छपी-अनछपी: मुज़फ़्फ़रपुर में मॉब लिंचिंग, ‘द वायर’ के संपादकों के घर दिल्ली पुलिस का छापा

घायल मोहम्मद फैजान

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। मुजफ्फरपुर में रविवार की शाम प्रेमिका के बुलाने पर छठ घाट पहुंचे एक युवा की मॉब लिंचिंग में मौत हो गयी जबकि मरा जानकर छोड़ा गया उसका साथी गंभीर हालत में है। यह खबर अक्सर अखबारों में दब गई है। स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए नाम कमाने वाले न्यूज़ पोर्टल ‘द वायर’ के संपादकों के घर  दिल्ली पुलिस की छापेमारी की खबर सभी अखबारों में प्रमुखता से छपी है।

हिन्दुस्तान में मॉब लिंचिंग की खबर पहले पेज पर है: मुजफ्फरपुर छठ घाट पर प्रेमिका से मिलने आये युवक की पीटकर हत्या। इस खबर में बताया गया है कि मुज़फ़्फ़रपुर से सटे कांटी के महरथा गांव में रविवार शाम छठ घाट पर प्रेमिका से मिलने पहुंचे ब्रह्मपुरा हजमटोली निवासी मोहम्मद नेहाल उर्फ आयान की भीड़ ने छेड़खानी का आरोप लगाकर पीट-पीटकर हत्या कर दी। प्रेमिका के परिजन व भीड़ ने आयान को ईंट-पत्थरों से कूच-कूचकर मार डाला। पिटाई से आयान का साथी मोहम्मद फैजान गंभीर रूप से जख्मी हो गया। भीड़ ने उसे मरा समझकर छोड़ दिया। पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाया।

आयान की मां शमीमा खातून के अनुसार आयान को उसकी प्रेमिका ने कॉल कर छठ पर मिलने के लिए बुलाया था। वह दोस्त फैजान के साथ महरथा गांव गया था। वहां प्रेमिका के परिवार वालों ने उसे देख लिया। इसके बाद छेड़खानी का आरोप लगाकर लोगों ने दोनों को दौड़ाया। इसी क्रम में छठ घाट पर बड़ी संख्या में भीड़ ने आयान व उसके मित्र फैजान को घेर लिया। भीड़ दोनों की बेरहमी से पिटाई करने लगी। लड़की वाले आयान को घसीटते हुए घाट से दूर ले गए। उसे मौके पर ही मार डाला।

इस मामले में हत्या व मॉब लिंचिंग की धारा में छह नामजद समेत सौ अज्ञात पर एफआईआर दर्ज की गई है। लड़की पक्ष के लोग घर छोड़कर फरार हैं। घटना से आक्रोशित आयान के परिवार वाले और मोहल्ले के लोगों ने सोमवार को पोस्टमार्टम घर से शव आने के बाद मेहदी हसन चौक पर तीन घंटे तक हंगामा किया। वे लड़की पक्ष के लोगों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। प्रशासन की ओर से आश्वासन के बाद शाम साढ़े चार बजे हंगामा शांत हुआ। 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर यह बाद दोहराई है कि भाजपा का साथ छोड़ने का फैसला सही था। यह हिन्दुस्तान की सबसे बड़ी खबर है। नीतीश ने कहा कि वर्ष 2017 में गलती की थी, अब सही जगह आ गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अब उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव को आगे बढ़ाना है। ये बातें उन्होंने गोपालगंज और मोकामा उपचुनाव के सिलसिले में पूछे गए सवालों पर कहीं। यहां वोटिंग 3 नवंबर को है और चुनाव प्रचार का आज आखिरी दिन है। जागरण में भी यह खबर पहले पेज पर है जिसकी सुर्खी है: केवल अपना प्रचार करती है केंद्र सरकार: सीएम। प्रभात खबर ने लिखा है: जनता मालिक है, अब तेजस्वी को आगे बढ़ाना है: मुख्यमंत्री। भास्कर की लीड है: भाजपा के समर्थन में निकले चिराग, नीतीश बोले बच्चा है वह, हम जीतेंगे। लोजपा (रा) नेता चिराग पासवान ने सोमवार को मोकामा विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में चुनाव प्रचार और रोड शो किया। 

