बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। मुजफ्फरपुर की पुलिस ने यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में रह रहे दो लोगों को आर्म्स स्मगलिंग करते पकड़ा है। ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत रुकने पर कहा है कि इसकी वजह अमेरिका की एक तरफ़ा मांग है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 14 अप्रैल को कैबिनेट की बैठक बुलाई है जिसे उनके कार्यकाल की अंतिम कैबिनेट बैठक माना जा रहा है। मशहूर गायिका आशा भोसले का 92 साल की उम्र में निधन हो गया।
और, जानिएगा कि झारखंड में एक्साइज़ सिपाही भर्ती में सेटिंग के लिए एक-एक उम्मीदवार से लिए जा रहे थे 15-15 लाख रुपये।
पहली ख़बर
जागरण के अनुसार मुजफ्फरपुर में कुलपति आवास पर बम फेंकने की घटना के एक सप्ताह के अंदर पुलिस ने बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय के पीजी हॉस्टल 3 से आर्म्स तस्करी का पर्दाफाश किया है। दो बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से 7.65 बोर के 200 कारतूस जब्त किए गए। वहीं हास्टल के कमरे से पिस्टल का होलस्टर (कवर) और एक मैगजीन जब्त किया गया। एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने प्रेस कान्फ्रेंस में बताया कि 200 कारतूस के साथ दो को पकड़ा गया है। पूछताछ कर आर्म्स तस्करी के रैकेट में शामिल अन्य के बारे में जानकारी जुटाई गई है। इन्हें पाजी मोहम्मदपुर थाने की पुलिस ने गाड़ी चेकिंग के दौरान पकड़ा था। जांच में पता चला कि दोनों हॉस्टल से ही कारतूस लेकर निकले थे और किसी जगह सप्लाई करने जा रहे थे। पकड़े गए दोनों लोगों की पहचान सिवान जिले के तरवारा थाने के माधोपुर के अभिषेक तिवारी और सीतामढ़ी के सुप्पी के नरहा कंसार के अनमोल के रूप में हुई है। दोनों हॉस्टल के कमरा नंबर 54 और 55 में अवैध ढंग से कब्जा कर रह रहा था।
अमेरिका-ईरान शांति वार्ता थमी
प्रभात खबर के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष को थामने की आखिरी उम्मीद भी रविवार को उस समय टूट गई, जब इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई ऐतिहासिक शांति वार्ता बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई. 21 घंटे तक चली मैराथन चर्चा के बाद दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान की राजधानी से रवाना हो गये. वार्ता की विफलता के साथ ही दो सप्ताह का नाजुक युद्धविराम अब खतरे में है और क्षेत्र में पूर्ण युद्ध की आशंका गहरा गयी है. 1979 की क्रांति के बाद यह पहला मौका था जब वॉशिंगटन और तेहरान के प्रतिनिधि इस स्तर पर आमने-सामने बैठे थे, लेकिन परमाणु निशस्त्रीकरण और होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण जैसे मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी.
कुछ मुद्दों पर बात नहीं बनी
हिन्दुस्तान के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता विफल होने के बाद ईरान ने दावा किया है कि अमेरिका की एकतरफा मांग के चलते बातचीत विफल हुई है। हिन्दुस्तान के अनुसार ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने रविवार को कहा, दोनों पक्ष कुछ बिंदुओं पर सहमत थे पर दो तीन अहम मसलों पर दोनों की राय अलग थी। हालांकि, उन्होंने कहा कि कूटनीति कभी खत्म नहीं होती। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ईरानी समाचार चैनल को बताया कि शनिवार से शुरू हुई बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच निरंतर संदेश का आदान- प्रदान हुआ, पर कुछ मसलों पर आपसी सहमति की स्थिति नहीं बनी।
नीतीश सरकार की आखिरी कैबिनेट बैठक कल
भास्कर के अनुसार बिहार में नई सरकार के गठन की कवायद बहुत तेज हुई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 14 अप्रैल को कैबिनेट की बैठक बुलाई है। यह नीतीश सरकार की आखिरी कैबिनेट होगी। इसके बाद नीतीश मुख्यमंत्री पद छोड़ेंगे। भाजपा ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को भाजपा विधायक दल नेता के चुनाव के लिए पर्यवेक्षक बनाया। उन्हीं की देखरेख में बिहार के नए मुख्यमंत्री चुने जाएंगे।
आशा भोसले नहीं रहीं
