बिहार लोक संवाद ब्यूरो
पटना 28 अक्टूबर: कोरोना काल में देश के पहले बिहार विधानसभा चुनाव में प्रथम चरण में आज कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच लगभग 54 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। इसके साथ ही 1066 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला ईवीएम में कैद हो गया।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एच. आर. श्रीनिवास ने मतदान समाप्ति के बाद यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि प्रथम चरण में विधानसभा की 71 सीटों के लिए 31371 मतदान केंद्रों पर शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए मतदान में लगभग 53.54 प्रतिशत मतदाताओं ने वोटिंग की है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2015 में विधानसभा सीटों पर मतदान प्रतिशत 54.75 प्रतिशत रहा था। मतदान संपन्न होने के बाद सबसे अधिक 59.57 प्रतिशत वोट बांका जिले के पांच विधानसभा क्षेत्रों में पड़े हैं जबकि सबसे कम 47.36 प्रतिशत वोटिंग मुंगेर जिले की तीन विधानसभा सीटों पर हुई है।
संवाददाता सम्मेलन में अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) जितेंद्र कुमार भी मौजूद थे।

श्रीनिवास ने जिलावार ब्यौरा देते हुए बताया कि भागलपुर जिले में 54.20 प्रतिशत, बांका में 59.57 प्रतिशत, मुंगेर में 47.36 प्रतिशत, लखीसराय में 55.54 प्रतिशत, शेखपुरा में 55.96 प्रतिशत, पटना में 52.51 प्रतिशत, भोजपुर में 48.29 प्रतिशत, बक्सर में 54.07, कैमूर में 56.20 प्रतिशत, रोहतास में 49.59 प्रतिशत, अरवल में 53.85 प्रतिशत, जहानाबाद में 53.93 प्रतिशत, औरंगाबाद में 52.85 प्रतिशत, गया में 57.05 प्रतिशत, नवादा में 52.34 प्रतिशत और जमुई जिले में 57.41 प्रतिशत मतदान हुआ है।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि इससे पूर्व वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में भागलपुर जिले में 53.77 प्रतिशत, बांका में 56.43, मुंगर में 52.24, लखीसराय में 53.18, शेखपुरा में 55.10, पटना में 56.98, भोजपुर में 52.03, बक्सर में 57.48, कैमूर में 59.65, रोहतास में 54.37, अरवल में 51.39, जहानाबाद में 57.08, औरंगाबाद में 53.04, गया में 57.07, नवादा में 52.08 और जमुई जिले में 54.11 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था।

दूसरी तरफ, नयी दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कोरोना काल में बिहार में चुनाव कराना एक चुनौतीपूर्ण काम था। उन्होंने कहा कि इस चुनौतीपूर्ण काम को बिहार की जनता ने अपने साहस से संभव बना दिया जिसके लिए वे शुक्रिया के मुस्तहक हैं। वे घरों से निकले और अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
अरोड़ा ने राजनीतिक दलों का भी शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि उन्होंने चुनाव के दौरान मैच्योरिटी का परिचय दिया है।
उन्होंने बिहार के प्रशासन का भी शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि उसने कोविड-19 के मद्देनजर काफी बेहतर व्यवस्था की।
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