छ्पी-अनछपी: ज़िंदा वोटर डिलीट-मरे हुए लिस्ट में शामिल, हमास बंधक छोड़ेगा, हथियार नहीं

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। एसआईआर के बाद ए फाइनल वोटर लिस्ट में भी जिंदा लोगों को डिलीट कर दिया गया है और मरे हुए लोगों को शामिल कर लिया गया है। हमास ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के शांति प्रस्ताव पर इसराइल के बंधकों को छोड़ने की बात कही है लेकिन हथियार डालने से मना कर दिया है। बिहार के ज्यादातर राजनीतिक दलों ने दो चरणों में चुनाव कराने पर जोर दिया है। पटना में 3 साल पहले बनी सड़क धंस गई है जिसकी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा है।

और, जनिएगा कि कांग्रेस के अभियान 20 साल, 20 सवाल में क्या है।

पहली ख़बर

भास्कर के अनुसार एसआईआर (विशेष संशोधन अभियान) में जीवित मतदाता को मृत घोषित कर सूची से नाम हटा दिया गया है, तो कहीं मृत मतदाताओं को जिंदा कर दिया गया है। पश्चिमी चंपारण के रामनगर विधानसभा की बगही पंचायत के डुमरी गांव के बूथ संख्या-23 पर 15 जीवित मतदाताओं को मृत घोषित कर उनका नाम हटा दिया गया। पहली अगस्त को जारी सूची में भी ये नाम नहीं थे। मतदाताओं ने प्रखंड कार्यालय और बीएलओ से लेकर संबंधित अधिकारियों तक गुहार लगाई, आवेदन भी दिया, लेकिन नाम अब तक नहीं जुड़ा। दूसरी ओर, भागलपुर के गोपालपुर विधानसभा के बूथ संख्या 65 पर 7 मृत मतदाताओं को जिंदा दिखाते हुए उनके नाम फाइनल वोटर लिस्ट में जोड़ दिए गए। इसी तरह, बगहा विधानसभा में एक मृत मतदाता को जीवित बताकर सूची में शामिल कर दिया गया। फुलवारीशरीफ विधानसभा के बूथ संख्या-83 की मतदाता इमरती देवी जीवित हैं, लेकिन उन्हें मृत मानते हुए उनका नाम डिलीट कर दिया गया। उनके पति बिगन राय ने बताया कि मेरा नाम तो सूची में है, लेकिन पत्नी को मृत बताकर नाम हटा दिया गया। पहली अगस्त की सूची में भी उनका नाम नहीं था, जबकि सभी कागजात के साथ आवेदन दिया गया था। कुम्हरार विधानसभा के बूथ संख्या-53 (क्रमांक 157) पर जीवेश कुमार का नाम दर्ज है, जबकि उनकी मृत्यु 2023 में हो चुकी है। नाम जुड़वाने के लिए किसी ने आवेदन भी नहीं दिया, फिर भी उनका नाम अंतिम सूची में है। इसी बूथ पर वोटर अमित अरोड़ा, खुशी अरोड़ा और आरती कुमारी बाहर रह रहे हैं लेकिन उनके नाम भी फाइनल सूची में मौजूद हैं।

कांग्रेस ने चुनाव आयोग को भाजपा की भी टीम बताया

हिन्दुस्तान के अनुसार कांग्रेस ने एसआईआर को बेवजह की कवायद बताते हुए शनिवार को कहा है कि चुनाव आयोग ने यह पूरा खेल भाजपा के इशारे पर किया है। कांग्रेस ने आयोग को भाजपा की बी टीम करार दिया। आरोप लगाया है कि इस अभियान का मकसद सिर्फ भाजपा और उसके सहयोगी दलों को चुनावी फायदा पहुंचाना है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने एक बयान में कहा, चुनाव आयोग ने एसआईआर का पूरा खेल ही भाजपा के इशारे पर रचा है। अंतिम एसआईआर में आयोग के सुधार के दावे भी गलत साबित हो रहे हैं। बिहार के सभी इलाकों से ऐसी खबरें आ रही हैं, जो इस बात की पुष्टि करती हैं कि पूरी प्रक्रिया का मकसद भाजपा तथा उसके मित्र दलों को राजनीतिक लाभ पहुंचाना है। भाजपा की बी टीम के रूप में काम कर रहा आयोग पूरी तरह से अनैतिक काम करने पर उतर चुका है।

