छ्पी- अनछपी: राहुल गांधी को धरने से घसीट ले गई पुलिस, सक्षमता परीक्षा 5 में 70% गुरुजी फेल

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। नीट पेपर लीक और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और दूसरे नेता प्रधानमंत्री आवास के सामने धरने पर बैठे तो पुलिस ने उन्हें धक्का मुक्की कर वहां से हटाया। पांचवीं सक्षमता परीक्षा परीक्षा में 70% शिक्षक फेल हो गए। सिक्किम में एनएचपीसी के हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की टनल में फंसे 25 में से 20 मजदूरों की मौत हो गई।

और, ईरान ने अमेरिकी हमले के जवाब में कुवैत, जॉर्डन और बहरीन में अहम ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।

पहली ख़बर

हिन्दुस्तान के अनुसार नीट पेपर लीक और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर दिल्ली में मंगलवार को जबरदस्त सियासत देखने को मिली। सुबह संसद में हंगामा हुआ और दोपहर बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, सपा प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई सांसद एवं शीर्ष विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास की ओर कूच किया। पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया और रात तकरीबन साढ़े नौ बजे छोड़ दिया। विपक्ष का यह विरोध प्रदर्शन मल्लिकार्जुन खरगे के आवास से शुरू हुआ। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और संसद में तुरंत चर्चा की मांग को लेकर कांग्रेस और सपा सांसदों ने पीएम आवास की ओर मार्च निकाला। राहुल, अखिलेश, डिंपल यादव समेत कई बड़े नेता पीएम आवास के पास धरने पर बैठ गए। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह वहां पहुंचे, हालांकि बात नहीं बनी। करीब तीन घंटे बाद पुलिस ने सभी को वहां से हटाया।

राहुल गांधी को आई चोट

प्रदर्शनकारियों को हटाने गांधी के लिए जब पुलिस ने कार्रवाई शुरू की, तो माहौल तनावपूर्ण हो गया। राहुल विरोध जताते हुए सड़क पर ही लेट गए। पुलिस द्वारा जबरन उठाकर बस में बैठाने के दौरान तीखी धक्का-मुक्की हुई। कांग्रेस द्वारा जारी तस्वीरों और वीडियो के मुताबिक, इस खींचतान में राहुल गांधी की आंख के नीचे खरोंच आई है। पार्टी ने पुलिस पर नेता प्रतिपक्ष से बदसलूकी करने का आरोप लगाया है।

जंतर मंतर पर जुटे 50 हजार लोग

जागरण के अनुसार सोमवार को उग्र संसद मार्च और पुलिस व सुरक्षा बलों से झड़प के बाद मंगलवार को फिर जंतर-मंतर पर काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का मंच लग गया और आंदोलन शुरू हो गया। जंतर-मंतर पर सोमवार रात्रि को करीब 20 लोगों की मौजूदगी से मंगलवार शाम पांच बजे तक करीब 10 हजार लोगों की मौजूदगी हो गई। जंतर मंतर के अलावा टालस्टाय मार्ग, संसद मार्ग, अशोक रोड व जनपथ मार्ग को भी जोड़ दें तो सीजेपी के समर्थन में 50 हजार से अधिक लोग यहां जुटे। जंतर-मंतर पर समर्थकों को संबोधित करते हुए सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ तो सीजेपी के साथ बातचीत कर रही थी और दूसरी तरफ प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई भी कर रही थी। उन्होंने कहा कि अब बातचीत करनी है तो सरकार को हमारे पास आना होगा।

सक्षमता परीक्षा 5 में 70% गुरुजी फेल

जागरण के अनुसार बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने मंगलवार को पांचवीं सक्षमता परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया। बोर्ड के अध्यक्ष त्यागराजन एसएम ने रिजल्ट जारी करते हुए बताया कि कुल 30 प्रतिशत शिक्षक अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की है। पांचवीं सक्षमता परीक्षा में कुल 14,512 शिक्षक अभ्यर्थी शामिल हुए थे। जिनमें 6,559 पुरुष और 7,953 महिला शिक्षक अभ्यर्थी थे। परीक्षा में कुल 4,353 शिक्षक अभ्यर्थी सफल हुए हैं। सफल होने वालों में 1,870 पुरुष और 2,483 महिला शिक्षक अभ्यर्थी शामिल हैं। वर्ग एक से पांचवीं में कुल 13,235 शिक्षक अभ्यर्थी शामिल हुए थे जिनमें से 3868 शिक्षक अभ्यर्थी सफल हुए।

