छ्पी-अनछपी: अनंत बेकाबू-नीतीश बेबस, जमुई में लगेगा सबसे बड़ा एथेनॉल प्लांट

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। पटना स्नातक विधान परिषद सीट से नीरज कुमार ने नीतीश कुमार से पार्टी सिंबल तो ले लिया लेकिन जेडीयू के विधायक अनंत सिंह उन्हें हराने पर अड़े हैं और नीतीश बेबस नजर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि जमुई में देश का सबसे बड़ा एथेनॉल प्लांट लगेगा। 

और, फ्लाईदुबई की इसराइल जाने वाली फ्लाइट पर एक पायलट का दूसरे पर हमले के मामले में उठ रहे कई सवाल।

पहली ख़बर

भास्कर के अनुसार पटना स्नातक सीट पर सत्तारूढ़ जदयू में अनूठी लाचारी दिख रही है। शनिवार को एक तरफ पार्टी अध्यक्ष नीतीश कुमार ने नीरज कुमार को प्रत्याशी का सिंबल सौंपा। वहीं दूसरी तरफ जदयू विधायक अनंत सिंह पार्टी प्रत्याशी को हराने के लिए नवादा व नालंदा में प्रचार करते रहे। अनंत ने जनता से ‘जनसुराज’ उम्मीदवार अनुज सिंह को जिताने और नीरज की जमानत जब्त कराने की अपील की। इस खुले विद्रोह पर पार्टी चुप होकर सिर्फ अनंत के नॉर्मल होने का इंतजार कर रही है। पार्टी 15 दिनों से इसी मोड में है। अनंत सिंह शुक्रवार को अनुज सिंह के नामांकन में शामिल होकर रोड शो कर चुके हैं। शनिवार को नवादा व नालंदा में उनके रोड शो पर जेसीबी से फूल बरसाए गए। इस बगावत पर मंत्री श्रवण कुमार और राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि स्थिति नॉर्मल करने की जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ‘ललन’ को दी गई है। लेकिन अनंत सिंह पर इसका कोई असर नहीं है। वारिसलीगंज में वे बोले-“अनुज कुमार के एतना वोट देहो कि पेटी भर जाए, औ दुश्मन के जमानत जब्त हो जाय।”  

मैं दो के झगड़े में नहीं पड़ता, एक की तरफदारी नहीं करता: ललन

पटना केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ‘ललन’ ने कहा-‘मैं दो के झगड़े में नहीं पड़ता। किसी एक की तरफदारी नहीं करता।’ जदयू ने ललन को अनंत-नीरज विवाद को नॉर्मल करने की जिम्मेदारी दी है। हालांकि, ललन ने अपनी निरपेक्षता या तटस्थता की आदत की चर्चा के दौरान अनंत और नीरज का नाम नहीं लिया। वे शनिवार को लखीसराय की मीटिंग में बोल रहे थे। ललन ने कहा-मैं सिर्फ विकास के काम में विश्वास रखता हूं। मैंने आज तक किसी झगड़े को प्रोत्साहन नहीं दिया। आपस में लड़ने वाले बहुत लोग मेरे पास आते हैं। मैं किसी के बीच में नहीं पड़ता। कह देता हूं कि आप दोनों मेरे वोटर हैं। मुझे तो दोनों की पैरवी करनी पड़ेगी। फिर मेरी पैरवी तो जीरो हो गई। हां, मैं एक काम करता हूं। अगर लड़ने वाले, मिलने को तैयार हों, तो मैं समझौता करा देता हूं। उन्होंने मंच पर मौजूद स्थानीय अध्यक्ष और संचालक का हवाला देते हुए कहा कि इन दोनों में पटरी नहीं थी। लेकिन मैं इन दोनों को बाघ और बकरी की तरह एक ही घाट पर पानी पिलवा रहा हूं।

