बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। अंचलाधिकारी और राजस्व सेवा के अधिकारियों की 52 दिनों से जारी हड़ताल खत्म हो गई। घरेलू मुद्रा बाजार में डालर के मुकाबले रुपया भी 95 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया। पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्ट्रांग रूम में हेराफेरी का आरोप लगाते हुए खुद निगरानी की।
और, जब एमबीबीएस के परीक्षार्थी नक़ल पर अड़े तो सायंस कॉलेज ने इम्तिहान लेने से इनकार कर दिया।
पहली ख़बर
हिन्दुस्तान के अनुसार अंचलाधिकारी और राजस्व सेवा के अधिकारियों की नौ मार्च (52 दिनों) से जारी हड़ताल गुरुवार को समाप्त हो गई। बिहार राजस्व सेवा संयुक्त महासंघ ने मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह के साथ वार्ता के बाद हड़ताल वापस लेने का ऐलान किया। चार मई से अधिकारी अपने-अपने कार्यालयों में योगदान देंगे। वैसे महासंघ ने कहा है कि दो माह में मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो फिर से हड़ताल पर जायेंगे। सरकार ने हड़ताल अवधि में की गई दंडात्मक कार्रवाई को वापस लेने और हड़ताल अवधि को उपार्जित अवकाश में समायोजित करने का भरोसा दिया है। जय सिंह ने बताया कि वार्ता के बाद हड़ताल समाप्त हो गई है। अनुपस्थित या कार्य में लापरवाही पर प्रशासनिक कार्रवाई हो सकती है। विभाग ने जिला स्तर पर विशेष निगरानी की व्यवस्था शुरू करने का निर्णय लिया है। हड़ताल के कारण दाखिल-खारिज आदि कार्य प्रभावित हुए हैं। इधर, महासंघ के अध्यक्ष आनंद कुमार ने कहा, सरकार ने मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिया है। उम्मीद है कि दो माह में हमारी मांगें पूरी हो जाएंगी।
1 $= ₹95
जागरण के अनुसार पश्चिम एशिया संकट को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता पर अनिश्चितताओं का असर भारत पर भी पड़ता दिखने लगा है। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के असर को आम भारतीयों की जेब पर पड़ने से ज्यादा दिनों तक नहीं टाला जा सकता। गुरुवार को अंतराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 126.41 डालर प्रति बैरल तक पहुंच गईं जो पिछले चार में सबसे अधिक है। घरेलू मुद्रा बाजार में डालर के मुकाबले रुपया भी 95 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया। इससे वित्त मंत्रालय से लेकर आरबीआई तक के अधिकारियों के माथे पर दोहरी चिंता की रेखाएं गहरी हो गई हैं। वैसे बाजार बंद होने के समय रुपया 94.84 के स्तर पर (पिछले कारोबारी दिन के मुकाबले चार पैसे कमजोर) था, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि रुपया 95 के ऊपर अब असामान्य नहीं कहा जाएगा।
ममता ने स्ट्रांग रूम में हेराफेरी का आरोप लगा निगरानी को पहुंची
प्रभात खबर के अनुसार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस के नेताओं, कार्यकर्ताओं और मतदान एजेंट से इवीएम स्ट्रांगरूम की चौबीसों घंटे निगरानी करने की अपील की. देर शाम वह खुद भवानीपुर के सखावत मेमोरियल गर्ल्स हाइस्कूल स्थित स्ट्रॉन्ग रूम पहुंच गयीं. खराब मौसम और बारिश के बावजूद उन्होंने मौके पर जाकर निगरानी की. सुश्री बनर्जी के वहां पहुंचते ही बड़ी संख्या में भाजपा और तृणमूल समर्थक भी आ गये. इस दौरान वहां दोनों पक्ष आपस में उलझ पड़े. स्थिति को बिगड़ता हुआ देख बड़ी संख्या में पुलिस की टीम वहां पहुंची. काफी मशक्कत के बाद स्थिति को सामान्य किया गया. लगभग चार घंटे बाद मुख्यमंत्री शेखावत मेमोरियल गर्ल्स स्कूल से बाहर निकलीं. उन्होंने धांधली का आरोप लगाया और और चेतावनी दी कि मतगणना प्रक्रिया से किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की जाये.