दो चरणों में चुनाव कराने पर जोर

आयोग के सामने बिहार में अधिकतम दो चरणों में चुनाव कराने पर जोर दिया। मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए छठ महापर्व के तुरंत बाद चुनाव कराने का भी सुझाव दिया। शनिवार को पटना में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधु एवं चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी ने बिहार के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ विधानसभा चुनाव को लेकर बैठक की। 11 दलों के साथ बैठक अलग-अलग चली। चुनाव की तैयारियों को परखने के लिए दो दिवसीय दौरे पर आई आयोग की टीम ने पहले दिन दलों को आमंत्रित किया था।

हमास बंधक छोड़ेगा, हथियार नहीं

इसराइल और हमास के टकराव के बावजूद ग़ज़ा युद्धविराम की ओर बढ़ता दिख रहा है। इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि उनका देश युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्लान का पहला चरण लागू करने की तैयारी कर रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से शनिवार को जारी बयान में कहा गया कि इसराइल इस योजना को ट्रम्प के सिद्धांतों के अनुसार पूरी तरह सहयोग के साथ लागू करेगा। इससे पहले हमास ने ट्रम्प की योजना के कुछ हिस्सों को स्वीकार कर लिया था। हमास ने कहा था कि वह बचे बंधकों को रिहा करने और सत्ता अन्य फलस्तीनियों को सौंपने को तैयार है। हालांकि, हमास हथियार डालने को तैयार नहीं। उसने कहा कि योजना के कुछ हिस्सों पर अभी फलस्तीनी गुटों के बीच और चर्चा की जरूरत है। ट्रम्प ने इसका स्वागत करते हुए कहा, ‘हमास स्थायी शांति के लिए तैयार है।’ उन्होंने कहा, ‘इसराइल को तुरंत ग़ज़ा पर बमबारी रोकनी चाहिए, ताकि हम बंधकों को सुरक्षित और जल्दी निकल सकें।

पटना में तीन साल पहले बनी सड़क धंसी

जागरण ने लिखा है कि राजधानी पटना में शुक्रवार रात से हो रही भारी वर्षा व भूमिगत नाला बंद होने से शनिवार सुबह करीब आठ बजे मीठापुर सब्जीमंडी फ्लाईओवर के बगल की करीब 30 फीट लंबी व 12 फीट चौड़ी सड़क 10 फीट धंस गई। सड़क पर अचानक बने 10 फीट गहरे गड्‌ढे में एक पिकअप व एक ई-रिक्शा समेत कई दोपहिया वाहन गिर गए। फ्लाईओवर के भी कई पैनल खिसक गए। गनीमत यह रही कोई भी इस घटना में गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंचे नगर निगम, पथ निर्माण, बुडको, पुल निर्माण व पुलिस अधिकारी पहुंचे और घंसी सड़क समेत फ्लाईओवर पर सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन पर अनिश्चितकाल के लिए रोक लगा दी। इस दौरान तेज आवाज व कंपन से आसपास के लोग सड़कों पर आ गए। सड़क धंसने व लोगों के आक्रोश के कारण देखते ही देखते लंबा जाम लग गया।

तेजस्वी ने लगाया भ्रष्टाचार का आरोप

राजद नेता तेजस्वी यादव ने बिहार में भ्रष्टाचार के अनियंत्रित होने का आरोप लगाते हुए उसके विरुद्ध जन-संघर्ष की चेतावनी दी है। शनिवार को बयान जारी कर तेजस्वी ने कहा कि बिहार में लाखों करोड़ के भ्रष्टाचार की यह सच्चाई है कि चद दिनों पहले बनी सड़कें धंस जाती हैं। सैकड़ों नवनिर्मित एवं निर्माणाधीन पुल-पुलिया भरभरा कर गिर जाते हैं। बांध टूट जाते हैं। नवनिर्मित भवन ढह जाते हैं। लेकिन स्वयंभू सुशासन के मंत्रियों-अधिकारियों के विरुद्ध कभी कोई कारवाई नहीं होती। मुख्यमंत्री को प्रभाव में लेकर चद अधिकारियों और नेताओं ने दिनदहाड़े नंगी लूट मचा रखी है।