जमुई में देश का सबसे बड़ा एथेनॉल प्लांट लगेगा: सम्राट

जागरण के अनुसार जमुई में अगले वर्ष मार्च से एशिया का सबसे बड़ा एथनाल प्लांट शुरू हो जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को चकाई प्रखंड की पेटरपहाड़ी पंचायत स्थित ठरवा में निर्माणाधीन ‘अंकुर बायोकेम प्राइवेट लिमिटेड’ एथनाल प्लांट का स्थलीय व हवाई निरीक्षण करने के बाद यह घोषणा की। कहा, इस परियोजना से बिहार उद्योग और स्किल के हब के रूप में स्थापित होगा। मुख्यमंत्री ने ई-रिक्शा पर सवार होकर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने बताया कि जमुई में अंकुर बायोकेम (एथनाल), अंकुर स्टील, सीएलएम डेवलपर्स और अंकुर ट्रेडविस्टा के माध्यम से लगभग 3,400 करोड़ रुपये का भारी निवेश हो रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर 10 हजार से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। प्लांट निर्माण में वर्तमान में ही दो हजार से अधिक कामगार दिन-रात जुटे हैं।

गंडक, गंगा और कोसी की बाढ़ से परेशानी खत्म नहीं हुई

हिन्दुस्तान के अनुसार सितम्बर के अंतिम सप्ताह में नेपाल और राज्य के सीमावर्ती इलाके में हुई अधिक बारिश के कारण गंडक, गंगा, घाघरा, बागमती, कोसी सहित अन्य नदियां अब भी उफान पर है। विशेषकर गंडक में आए भीषण जलप्रवाह के कारण राज्य के छह जिले बाढ़ की चपेट में अब भी हैं। पश्चिम चम्पारण, पूर्वी चम्पारण, गोपालगंज, सारण, दरभंगा और मुजफ्फरपुर की 30 प्रखंडों की 156 पंचायतों में बाढ़ का प्रकोप है। 

पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को बांग्लादेश भेजने का समय नहीं बता सकते: भारत

भास्कर के अनुसार बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण पर भारत ने शनिवार को कहा कि कानूनी प्रक्रिया जारी है, इसलिए इसकी समय सीमा नहीं बताई जा सकती। ढाका में एक छात्र ने भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी से पूछा- ‘हमारे लोगों को मारने वाली हसीना को कब वापस लाया जाएगा?’ त्रिवेदी ने कहा कि प्रत्यर्पण कानूनी और न्यायिक प्रक्रिया है, जो तय ढांचे के तहत चल रही है। हसीना अगस्त 2024 में सरकार गिरने के बाद भारत आई थीं। त्रिवेदी ने कहा कि हसीना को भारतीय सेना या वायुसेना नहीं लाई थी। वे बांग्लादेश के सैन्य विमान से आई थी।

सीमांचल में 20000 जीविका दीदियों ने 15 करोड़ का कारोबार किया

जागरण के अनुसार सीमांचल क्षेत्र में महिलाओं की आर्थिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए जीविका के स्वयं सहायता समूहों ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। अररिया, पूर्णिया, कटिहार और किशनगंज के चार जिलों में बकरी पालन एवं मांस उत्पादन के माध्यम से लगभग 20 हजार जीविका दीदियों ने 15 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया है। दिसंबर 2020 में स्थापित सीमांचल जीविका गोट प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड ने बकरी पालन को संगठित और मूल्य-शृंखला आधारित व्यवसाय में परिवर्तित किया है।

फ्लाईदुबई मामला: उड़ान में चार पायलट क्यों थे?

