बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बचत के उपायों की नसीहत शेयर बाजार को रास नहीं आई और एक ही दिन में निवेशकों के छह लाख करोड़ रुपये डूब गए। मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET के बारे में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने नीलाम होने का आरोप लगाया है। सुप्रीम कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस से कहा कि यदि उसे लगता है कि एसआईआर की वजह से चुनाव परिणाम प्रभावित हुए हैं तो औपचारिक रूप से अर्जी दाखिल करे।
पहली ख़बर
जागरण के अनुसार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बचत के उपायों की नसीहत शेयर बाजार को रास नहीं आई और सोमवार को बीएसई सेंसक्स 1,313 अंक लुढ़क गया जबकि एनएसई निफ्टी 24,000 अंक के नीचे आ गया। अमेरिका और ईरान के शांति समझौते पर पहुंचने में नाकाम रहने के बाद कच्चे तेल के दाम में आई तेजी ने भी बाजार को नीचे धकेलने में योगदान दिया।तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 1.312.91 अंक यानी 1.70 प्रतिशत टूटकर 76,015.28 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 1,370.79 अंक तक लुढ़क गया था। पचास शेयरों पर आधारित एनएसई निफ्टी 360.30 अंक यानी 1.49 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,815.85 अंक पर बंद हुआ। पिछले गुरुवार से शुरू तीन कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स लगभग 1,950 अंक यानी 2.5 प्रतिशत टूटा है जबकि निफ्टी 515 अंक यानी दो प्रतिशत से अधिक के के नुकसान में थे। हिन्दुस्तान के अनुसार बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण पिछले सत्र के 473.5 लाख करोड़ से गिरकर लगभग 467.5 लाख करोड़ रुपए पर आ गया। इससे निवेशकों को एक ही सत्र में 6 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
NEET हो गई नीलाम!
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नीट-यूजी में कथित अनियमितता को लेकर सोमवार को दावा किया कि नीट अब परीक्षा नहीं, बल्कि नीलामी बन चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि मोदी सरकार युवाओं के सपनों के लिए सबसे बड़ा खतरा है। राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट किया कि नीट 2026 के पेपर लीक की खबर सुनी। कई सवाल परीक्षा से 42 घंटे पहले व्हाट्सऐप पर बिक रहे थे। 22 लाख से ज्यादा बच्चे सालभर रात-रात भर आंखें जलाकर पढ़ते रहे और एक रात में उनका भविष्य बाजार में सरेआम नीलाम हो गया। 10 साल में 89 पेपर लीक, 48 बार दोबारा परीक्षा। हर बार वही वादे, और फिर वही खामोशी।
NEET पेपर लीक: अबतक एफआईआर नहीं
भास्कर के अनुसार देश की सबसे बड़ी परीक्षाओं में से एक नीट के ऊपर मंडरा रहे लीक के बादल फटने की तैयारी में हैं। सूत्रों से संकेत मिल रहे हैं कि तीन मई में देशभर में हुई नीट का पेपर लीक हुआ था। एसओजी ने जिन 15 लोगों को हिरासत में लिया है, उनसे पूछताछ के निष्कर्ष बताते हैं कि जांच पेपर लीक की तरफ ही बढ़ रही है। सबूत भी पर्याप्त हैं। राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) सभी सबूत नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की एक्सपर्ट कमेटी को भेजने की तैयारी कर रही है। एनटीए ही अंतिम घोषणा करेगी कि नीट पेपर लीक हुआ है या नहीं। हालांकि, एसओजी सूत्र बताते हैं कि 2-3 दिन में कोई बड़ा राज फाश करेगी। जांच एजेंसी ने सोमवार को 4 और लोगों को हिरासत में लिया। इनमें जयपुर से पकड़ा गया मास्टरमाइंड मनीष भी है। एसओजी यह पता लगाने में जुटी है कि पेपर केरल से होता हुआ किन-किन राज्यों से कहां-कहां बिका।
एसआईआर से चुनाव परिणाम बदलने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मांगी अलग अर्ज़ी
