बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। टूरिज़्म डिपार्टमेंट के इंजीनियर अवधेश कुमार सिन्हा के तीन ठिकानों पर छापेमारी में 1.41 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति का पता चला है। जॉर्डन में एयरबेस पर ईरान के मिसाइल-ड्रोन हमले के दौरान दो अमेरिकी सैनिक मारे गए। वर्ल्ड कप फुटबॉल का फाइनल मैच आज देर रात 12:30 बजे से खेला जाएगा।
और, खान सर का विवादित बयान- हमें जो जीजा मानता है वही फैज़ल खान बोलता है।
पहली ख़बर
प्रभात ख़बर के अनुसार निगरानी विभाग ने पर्यटन विभाग के अधीक्षण अभियंता अवधेश कुमार सिन्हा के तीन ठिकानों पर छापेमारी की. तलाशी में उनके आवास से 1.41 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति का पता चला है. इसके पहले अवधेश कुमार सिन्हा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कर उनके पटना स्थित तीन ठिकानों पर शुक्रवार की देर रात तक सघन तलाशी ली गयी. निगरानी के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि अधीक्षण अभियंता के खिलाफ एक करोड़ 41 लाख 90 हजार रुपये का आय से अधिक संपत्ति का खुलासा हुआ. यह उनकी कुल आय से करीब 75% अधिक है. निगरानी की विशेष न्यायालय से सर्च वारंट मिलने के बाद निगरानी विभाग की तीन अलग-अलग टीमों ने अधीक्षण अभियंता के राजीव नगर थाने के आशियाना नगर के फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित आवास ‘मंगलम’ और कार्यालय सहित तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. तलाशी के दौरान इंजीनियर और उनके परिजनों के नाम पर करोड़ों रुपये के निवेश, कीमती जेवरात और बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज भी मिले हैं।
जॉर्डन में दो अमेरिकी फौजी मरे
भास्कर के अनुसार अमेरिका-ईरान जंग होर्मुज से निकलकर एक बार फिर पूरे पश्चिम एशिया में फैलती जा रही है। ईरान ने शनिवार को चार देशों को निशाना बनाया और करीब चार महीने बाद सऊदी अरब में अमेरिकी सैन्य बेस पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। जॉर्डन के अज्रक एयरबेस पर मिसाइल-ड्रोन हमले के दौरान दो अमेरिकी सैनिक मारे गए। एक सैनिक लापता है, जबकि चार घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि अज्रक में विमानों के हैंगर और पार्किंग क्षेत्र पर हमले में दो फाइटर जेट समेत पांच अमेरिकी विमान तबाह हुए। जॉर्डन ने 10 ईरानी मिसाइलें और इराक ने इरबिल के ऊपर हमलावर ड्रोन मार गिराने का दावा किया। ईरान ने फिर कुवैत के वाटर प्लांट और ऑयल डिपो पर हमला किया।
अमेरिकी हमले में ईरान का वाटर प्लांट तबाह
प्रभात ख़बर ने लिखा है कि अमेरिका और ईरान ने शनिवार को भी एक-दूसरे के बुनियादी ढांचे (वाटर प्लांट) और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर हमले किये. ईरान ने शनिवार को दावा किया कि अमेरिका ने होर्मोजगान प्रांत में हवाई हमला कर बोंजी डिसैलिनेशन प्लांट को तबाह कर दिया. हमले के बाद 20 गांवों के करीब 10 हजार लोगों की पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गयी है. वहीं, कुवैत ने कहा कि ईरान ने लगातार दूसरे दिन उसके पानी के प्लांट को निशान बनाया है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि उसने लगातार सातवीं रात ईरान के खिलाफ अभियान में उसकी सैन्य क्षमता को कमजोर करने के उद्देश्य से हमले किये. शनिवार तड़के जारी बयान में कहा गया कि इन हमलों में निगरानी केंद्रों, सैन्य साजो-सामान, भूमिगत हथियार भंडार और समुद्री सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया गया. ईरान में पुलों और बिजली घरों पर हमले हुए है. ईरानी सरकारी टेलीविजन के अनुसार, अमेरिकी हवाई हमलों में दक्षिणी होर्मोजगान प्रांत के कई पुलों को निशाना बनाया गया.
