छपी-अनछपी: अमेरिका-ईरान में अब 60 दिन का सीजफायर, अफसरों का चहेता ठेकेदार गिरफ्तार

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। बीच-बीच में हो रही झड़पों के बावजूद अमेरिका और ईरान में अगले 60 दिनों के लिए सीजफायर पर सहमति बनी है। अधिकारियों के चहेते माने जाने वाले ठेकेदार रिशु श्री को गिरफ्तार किया गया है। मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज 10 अरब डॉलर का मुनाफा कमाने वाली भारत की पहली कंपनी बन गई है।

और, जानिएगा सऊदी अरब में मौत की सजा का इंतजार कर रहे एक भारतीय के लिए चंदे से जमा हुए 34 करोड़ रुपये तो मिली रिहाई।

पहली ख़बर

प्रभात खबर के अनुसार होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिका और ईरान की नौसेनाओं के बीच हुई क्रॉस फायरिंग और सीधे सैन्य टकराव के बाद दोनों देश 60 दिनों के अस्थायी सीजफायर (संघर्षविराम) पर सहमत हो गये हैं. बुधवार रात अमेरिकी सेना ने ईरान के रणनीतिक बंदर अब्बास पोर्ट पर रक्षात्मक हवाई हमले कर चार ड्रोन मार गिराये और एक ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन को नष्ट कर दिया था. इसके जवाब में ईरान की ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्स’ (आइआरजीसी) ने तड़के कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाकर मिसाइलें दागीं, जिन्हें कुवैती सेना ने हवा में ही नष्ट कर दिया. समाचार आउटलेट ‘एक्सियोस’ के अनुसार इस चरम सैन्य तनाव के बीच वैश्विक तेल संकट को टालने के लिए वार्ताकारों ने 60 दिनों का एक एमओयू तैयार किया है. सूत्रों के अनुसार दोनों देशों ने इस समझौते को सहमति दे दी है. अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की और ईरानी नेतृत्व की औपचारिक सुकृति बाकी रह गई है।

ट्रंप ने मित्र देश ओमान को धमकाया

जागरण के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ होर्मुज के संयुक्त प्रबंधन में शामिल होने को लेकर ओमान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि वह ऐसे किसी समझौते को नहीं मानेंगे और जरूरत पड़ी तो ओमान को उड़ा देंगे। दिलचस्प बात यह है कि ओमान को अमेरिका का मित्र देश माना जाता है।

अफसरों का चहेता ठेकेदार गिरफ्तार

बिहार के चर्चित ठेकेदार रिशु श्री को गुरुवार को स्पेशल विजिलेंस यूनिट (एसवीयू) ने गिरफ्तार कर लिया. पिछले 24 घंटे की तलाशी के बाद एसवीयू की टीम रिशु श्री को गिरफ्तार कर कोतवाली थाने लायी. इसके बाद उसे स्पेशल विजिलेंस यूनिट के विशेष जज अतुल कुमार के कोर्ट में पेश किया गया. अदालत ने उसे 11 जून तक के लिए बेऊर जेल भेज दिया. रिशु श्री के पटना के मीठापुर स्थित कामता रामसखी इंक्लेव से बुधवार को हुई छापेमारी के दौरान दो करोड़ के गहने, ढाई लाख कैश के अलावा 47 जमीनों के मूल दस्तावेज भी मिले हैं. रिलायबल इंफ्रा सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के मालिक के रूप में सरकारी टेंडर दिलाने और रिश्वतखोरी के आरोप मैं रिशु श्री खिलाफ विशेष निगरानी इकाई थाना में पहले से मामला दर्ज था. रिशु श्री के आवास पर इसके पहले इडी ने भी तलाशी ली थी. इडी ने इस कांड का अनुसंधान किया था. इसके बाद पीसी एक्ट के तहत जांच करने की अनुशंसा की थी. टेंडर के बदले रिशु श्री पर आइएएस अधिकारियों और उनके परिवार को विदेश यात्रा कराने का भी आरोप है. आइएएस अधिकारी संजीव हंस के खिलाफ चल रहे मामले में भी रिशु श्री का नाम आया था. अभिलाषा कुमारी शर्मा और एक अन्य आइएएस अधिकारी को अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया ट्रिप का खर्च देने के मामले में भी जांच चल रही है। इसके अलावा रिशु श्री की कंपनी से कई अधिकारियों की पत्नियां और उनके रिश्तेदार जुड़े हुए माने जा रहे हैं।