प्रभात खबर ने दुबई से न्यूज़ एजेंसियों के हवाले से लिखा है कि 30 सितंबर को यूएइ से इसराइल जा रहे फ्लाईदुबई के विमान एफजेड 1073 को क्रैश कराने की कथित साजिश तो नाकाम कर दी गयी, पर अब भी घटना से जुड़े कई सवालों के जवाब नहीं मिल पाये हैं. यूएई के अभियोजक ने शनिवार को कहा कि को-पायलट ने विमान के कॉकपिट में कैप्टन स्मित मच्छार पर क्रैश-ऐक्स से हमला कर विमान के नियंत्रण पर कब्जा करने की कोशिश करते हुए आतंकवादी कृत्य को अंजाम देने का प्रयास किया. हालांकि, घटना के मकसद और किसी संभावित संपर्क की जांच जारी है. दुनिया में सबसे मजबूत विमान सुरक्षा व्यवस्थाओं में इसराइल की व्यवस्था भी शामिल है, फिर भी हमलावर कॉकपिट तक पहुंचकर हमला करने में कामयाब रहा. इसराइल में यात्रियों की चेक-इन से पहले सुरक्षा अधिकारियों से बातचीत, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में सशस्त्र एयर मार्शल, कुछ विमानों में एंटी-मिसाइल सिस्टम और उड़ान के दौरान बंद रहने वाले बुलेटप्रूफ कॉकपिट दरवाजे जैसी कई सुरक्षा व्यवस्थाएं हैं, इसराइली वायुसेना भी देश की ओर आने वाले विमानों की निगरानी करती है. फिर भी इस मामले में सुरक्षा की किसी कड़ी में चूक के सवाल उठ रहे हैं. फ्लाइट में चार पायलट क्यों थे? फ्लाईदुबई ने इस बारे में सवालों का जवाब देने से इनकार किया है. पर आमतौर पर एयरलाइंस छोटी उड़ानों में अतिरिक्त पायलट तैनात नहीं करतीं। 

कुछ और सुर्खियां:

  • आईआरसीटीसी घोटाला मामले में लालू और राबड़ी समेत 9 पर आरोप तय करने का फैसला टला उसका क्या करें
  • लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपनी वेबसाइट पर सत्याग्रह नाम से नया वेब पेज शुरू किया
  • मुजफ्फरपुर के सरैया में बाढ़ की अफवाह पर तटबंध देखने गई महिला की डूबने से मौत
  • गया जिले के कोच के नजदीक डुमरा गुमटी के पास ट्रेन की चपेट में आने से दो बच्चों की मौत
  • सेंट्रल माइन प्लैनिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड के पूर्व जीएम मोतिहारी के रहने वाले आलोक कुमार की पटना में गोली लगने से मौत

अनछपी: बिहार में आम लोगों की जान कितनी सस्ती है और कैसे उनकी मौत पर कहीं कोई चिंता नहीं पाई जाती इसकी चर्चा हमने कई बार इस कॉलम में की है। आज हम इसकी चर्चा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि सीतामढ़ी जिले के बैरगनिया से यह खबर आई है कि वहां धान की फसल को जंगली जानवरों से बचाने के लिए खेत में बिछाए गए बिजली के नंगे तार की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हो गई जबकि कुछ और लोग भी झुलस गए थे। बैरगनिया के तकिया टोला के रहने वाले सलाम मंसूरी और उनकी बीवी रुबेदा खातून के अलावा हशमत अंसारी की बिजली के तार की चपेट में आने से मौत हो गई। सलाम मंसूरी अपनी पत्नी के साथ कुछ और लोगों को लेकर अपनी भैंस की तलाश में खेत की तरफ निकले थे लेकिन उन्हें यह नहीं मालूम था कि वहां खेत में बिजली के नंगे तार लगाए गए हैं। गांव वालों का कहना है कि अंधेरे में इसका पता नहीं चल पाया और सुबह उनकी मौत की खबर मिली। वहां से मिली खबरों में बताया गया है कि दरअसल जंगली सूअर और दूसरे जानवरों की वजह से किसान तंग थे और उन्होंने उनसे बचने के लिए बिजली का तार लगा दिया हालांकि यह कहीं से सही नहीं था। किसान की समस्या का हल भी सरकार को निकालना चाहिए लेकिन जिसने भी अपनी फसल बचाने के लिए बिजली का तार लगाया उसने दरअसल फसल तो बचा ली लेकिन इंसानों को मार डाला। इस बारे में बिजली विभाग को भी कार्रवाई करनी चाहिए लेकिन एक और गंभीर बात सोचने की यह है कि जब से जंगली जानवरों को मारने पर पाबंदी लगाई गई है तब से किसानों की समस्या गंभीर हो गई और उसी का नतीजा है कि तीन लोगों की भी मौत जान चली गई।

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