छ्पी-अनछपी: ट्रंप बोले- भारत में आईफोन बनाया तो 25% टैरिफ, 1.30 लाख टीचरों का ट्रांसफर
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर कहा कि अगर भारत में आईफोन बना तो अमेरिका में 25% टैरिफ लगेगा। बिहार में 1.30 लाख शिक्षकों का तबादला किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आईपीएल के नाम पर लोग जुआ खेल रहे हैं। राहुल गांधी ने सरकार से पूछा कि पाकिस्तान की निंदा में एक भी देश ने क्यों नहीं दिया साथ। मॉस्को पर हमला होने से हवा में आधा घंटा फंसे रहे भारतीय संसद।
और, जानिएगा कि हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे कितने विद्यार्थियों के भविष्य पर खतरा है।
पहली ख़बर
प्रभात खबर की खबर है कि भारत के बदले अमेरिका में आईफोन बनाने के लिए एपल कंपनी पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब दबाव बनाने की नई चाल चली है। उन्होंने एपल को चेतावनी दी है कि जब तक आईफोन का उत्पादन अमेरिका में नहीं किया जाता तब तक उस पर 25% आयात शुल्क लगाया जाएगा। ट्रंप ने सोशल ट्रुथ पर लिखा, “मैंने बहुत पहले ही एपल की टीम को सूचित कर दिया था। मुझे उम्मीद है कि यूएसए में बेचे जाने वाले उनके आईफोन का निर्माण अमेरिका में ही किया जाएगा ना कि भारत में या किसी और स्थान पर। एपल यदि ऐसा नहीं करेगा तो उसे अमेरिका को कम से कम 25% तरफ का भुगतान करना होगा।” ट्रंप का यह कदम भारत के आर्थिक हितों पर प्रहार है क्योंकि अमेरिका में बिकने वाला हर दूसरा आईफोन भारत में बनता है। एपल भारत में ही फैक्ट्री का विस्तार कर रही है और बड़ा निवेश भी कर रही है।
1.30 लाख शिक्षकों का तबादला
जागरण के अनुसार बिहार में 1.30 लाख शिक्षकों का अंतर जिला तबादला किया गया है। शिक्षकों को स्थानांतरण वाले जिले में 15 जून तक विद्यालय आवंटन किया जाएगा। सॉफ्टवेयर के माध्यम से विद्यालय आवंटित किए जाएंगे। विद्यालय आवंटन की कार्रवाई संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) द्वारा होगी। आवंटित किए जाने वाले विद्यालय में 23 से 30 जून तक योगदान देना होगा। इसके लिए वर्तमान पदस्थापना वाले विद्यालय से वे स्वतः विरमित समझे जाएंगे। तबादला वाले शिक्षकों के लिए पोस्टिंग वाले विद्यालय में योगदान अनिवार्य होगा।
आईपीएल के नाम पर जुआ चल रहा: सुप्रीम कोर्ट
भास्कर के अनुसार ऑनलाइन गेमिंग में सट्टेबाजी करने वाले मोबाइल ऐप पर प्रतिबंध की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, “कोर्ट इस मामले में कुछ ज्यादा नहीं कर सकता। जैसे हम अपराधियों को हत्या करने से नहीं रोक सकते इस तरह कोई कानून लोगों को सट्टेबाजी और जुआ खेलने से नहीं रोक सकता। कानून अपराध होने के बाद अपनी कार्रवाई करता है। यह समाज की विकृतियां है, कोई कानून बनाकर लोगों को खुद से जुआ खेलने या सट्टेबाजी में लिप्त होने से नहीं रोका जा सकता। फिर भी हम इस पर विचार करेंगे। केंद्र को इसकी प्रति सौंप दें, हम उन्हें नोटिस जारी कर रहे हैं।” जागरण के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि लोग इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की आड़ में सट्टा लगा रहे हैं और जुआ खेल रहे हैं।
राहुल गांधी का सवाल, पाकिस्तान की निंदा में एक भी देश क्यों नहीं आया साथ
जागरण के अनुसार लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जम्मू कश्मीर के सीमावर्ती इलाके में पाकिस्तान की ओर से की गई भारी गोलाबारी को लेकर शनिवार को मोदी सरकार की विदेश नीति प्रति का हमला बोला। उन्होंने इस गोलाबारी में जान माल की हुई क्षति का जायजा लेने के लिए पुंछ जाने से पहले कहा कि भारत की विदेश नीति पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम की घोषणा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भारत की कूटनीतिक विफलता को दर्शाती है। उन्होंने अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट पर पूछा कि पाकिस्तान की निंदा करने में एक भी देश ने हमारा साथ क्यों नहीं दिया? ट्रंप को भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता करने के लिए किसने कहा?
