बिहार के मुसलमानों को शिक्षित करने और उन्हें विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए प्रतिष्ठित सामाजिक और सांस्कृतिक संस्था इमारते शरीया, बिहार प्रदेश में सालोंभर अभियान चलाएगी। इसके पहले चरण के में इमारते शरीया 1 से 7 फरवरी तक साप्ताहिक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है। इसके तहत शनिवार को स्थानीय अलहिरा पब्लिक स्कूल में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बिहार लोक संवाद डाॅट नेट से बातचीत करते हुए इमारते शरीया के कार्यकारी सचिव मौलाना शिबली अल-क़ासमी ने कहा कि मुसलानों के लिए आर्थिक विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासतों का संरक्षण भी ज़रूरी है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पटना विश्वविद्यालय के पूर्व वाइस चांसलर डाॅ. एजाज़ अली अरशत ने कहा कि उर्दू के संरक्षण के लिए चरणबद्ध रूप से योजना बनाने की ज़रूरत है।
वहीं पत्रकार सैयद सलमान ग़नी ने उर्दू के संरक्षण के लिए कई मशवरे पेश किए।
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