बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। डेमोग्राफिक चेंज की स्टडी के नाम पर बनाई गई कमेटी ने बिहार के 72 गैर सरकारी रिकॉग्नाइज़्ड स्कूलों के बारे में रिपोर्ट मांगी है। अमेरिका में एच 1 बी वीजा के सिलसिले में सख्ती की वजह से बारह से ज्यादा भारतीयों कोई साल लौटना पड़ा है। भागलपुर के नवगछिया में पहले पति को गोली मारी, फिर पत्नी का पीछा कर उससे भी भून डाला। पटना हाई कोर्ट ने कहा है कि जमानत की अर्जी पर 2 महीने में फैसला करना होगा।
और, जानिएगा कि दिल्ली में एग्जीबिशन से प्रियंका गांधी के बेटे की लगाई प्रोटेस्ट की तस्वीर क्यों हटवाई गई?
पहली ख़बर
हिन्दुस्तान के अनुसार देश में जनसांख्यिकीय बदलाव की समीक्षा के लिए गठित गृह मंत्रालय की उच्चस्तरीय समिति ने बिहार के 72 अराजकीय मान्यता प्राप्त अल्पसंख्यक माध्यमिक विद्यालयों के बारे में रिपोर्ट तलब की है। समिति ने पिछले 15 वर्षों में इस कोटि के विद्यालयों में वर्षवार नामांकन का ब्योरा समेत कई अन्य जानकारियां मांगी हैं। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से 24 जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र भेजकर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। केंद्र सरकार ने सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नावलेकर की अध्यक्षता में जनसांख्यिकीय बदलावों की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की है। समिति ने राज्य सरकार से शिक्षा संबंधी कई बिन्दुओं पर जानकारी मांगी है। समिति ने साल 2011 से राज्य प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर के सरकारी, सहायता प्राप्त, मदरसों और निजी स्कूलों में प्राथमिक, उच्च-नामांकन के आंकड़े, जिलेवार और धर्मवार उपलब्ध कराने को कहा है। समिति ने पूछा है कि क्या किसी जिले में प्राथमिक विद्यालयों में नामांकन के आंकड़ों में ऐसा कोई बड़ा अंतर दिखा है, जो वहां के पिछले जन्म-दर के आंकड़े से मेल नहीं खाता? समिति ने जनजातीय बहुल जिलों में पिछले 15 वर्षों के दौरान खुले सरकारी, अनुदानित, निजी और धार्मिक शिक्षण संस्थानों की जानकारी भी मांगी है। साथ ही पूछा है कि क्या राज्य सरकार द्वारा धार्मिक शिक्षण संस्थानों (मदरसों समेत) की कोई जीआईएस आधारित ‘मैपिंग की गई है? यदि ऐसा किया गया है तो प्रक्रिया का विवरण और मुख्य निष्कर्ष की रिपोर्ट भी समिति को भेजें।
इन जिलों से मांगी गई रिपोर्ट
पटना, नालंदा, रोहतास, जहानाबाद, गया, नवादा, सारण, सीवान, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, पूर्वी एवं पश्चिमी चंपारण, दरभंगा, समस्तीपुर, पूर्णिया, कटिहार, अररिया, सहरसा, मुंगेर, खगड़िया, शेखपुरा, भागलपुर एवं बांका।
एच 1 बी वीजा शक्ति के कारण अमेरिका से 12000 भारतीय लौटे
अमेरिकी एच-1बी वीजा नियमों में सख्ती और नौकरियों में छंटनी के बीच बड़ी संख्या में भारतीय तकनीकी पेशेवर अमेरिका छोड़कर अपने देश भारत लौट रहे हैं। सितंबर 2026 तक करीब 12,700 भारतीय तकनीकी विशेषज्ञ अमेरिका से भारत लौट चुके थे। इन आंकड़ों के आधार पर इस साल भारत लौटने वाले पेशेवरों की संख्या पिछले साल के रिकॉर्ड को पार कर सकती है। भर्ती और कर्मचारी चयन से जुड़ी सेवाएं देने वाली एक्सफेनो के अनुसार, सितंबर 2026 तक लगभग 12,700 तकनीकी विशेषज्ञ अमेरिका से भारत लौट चुके थे। यह संख्या पिछले साल के रिकॉर्ड 15,100 लोगों से ज्यादा हो सकती है।
भागलपुर के नवगछिया में पति-पत्नी को गोली मारी
भास्कर के अनुसार भागलपुर के नौगछिया प्रखंड के इस्माइलपुर गांव में गुरुवार सुबह नशीले पदार्थ की बिक्री और पैसों के लेनदेन के विवाद में अपराधियों ने दंपती की गोली मारकर हत्या कर दी। मृतकों की पहचान रंजन मंडल (42) और उसकी पत्नी किरण देवी (38) के रूप में हुई है। दोनों दुकान में सो रहे थे। सुबह करीब 4:15 बजे बाइक से दो अपराधी पहुंचे। उन्होंने पहले रंजन की आंख और कमर 1 में गोली मारी। गोली की आवाज सुनकर किरण की नींद खुली। वह शोर मचाते हुए घर की ओर भागी, लेकिन हमलावरों ने पीछा कर करीब 200 मीटर दूर उसके सीने में दो गोलियां मार दीं। पुलिस ने मुख्य आरोपी सौरव कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। दूसरे आरोपी की तलाश में छापेमारी की जा रही है। मृतक के बेटे ने आरोपियों पर पहले भी विवाद और दुकान से 80 हजार रुपए लूटने का आरोप लगाया है। चार दिन पहले दंपती की दो साल की भतीजी का अपहरण भी हुआ था।
जमानत की अर्जी पर 2 महीने में फैसला करना होगा
हिन्दुस्तान के अनुसार पटना हाईकोर्ट समेत बिहार के सभी सिविल कोर्ट को आपराधिक कांडों के आरोपियों की जमानत और अग्रिम जमानत अर्जी का दो माह में निष्पादन करना होगा। वरना इसका कारण बताना पड़ेगा। पटना हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बुधवार को जमानत अर्जी निष्पादन के लिए सिविल कोर्ट को 11 बिंदुओ पर एसओपी जारी किया। यह प्रधान जिला न्यायाधीश, लोक अभियोजक, अपर लोक अभियोजक, जिला अभियोजन पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, जिलाधिकारी और स्वास्थ विभाग के लिए जारी किया है।
हर साल एक लाख युवाओं को एआई ट्रेनिंग दिलाने की घोषणा
प्रभात खबर के अनुसार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य में अगले पांच वर्षों के दौरान पांच लाख युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में प्रशिक्षित करने का लक्ष्य तय किया गया है. इसके तहत प्रत्येक वर्ष एक लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया जायेगा, ताकि उन्हें भविष्य की तकनीकी जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा सके. मुख्यमंत्री गुरुवार को लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में बिहार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ) नीति, 2026 की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे. मुख्यमंत्री कहा कि राज्य में एआई के विकास के लिए आवश्यक तकनीकी सुविधाओं और सरकार के नेतृत्व में संचालित होने वाले कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जायेगा.
