छपी-अनछपी: राहुल की गुहार- मुझे बोलने दें, भोजपुरी गीतों के फूहड़पन पर आरजेडी-बीजेपी में बहस

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। संसद में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के बोलने के मसले पर गतिरोध अब भी नहीं टूटा है। एक तरफ भारतीय जनता पार्टी इस बात पर अड़ी है कि राहुल गांधी पहले माफी मांगें तो दूसरी तरफ राहुल का कहना है कि उन्हें बात रखने का मौका दिया जाए। इससे जुड़ी खबरें अखबारों में प्रमुखता से ली गई हैं। जमीन के बदले रेलवे नौकरी मामले में तेजस्वी प्रसाद यादव 25 मार्च को सीबीआई के सामने पेश होंगे जिसकी खबर सभी जगह है। बिहार में शिक्षा और परीक्षा के बारे में अहम जानकारी देने के लिए विद्या दीदियों की बहाली की खबर भी पहले पेज पर है।

हिन्दुस्तान ने पहले पेज पर सुर्खी लगाई है: उम्मीद है मुझे बोलने दिया जाएगा: राहुल। भास्कर ने लिखा है: राहुल बोले- सरकार अदानी मुद्दे से डरी; भाजपा देश भर में प्रदर्शन करेगी। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ब्रिटेन में दिए अपने बयानों को लेकर भाजपा द्वारा की जा रही माफी की मांग पर गुरवार को पलटवार किया। उन्होंने कहा, वे संसद में जवाब देना चाहते हैं, क्योंकि चार मंत्रियों ने संसद के भीतर उन पर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा, उम्मीद है मुझे शुक्रवार को संसद में बोलने दिया जाएगा।

भोजपुरी गीतों की हालत

भास्कर की एक सुर्खी है: सुनील बोले- अश्लील गाना गाने वाले तीन गायकों को भाजपा ने सांसद बनाया, भाजपा बोली- राजद लौंडा नाच कराता था। भोजपुरी गानों को लेकर गुरुवार को विधान परिषद में खूब हंगामा हुआ, हालांकि इसका कोई नतीजा नहीं निकला। सदन में सरकार का उत्तर नहीं आया, कार्यवाही आगे बढ़ गई। सवाल राजद के सुनील कुमार सिंह का था। उन्होंने सभापति देवेश चंद्र ठाकुर से कहा, हुजूर रिमोट से लहंगा…, कुर्ती के टूटल… जइसन भोजपुरी गाना गावे वाला तीन लोगन के भाजपा सांसद बना देले बा। इस पर भाजपा के नवल किशोर यादव व अन्य विधायक भड़क गए। कहा, राजद के बड़े नेता तो सरकारी आवासों में लौंडा नाच कराते थे। सुनील ने स्पष्ट किया कि अब इसका नाम लोक नाच है।

तेजस्वी इस माह तक गिफ्तारी से बचे

हिन्दुस्तान की सबसे बड़ी खबर है: तेजस्वी की सीबीआई के समक्ष 25 को पेशी। भास्कर ने दो सुर्खियां लगाई हैं:तेजस्वी के वकील बोले- अभी सत्र में व्यस्त हैं, बाद में बुलाएं। सीबीआई बोले उन्हें इस माह गिरफ्तार करने की योजना नहीं। रेलवे में नौकरी के बदले जमीन घोटाले में उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि वह 25 मार्च को सीबीआई के सामने पेश होंगे। इससे पहले, सीबीआई ने कोर्ट को भरोसा दिया कि यदि मामले की जांच व पूछताछ का सामना करने के लिए तेजस्वी यादव पेश होते हैं तो उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। न्यायमूर्ति दिनेश कुमार शर्मा के समक्ष तेजस्वी यादव की ओर से उनके वकील मनिंदर सिंह ने बताया कि हमारे मुवक्किल बिहार के उपमुख्यमंत्री हैं और वहां विधानमंडल का बजट सत्र चल रहा है। इसके बावजूद सीबीआई की ओर से पिछले 11 दिन में उन्हें तीन बार पेश होने के लिए समन जारी किया गया।

विद्या दीदी

जागरण की सबसे बड़ी खबर है: पढ़ाई व प्रतियोगी परीक्षाओं में मदद देने के लिए बहाल होंगी विद्या दीदी। अख़बार लिखता है कि जीविका दीदी की सफलता से उत्साहित राज्य सरकार ग्रामीण युवाओं को प्रतियोगी परीक्षा के काबिल बनाने के लिए विद्या देवी का सहारा लेगी। विद्या दीदी सामुदायिक पुस्तकालय सह करियर विकास केंद्रों का संचालन करेंगी। ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने गुरुवार को विधानसभा में यह जानकारी दी। पहले चरण में राज्य के 32 जिलों के 100 प्रखंडों में यह केंद्र खुलेंगे। विद्या दीदी के चयन के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास रखी गई है और उम्र सीमा 18 से 40 रखी गई है। उन्हें 6000 रुपये का मानदेय दिया जाएगा।