आठ दशक में 20 भाषाओं में 12 हजार से ज्यादा गीत गाने वाली स्वर लहरी आशा भोसले (92) का रविवार को निधन हो गया। मल्टीऑर्गन फेल्योर के कारण मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। सोमवार शाम 4 बजे शिवाजी पार्क में अंतिम संस्कार होगा। आशा भोसले का जन्म 8 सितंबर 1933 को महाराष्ट्र के सांगली में हुआ था। 16 साल की उम्र में उन्होंने परिवार के खिलाफ जाकर गणपतराव भोसले से शादी की। यह रिश्ता सफल नहीं रहा। परिवार में तीन बच्चे हैं जो संगीत और बिजनेस दोनों में सक्रिय हैं। गणपतराव से तलाक के बाद उन्होंने मशहूर संगीतकार आरडी बर्मन से शादी की। यह जोड़ी काफी सफल रही। उनके सबसे चर्चित गाने हैं- ‘पिया तू अब तो आजा…। दम मारो दम…। ये मेरा दिल प्यार का दीवाना…। आजा आजा मैं हूं प्यार तेरा… आदि हैं। ताई ने रेस्तरां की एक ग्लोबल चेन भी शुरू की थी। इसका पहला रेस्टोरेंट दुबई में खुला। इसका मैनचेस्टर, कुवैत सिटी जैसे शहरों में विस्तार हुआ। मार्च 2026 में रिलीज हुए मशहूर ब्रिटिश वर्चुअल बैंड ‘गोरिल्लाज’ में उनका गाना शामिल है।
एक्साइज़ सिपाही भर्ती परीक्षा में पास करने के लिए 15-15 लाख की डील
हिन्दुस्तान के अनुसारझारखंड में उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में पास कराने के नाम पर अभ्यर्थियों को ठगने वाले एक बड़े गिरोह का रविवार को खुलासा हुआ। इसमें सॉल्वर गैंग के सरगना जहानाबाद निवासी अतुल वत्स, पटना के विकास कुमार और पूर्वी चंपारण के मुकेश कुमार उर्फ शेर सिंह (तीन बिहार के) समेत पांच को गिरफ्तार किया गया है। उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा रविवार को थी। गिरोह के दो अन्य सदस्य आशीष कुमार और योगेश प्रसाद झारखंड में रामगढ़ के मांडू के रहने वाले हैं। 159 अभ्यर्थियों को भी पुलिस ने अपनी गिरफ्त में लिया है। गिरफ्तारी तमाड़ के रणगांव स्थित एक निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज से हुई है। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) के अध्यक्ष प्रशांत कुमार और रांची एसएसपी राकेश रंजन ने प्रेस कांफ्रेंस कर इसकी जानकारी दी है। साथ ही, स्पष्ट किया कि जांच में पेपर लीक का कोई प्रमाण नहीं मिला है। जेएसएससी अध्यक्ष ने बताया कि पुलिस की पूछताछ में यह बात सामने आयी है कि छात्रों से 15-15 लाख में सौदा हुआ था। मास्टरमाइंड और माफिया लोगों को फंसाते हैं।
कुछ और सुर्खियां:
- जदयू विधायक अमरेंद्र पांडेय पर फर्जी कागजात बनाकर जबरन जमीन कब्जा करने की साजिश के मामले में गैर जमानती वारंट जारी
- दरभंगा में आग लगने से सिलेंडर फटा, मां-बाप और बच्चे की मौत
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण बिल पर सभी सांसदों से पत्र लिखकर मांगा समर्थन
अनछपी: बिहार में तरक्की के तमाम दावों के बावजूद कई ऐसे मामले हैं जिनमें हम यह नहीं चर्चा कर पाते हैं कि यहां के लोगों को किन परेशानियों से जूझना पड़ता है। ऐसा ही एक मामला बाल श्रमिकों का है जिन्हें बिहार से बाहर मजदूरी के लिए तस्करी किया जाता है। अक्सर हम राजस्थान, महाराष्ट्र और दूसरे राज्यों में बिहार के कम उम्र बच्चों को मानव तस्करों से छुड़ाने की खबर पढ़ते रहते हैं लेकिन यह सिलसिला रुकता नहीं है। सच्चाई यह है कि हमें ऐसे कुछ ही मामलों की जानकारी मिल पाती है और ज्यादातर मामले हमारे समाज और सरकार से ओझल रहते हैं। अब ताजा जानकारी यह आई है कि मध्य प्रदेश के कटनी रेलवे स्टेशन पर 163 नाबालिगों को पटना-पुणे एक्सप्रेस से मुक्त कराया गया है। इन्हें बिहार से महाराष्ट्र ले जाया जा रहा था। समूह में शामिल आठ लोगों को बिना टिकट और दस्तावेजों के यात्रा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। यह सोच कर दिल कांप जाता है कि बचाए गए सभी किशोरों की उम्र छह से 13 वर्ष के बीच है। छह साल के बच्चे! मज़दूरी के लिए!! पुलिस का कहना है कि इन बच्चों को अररिया क्षेत्र से महाराष्ट्र के लातूर ले जाया जा रहा था। इस मामले में बिहार के विभिन्न जिलों के आठ लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 143 की उपधारा चार के तहत मामला दर्ज किया है। यह धारा 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे की तस्करी से संबंधित है और इसमें कठोर कारावास की सजा का प्रावधान है जो 10 वर्ष से कम नहीं होगी। तस्करों पर इस तरह की कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ समाज में जागरूकता लाना भी बेहद जरूरी है और इसे एक राजनीतिक मुद्दा बनाए जाने की भी जरूरत है।
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