फ़र्ज़ी डिग्री से विदेश में पढ़े 73 ‘डॉक्टर’ की तलाश, जहां हैं वहीं वोट देने की मिलेगी सहूलत

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। फर्जी प्रमाण पत्र पर विदेशों से पढ़कर डॉक्टर बने लोगों की सरकार तलाश कर रही है। इससे संबंधित खबर सभी अखबारों में प्रमुखता से दी गई है। वोट देने के लिए यह जरूरी है कि आप उस जगह पहुंचे जहां आपका नाम अंकित है लेकिन अब एक पहल की जा रही है कि आप जहां हो वहीं से वोट डाल सके चाहे वहां आपका नाम अंकित हो या नहीं। इस खबर को भी अहमियत दी गई है। महान फुटबॉलर पेले के निधन की खबर भी पहले पन्ने पर है। आज सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन का निधन हो गया। वे लगभग 100 साल की थीं और पिछले कई दिनों से अस्पताल में भर्ती थीं।

जागरण की सबसे बड़ी खबर है: विदेश में पढ़े 73 डॉक्टर सरकार के निशाने पर, 91 ठिकानों पर छापेमारी। भास्कर की सबसे बड़ी सुर्खी है: बिहार मेडिकल काउंसिल ने विदेशों से पढ़ें 19 आयोग के छात्रों को लाइसेंस दिया। हिन्दुस्तान ने लिखा है: फर्जी प्रमाण पत्र पर विदेश में मेडिकल पढ़ाई की 91 जगहों पर छापेमारी। फर्जी डिग्री की बदौलत रूस, चीन, यूक्रेन जैसे देशों के मेडिकल कॉलेज में नामांकन लेने के मामले में सीबीआई ने 73 छात्रों और इनका यहां आकर निबंधन कराने में संदिग्ध भूमिका निभाने वाले नेशनल मेडिकल काउंसिल समेत अलग-अलग राज्यों के 14 मेडिकल काउंसिलों में तैनात कई स्तर के कर्मियों की मिलीभगत उजागर की है। इस मामले को लेकर जांच एजेंसी ने बिहार समेत देश भर में 91 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इसमें बिहार के पटना, मुंगेर, दरभंगा, भागलपुर, चंपारण, बेगूसराय, हाजीपुर, वैशाली और नालंदा समेत अन्य स्थान शामिल हैं। पटना में राजेंद्र नगर रोड नं- 11-डी स्थित बिहार मेडिकल काउंसिल के कार्यालय और इसमें कार्यरत कुछ कर्मियों के यहां भी छापेमारी हुई।   बिहार मेडिकल काउंसिल ने फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर विदेशों से डिग्री लेकर आये इन छात्रों का निबंधन अपने यहां कर लिया, ताकि ये यहां प्रैक्टिस कर सके। इन 73 छात्रों में 19 छात्र बिहार के हैं। इन्होंने बिहार मेडिकल काउंसिल से निबंधन कराया था। ये सभी नेशनल बोर्ड ऑफ एक्जामिनेशन इन मेडिकल साइंस की तरफ से आयोजित फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एक्जाम (एफएमजीई) की परीक्षा में फेल हो गये।

अब आएगा आर ईवीएम
हिन्दुस्तान की पहली खबर है: पहल: जहां हैं, वहीं से डाल सकेंगे वोट। जागरण ने लिखा है चुनाव के दिन घर से बाहर रहने वाले भी डाल सकेंगे वोट। भास्कर की सुर्खी है: रिमोट वोटिंग सिस्टम तैयार, आप शहर से बाहर हैं तो भी कर सकेंगे वोट। आने वाले दिनों में प्रवासी मतदाता देश में जहां हैं, वहीं से वोट डाल सकेंगे। चुनाव आयोग ने घरेलू प्रवासी मतदाताओं के लिए रिमोट इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (आरवीएम) का एक शुरुआती मॉडल तैयार किया है। आयोग राजनीतिक दलों के साथ अगले महीने इसका विवरण साझा करेगा।

पेले…फुटबॉल का जादूगर नहीं रहा
भास्कर में पहले पेज पर सुर्खी लगाई है: फुटबॉल के भगवान…अलविदा। हिंदुस्तान ने लिखा है: महान फुटबॉलर पेले का 82 साल की उम्र में निधन। आधुनिक इतिहास के सबसे महान और प्रसिद्ध फुटबॉल स्टार में से एक ब्राजील के जादुई खिलाड़ी पेले की बेटी ने इंस्टाग्राम पर यह जानकारी दी। पेले का पूरा नाम एडसन अरैंटेस डो नैसिमेंटो था। पेले ने 1958 में फीफा विश्व कप में पदार्पण किया था। अपने खेल जीवन में उन्होंने रिकॉर्ड 1281 गोल किए। वे तीन बार विश्व कप जीतने वाले एकमात्र खिलाड़ी हैं। सांस के संक्रमण के इलाज व कीमोथेरेपी के लिए पिछले माह उन्हें साओ पाउलो के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

दलाई लामा की सुरक्षा…चीनी महिला हिरासत में
बोधगया में दलाई लामा के प्रवास के दौरान पहुंची चीनी महिला को पुलिस ने हिरासत में लेने की खबर सभी जगह है। मिस सांग जियालॉन नाम की यह महिला बोधगया के एक गेस्ट हाउस में कुछ दिनों पहले से रुकी हुईं थी। बुधवार की रात महिला को संदिग्ध मानते हुए पुलिस ने उसका स्केच जारी किया था और उसके संबंध में जानकारी देने की अपील की थी। गुरुवार की शाम पुलिस ने उनसे पूछताछ की। एसएसपी हरप्रीत कौर ने बताया कि चीनी महिला निर्धारित अवधि से ज्यादा समय से भारत में रुकी हुई थी।  अब महिला को एफआरआरओ (फॉरेनर रीजिनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस) दिल्ली के पास डिपोर्ट करने के लिए भेजा जाएगा। उसके जासूस होने जैसी कोई बात नहीं है।