हिन्दुस्तान के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस से कहा कि यदि उसे लगता है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की वजह से चुनाव परिणाम प्रभावित हुए हैं तो औपचारिक रूप से अर्जी दाखिल करे। शीर्ष कोर्ट ने यह सुझाव टीएमसी के उस दावे के बाद दिया, जिसमें कहा गया कि एसआईआर की वजह से व्यापक रूप से चुनाव परिणाम प्रभावित हुए हैं। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ के समक्ष टीएमसी ने दावा किया कि 31 सीटों पर भाजपा की जीत का अंतर, एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से बाहर किए गए लोगों की संख्या से काफी कम था। टीएमसी की ओर से अधिवक्ता कल्याण बंदोपाध्याय ने कहा कि कई सीटों पर सूची से हटाए गए नामों की संख्या और हार का अंतर लगभग एक जैसा ही था।
मोदी की नई अपील: ऑनलाइन क्लास, वर्क फ्रॉम होम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को फिर लोगों से ईंधन की खपत कम, घर से काम करने और कक्षाएं ऑनलाइन चलाने की अपील की। साथ ही सार्वजनिक परिवहन और ई-वाहनों के ज्यादा इस्तेमाल का आह्वान किया। वडोदरा में एक कार्यक्रम में पीएम ने आग्रह किया कि जहां संभव हो वहां घर से काम करने की कोविड-कालीन व्यवस्था अपनाएं। विदेश यात्रा सीमित करें। मोदी ने लोगों से पश्चिम एशिया संकट के चलते सोने की खरीद को कुछ समय के लिए टालने का आग्रह किया। खाने के तेलों का इस्तेमाल भी कम करने की अपील की। कहा कि नागरिकों को विदेश से आने वाले उत्पाद का इस्तेमाल कम करना चाहिए और आयातित सामान पर निर्भरता से बचना चाहिए। पिछले कुछ वर्षों में दुनिया अस्थिर हालात से गुजर रही है। इसके असर से भारत भी इससे अछूता नहीं है। जैसे हर बूंद से घड़ा भरता है, वैसे ही हर कोशिश मायने रखती है।
कुछ और सुर्खियां:
- ट्रेन में गया के यात्री और चंदौली अस्पताल में भर्ती कैमूर की महिला की हत्या का मुलजिम गुरप्रीत सिंह यूपी के सकलडीहा में मुठभेड़ में ढेर
- बिहार में 15 प्रो वीसी की नियुक्ति अगले माह होगी, ऑनलाइन आवेदन लेने की चल रही तैयारी
- पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री और तृणमूल कांग्रेस के नेता सुजीत बोस नगरपालिका भर्ती घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार
- पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पीए की हत्या में उत्तर प्रदेश से शूटर पकड़ा गया, बक्सर से दो और गिरफ्तार
- केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटेट) में पहली बार मैथिली भाषा शामिल
अनछपी: बिहार के लोगों के लिए नई नवेली मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की यह घोषणा बहुत राहत देने वाली हो सकती है कि उनकी समस्याओं का 30 दिनों के भीतर निपटारा करने की व्यवस्था शुरू की गई है। इसके लिए हर माह के पहले और तीसरे मंगलवार को सभी पंचायतों में सरहयोग शिविर लगेंगे। श्री चौधरी ने सोमवार को सहयोग शिविर की व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए ‘सहयोग हेल्पलाइन 1100’ और ‘सहयोग पोर्टल’ (रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम) का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि समाधान 30 दिनों के अंदर नहीं करेंगे तो 31वें दिन वह स्वतः निलंबित हो जायेंगे। डीएम और पुलिस अधीक्षक खुद इसकी रियल टाइम मॉनिटरिंग करेंगे। सम्राट चौधरी ने ठीक ही कहा कि यह परिपाटी बनी हुई है कि लोग जिलाधिकारी को आवेदन देते हैं और वे संबंधित पदाधिकारी को अग्रसारित कर देते हैं। उस आवेदन के निष्पादन की कोई समय सीमा निर्धारित नहीं थी, जिसके कारण लोगों को काफी परेशानी होती थी। उन्होंने सहयोग शिविर के काम में कोताही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध पोर्टल पर ही उसके सस्पेंड होने का फॉर्मेट ऑनलाइन जेनरेट हो जाएगा। यह घोषणा सुनने में जितनी अच्छी लगती है यकीन करने में उतनी ही मुश्किल है। अगर सम्राट चौधरी ने ऐसी मिसाल पेश कर दी तो वह वाकई एक नई परिपाटी शुरू करेंगे लेकिन यह तो समय ही बताया कि क्या यह नेताओं की दूसरी घोषणाओं की तरह ही महज घोषणा है या इस पर अमल भी होगा।
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