ट्रंप की धमकी, ईरान का जवाब
जागरण के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी तनावपूर्ण हालात के बीच ईरान और अमेरिका के बीच टकराव और तेज हो गया है। ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला मोजतबा खामेनेई ने साफ कहा है कि परमाणु और मिसाइल क्षमता देश की राष्ट्रीय संपत्ति है और इसकी हर कीमत पर रक्षा की जाएगी। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो टूक कहा है कि तेहरान के साथ कोई भी समझौता तभी संभव है, जब वह अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह छोड़ दे। प्रभात ख़बर के अनुसार ट्रंप सरकार द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किये गये युद्ध को लेकर संसद में तीखी बहस देखने को मिली. रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ जब कांग्रेस के सामने पेश हुए, तो विपक्षी नेताओं ने युद्ध के खर्च और उद्देश्य पर सवाल उठाये. कई सांसदों ने आरोप लगाया कि बिना संसद की मंजूरी के युद्ध शुरू करना गलत है.
बच्चियों से घिनौना अपराध करने वालों पर माला चढ़ा दें: सम्राट
भास्कर के अनुसार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि 15 साल से कम उम्र की बच्चियों के साथ घिनौना अपराध करने वालों को माला नहीं पहनाएं, बल्कि उन पर माला चढ़ा दें। ऐसे अपराधियों को लाने या उन पर दूसरे किसी कार्रवाई की बिल्कुल जरूरत नहीं। ऐसी कुछ चीजें पहले ही दिन खत्म की जाएं। वे गुरुवार को प्रमंडलीय आयुक्तों, आईजी, डीआईजी, डीएम, एसएसपी, एसपी की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बोले-क्राइम, करप्शन व कम्युनिलिज्म से कोई समझौता नहीं होगा। घुसपैठिए बाहर किए जाएं।
नक़ल पर अड़े परीक्षार्थी तो एमबीबीएस की परीक्षा कराने का इनकार
भास्कर के अनुसार पटना साइंस कॉलेज ने आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी की एमबीबीएस की परीक्षा कराने का इनकार कर दिया है। वहां 28 अप्रैल से थर्ड प्रोफेशनल एमबीबीएस पार्ट-II परीक्षा 2025 चल रही है। गुरुवार को परीक्षा के दौरान नकल करने को लेकर परीक्षार्थियों ने हंगामा किया था। इसके बाद प्राचार्य ने आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक को पत्र लिखकर कहा है-अपरिहार्य कारणों से परीक्षा आयोजित कराना संभव नहीं है। हालांकि अपरिहार्य कारणों का खुलासा नहीं किया गया है। लेकिन कॉलेज प्रशासन और सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, परीक्षार्थी नकल के बिना परीक्षा देने को तैयार नहीं थे। कॉलेज के शिक्षक नकल करने नहीं दे रहे थे। इसी के बाद विवाद हुआ। जब सेंटर मैनेज करने का आरोप लगा तो कॉलेज प्रशासन ने परीक्षा लेने से ही इनकार कर दिया। अगली परीक्षा 2 मई को है। पटना साइंस कॉलेज की प्रिंसिपल प्रोफेसर अलका ने बताया कि कुछ छात्र नकल करना चाह रहे थे, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने नहीं करने दिया। आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी को रिपोर्ट भेजी गई है। कॉलेज प्रशासन कदाचार के मामले में सख्त है। आगे से भी इस तरह का कोई सेंटर कॉलेज नहीं लेगा। इधर आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी के एग्जामिनेशन कंट्रोलर डॉ राजीव रंजन ने बताया कि एसएसपी को पर्याप्त पुलिस बल देने के लिए पत्र लिखा गया है ताकि कॉलेज प्रशासन कदाचारमुक्त परीक्षा करा सके। कॉलेज का सेंटर रद्द करने की अनुशंसा अभी नहीं मिली है। लेकिन जो सूचना मिली है, उसको लेकर 2 मई को बैठक बुलाई गई है। दिलचस्प बात यह है कि पटना विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष मनीष यादव ने आरोप लगाया कि परीक्षा का सेंटर लाखों रुपए लेकर मैनेज किया गया था और जब शिक्षकों ने नकल का विरोध किया तो आनन-फानन में केंद्र रद्द करने का ड्रामा रचा गया है।