रिलायंस 10 अरब डॉलर से ज्यादा मुनाफा कमाने वाली पहली भारतीय कंपनी बनी

नयी दिल्ली से प्रभात खबर की खबर है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज ने वित्त वर्ष 2025-26 में 95,754 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज कर भारतीय कॉरपोरेट इतिहास में नया रिकॉर्ड बना दिया. इसके साथ ही रिलायंस एक वित्त वर्ष में 10 अरब डॉलर से ज्यादा शुद्ध, लाभकमाने वाली देश की पहली कंपनी बन गयी है. कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, दूरसंचार, खुदरा और उपभोक्ता कारोबार में लगातार बढ़ोतरी से उसकी आय और मुनाफे में मजबूत उछाल आया. वित्त वर्ष के दौरान कंपनी का बाजार मूल्य बढ़कर 18.19 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया. कंपनी ने कारोबार विस्तार और भविष्य की वृद्धि के लिए 1.63 लाख करोड़ रुपये दोबारा निवेश किये.

शायर बशीर बद्र का इंतक़ाल

उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो, न जाने किस गली में जिंदगी की शाम हो जाए’ जैसे चर्चित शेर लिखने वाले पद्मश्री से सम्मानित मशहूर शायर बशीर बद्र का गुरुवार को भोपाल में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 91 वर्ष के थे। परिवार के सूत्रों के अनुसार, बद्र 14 वर्षों से डिमेंशिया से पीड़ित थे, उनकी याददाश्त कमजोर होती जा रही थी। 15 फरवरी 1935 को अयोध्या में जन्मे बद्र का असली नाम सय्यद मोहम्मद बशीर था। वह फारसी, हिंदी और अंग्रेजी के भी विद्वान थे।

चंदे से जमा 34 करोड़ रुपये का ब्लड मनी चुका 20 साल बाद जेल से रिहाई

जागरण के अनुसार  सऊदी अरब में मौत की सजा का सामना कर रहे अब्दुल रहीम 20 साल बाद बकरीद पर घर लौटे। लोगों ने क्राउडफंडिंग के जरिए ब्लड मनी के लिए 34 करोड़ रुपये जुटाए, तब जाकर कहीं उन्हें मौत की सजा से राहत मिली। रहीम केरल लौटने पर भावुक हो उठे और उनकी आंखें छलक पड़ीं। घर के दरवाजे पर खड़ी मां के गले लगकर वह रोने लगे। दोनों की आंखों में खुशी के आंसू थे। रहीम नवंबर 2006 में अपने परिवार का सहारा बनने की उम्मीद में सऊदी अरब गए थे। रियाद पहुंचने के कुछ ही हफ्तों के भीतर उनके जीवन में एक दुखद मोड़ आ गया। रहीम को एक सऊदी परिवार के दिव्यांग बेटे अनस अल फायिस की देखभाल का जिम्मा सौंपा गया था। कार यात्रा के दौरान, रहीम के हाथ से गलती से अनस के लाइफ सपोर्ट सिस्टम की ट्यूब टूट गई। 15 वर्षीय अनस की कुछ ही क्षणों में दम घुटने से मृत्यु हो गई। हालांकि, रहीम ने कहा कि यह एक दुर्घटना थी, जानबूझकर किया गया कृत्य नहीं, फिर भी उन्हें दिसंबर 2006 में गिरफ्तार कर लिया गया और 2012 में सऊदी अदालत ने उन्हें मौत की सजा सुनाई। इसके बाद दुनिया भर में मलयाली लोगों के बीच सबसे बड़े मानवीय अभियानों में से एक देखने को मिला। जब लड़के का परिवार अंततः ब्लड मनी के बदले रहीम को माफ करने के लिए सहमत हुआ, तो अब्दुल रहीम कानूनी सहायता समिति के माध्यम से दुनिया भर के मलयाली लोगों द्वारा 34 करोड़ रुपये जुटाए गए। सामूहिक प्रयासों ने रहीम के जीवन के लिए असंभव से प्रतीत होने वाले संघर्ष को आशा और करुणा की कहानी में बदल दिया।

