारी टेंडर हासिल करने और उनसे अवैध काली कमाई करने का एक पूरा समानांतर तंत्र (सिंडिकेट) खड़ा कर रखा था. उसने बड़े अफसरों, उनकी पत्नियों की शादी की सालगिरह और बच्चों के जन्मदिन की तारीखें बकायदा नोट कर रखी थीं. इस बीच, रिशु श्री के पैसे पर ऐश करने के आरोप में सस्पेंड किये जी चुके 2014 बैच की आइएएस अधिकारी अभिलाषा कुमारी शर्मा और 2017 बैच के योगेश कुमार सागर पर अब एफआइआर दर्ज होने की तलवार लटक गयी है. जांच एजेंसी के मुताबिक, विभिन्न सरकारी विभागों में टेंडर जारी होने के बाद जो भी कंपनियां रिशु श्री से संपर्क करती थीं, उन्हें योग्य ठेकेदार के रूप में स्थापित कर टेंडर दिलाने की पूरी सेटिंग की जाती थी. इसके बदले वह कुल ठेका राशि का 8 से 10 प्रतिशत तक कमीशन वसूलता था. ईडी का दावा है कि इस प्राप्त कमीशन का एक बहुत बड़ा हिस्सा संबंधित विभागों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और रसूखदार कर्मचारियों के बीच बांटा जाता था.
मुजफ्फरपुर में गोलियों की बौछार, पूर्व मेयर के मर्डर का मुल्ज़िम मारा गया
मुजफ्फरपुर से हिन्दुस्तान की खबर है कि शहर के छोटी कल्याणी स्थित आइकॉन टावर में रविवार की रात करीब 9:45 बजे गैंगवार में कुख्यात शूटर गोविंद शर्मा उर्फ गोविंद कुमार (40) की हत्या कर दी गई। दो शूटरों ने सीढ़ी पर घात लगा उसे आधा दर्जन से ज्यादा गोलियां मारीं। गोविंद पटना से लौटा था। पॉश इलाके में हुई इस सनसनीखेज वारदात से हड़कंप मच गया है। मौके से पुलिस ने नाइन एमएम पिस्टल के 6 खोखे और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस का मानना है कि अत्याधुनिक नाइन एमएम पिस्टल से फायरिंग की गई है, क्योंकि बर्स्ट फायरिंग में ही खोखे के साथ कारतूस भी निकलता है। गोविंद मनियारी थाने के सिलौत गजपति गांव का रहने वाला था। वह आइकॉन टावर के एक फ्लैट में किराए पर रहता था। बुधवार रात 9:45 बजे वह पटना से कार से लौटा था। कार से उतरकर जैसे ही सीढ़ी से फ्लैट की ओर बढ़ा, घात लगाए दो शूटरों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने के बाद गोविंद भागकर सीढ़ी से नीचे उतरा और बचाव में कुर्सी उठाकर शूटरों की ओर फेंकी। लेकिन, तब तक उसे आधा दर्जन से अधिक गोलियां लग चुकी थीं। मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु दूसरी बार जीती आईपीएल चैंपियन
अहमदाबाद के मोदी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने एकबार फिर इतिहास रच दिया। आईपीएल सीजन-19 के फाइनल में गुजरात को 5 विकेट से हराकर बेंगलुरु लगातार दूसरी बार चैम्पियन बन गई। आरसीबी ऐसा करने वाली इतिहास की तीसरी टीम बन गई। इससे पहले, चेन्नई (2010, 2011) और मुंबई (2019, 2020) ही लगातार दो साल चैम्पियन बन पाई हैं। आरसीबी ने पिछले साल (3) जून 2025) इसी मैदान पर पंजाब को हराकर अपना पहला खिताब जीता था। इस बार की जीत के साथ ये पहली टीम बन गई, जिसने अपने शुरुआती दोनों आईपीएल खिताब एक ही न्यूट्रल/विपक्षी मैदान (अहमदाबाद) पर लगातार दो साल जीते हैं। इससे पहले, आरसीबी ने टॉस जीतकर गुजरात को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया। गुजरात 20 ओवर में 155 रन ही बना सकी। मैच के हीरो विराट कोहली ने 42 गेंदों में नाबाद 75 रन बनाकर एक बार फिर साबित कर दिया कि उन्हें चेज मास्टर क्यों कहते हैं। विजयी छक्का भी कोहली के बल्ले से आया। बेंगलुरु की पहली जीत 18 साल के इंतजार के बाद आई थी और दूसरी सिर्फ 12 महीने में।
