छ्पी-अनछपी: ‘देश शर्मसार’ लेकिन मंत्री नहीं हुए गिरफ्तार, रेलवे टिकट पर ऑपरेशन सिंदूर के साथ मोदी
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। मध्य प्रदेश के बदजुबान मंत्री विजय शाह के बयान को सुप्रीम कोर्ट ने देश को शर्मसार करने वाला तो बताया लेकिन उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई। ऑपरेशन सिंदूर का राजनीतिक इस्तेमाल न करने की नसीहतों के बावजूद इसकी तस्वीर के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर रेलवे टिकट पर दी जा रही है। सुप्रीम कोर्ट में नए वक़्फ़ कानून पर अंतरिम रोक के बारे में आज सुनवाई होगी। कांग्रेस ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना बुरी तरह नाकाम रही है।
और, जानिएगा कि हर साल कितने लोग प्रोस्टेट कैंसर की चपेट में आते हैं।
पहली खबर
भास्कर के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए गए विवादित बयान को गंभीरता से लेते हुए बेहद सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा, “आपकी टिप्पणी से पूरा देश शर्मिंदा है। सार्वजनिक पद पर होने के नाते आपको अपने बयानों में बेहद सावधानी बरतनी थी।” अब यह आप पर है कि खुद को कैसे सुधारते हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने विजय शाह के खिलाफ दर्ज एफआईआर की जांच के लिए मंगलवार सुबह तक तीन सदस्यों वाली विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने इसके साथ मंत्री को 28 मई तक गिरफ्तारी से राहत दे दी। जस्टिस सूर्यकांत सिंह और जस्टिस एन के सिंह की पीठ ने भाजपा नेता विजय शाह की माफी को भी खारिज कर दिया।
रेल टिकट पर ऑपरेशन सिंदूर की तस्वीर के साथ मोदी की तस्वीर
जागरण के अनुसार रेल मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि ट्रेन के टिकटों पर ऑपरेशन सिंदूर के नायकों को सलाम करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर सैनिकों की वीरता के प्रति श्रद्धांजलि है। इसमें कहा गया है कि टिकटों पर प्रधानमंत्री की तस्वीर का उपयोग करने के अलावा सभी मंडल और ज़ोन रेलवे स्टेशनों पर विभिन्न गतिविधियों और कार्यक्रमों का आयोजन करके ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का जश्न मनाने में सबसे आगे रहे हैं। रेलवे बोर्ड के सूचना एवं प्रचार विभाग के कार्यकारी निदेशक दिलीप कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री ऑपरेशन सिंदूर के नायकों को सलाम करते हैं और इसकी सफलता का जस्ट मानते हैं। टिकटों पर प्रधानमंत्री मोदी को सलामी देते हुए दिखाया गया है और ऑपरेशन का जिक्र किया गया है।
विवादित वक़्फ़ क़ानून पर अंतरिम राहत के लिए आज सुनवाई
हिन्दुस्तान के अनुसार सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को इस बात पर सुनवाई करेगा कि वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 पर अंतरिम रोक लगाई जाए या नहीं। शीर्ष ने गुरुवार को मामले की सुनवाई 20 मई तक स्थगित करते हुए कहा था कि मामले में विस्तार से सुनवाई के बाद इस बारे में विचार करेंगे कि संशोधित कानून पर अंतरिम रोक लगाने की जरूरत है या नहीं। मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति ए.जी. मसीह की पीठ ने केंद्र और याचिकाकर्ताओं को अपना-अपना लिखित नोट दाखिल करने का आदेश दिया था। साथ ही यह साफ कर दिया था कि वक्फ संशोधन कानून 2025 पर रोक लगाई जाए या नहीं, इस सवाल पर विचार करते समय वक्फ अधिनियम 1995 के प्रावधानों को चुनौती देने वाले कुछ हिन्दू पक्षकारों की याचिकाओं पर विचार नहीं किया जाएगा। केंद्र और याचिकाकर्ताओं की ओर से सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में संक्षिप्त नोट दाखिल किया गया है।
प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना बुरी तरह फेल: कांग्रेस
जागरण के अनुसार कांग्रेस ने पीएम इंटर्नशिप योजना के बुरी तरह से विफल होने का दावा किया है। कांग्रेस ने कहा कि सैकड़ों करोड़ का बजट आवंटन किए जाने के बावजूद कुछ चंद करोड़ का खर्च होना इसका प्रमाण है। पार्टी ने इसके साथ ही आरोप लगाया कि पीएम इंटर्नशिप में छात्र और युवा रुचि नहीं ले रहे हैं क्योंकि रोजगार के लिहाज से इसमें उनका कोई भविष्य प्रोत्साहन नजर नहीं आ रहा है। कांग्रेस के संचार महासचिव जयराम रमेश ने पीएम इंटर्नशिप समेत सरकार के कुछ प्रमुख फ़ैसलों पर तंज करते हुए सोमवार को बयान जारी कर कहा कि जैसे-तैसे सत्ता में वापसी के बाद से विचारहीन और थकी हुई मोदी सरकार ने 2024 लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के न्याय पत्र से प्रेरणा लेना शुरू कर दिया। जय राम नरेश ने कहा कि मोदी सरकार आज भी भारी टैलेंट डेफिसिट से जूझ रही है।
315 प्रखंडों में उद्यान अधिकारी नियुक्त
