छ्पी-अनछपी: विपक्ष अमित शाह से जवाब पर अड़ा, इसराइल ने ट्रंप की योजना ठुकराई 

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से संसद में जवाब की मांग पर अड़ा है। ग़ज़ा युद्ध खत्म करने की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की योजना को इसराइल ने ठुकरा दिया है। बिहार से अगले साल हज के लिए जाने वालों की तादाद में एक हजार से ज्यादा का इजाफा हुआ है।

और, नालसार यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के छात्रों ने चीफ जस्टिस सूर्यकांत को दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि बनाने के प्रस्ताव का विरोध किया। 

पहली ख़बर

हिन्दुस्तान के अनुसार संसद के मानसून सत्र में सोमवार को एक बार फिर हंगामे के आसार हैं। विपक्ष छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से संसद में जवाब की मांग पर अड़ा है। वहीं, सरकार लोकसभा में कई अहम विधेयक पेश करने की तैयारी में है। कांग्रेस ने प्रस्तावित विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक (एफसीआरए) का भी संसद में पुरजोर विरोध करने का ऐलान किया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रविवार को कहा कि छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को 13 दिन बीत चुके हैं, लेकिन गृह मंत्री ने इस पर एक शब्द नहीं कहा। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि बच्चों पर लाठी और पैलेट गन’ चलाए जाने की कार्रवाई की जवाबदेही तय करनी होगी। गृह मंत्री को संसद में इसका जवाब देना ही पड़ेगा।

इसराइल ने ट्रंप की योजना को ठुकराया

प्रभात खबर के अनुसार ग़ज़ा युद्ध खत्म करने की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है. इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने रविवार को ट्रंप की 15 सूत्री गाजा योजना को खुले तौर पर खारिज कर दिया, मंत्रिमंडल की बैठक में नेतन्याहू ने कहा कि इसराइल इस दस्तावेज को स्वीकार नहीं करता. उन्होंने स्पष्ट किया कि ग़ज़ा से इसराइली सेना की किसी भी तरह की वापसी तब तक नहीं होगी, जब तक हमास पूरी तरह हथियार नहीं डाल देता. नेतन्याहू ने कहा कि इसराइली सेना और नागरिकों के खिलाफ खतरों को नाकाम करने का अभियान जारी रहेगा. सेना की वापसी से पहले हमास का निरस्त्रीकरण जरूरी है. जुलाई के अंत में हमास की ओर से समर्थन किये गये प्रस्ताव के संदर्भ में नेतन्याहू ने यह रुख सामने रखा.

बिहार से 2027 में हाजियों की तादाद 1111 बढ़ी

भास्कर के अनुसार अगले साल अप्रैल के पहले सप्ताह में हज यात्रा शुरू होगी। हज यात्रियों के लिए विमानों का शिड्यूल अभी जारी नहीं किया गया है। करीब 45 दिनों का सफर होगा। 2027 में बिहार से 3637 लोग मुबारक सफर पर जाएंगे। इन सबों का नाम फाइनल हो गया है। इन्हें कवर नंबर भी मिल गया है। पटना, गयाजी समेत देश के 19 एयरपोर्ट से हज के, लिए विमान उड़ान भरेंगे। 2026 में 2526 लोग मुबारक सफर पर गए थे। अगले साल 1111 लोग अधिक जाएंगे। वजह 2027 में पटना और गयाजी एयरपोर्ट से भी हज ऑपरेशन होगा।

ममता बनर्जी की कार पर हमला

जागरण के अनुसार बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के कांचरापाड़ा में पुलिस हिरासत में मृत तृणमूल कार्यकर्ता के परिवार से मिलने पहुंचीं पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को रविवार को बीजपुर में भारी विरोध का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने उनके काफिले को घेरकर ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए। उनकी कार पर बड़े पत्थर, चप्पल और कीचड़ फेंके गए। ममता ने आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी में भाजपा समर्थकों ने यह सब किया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भ‌ट्टाचार्य ने घटना की निंदा की। कहा कि भाजपा ऐसे व्यवहार का समर्थन नहीं करती। घटना में किसी भी पार्टी कार्यकर्ता के शामिल होने से इन्कार किया है। घटना पर ममता ने कहा कि पत्थर मेरे सिर पर लग जाता तो फट जाता। हम सभी यहां मारे जाते। आरोप लगाया कि पुलिस बदमाशों को संरक्षण दे रही है। घटना को लेकर मामला दर्ज कराया जाएगा। ममता के साथ सांसद कल्याण बनर्जी और राज्यसभा सदस्य डोला सेन भी मौजूद थीं।

शिक्षा से जुड़े विभागों का एक वेलफेयर डायरेक्टरेट बनेगा

हिन्दुस्तान के अनुसार छात्र कल्याण से जुड़े काम-काज को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा समस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए चार सरकारी विभागों का एक अलग निदेशालय गठित होगा। शिक्षा, उच्च शिक्षा, विज्ञान एवं प्रावैधिकी तथा युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग मिलकर यह निदेशालय बनाएंगे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को अधिवेशन भवन में शिक्षा अधिकारियों के दो दिवसीय कार्यशाला सह चिंतन शिविर के उद्घाटन के मौके पर यह घोषणा की। कार्यशाला में शिक्षा विभाग के 322 अधिकारी भाग ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने शिक्षा और परीक्षा में सुधार के लिए दो राज्यस्तरीय कमेटियों के गठन की भी घोषणा की। एक कमेटी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित कराएगी ताकि हर विद्यालय उत्कृष्टता का केंद्र बने और छात्रों के सीखने के स्तर में निरंतर सुधार हो। दूसरी कमेटी परीक्षा सुधार की होगी, जो परीक्षाओं को सुचारू, पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाने के लिए कार्य करेगी। 

