किशनगंज में पटाखे शादी के थे, जोड़ दिया पाकिस्तान की जीत से, माफीनामे के बाद पुलिस ने छोड़ा

बिहार लोक संवाद डाॅट नेट, पटना।
सीमांचल के किशनगंज की चूड़ीपट्टी में 24 अक्टूबर को देर रात बारात दुल्हन के दरवाजे पर आतिशबाजी हो रही थी। पास ही रहने वाले बजरंग दल से जुड़े गणेश झा ने इसके बाद अपनी फेसबुक वाॅल पर इसे टी20 विश्वकप क्रिकेट में भारत पर पाकिस्तान की जीत से जोड़कर चार बेहद नफरती और आपत्तिजनक पोस्ट लिखीं। जब यह मामला आगे बढ़ा तो पुलिस ने गणेश झा और कुछ अन्य लोगों को थाने बुलाया और माफीनामे लिखवाकर और बाॅन्ड भरवाकर मामले को रफा दफा कर दिया।
देश भर में कई जगह से ऐसी खबरों के बीच कि पाकिस्तान की जीत पर जश्न मनाये जाने की फर्जी खबरों पर केस किये गये हैं, किशनगंज का यह मामला यह उजागर करता है कि किस तरह दक्षिणपंथी दलों के लोग अफवाह और नफरत फैलाने में लगे हैं।
पुलिस ने गणेश झा के अलावा उन दूसरे लोगों का नाम उजागर नहीं किया है जिनसे इस सिलसिले में माफीनामा लिखवाया गया है।
स्थानीय ’मैं मीडिया’ ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि गणेश झा ने 24 अक्टूबर को रात 11ः01 से 11ः11 बजे के बीच फेसबुक पर चार पोस्ट कीं। इसमें से एक पोस्ट में लिखा था- कुछ अभी बाप की जीत के जश्न में पटाखे फोड़ रहे हैं। जाहिर है इसका इशारा किस तरफ है, किसी को अंदाजा लगाने में दिक्कत नहीं होगी। इसके बाद के पोस्ट में लिखा- चिंता मत करो, जहां-जहां पटाखे फूट रहे हैं वहीं सबसे पहले एनआरसी लागू होगा। इसके साथ देशद्रोही का हैशटैग भी लगाया गया था।
ये आपत्तिजनक पोस्ट दो अन्य फेसबुक पेज- किशनगंज हलचल और किशनगंज टाइम्स न्यूज पर भी लगायी गयीं। गणेश झा किशनगंज हलचल पेज का एडमिन है। इन दोनों पेजों पर पहले भी साम्प्रदायिक रूप से भड़काउ पोस्ट की गयी हैं।
डीएसपी अजित सिंह ने इस बारे में प्रेस काॅन्फ्रेन्स आयोजित कर बताया था कि एक व्यक्ति ने जिस मुहल्ले में पटाखे फोड़े जाने की बात लिखी थी, वहां शादी थी और पटाखे बरात लगने के वक्त फोड़े जा रहे थे। पता नहीं क्यों वे उस व्यक्ति का नाम नहीं ले रहे थे जबकि सबको पता है कि वह व्यक्ति कोई और नहीं बजरंगज दल का गणेश झा है।
डीएसपी ने बड़े ही अदब से कहा- इन्होंने उस चीज को पाकिस्तान से जोड़कर देख लिया। हालांकि कुछ देर बाद ही इन्हें पता चल गया कि इनसे यह गलती हो गयी है। इसके बाद उन्होंने उस पोस्ट को तुरंत डिलीट कर दिया।
डीएसपी ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने थाने आकर माफीनामा दिया और 25-25 हजार का बाॅन्ड भरा है। माफीनामा देने वालों ने लिखकर दिया है कि आगे कोई पोस्ट करने से पहले उसे वेरिफाई कर लेंगे।
किशनगंज पुलिस यह नहीं बता रही कि जिन पोस्ट्स से दंगा भड़कर सकता था उसके लिए एफआईआर क्यों नहीं की गयी।

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