कुछ और सुर्खियां:
- बिहार विधान परिषद की 10 सीटों के लिए नामांकन आज से
- भोजपुर जिले के शहर प्रखंड में सोन नदी में नहाने के दौरान 6 दोस्त डूबे, तीन की मौत
- हिंदी और मराठी फिल्मों की जानी-मानी गायिका सुमन कल्याणपुर का मुंबई में 89 साल की उम्र में निधन
- दिल्ली में मकान ढहने के हादसे में 6 लोगों की मौत, बिहार के दो इंजीनियरों की भीबगई जान
- पश्चिम बंगाल में टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी पर भी पथराव
अनछपी: बिहार के एक ठेकेदार और आईएएस अधिकारियों के बीच टेंडर घोटाले की खबर वैसे तो कहा जा रहा है कि लालू प्रसाद के समय के चारा घोटाले की याद दिलाता है लेकिन सवाल यह है कि क्या जिस तरह उस समय लालू प्रसाद के खिलाफ केस हुआ वैसा ही कोई केस इस बार पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनके दूसरे मंत्रियों के खिलाफ होगा? पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बारे में कई बार यह शक जाहिर किया गया है कि उनकी कोई फाइल किसी ऐसी जगह है जिसके दबाव में आकर वह भारतीय जनता पार्टी से समझौता करने को मजबूर हुए थे। हालांकि इस आरोप को कोई साबित नहीं कर सका लेकिन जिस तरह अभी आईएएस अधिकारियों और ठेकेदार के बीच कमीशनखोरी का मामला सामने आया है, विपक्ष इसे बड़ा मुद्दा बन सकता है। यह देखने की भी जरूरत है कि जिन विभागों के बारे में खास तौर पर इस तरह की कमीशनखोरी की शिकायत आई है, वह विभाग क्या नीतीश कुमार की पार्टी के मंत्रियों के पास थे या भारतीय जनता पार्टी के मंत्रियों के पास। बिहार में आमतौर पर यह माना जाता है कि अगर कहीं भ्रष्टाचार है तो उसकी जड़ भी कहीं होगी और वह जड़ निश्चित रूप से मंत्रियों तक पहुंचती है। चूंकि इस समय बिहार में कथित डबल इंजन की सरकार है इसलिए बहुत कम लोगों को यह उम्मीद होगी कि केंद्र की सरकार इसकी सीबीआई से और सही तरीके से जांच करवाएगी। ऐसे में चारा घोटाले को याद करना जरूरी है क्योंकि पूरा विपक्ष उस समय लालू प्रसाद के खिलाफ हो गया था और एक तरह का जन आंदोलन खड़ा करके उन्होंने न केवल सीबीआई जांच करवाई बल्कि लालू प्रसाद को सजा दिलवा कर अपनी राजनीति भी चमका ली। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस मामले में राष्ट्रीय राजनीति में विपक्ष का चेहरा बनी कांग्रेस का रवैया क्या रहता है? क्या वह इस मामले को संसद में उठाएगी और अदालतों तक ले जाएगी? अगर कांग्रेस और राजद ऐसा कुछ करने में कामयाब नहीं होते तो कमीशनखोरी का इतना बड़ा मुद्दा भी आसानी से रफा दफा हो जाएगा।
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