मोदी, नोबेल प्राइज और फेक न्यूज़

आज अखबारों में सुर्खियां तो है लेकिन इनकी हकीकत नहीं है। हिन्दुस्तान ने लिखा है: मोदी यूक्रेन युद्ध रोकने को सबसे भरोसेमंद नेता: तोजे। जागरण ने सुर्खी दी है: मोदी के बयान यह युद्ध का युग नहीं के मुरीद हैं: टोजे। एस्ले टोजे नॉर्वे की नोबेल कमेटी के डिप्टी लीडर हैं। उनके हवाले से हिंदुस्तान अखबार ने लिखा है कि उन्होंने कहा है कि पीएम मोदी नोबेल पुरस्कार के मजबूत दावेदार हैं जबकि खुद टोजे ने इसका खंडन किया है। इस बारे में कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने लिखा कि जो बयान टोजे ने नहीं दिया, उसे गोदी मीडिया ने प्रसारित किया लेकिन जिस बयान में उन्होंने इस बात को फेंक बताया था उसे छिपा लिया गया। हिन्दुस्तान ने भी उनका खंडन नहीं छापा।

बिहार में आरएसएस की ‘स्व-त्रयी’

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक पदाधिकारी के हवाले से जागरण ने खबर दी है: स्वधर्म, स्वदेशी और स्वराज्य की ‘स्व-त्रयी’ को आधार बनाएगा संघ। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) शताब्दी वर्ष अभियान चलाएगा। इसका आधार स्वधर्म, स्वदेशी और स्वराज की अवधारणा होगी। इसके अंतर्गत बिहार में पर्यावरण से लेकर स्वरोजगार जैसी समस्याओं के निदान के लिए विस्तृत कार्ययोजना को अमलीजामा पहनाया जा रहा है। यह जानकारी संघ के उत्तर-पूर्व क्षेत्र कार्यवाह डॉ. मोहन सिंह ने पटना के फ्रेजर रोड स्थित विश्व संवाद केंद्र में आयोजित प्रेस वार्ता में दी।

कुछ और सुर्खियां

  • अरुणाचल प्रदेश में सेना का हेलीकॉप्टर चीता दुर्घटनाग्रस्त, दो पायलटों की जान गई
  • भारत में एमबीबीएस की सीटें बढ़ कर एक लाख के पार पहुंचीं
  • मनीष सिसोदिया पर अब जासूसी के मामले में एफआईआर
  • बिहार में दिसंबर तक लोगों को मिलेगा मुफ्त अनाज
  • एक दिन पहले बने सीतामढ़ी के डीईओ संजय कुमार घूस लेते हुए गिरफ्तार
  • 27 में 20 महिला विधायक बोलीं- संविदा कर्मी को हर हाल में मिले माहवारी की छुट्टी
  • फर्जी डिग्रियों पर नियुक्त हुए शिक्षकों की जांच का हाईकोर्ट ने दिया निर्देश
  • बिजली विभाग का आग्रह, इस गर्मी 25 डिग्री से कम नहीं रखें ऐसी का तापमान
  • चार दशक में वाहन 21 गुना बढ़े, पर सड़कें सिर्फ दुगनी
  • जलाभिषेक मेरा निजी मामला किसी को बोलने की जरूरत नहीं: महबूबा

अनछपी: भोजपुरी के अश्लील गीत इतनी बड़ी समस्या है कि इसकी चर्चा बिहार विधान परिषद में भी की गई। इन गीतों में एक तरफ द्विअर्थी शब्द का इस्तेमाल किया जाता है तो दूसरी तरफ सीधे-सीधे भी बेशर्मी परोसी जाती है। इन गीतों की एक खास आपत्तिजनक बात यह भी है कि यह अक्सर महिलाओं को नीचा दिखाने वाले होते हैं। राजद के विधान पार्षद सुनील सिंह ने बताया कि बिहार में 6 करोड़ और पूरी दुनिया में 25 करोड़ लोग भोजपुरी बोलते हैं। मगर अश्लील भोजपुरी गीतों से परेशान होने वालों की संख्या भोजपुरी बोलने वालों तक सीमित नहीं है। ट्रैक्टर-ऑटो रिक्शा हो या बस, हर जगह आपको बिना मांगे यह गीत जबरदस्ती सुनने पड़ते हैं। हद तो यह है कि कई बार धार्मिक आयोजनों में भी ऐसे गीत बजा दिए जाते हैं। ऐसे बेशर्मी भरे गीतों का विरोध करने पर कई बार विरोध करने वालों को हिंसा का शिकार होना पड़ा है। ऐसे हालात में यह सोचकर अजीब लगता है कि भारतीय जनता पार्टी ने ऐसे तीन गायकों को सांसद बनवाया जिन पर साफ तौर पर अश्लील गीत गाने का आरोप लगता है। भारतीय जनता पार्टी ने लौंडा नाच पर जो आपत्ति दर्ज की है उस पर भी ध्यान देने की जरूरत है लेकिन वह आयोजन ऐसा नहीं होता कि आप चाहें या ना चाहें, देखना ही पड़े। दूसरी तरफ भोजपुरी गीत ऐसी जगहों पर बजते हैं जहां आप ना चाहकर भी उसके शिकार होते हैं। बिहार विधान परिषद में इस विषय पर जो बहस हुई है उसे सकारात्मक अंत तक पहुंचाना जरूरी है। साथ ही, दूसरे राज्यों में भी इस पर गंभीर बहस हो और अश्लील भोजपुरी गाने को सख्ती से रोका जाए।

 859 total views

Share Now

Leave a Reply