कुछ और सुर्खियां:

  • समस्तीपुर के मोहिउद्दीन नगर और पटना के बाढ़ की सीमा पर स्थित उमानाथ गंगा घाट पर नाव पलटी, चार लोगों की मौत, तीन महिलाएं लापता
  • कांग्रेस का बदलाव: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने दिया इस्तीफा, डी शिव कुमार होंगे अगले सीएम
  • मजहरूल हक यूनिवर्सिटी, मगध यूनिवर्सिटी और वीर कुंवर सिंह यूनिवर्सिटी में वाइस चांसलर नियुक्ति के लिए जारी विज्ञापन रद्द
  • बिहार में पंचायत सचिवों की 50 दिन पुरानी हड़ताल खत्म
  • मई में तीसरी बार महंगी हुई सीएनजी, कीमत अब 92.90 रुपए प्रति किलो
  • बीआईटी मेसरा में झारखंड के छात्रों का 50% कोटा खत्म, ऑल इंडिया मेरिट पर ही होगा दाखिला

अनछपी: भारत के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इन दिनों काफी विवादों में घिरे हुए हैं लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए किसी मंत्री ने शायद ही कभी इस्तीफा दिया है, इसलिए उनके इस्तीफा की ज़ोरदार मांग के बावजूद वह टस से मस नहीं हो रहे हैं। इस वक्त वह दो खास परीक्षाओं के बारे में मुश्किल सवालों का सामना कर रहे हैं। एक तो ‘नीट’ के जरिए मेडिकल प्रवेश परीक्षा है जिसे एनटीए आयोजित करती है। जब इस परीक्षा के पेपर लीक होने की बात बिल्कुल आम हो गई तब इसे रद्द किया गया लेकिन दिलचस्प बात यह है कि सरकार ने इसे पूरी तरह लीक मानने से भी इंकार कर दिया। इसके अलावा सीबीएसई के जरिए 12वीं की परीक्षा की कॉपी जांचने के मामले में भी भारी शिकायतें आ रही हैं। आपको मालूम होगा कि इस बार कॉपी की जांच ऑन स्क्रीन की गई थी लेकिन इसमें भारी गड़बड़ियों की शिकायत मिली और बहुत से ऐसे परीक्षार्थी थे जिन्हें उम्मीद से काफी कम नंबर मिले। धर्मेंद्र प्रधान चाहते हैं कि इसके बारे में राजनीति न की जाए हालांकि जब लाखों छात्रों का भविष्य संकट में हो तो यह उम्मीद करना कि विपक्षी दलों के नेता उसे पर कोई बयान नहीं देंगे, एक अलोकतांत्रिक सोच है। इन सब बहसों के बीच एक खबर यह भी आई है कि नीट के पेपर को पहुंचाने की जिम्मेदारी भारत की एयरफोर्स को दी जा सकती है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में इसके बारे में विचार किया गया। इससे यह बात स्पष्ट है कि इस तरह की खबरों का मकसद दरअसल परीक्षार्थियों में विश्वास बहाल करना है लेकिन इसका हकीकत से कोई वास्ता नहीं हो सकता। सवाल यह है कि क्या परीक्षार्थी इतने भोले हैं कि इस तरह की अव्यावहारिक बातों को ना समझें और यह सवाल ना करें कि क्या भारत की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था इतनी कमजोर है कि इसके लिए वायुसेना की मदद ली जाए? असल बात यह है कि इस तरह की घोषणाओं से पेपर लीक के मुद्दे को कमजोर किया जा रहा है हालांकि ऐसा होता दिख नहीं रहा है।

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