कुछ और सुर्खियां:
- राजस्थान के अलवर जिले में दिल्ली- मुंबई एक्सप्रेसवे पर चलती कर में आग लगने से पांच लोगों की मौत
- मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में अचानक आई आंधी के कारण 29 लोगों को ले जा रहा क्रूज़ डैम में डूबा, चार पर्यटकों की मौत
- टुडेज़ चाणक्य के एग्जिट पोल में भी पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी को बहुमत का संकेत
- बिहार में 5 दिनों तक आंधी और पानी के आसार
अनछपी: साल 2026 में एक तरफ जहां भारत की एक मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को स्ट्रॉन्ग रूम में ईवीएम में छेड़खानी का डर लग रहा और उन्हें इसकी निगरानी के लिए खुद वहां पहुंचना पड़ा तो दूसरी तरफ असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा हैं जो खुले आम कानून और मानवता की धज्जियां उड़ाते हुए असम के उन लोगों को धक्का देकर बाहर करने की बात कह रहे हैं जिन्हें वह मिया यानी बंगाली मुस्लिम समझते हैं। सरमा मिया शब्द का प्रयोग करते हैं जो उर्दू-हिंदी में आम तौर पर मियां लिखा जाता है। यह 2026 के भारत की एक तस्वीर है जिसमें चुनाव आयोग पर साफ तौर पर भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में ज्यादती करने का आरोप लग रहा है तो दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट जैसी संस्था के रहते हुए लोगों के साथ असम में बेहद अमानवीय हरकत की जा रही है और वहां के मुख्यमंत्री इसे खुले आम फख्र के साथ पेश कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग ने खुले आम लोगों को वोट के अधिकार से वंचित किया और सुप्रीम कोर्ट की भी इस पर सहमति रही। कम से कम 27 लाख लोगों को लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी के नाम पर वोट देने के अधिकार से वंचित कर दिया गया जबकि उनके पास वह सभी दस्तावेज और सबूत मौजूद थे जिन्हें चुनाव आयोग ने ही एसआईआर की शुरुआत में मानने लायक बताया था। पहले वोट देने के अधिकार से लोगों को वंचित करना, फिर सेंट्रल फोर्सेज़ का गलत इस्तेमाल कर लोगों को डराना धमकाना और आख़िरी में वोटों की गिनती के लिए ईवीएम के साथ छेड़छाड़ करना- पश्चिम बंगाल में चुनावी लोकतंत्र की हत्या के लिए शायद ही कोई हरकत बची हो। उधर असम के मुख्यमंत्री साफ तौर पर यह कह रहे हैं कि भारत का बांग्लादेश से खराब रिश्ता ही उन्हें पसंद है क्योंकि यह उनकी राजनीति के लिए फिट बैठता है। वह कहते हैं कि अगर भारत का बांग्लादेश से रिश्ता अच्छा रहा तो इससे भारत से ‘मिया लोगों’ को बांग्लादेश धकेलना में मुश्किल होगी। विश्व गुरु बनने की चाहत रखने वाले भारत के एक राज्य के मुख्यमंत्री की सोच इतनी अमानवीय होगी, इसे कबूल करना मुश्किल है लेकिन इसे जरूर याद रखा जाना चाहिए।
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