बिहार लोक संवाद डाॅट नेट, पटना।
बिहार के 95 साल पुराने गवर्नमेंट तिब्बी काॅलेज और अस्पताल- जीटीसीएच, पटना- के नये कैम्पस और दूसरी बिल्डिंगों के निर्माण के लिए बिहार सरकार ने 264 करोड़ 44 लाख 91 हजार रुपये की राशि मंजूर की है।
हाल ही में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में हुई बिहार सरकार की कैबिनेट की बैठक में इस राशि की मंजूरी दी गयी है।
सन 1926 में बना जीटीसीएच कई तरह की परेशानियों से दो चार है। अब इसे एनएमसीएच- नालन्दा मेडिकल काॅलेज अस्पताल, अगमकुआं के कैम्पस में शिफ्ट करने की योजना बनी है। इसे भारत का पहला तिब्बी काॅलेज माना जाता है। यहां पढ़ाई और इलाज के एक दर्जन से अधिक विभाग हैं। फिलहाल यह आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय से संबद्ध है। यहां प्री-तिब्ब और बीयूएमएस- बैचलर आॅफ यूनियन मेडिसिन की पढ़ाई होती है। बीयूएमएस में दाखिला ’नीट’ के जरिए होता है।
वैसे, राज्य सरकार ने देसी चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए कुल 838 करोड़ रुपये देने फैसला किया है। इसमें दो आयुर्वेद मेडिकल काॅलेज, एक यूनानी तिब्बी काॅलेज और एक होमियोपैथिक काॅलेज शामिल हैं। जिन दो आयुर्वेदिक मेडिकल काॅलेजों के भवन निर्माण के लिए पैसे देने की घोषण की गयी है उनमें से एक बेगूसराय और दूसरा दरभंगा में बनेगा जबकि होमियोपैथिक मेडिकल काॅलेज मुजफ्फरपुर का होगा।
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