‘द वायर’ से जुड़े संपादकों के आवास पर छापेमारी के बारे में हिन्दुस्तान ने लिखा है:  दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने ऑनलाइन पोर्टल द वायर के संस्थापक संपादक सिद्धार्थ वरदराजन और एमके वेणु के आवास पर सोमवार शाम को छापे मारे। पुलिस टीम दस्तावेजों की जांच कर रही है। दिल्ली पुलिस की प्रवक्ता सुमन नलवा ने छापेमारी की पुष्टि की, लेकिन किसी गिरफ्तारी से इनकार किया है। ‘द वायर’ में भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय को लेकर एक रिपोर्ट छपी थी। उन्होंने शनिवार को क्राइम ब्रांच के स्पेशल सीपी को शिकायत की थी। इसमें पोर्टल के संपादक सिद्धार्थ वरदराजन और डिप्टी एडिटर जाह्नवी सेन समेत कई पत्रकारों पर धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और मानहानि का आरोप लगाया था।

जागरण की सबसे बड़ी खबर है: गुजरात पुल हादसे में 143 की गई जान। हिन्दूस्तान में यह दूसरी सबसे बड़ी खबर है जिसकी सुर्खी है: मोरबी हादसे में नौ गिरफ्तार। प्रभात खबर की लीड भी यही है: गुजरात में केबल पुल टूटा, नदी में गिरने से 134 की मौत, ठेकेदार समेत नौ अरेस्ट। 

भास्कर में पहले पेज पर एक और हादसे की खबर नवादा के हिसुआ से है: गैस सिलेंडर फटने से एक ही परिवार के 3 लोगों की गई जान, दो गंभीर।

प्रभात खबर में पहले पेज पर एक और दुखदायी सुर्खी है: छठ पूजा के दौरान डूबने से 49 की मौत। इनमें 24 बच्चे शामिल हैं। सबसे ज्यादा 7 मौतें भागलपुर में हुई है।

अनछपी: जागरण में एक विश्लेषण है: छठी मैया के शाप का भय घटा, अपराध का ग्राफ चढ़ा। इस हेडलाइन को भास्कर में छपी एक खबर से समझा जा सकता है; हाजीपुर: नशा करने के लिए मां ने रुपए नहीं दिए तो बेटे ने मिट्टी तेल छिड़क जिंदा जलाया, खुद भी झुलसा। जागरण ने लिखा है: चार दिवसीय छठ के अनुष्ठान के दौरान अब तक हर तरह के अपराध कम हो जाते थे। अपराधियों तक में छठी मैया के सांप का भय होता था कमा आम लोग भी कुछ गलत करने के पहले थम जाए करते थे। जागरण ने जानकारी दी है कि छठ के दिन बेगूसराय में कपड़ा दुकानदार की हत्या कर दी गई, सिवान में राजद कार्यकर्ता को चार गोली मारी गई और आरा में लौंडा नाच के दौरान विवाद में 3 को गोली मारी गई जिसमें एक की मौत हो गई। छठ के दौरान अपराध कम होने की बात गलत साबित होना गंभीर चिंतन का विषय है। अपराध पर लगाम लगाने के लिए यह सोच बनाना जरूरी है कि हर जुर्म की सज़ा मिलनी है, चाहे इस दुनिया में मिले या इसके बाद। इस दौरान पुलिस को भी अपना दबदबा साबित करने में पीछे नहीं रहना चाहिए। इसके साथ ही हम शराब पीने के नुक़सान को समझ सकते हैं।

 

 

 

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