2,71,133 नियोजित शिक्षकों को मिलेगा राज्यकर्मी का दर्जा

प्रभात खबर के अनुसार पांचों चरण मिला कर सक्षमता परीक्षा देने के लिए नियोजित शिक्षकों के कुल 3,34,259 आवेदन आये थे. वहीं, इन पांचों परीक्षाओं में कुल 2,71,133 नियोजित शिक्षक सफल हो पाये. ऐसे में इन पांचों चरणों की परीक्षा समाप्त होने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि सफल होने वाले 2,71,133 नियोजित शिक्षकों को अब जल्द ही राज्यकर्मी का दर्जा मिल जायेगा, जबकि असफल रहने या परीक्षा नहीं देने वाले हजारों शिक्षक इस दर्जे से अब वंचित रह जायेंगे. हालांकि वे अपनी सेवा में रहेंगे. अब सफल अभ्यर्थियों के अलग से काउंसेलिंग करायी गी, जिसकी सूचना जल्द जारी जायेगी.

सिक्किम में टनल धंसने से 20 मज़दूरों की मौत

भास्कर के अनुसार सिक्किम में एनएचपीसी के हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की टनल में फंसे 25 में से 20 मजदूरों के शव मंगलवार देर रात बरामद कर लिए गए। रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटीं टीमें देर रात तक बाकी पांच मजदूरों तक नहीं पहुंच पाईं। ये मजदूर टनल में अलग-अलग पॉइंट पर फंसे थे। टीमें इन तक पहुंचने के लिए 24 घंटे से मशक्कत कर रही थीं, लेकिन टनल में मीथेन गैस भरी होने के चलते कई बचावकर्मी बेहोश हो गए। उन्हें बमुश्किल बाहर लाया जा सका। मजदूरों तक पहुंचने से पहले ही टीम की ऑक्सीजन खत्म हो जा रही थी, इसलिए उन्हें लौटना पड़ रहा था। नामची एसपी सोनम डी भूटिया ने देर रात कहा कि 20 मौतों की पुष्टि हो चुकी है। बता दें कि यह आदित-3 टनल है, जो नामची जिले के समरडुंग झोलुंगय में बन रहे तीस्ता स्टेज-6 प्रोजेक्ट का हिस्सा है। सोमवार दोपहर में टनल की चट्टानों में फंसी ज्वलनशील मीथेन फट पड़ी थी। इससे चारों तरफ धुआं और जहरीली गैसें फैल गई। उस वक्त 25 मजदूर वहां थे। ये बंगाल, असम, पंजाब, उत्तराखंड और नामची के हैं।

विश्वविद्यालय संशोधन अधिनियम के खिलाफ पटना विश्वविद्यालय में धरना

जागरण के अनुसार पटना विश्वविद्यालय अधिनियम 1976 में सरकार द्वारा संशोधन किए जाने के खिलाफ शिक्षकों और कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश पर रहते हुए विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में छात्र संघ भी शामिल हुआ। मंगलवार को पहले दिन के प्रदर्शन में एक हजार से अधिक शिक्षक, कर्मचारी और छात्रों ने एकजुटता दिखाई और पूरे दिन विश्वविद्यालय परिसर में डटे रहे। इसी बीच पटना विश्वविद्यालय शिक्षक संघ, पटना विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ एवं पटना विश्वविद्यालय कालेज कर्मचारी संघ की संयुक्त आमसभा धरना स्थल पर ही बुलाई गई। जिसमें सामूहिक निर्णय लिया गया कि पटना विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 को बनाए रखने एवं विश्वविद्यालय की स्वायत्तता के समर्थन में उक्त कार्यक्रम को 24 जुलाई तक सामूहिक आकस्मिक अवकाश पर रहकर विश्वविद्यालय मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन करेंगे। पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ भी प्रदर्शन में शामिल होगा।