एग्जीबिशन से प्रियंका गांधी के बेटे की लगाई प्रोटेस्ट की तस्वीर क्यों हटवाई गई
जागरण ने नई दिल्ली से ख़बर दी है कि बीकानेर हाउस में कांग्रेस पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के फोटोग्राफर बेटे रेहान वाड्रा की फोटो प्रदर्शनी से 70 से ज्यादा तस्वीरें हटाने पर विवाद हो गया है। ये तस्वीरें हाल ही में दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी हैं। रेहान ने आरोप लगाया कि बीकानेर हाउस प्रबंधन ने उन्हें राजनीतिक माहौल का हवाला देकर उन तस्वीरों को हटाने को कहा। उन्होंने कहा कि कलाकारों के काम को सेंसर किया जा रहा है। अब उनकी प्रदर्शनी ‘नो आइडिया इज फाइनल’ में 100 से अधिक तस्वीरों में मात्र 40 ही लगी हैं। बीकानेर हाउस का संचालन राजस्थान सरकार द्वारा किया जाता है, जहां भाजपा की सरकार है। ऐसे में विवाद को राजनीतिक रंग मिला है।
कुछ और सुर्खियां:
- विधान परिषद की 8 सीटों पर वोटिंग आज, ग्रैजुएट कांस्टीट्यूएंसी है चार और टीचर कांस्टीट्यूएंसी भी चार
- राज्य शिक्षक पात्रता परीक्षा एसटीईटी 4 नवंबर की जगह अब 21 नवंबर को होगी
- सऊदी अरब के दम्माम हवाई अड्डे पर हूतियों के हमले में एक भारतीय नागरिक समय दो लोगों की मौत
- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन की रैली के लिए इंडिया गठबंधन की बैठक टली
अनछपी: इस बात पर यकीन करना बेहद मुश्किल है कि कर्नाटक के मशहूर मैसूर दशहरा के मौके पर तीन दलित मंत्रियों को पूजा से रोक दिया गया। याद रखने की बात यह है कि इस वक्त कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी की सरकार है और खबर यह आई है कि मैसूर पैलेस कैंपस में जो अंजनैया स्वामी मंदिर है वहां तैनात एसपी सीबी ऋषयांत ने नंदी ध्वज पूजा में शामिल होने से कथित तौर पर तीन दलित मंत्रियों को रोक दिया। इस घटना के बाद मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मुख्य सचिव शालिनी रजनीश को जांच का निर्देश तो दिया है लेकिन इससे भारतीय जनता पार्टी को यह आरोप लगाने का मौका मिल गया कि सामाजिक न्याय को लेकर कांग्रेस सरकार पाखंड करती है। खबरों में बताया गया है कि प्रोटोकाल के अनुसार, मुख्यमंत्री के साथ आने वाले मंत्रियों और विधायकों को इस पारंपरिक अनुष्ठान में भाग लेने की अनुमति होती है। लेकिन, बुधवार को जब संस्कृति मंत्री शिवराज तंगदगी, कृषि मंत्री पी.एम. नरेंद्र स्वामी और एक और मंत्री के.एस. बसावन्तेप्पा पूजा स्थल की ओर बढ़ रहे थे, तो एसपी ने उन्हें रोक दिया और इस दौरान मंत्रियों और पुलिस अधिकारी के बीच तीखी बहस भी हुई। हालांकि यह कहा गया है कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के हस्तक्षेप के बाद मंत्रियों को पूजा में शामिल होने की अनुमति देने का निर्देश दिया गया लेकिन सवाल यह है कि आखिर एसपी रैंक का अधिकारी अपने ही राज्य के तीन मंत्रियों को पूजा में जाने से कैसे रोक सकता है और क्या इसकी वजह सिर्फ यह थी कि वह दलित थे? बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को पूजा करने से तो नहीं रोका गया लेकिन खुद वह बताते हैं कि उनकी पूजा के बाद मंदिर को धुलवाया गया था। क्या 2026 में भी भारत में दलितों के साथ इस तरह के व्यवहार पर यकीन करना आसान है?
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