नाक से ली जाने वाली वैक्सीन किसके लिए
जागरण ने यह खास खबर दी है: चौथी डोज़ के रूप में न लगवाएं एन्टी नेजल वैक्सीन, इससे नहीं बन पाएगी एंटीबॉडी। अखबार लिखता है कोरोना रोधी  इंटरनेशल वैक्सीन बाजार में आ गई है। मूल्य निर्धारण भी हो गया है। फिलहाल इसी निजी क्षेत्र में उपलब्ध कराया जाएगा। अभी तक जिन्होंने वैक्सीन की एक भी डोज़ नहीं लगवाई है उनके लिए यह वैक्सीन सुरक्षित और कारगर है। जिन्होंने वैक्सीन कि दोनों नियमित डोज़ के बाद सतर्कता डॉट भी लगवा ली है वह इंट्रनसल वैक्सीन की चौथी डोज़ भूलकर ना लगवाएं।  ऐसा करने पर एंटीजन सिंक फिनोमेना हो सकता है मतलब यह कि शरीर में अत्यधिक एंटीजन होने से उसके खिलाफ एंटीबॉडी नहीं बन पाएगी। ऐसे में कोरोनावायरस हमला करेगा तो एंटीबॉडीज और एंटी जन को पहचान भी नहीं पाएगा। इधर हिन्दुस्तान ने खबर दी है: छह देशों से आने वालों के लिए कोरोना जांच रिपोर्ट जरूरी। ये छह देश हैं: चीन, हांगकांग, जापान, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया और थाईलैंड। भास्कर की सुर्खी है: देश के शीर्ष डॉक्टर बोले- अब कोरोना लहर की आशंका नहीं।

पाकिस्तान में हिन्दू महिला से बर्बरता
जागरण ने पहले पेज पर खबर दी है: पाकिस्तान में हिंदू महिला की बर्बरता पूर्वक हत्या, भारत ने की निंदा। भास्कर ने लिखा है: पाकिस्तान में हिंदू महिला से सामूहिक दुष्कर्म, सिर कलम। घटना सिंध प्रांत के सिंझोरो शहर की है। महिला का नाम दया भील है, उसके चार बच्चे हैं। सिंझोरो और शाहपुर चक्कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है और जल्द ही हत्यारे को पकड़ लिया जाएगा। इस मामले पर पाकिस्तान की पहली हिन्दू सांसद कृष्णा कुमारी ने भी ट्वीट कर कहा कि दया भील 40 साल की विधवा थी।
इधर, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि पाकिस्तान को अपने अल्पसंख्यकों का ध्यान रखना चाहिए और उनकी सुरक्षा एवं कुशलता की जिम्मेदारी का निर्वाह करना चाहिए।

कुछ और सुर्खियां

  • बालू के अवैध कारोबार में 19 और अफ़सर नपेंगे
  • विमान व हेलीकॉप्टर की खरीद पर भाजपा का अनर्गल प्रलाप: नीतीश
  • उज़्बेकिस्तान में कफ सिरप से बच्चों की मौत के मामले की जांच शुरू
  • पटना समेत 68 नगर निकायों में मतगणना आज
  • भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी की सुरक्षा पर विवाद
  • सीबीएसई 10वीं व 12वीं की परीक्षा 15 फरवरी से
  • मेट्रो के लिए सुरंग खोदने की तैयारी शुरू, बनाई जा रही टनल रिंग
  • बिन्यामिन नेतनयाहू छठी बार इसराइल के प्रधानमंत्री बने

अनछपी: पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों विशेषकर हिंदुओं के साथ होने वाले अत्याचार की खबरें आए दिन आती रहती हैं। पाकिस्तान खुद को इस्लामिक गणतंत्र बताता है लेकिन उसके नागरिकों के हाथों अल्पसंख्यकों की हत्या और उनके अत्याचार की बात उसके इस्लामिक गणतंत्र होने के दावे पर धब्बा है। किसी भी देश में अल्पसंख्यकों के लिए जीना बहुत मुश्किल काम होता है और भारतीय उपमहाद्वीप में इसके उदाहरण अक्सर देखने को मिलते रहते हैं। पाकिस्तान और बांग्लादेश भारतीय उपमहाद्वीप के 2 मुस्लिम बहुसंख्यक देश हैं लेकिन यहां से अक्सर हिंदू अल्पसंख्यकों के साथ अत्याचार की शिकायतें मिलती रहती हैं। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना हालांकि इस मामले में सख्ती करते हुए दिखती हैं और काफी हद तक स्थिति को तत्काल नियंत्रण में लाने में सफल भी होती हैं लेकिन पाकिस्तान के शासक इस मामले में बिल्कुल विफल नजर आते हैं। भारत के विदेश मंत्रालय ने सही ही कहा है कि पाकिस्तान को अपने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। यही इंसानियत की बात है। अफसोस की बात यह है कि खुद भारत में अल्पसंख्यकों की हालत बहुत बुरी बताई जाती है। उम्मीद की जानी चाहिए कि हर देश अपने अल्पसंख्यक नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।

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