मॉस्को पर हमला, आधे घंटे तक हवा में फंसे रहे भारतीय सांसद
हिन्दुस्तान के अनुसार रूस की राजधानी मॉस्को में शुक्रवार को ड्रोन हमले के कारण भारतीय सांसदों को यहां लेकर पहुंचे विमान को करीब 40 मिनट तक हवा में चक्कर काटना पड़ा। बाद में विमान को सुरक्षित उतार लिया गया। विमान में डीएमके सांसद कनिमोई सहित कई सांसद मौजूद थे। घटनाक्रम से वाकिफ लोगों ने बताया कि रातभर हुए ड्रोन हमलों के मद्देनजर मॉस्को के हवाई अड्डों को कुछ देर के लिए बंद कर दिया गया था, जिसके चलते विमान देरी से उतरा। उधर, लोकसभा सदस्य कनिमोई के करीबी सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि विमान हवा में काफी देर तक चक्कर लगाता रहा और बाद में उसे सुरक्षित उतारा गया। डोमोडेडोवो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सांसदों का भारतीय राजदूत विनय कुमार ने स्वागत किया। कनिमोई ऑपरेशन सिंदूर के बाद अंतरराष्ट्रीय संपर्क अभियान के तहत केंद्र द्वारा नियुक्त सांसदों के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रही हैं।
इलाज में लापरवाही पर 10 लाख जुर्माना
पटना जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने इलाज में लापरवाही बरतने के एक मामले में 22 वर्ष बाद अपना फैसला दिया है। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष प्रेम रंजन मिश्रा और सदस्य रजनीश कुमार ने इलाज में लापरवाही बरतनेवाले ईएनटी के डॉक्टर को दस लाख रुपये क्षतिपूर्ति के तौर पर शिकायतकर्ता को देने आदेश दिया है। 12 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से 22 वर्ष का सूद सहित शिकायतकर्ता को भुगतान करना होगा। आयोग ने इसके अलावे शिकायतकर्ता को मानसिक और शारीरिक परेशानी के लिए 1 लाख रुपए और मुकदमा खर्च के लिए 50 हजार का भुगतान अलग से करने का आदेश दिया है।
हारवर्ड में पढ़ रहे भारत के विद्यार्थियों के भविष्य पर खतरा
प्रभात खबर के अनुसार अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले प्रशासन ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय की विदेशी छात्रों को दाखिला देने की पात्रता को रद्द कर दिया है जिससे विश्वविद्यालय में वर्तमान में पंजीकृत 788 भारतीयों छात्रों समेत हजारों छात्रों की कानूनी स्थिति को लेकर चिंता पैदा हो गई है। ट्रंप प्रशासन ने एक अभूतपूर्व घटनाक्रम के तहत गृह मंत्रालय को हार्वर्ड विश्वविद्यालय के छात्र और शैक्षणिक विनिमय प्रवेश कार्यक्रम सेवा प्रमाणन (सर्टिफिकेशन) को समाप्त करने का आदेश दिया। वर्तमान में हार्वर्ड में दुनिया भर के लगभग 10158 छात्र और शोधकर्ता रजिस्टर्ड हैं।
कुछ और सुर्खियां:
- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज दो दिवसीय दौरे पर दिल्ली जाएंगे
- दानापुर छावनी में बिहार के 7 जिलों के लिए अग्नि वीर भर्ती रैली 5 से 15 अगस्त तक
- मंत्री अश्विनी वैष्णव का ऐलान, जमालपुर के रेल कारखाने का 350 करोड़ रुपए से होगा विकास
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29-30 मई को बिहार को 50000 करोड़ की योजनाएं देंगे
अनछपी: क्या कोई बच्चा एक पैकेट कुरकुरे की चोरी का इल्जाम लगाए जाने पर अपनी जान दे सकता है? पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले के पंसकुरा से ऐसा ही एक मामला सामने आया है। इत्तेफाक की बात है कि कल ही सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान के कोटा में छात्रों के लगातार सुसाइड करने पर यह सवाल किया है कि बच्चे वहीं क्यों ऐसा करते हैं। यह बात सही है कि कोटा में सुसाइड का मामला ज्यादा आता है और लोगों को यह बात भी समझ में आती है कि वहां बच्चों पर इम्तिहानों में कामयाब होने का बहुत दबाव रहता है और मां-बाप भी बच्चों को सही से समझा नहीं पाते। लेकिन ऐसा नहीं है कि सुसाइड का मामला केवल कोटा तक सीमित है। हम जिस बच्चे की बात कर रहे हैं उसकी उम्र महज 12 साल थी और उसने अपने सुसाइड नोट में लिखा, “मां मैंने चोरी नहीं की।” सातवीं क्लास में पढ़ने वाला कृष्णेन्दु दास ने लिखा, “मां, मैं चोर नहीं हूं। मैंने चोरी नहीं की। जब मैं इंतजार कर रहा था, तो चाचा (दुकानदार) आस-पास नहीं थे। लौटते समय मैंने कुरकुरे का पैकेट पड़ा देखा और उसे उठा लिया। मुझे कुरकुरे बहुत पसंद हैं। जाने से पहले ये मेरे आखिरी शब्द हैं। कृपया मुझे इस कृत्य (कीटनाशक का सेवन) के लिए माफ करें।” पुलिस का कहना है कि कृष्णेन्दु को एक पैकेट कुरकुरे लेकर जाते हुए देखने के बाद दुकानदार ने उस पर चोरी के इल्जाम लगाया और उसे थप्पड़ मारे और उससे उठक बैठक भी कराई। खबर में बताया गया है कि बच्चे ने दुकान मालिक को बताए बिना कुरकुरे का पैकेट उठाने के लिए माफी मांगी और तुरंत पैसे देने की पेशकश भी की लेकिन दुकान मालिक ने उस पर झूठ बोलने का इल्जाम लगा दिया। यहां तक कि उसकी मां ने भी वहां उसे डांटा और थप्पड़ मारे। लड़के का कहना था कि दुकान पर कोई नहीं था इसलिए उसने कुरकुरे का पैकेट उठा लिया और बाद में पैसे देने जाता। डांट और मार के बाद जब वह घर लौटा तो उसने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया और जब दरवाजा तोड़ा गया तो लोगों ने उसके मुंह से झाग निकलते देखा क्योंकि उसने जहर पी लिया था। इसलिए जरूरत इस बात की है कि बच्चों की गलती पर हम ऐसा कुछ ना करे जिससे कि बच्चा सुधरने के बजाय अपनी जान दे दे।
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