कांग्रेस का 20 साल, 20 सवाल अभियान

हिन्दुस्तान के अनुसार बिहार विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने बीस साल, बीस सवाल अभियान शुरू किया है। सदाकत आश्रम में आयोजित प्रेसवार्ता में शनिवार को एनएसयूआई प्रभारी कन्हैया कुमार ने जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पार्टी की तरफ से कोई भी व्यक्ति बिहार के लोगों से जुड़े मुद्दे पर मौजूदा डबल इंजन सरकार से रोजाना सवाल करेंगे। शनिवार को कन्हैया कुमार ने पीरपैंती बिजली घर से जुड़े सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार में शुरू हुई परियोजना को केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर बनाना था। बाद में यह मोदीजी के दोस्त अदाणी को क्यों दे दिया गया? इसके लिए बजट में आवंटित राशि कहां गई। किसानों से सस्ती जमीन लेकर महंगी दर पर बिजली खरीद क्यों की जाएगी?

कुछ और सुर्खियां:

  • बिहार के 11 जिलों में आज भी भारी बारिश की चेतावनी
  • पटना मेट्रो का उद्घाटन हो सकता है कल
  • रोहित शर्मा की जगह शुभ्मन गिल बनाए गए वन डे भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान
  • भारत ने वेस्टइंडीज को पहले टेस्ट मैच में एक परी और 140 रनों से हराया
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार को राजद के कुशासन से निकलने का दावा किया
  • भाजपा की चुनाव आयोग से मांग पर्दानशीं महिलाओं के चेहरे तस्वीर से मिलाएं

अनछपी: पटना में लगातार कुछ देर बारिश क्या हो गई कि महज तीन साल पहले बनी एक सड़क इस तरह धंस गई कि पूरे भारत में एक बार फिर बिहार का मजाक उड़ने लगा। वैसे यह बिहार का मजाक उड़ाने की बात बिल्कुल नहीं बल्कि बिहार के उन नेताओं का मजाक उड़ाने की बात है जो पिछले 20 साल से यह दावा कर रहे हैं कि बिहार को उन्होंने विकसित बना दिया है। 20 साल की बात इसलिए है क्योंकि 20 साल से नीतीश कुमार ही बिहार के मुख्यमंत्री हैं और वह तंज में कहते हैं कि 2005 से पहले कुछ था जी। 2005 से पहले बिहार की जैसी भी हालत रही हो और नीतीश कुमार ने इसे बेहतर बनाने के लिए जो कोशिश भी की हो लेकिन फिलहाल बिहार को इस बात से लेना देना है कि अभी क्या हो रहा है। बिहार के लोगों को 2005 के पहले के बिहार से बहुत मतलब नहीं है, उन्हें 2025 के बाद का बिहार कैसा होगा इस बात को सोचना है। बिहार में इससे पहले भी पुलों के गिरने की खबर आती रही है और भ्रष्टाचार का आरोप लगाता रहा है लेकिन क्या कोई यह बता सकता है कि इसके लिए किसी दोषी अधिकारी या नेता को कोई सजा हुई हो? अब पटना की जो सड़क धंसी है उसमें भी भ्रष्टाचार का आरोप लगा है और कोई निष्पक्ष सरकार इसकी जांच कराए तो पता चले कि भ्रष्टाचार किस स्तर का हुआ है और इसके लिए कौन दोषी है? कोई भी सड़क बनती है तो उसमें इस बात का ध्यान रखा जाता है कि भारी बारिश हो सकती है हालांकि पटना में ऐसी कोई बहुत ज्यादा भारी बारिश भी नहीं हुई है। नवंबर में बिहार सरकार नहीं बदली तो शायद ही किसी को उम्मीद होगी कि इस तरह के भ्रष्टाचार के लिए किसी अधिकारी या मंत्री को दोषी ठहराकर सज़ा दी सकती है। इसलिए अगर बिहार को ऐसे भ्रष्टाचार से निकलना है तो ऐसी सरकार से भी निकलना होगा और नई सरकार बनानी होगी।

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