नौकरी में रहते कानून की पढ़ाई पर रोक

जागरण के अनुसार शासकीय अथवा निजी अधिकारी-कर्मचारियों के लिए अब संस्थानों में नौकरी करने वाले नौकरी के साथ कानून की पढ़ाई का मार्ग बंद हो गया है। बार काउंसिल आफ इंडिया (बीसीआई) के सचिव श्रीमंतो सेन ने कुलपतियों को पत्र जारी कर प्रोक्सी अटेंडेंस या नौकरीपेशा लोगों के लिए बनाए गए अनधिकृत कोर्स को तत्काल बंद करने का आदेश दिया है। बीसीआइ ने स्पष्ट किया है कि विधि शिक्षा प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे और सप्ताह में 30 घंटे का पूर्णकालिक पाठ्यक्रम है, जिसका कड़ाई से पालन अनिवार्य है। बीसीआइ का यह आदेश बर्तमान शैक्षणिक सत्र से लागू होगा। इस आदेश से केंद्र और राज्य सरकार की सेवाओं के साथ निजी क्षेत्रों में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए नौकरी के साथ कानून की डिग्री की पढ़ाई व्याव्हारिक रूप से संभव नहीं होगी।

छात्र बोले- जस्टिस सूर्यकांत से डिग्री लेना असहज करने वाला

नालसार यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के कुछ छात्रों ने सीजेआई सूर्यकांत को दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि बनाने के प्रस्ताव का विरोध किया है। छात्रों ने कुलपति और रजिस्ट्रार को ईमेल भेजकर इस पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। छात्रों ने 23 जुलाई को भेजे ईमेल में लिखा है कि उनकी आपत्ति 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर ‘चलो संसद’ प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट के रुख को लेकर है। छात्रों के मुताबिक, सीजेआई की अध्यक्षता वाली बेंच ने मामले की तत्काल सुनवाई से इनकार किया था। वकील ने कथित पुलिस ज्यादती के वीडियो दिखाने की पेशकश की तो सीजेआई ने कथित तौर पर कहा था कि बेंच वीडियो देखने में दिलचस्पी नहीं रखती। छात्रों ने लिखा कि दीक्षांत समारोह में यूनिवर्सिटी के संवैधानिक मूल्य दिखने चाहिए। उन्होंने कहा, ऐसे व्यक्ति से डिग्री लेना असहज होगा। छात्रों ने आमंत्रण देने से पहले ग्रेजुएट बैच से राय लेने की मांग की। प्रशासन ने अब तक जवाब नहीं दिया है।

कुछ और सुर्खियां:

  • दिल्ली हाई कोर्ट के सीनियर जज वी कामेश्वर राव पटना हाई कोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश होंगे
  • पूर्णिया में अवैध खनन से हुए गड्ढे में भरे पानी में डूबने से तीन बच्चों की मौत
  • झारखंड में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन जेपीएससी भंग, तीनों सदस्यों का इस्तीफा

अनछपी: आपने बिहार के भोजपुर जिले के बिहिया थाना क्षेत्र के निवासी गौरीशंकर राम के बेटे सनोज कुमार के बारे में नहीं सुना होगा। सनोज कुमार को एक साल पहले आबकारी पुलिस ने पकड़ा था और तब से उनका कोई पता नहीं चल पा रहा है। खबरों में बताया गया है कि कोर्ट के रिकॉर्ड के मुताबिक 13 अगस्त 2025 की शाम सनोज ने अपने घर वालों को फोन कर बताया था कि उसे शराब पीने के आरोप में आबकारी पुलिस ने पकड़ लिया है। अगले दिन सनोज के पिता ने बिहिया थाने में एफआईआर दर्ज कराई। आरोप है कि पुलिस हिरासत में सनोज के साथ मारपीट की गई और उसे फिर कहीं और ले जाया गया। पुलिस ने बाद में बताया कि सनोज कैदियों की गाड़ी खोलकर भाग गया। लेकिन पुलिस की कस्टडी से इस तरह सनोज के गायब होने की कहानी पर हाई कोर्ट को यकीन नहीं। पटना हाई कोर्ट ने हाल ही में पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए भोजपुर जिले के बिहिया थाने में दर्ज मामले की जांच तत्काल सीबीआई को सौंपने का आदेश दे दिया है। हाई कोर्ट के जज राजीव रंजन प्रसाद और आलोक कुमार सिन्हा की खंडपीठ का कहना है कि यह आम मामला नहीं बल्कि ऐसा मामला है जहां राज्य की जांच एजेंसी पर भरोसा नहीं रह गया है। इस मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर को होगी लेकिन तब तक इस बात पर जरूर विचार किया जा सकता है कि आखिर सनोज कैसे लापता हुआ? एक और बात यह है कि सनोज तो गायब हुआ ही उसका फोन क्या हुआ, इस बारे में भी कोई स्पष्टता नहीं है। ऐसे में पुलिस पर भी यह शक होता है कि कहीं उसने सनोज के साथ कोई अनहोनी तो नहीं कर दी? बहरहाल अब इस जांच का सारा दारोमदार सीबीआई पर है और हाई कोर्ट की निगरानी पर भी।

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