छपी-अनछपी: नीतीश आज, मोदी कल बांटेंगे नियुक्ति पत्र, ब्रिटेन की पीएम का डेढ़ माह में ही इस्तीफा

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज स्वास्थ्य कर्मियों को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे जबकि कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यही पत्र देंगे। यह दोनों खबरें आज के हिंदी अखबारों में प्रमुखता से छपी हैं हालांकि लीड प्रधानमंत्री बने हैं।
डेढ़ महीने पहले ही ब्रिटेन की प्रधानमंत्री बनी लिज़ ट्रस को पार्टी में बगावत के बाद इस्तीफा देना पड़ा है। इस खबर को भी पहले पेज पर जगह मिली है।

हिंदुस्तान में सबसे बड़ी खबर है: दिवाली पर दस लाख नौकरियों का तोहफा। इस खबर में बताया गया है कि केंद्र सरकार अगले डेढ़ साल में यानी दिसंबर 2023 तक 10 लाख युवाओं को नौकरी देगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धनतेरस के मौके पर शनिवार को ‘रोजगार मेला’ अभियान की शुरुआत करेंगे जिसमें 75000 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। मोदी कार्यक्रम के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंस से युवाओं को संबोधित भी करेंगे। यह नौकरियां ग्रुप ए, बी और सी में होंगी। इसके अलावा सब इंस्पेक्टर, कांस्टेबल, एलडीसी और स्टेनो आदि की नौकरी शामिल है।
जागरण में सबसे बड़ी सुर्खी है: विभागों में विशेष अभियान से 10 लाख भर्तियां करेगी केंद्र सरकार।
पीएम से पहले सीएम नीतीश कुमार आज नियुक्ति पत्र देंगे। हिन्दुस्तान के अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुक्रवार को 9476 नव नियुक्त स्वास्थ्यकर्मियों को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे। स्वास्थ्य विभाग के तहत संचालित राज्य स्वास्थ्य समिति के माध्यम से नियुक्त होने वाले स्वास्थ्यकर्मियों में 8500 एएनएम, 580 स्वास्थ्य समन्वयक सहित प्रखंड सामुदायिक मोबिलाइजर, प्रखंड एकाउंट मैनेजर सहित विभिन्न पद के चयनित कर्मी शामिल हैं।
भास्कर की सबसे बड़ी खबर है: बीपीएससी पीटी में बदलाव निगेटिव मार्किंग भी। बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन की 68 वीं परीक्षा से सभी पीटी प्रिलिमनरी टेस्ट में यह नियम लागू होंगे। इसके अलावा 50 प्रश्न स्टार मार्किंग वाले होंगे। यह अन्य प्रश्नों की तुलना में कठिन होंगे मगर इनके लिए दोगुने नंबर मिलेंगे। यही खबर प्रभात खबर की भी लीड है जिसकी सुर्खी है: अब परीक्षा केंद्रों पर ही होगी प्रश्न पत्र की प्रिंटिंग, पहली बार निगेटिव मार्किंग। इसके लिए दो-तीन दिनों में विज्ञापन निकाले जाने की उम्मीद है। परीक्षा में भाषा में बदलाव करने की भी छूट दी गई है। यह छूट अलग-अलग पेपर में होगी, न कि एक ही पेपर के अलग-अलग प्रश्नों में।

ब्रिटेन की पीएम लिज ट्रस के पद छोड़ने की खबर को हिन्दुस्तान ने पहले पेज पर जगह दी है जबकि जागरण के दूसरे फ्रंट पेज की लीड यही है। ट्रस ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। एक हफ्ते से कर कटौती और अन्य मुद्दों पर भारी दबाव का सामना कर रहीं ट्रस ने 45 दिन पहले सत्ता संभाली थी। त्यागपत्र के एलान के साथ ही वो सबसे कम समय तक पद पर रहने वाली ब्रितानी प्रधानमंत्री बन गई हैं। नए प्रधानमंत्री का चुनाव 28 अक्टूबर को होगा।

जागरण में पहले पेज पर एक महत्वपूर्ण खबर दिवाली के बारे में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बारे में है। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी है और भी तरीके हैं दिवाली मनाने के, पैसे मिठाइयों पर खर्च करें। भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने दिल्ली सरकार द्वारा पटाखों पर पूरी तरह पाबंदी लगाने के खिलाफ अर्जी दी थी। इस अर्जी में जल्द सुनवाई की बात कही गई थी। कोर्ट ने कहा है कि वह इस पर बाद में सुनवाई करेगी। कोर्ट ने मनोज तिवारी के वकील सचिव शशांक शेखर झा से पूछा कि आप दिल्ली एनसीआर का स्थाई निवासी है न? क्या आपने प्रदूषण देखा है? कोर्ट ने कहा, “हम यहां और प्रदूषण नहीं बढ़ाना चाहते हैं।”

कुछ दिनों पहले स्टीम इंजन चोरी कर बेचने की खबर आई थी। अब जागरण ने इस बारे में खबर दी है कि स्टीम इंजन स्क्रैप चोरी कर बेचने में असिस्टेंट डिविजनल मैकेनिकल इंजीनियर कुमार कृष्णा शंकर को गिरफ्तार कर लिया गया है। मंडल सुरक्षा आयुक्त एसजेए जानी ने बताया कि जांच में सहायक मंडल यांत्रिक अभियंता की मिलीभगत उजागर हुई थी। इस इंजन के स्क्रैप की चोरी समस्तीपुर रेल मंडल के पूर्णिया कोर्ट स्टेशन से 10 माह पहले हुई थी।

टाइम्स ऑफ इंडिया में एक सर्वे के हवाले से बताया गया है कि बिहार में सिर्फ 12% लोग खाने से पहले हाथ धोते हैं। यह आंकड़ा नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस का बताया गया है।

अनछपी: 2024 के लोकसभा चुनाव के दिन जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं केंद्र सरकार की ओर से युवा वोटरों को लुभाने की कोशिश शुरू हो चुकी है। हमारे देश में नौकरी देने का संबंध चुनाव से बहुत गहरा है। यह भी देखा गया है कि नौकरियों की घोषणा एक चुनाव से पहले होती है और इस पर अमल की प्रक्रिया सरकार के अंतिम दौर में और अगले चुनाव से कुछ पहले शुरू होती है। भारत जैसे विशाल देश में 10 लाख नौकरियां बहुत कम मानी जाएंगी। इसकी तुलना में बिहार सरकार ने भी दस लाख नौकरियाँ देने की बात कही है। देखना होगा कि नौकरी देने के मामले में कौन सी सरकार कितनी ईमानदारी बरतती है। खास तौर पर इस दौर में जबकि अधिकतर सरकारी नौकरियों को प्राइवेट कंपनियों के हवाले किया जा रहा है या लोगों को स्थाई नौकरी देने की जगह कॉन्ट्रैक्ट पर बहाल किया जा रहा है।

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