अमेरिका का ईरान पर हमला, खाड़ी के अरब देशों पर ईरान के भीषण बमबारी

हिन्दुस्तान के अनुसार ईरान ने सोमवार देर रात और मंगलवार को खाड़ी देशों कुवैत, जॉर्डन और बहरीन में अहम ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। वहीं, सोमवार रात अमेरिकी सेना ने ईरान पर हमले जारी रखे। ईरान के बंदर अब्बास, बंदर-ए लेंगेह, सीरिक, चाबहार, कोनारक, इस्फहान, शिराज के साथ-साथ केशम द्वीप पर भी धमाकों की आवाजें सुनी गई। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने मंगलवार को कहा कि उसने ईरानी सैन्य कमांड सेंटरों, समुद्री क्षमताओं, मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइटों और वायु रक्षा प्रणालियों पर हमले किए। सेना ने ईरानी ठिकानों पर बमबारी के और फुटेज जारी किए गए। कमांड ने कहा, सेना ईरान को उन नागरिकों, नाविकों के प्रति बेवजह आक्रामकता को जवाबदेह ठहराने के लिए तैयार है, जो होर्मुज से आजाद और खुले तौर पर गुजरना चाहते हैं।

कुछ और सुर्खियां:

  • भागलपुर के तारापुर थाना क्षेत्र में 2022 के बम धमाके में दोषी पाए गए मोहम्मद आजाद और नवीन मंडल को 10-10 साल की सजा
  • बिहार में शिक्षकों का जिला केडर बनेगा इसी महीने टीआरई 4 के लिए आएगी वैकेंसी
  • बिहार में गांव में लगने वाले होल्डिंग टैक्स से गरीबों को राहत
  • गाजियाबाद- नई दिल्ली रेल खंड पर साहिबाबाद स्टेशन के पास दिल्ली की ओर जाने वाली मालगाड़ी के 6 वैगन पटरी से उतरे, पटना रूट की कई ट्रेनें लेट
  • मुख्यमंत्री आवास, सचिवालय और स्कूलों को बम से उड़ाने की ईमेल से धमकी मिली

अनछपी: यह अच्छी बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों और विपक्ष के प्रदर्शन के बाद मेडिकल दाखिला परीक्षा नीट यूजी के पेपर लीक में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। यह भरोसा कितना सच्चा और पक्का है इसका पता तो तभी लगेगा जब वाकई दोषी लोग जेल के अंदर जाएंगे। हालांकि उन्होंने पेपर लीक को ‘घोर पाप’ बताया है लेकिन उन्हें इसे अपराध की श्रेणी में रखना चाहिए क्योंकि हर पाप अपराध नहीं होता। बात उस अपराध की होनी चाहिए जो केवल नीट पेपर लीक तक सीमित नहीं है। और इस अपराध के लिए सबसे बड़े जिम्मेदार धर्मेंद्र प्रधान को माना जा रहा है क्योंकि वह शिक्षा मंत्री हैं और उन्हीं की जिम्मेदारी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की है जो देश की कई महत्वपूर्ण परीक्षाओं का आयोजन करती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगर अपनी ही बात पर विचार करें और अगर वह इसे घोर पाप मानते हैं तो इसका प्रायश्चित भी यही होगा कि कम से कम धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें। यह कम से कम 22 लाख परिवार से जुड़ा हुआ मामला है जिनके बच्चों ने बड़े अरमान के साथ मेडिकल दाखिला का इम्तिहान दिया था। इस दाख़िला इम्तिहान को दोबारा करवाने से उन लोगों का अपराध खत्म नहीं होता जिनकी वजह से यह पेपर लीक हुआ। तो सबसे पहले धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो और उन लोगों को जेल भेजने का पुख्ता इंतजाम हो जिन्होंने इस कुकृत्य में भूमिका निभाई है। इस मुद्दे पर अगर राहुल गांधी और दूसरे नेता राजनीति कर रहे हैं तो उन्हें इसका पूरा अधिकार है। इस राजनीति को भारतीय जनता पार्टी चाहे तो राजनीति से ही काट सकती है और बच्चे अपना स्वतंत्र प्रदर्शन भी जारी रख सकते हैं।

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