फुटबॉल बर्ल्ड कप फाइनल आज
हिन्दुस्तान के अनुसार विश्व फुटबॉल की बादशाहत के लिए रविवार रात मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना का सामना स्पेन से होगा। अर्जेंटीना के पास लगातार दूसरी बार विश्व विजेता बनने का मौका है। वह लगातार दो खिताब जीतने के ब्राजील के रिकॉर्ड की बराबरी कर सकता है। अर्जेंटीना अब तक तीन बार फीफा विश्व कप जीत चुका है, जबकि स्पेन दूसरी बार जान लगाएगा। फाइनल मैच रविवार देर रात 12:30 बजे से खेला जाएगा।
उद्धव शिवसेना के छह सांसद शिंदे के साथ विलय करेंगे
जागरण की ख़बर है कि संसद के मानसून सत्र से पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों के शिवसेना (एकनाथ शिंदे) में विलय को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही लोकसभा में शिवसेना की ताकत 13 सांसदों की हो गई है। लोकसभा अध्यक्ष ने तृणमूल कांग्रेस से बगावत करने वाले 20 सांसदों के लिए अलग बैठने की व्यवस्था को भी मंजूरी दे दी है। इन बागी सांसदों ने पिछले महीने नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी आफ इंडिया (एनसीपीआइ) में शामिल होने का एलान किया था। विभाजन के बाद तृणमूल में नौ और शिवसेना (यूबीटी) में तीन सांसद रह गए हैं। सूत्रों के अनुसार, तृणमूल से बगावत करने वाले 20 सांसद अपनी मूल पार्टी से अलग बैठेंगे।
रायपुर में बिहार के एक ही परिवार के पांच की मौत
हिन्दुस्तान के अनुसार छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र में बिहार के एक ही परिवार के पांच सदस्यों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि 45 वर्षीय बैट्री कारोबारी सय्यद शाहिद उर्फ सज्जू ने पहले अपनी पत्नी और तीन बच्चों को खाने में जहर दिया। बाद में स्वयं फंदे में झूलकर आत्महत्या कर ली। हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही होगी। पुलिस ने शनिवार सुबह बताया कि शाहिद मूलरूप से बिहार का निवासी था। उसका भाई जहीर अली रायपुर के कुकरीपारा क्षेत्र में रहता है, जिसने पांचों शवों की पहचान की। पुलिस मकान मालिक सय्यद उमेर अली से भी पूछताछ कर रही है। बताया जा रहा है कि उमेर पूर्व महापौर एजाज ढेबर के निजी सचिव रह चुके हैं। पुलिस के अनुसार, संजय नगर निवासी मकान मालिक सय्यद उमेर अली के मकान में पिछले लगभग आठ माह से किराये पर रह रहे सय्यद शाहिद उर्फ सज्जू अपनी पत्नी राबिया पुत्र इरशाद अली, पुत्री शाहिदा तथा बेटी इरशाबा बेगम के साथ रहते थे।
नालंदा में परिवार के तीन लोगों ने आत्महत्या की
नालंदा ज़िले के चंडी थाना क्षेत्र के विशुनपुर गांव से शनिवार को दिल दहलाने वाली घटना सामने आयी है। हिन्दुस्तान के अनुसार एक ही परिवार के चार लोगों ने अलग-अलग आत्महत्या का प्रयास किया। हादसे में पिता के साथ बेटे और बहू की मौत हो गयी। छोटे बेटे का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है। उसकी हालत गंभीर बतायी जा रही है। मृतकों में 62 वर्षीय दिलचंद्र तांती, 40 वर्षीय पुत्र रंजीत कुमार और उसकी पत्नी 30 वर्षीया गौरी देवी शामिल हैं। छोटे बेटे पुरुषोत्तम (35) का इलाज चल है।
“हमें जो जीजा मानता है वही फैज़ल खान बोलता है”
भास्कर के अनुसार कोचिंग विवाद की जांच के बीच फैजल खान का एक विवादित बयान सामने आया है। एक पॉडकास्ट में उन्होंने कहा कि जिन बच्चों को हमने पढ़ाया है, उनके लिए हम आज भी खान सर हैं और आगे भी खान सर ही रहेंगे। उन्होंने कहा, मेरी शादी हो गई है। ससुराल वाले मुझे फैजल खान कहते हैं। जो हमें जीजा मानता है, वही फैजल खान कहता है। हाल ही में फैजल खान, उनके बॉडीगार्ड और तीन स्टाफ को कोर्ट से राहत मिली है। कोचिंग और अस्पताल में केवल नकद भुगतान लेने के आरोप पर फैजल खान ने कहा कि यह भी गलत है।
कुछ और सुर्खियां:
- भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया तो कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके भूख हड़ताल पर बैठे
- गुजरात की राजधानी अहमदाबाद में अवैध पटाखा फैक्ट्री में लगी आग, 9 की मौत
- हेलीकॉप्टर से पटना की सैर शुरू, पहले ही दिन एक माह की बुकिंग
- बीपीएससी की 72वीं सिविल सेवा पॉइंट फिलहाल स्थगित, अगली तारीख बाद में बताई जाएगी
- पटना और बांका समेत 12 ठिकानों पर 131 करोड़ के बालू घोटाले में ईडी के छापे, 2.92 करोड़ कैश मिला
अनछपी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चाहे जितना स्वागत किया हो या भारत में उनके लिए चाहे जितना समर्थन पाया जाता हो एक ताल हकीकत यह है कि उनके प्रशासन में भारतीय छात्रों की समस्याएं दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं। ताज़ा ख़बर आई है कि होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट ने इमिग्रेशन से जुड़ा एक नया और सख्त नियम लागू किया है। इसके तहत एफ-1 छात्र वीजा होल्डर्स, जे-1 एक्सचेंज विज़िटर्स और विदेशी पत्रकारों के लिए आइ वीजा होल्डर्स के अमेरिका में रहने की समय-सीमा अधिक से अधिक चार साल तय कर दी गई है। समझा जाता है कि इस कदम का असर लाखों भारतीय नागरिकों पर पड़ सकता है। नीति में इस बदलाव से खासकर भारतीय छात्रों और पेशेवरों की चिंता बढ़ गई है। नए नियम के तहत, ज्यादातर विदेशी छात्रों और एक्सचेंज विजिटर्स को अमेरिका में सिर्फ अपने तय एकेडमिक कोर्स या प्रोग्राम की अवधि तक ही रहने की इजाजत होगी, और यह समय-सीमा एक बार में अधिक से अधिक चार साल तक ही सीमित होगी। सवाल यह है कि क्या भारत का विदेश मंत्रालय किस स्थिति से अवगत है और क्या वह छात्रों की चिंता को अमेरिकी प्रशासन के सामने उठाएगा? अमेरिका पहले ही व्यापार के मामले पर भारत के लिए प्रतिकूल परिस्थितियां पैदा कर रहा है। ऐसे में इतना तो पूछा ही जा सकता है कि राष्ट्रपति ट्रंप को अपना दोस्त बताने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस स्थिति से निपटने की क्या तैयारी कर रहे हैं?
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