हिन्दुस्तान के अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को कहा कि कृषि रोड मैप से राज्य में फसलों का उत्पादन बढ़ा है। उत्पादकता भी बढ़ी है। मीठापुर स्थित कृषि भवन में विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ करने के बाद सीएम ने कहा कि हमलोग शुरू से किसान हित में काम कर रहे हैं। चार कृषि रोड मैप बनाए गए हैं जिससे फसलों का उत्पादन और उत्पादकता बढ़ी है। इस अवसर पर उन्होंने 315 नवनियुक्त प्रखंड उद्यान पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया।
हर साल 14 लाख लोग आते हैं प्रोस्टेट कैंसर की चपेट में
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन प्रोस्टेट कैंसर से पीड़ित हैं। ये कैंसर उनकी हड्डियों तक फैल गया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर में हर साल 14 लाख लोग प्रोस्टेट कैंसर से पीड़ित होते हैं। 2040 तक यह संख्या 30 लाख तक हो सकती है। फेफड़े व मुंह के कैंसर के बाद पुरुषों में सबसे ज्यादा प्रोस्टेट कैंसर का खतरा रहता है। बाइडन को 9 (ग्रेड ग्रुप 5) ग्लीसन स्कोर और हड्डी में मेटास्टेसिस (कैंसर का फैलना) का जिक्र किया गया है। जो बाइडन ने 2015 में बड़े बेटे को कैंसर से खो दिया था। अब 82 साल के बाइडन खुद कैंसर की लड़ाई का सामना कर रहे हैं। इससे पहले 2023 में बाइडन को स्किन कैंसर हुआ था।
कुछ और सुर्खियां:
- पूर्णिया के पूर्व सांसद उदय सिंह उर्फ पप्पू सिंह जन सुराज के पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए गए
- पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति 82 वर्षीय जो बाइडन प्रोस्टेट कैंसर से पीड़ित
- इलाहाबाद हाईकोर्ट का संभल जामा मस्जिद के एएसआई सर्वे पर रोक लगाने से इनकार
- 6200 करोड़ के घोटाले में यूको बैंक के पूर्व सीएमडी सुबोध कुमार गोयल गिरफ्तार
- बेंगलुरु में बारिश का कहर, सड़कों पर चली नाव
- गोल्डन टेंपल पर पाक का ड्रोन हमला नाकाम किया था: सेना
अनछपी: राजनीतिक बयानों को तोड़ मरोड़ कर और संदर्भ से काटकर प्रचारित करने के लिए बदनाम भारतीय जनता पार्टी ने अब यही आरोप कांग्रेस के नेता राहुल गांधी पर लगाया है। कांग्रेस ने ऑपरेशन सिंदूर पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बयान को अपराध करार दिया है। दरअसल राहुल गांधी और कांग्रेस का यह कहना है कि एस जयशंकर ने जो बयान दिया उससे ऐसा लगता है कि भारत ने पाकिस्तान पर हमला करने से पहले इसकी जानकारी उसे दी थी। कांग्रेस का यह भी कहना है कि अगर पहले जानकारी दे दी गई तो इसका भारत को नुकसान हुआ। कांग्रेस ने पीएम नरेंद्र मोदी से पूछा कि पाकिस्तान को पता होने की वजह से हमले में हमने कितने विमान खोए हैं, देश को सच्चाई जानने का हक है। राहुल गांधी ने कहा, विदेश मंत्री की चुप्पी निंदनीय है। उन्होंने कहा, हम फिर पूछेंगे कि कितने विमान खो दिए, क्योंकि पाकिस्तान को हमले की जानकारी थी। यह मानना वाकई बहुत मुश्किल है कि क्या विदेश मंत्री ने पाकिस्तान को ऐसी कोई सूचना दी थी कि भारत उस पर हमला करने वाला है और इस जानकारी का लाभ पाकिस्तान ने उठाया। हो सकता है कि विदेश मंत्री ने अपनी बात बताने का जो तरीका अपनाया उससे यह गलतफहमी हुई हो लेकिन राजनीति में इस तरह की गलतफहमी वाली बात पर एक दूसरे पर हमला करने की पुरानी नीति रही है। याद करने की बात यह है कि ऑपरेशन सिंदूर के समय विपक्ष के सभी नेताओं ने सरकार को अपना भरपूर समर्थन दिया था और इस बात पर आम सहमति बनी थी कि इसका कोई राजनीतिक इस्तेमाल नहीं होगा। लेकिन शायद बहुत कम लोग होंगे जो यह मानेंगे कि सरकार ने इसका राजनीतिक इस्तेमाल नहीं किया। रेल टिकट पर ऑपरेशन सिंदूर के लोगो के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर लगाई जा रही है और लोग इसे ऑपरेशन सिंदूर का राजनीतिक इस्तेमाल मान रहे हैं। इससे पहले विदेशों में प्रतिनिधिमंडल भेजने के मामले में भी सरकार पर राजनीति करने का आरोप लगा क्योंकि कांग्रेस पार्टी ने जिन लोगों का नाम अपनी पार्टी की ओर से दिया था उससे हटकर भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने शशि थरूर का नाम उसमें शामिल किया और कांग्रेस को ज़लील करने की कोशिश की। ध्यान रहे कि ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी तृणमूल कांग्रेस के सांसद यूसुफ पठान को उस डेलिगेशन में शामिल करने पर यह कहकर आपत्ति जताई थी कि उनसे इस बारे में मशवरा नहीं किया गया और इसके बाद यूसुफ पठान ने उससे अपना नाम वापस ले लिया। इन बातों से आसानी से समझा जा सकता है कि देश हित के नाम पर किए जाने वाले कामों में भी कैसे राजनीति की जा रही है। सरकार चलने वाली भारतीय जनता पार्टी अगर यह समझती है कि राजनीति करना सिर्फ उसका अधिकार है तो यह उसकी गलतफहमी है।
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