छ्पी-अनछपी: ईरान-अमेरिका में जंग की आहट, सीटर बस को स्लीपर बनाया तो कार्रवाई

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। अमेरिका ईरान में विरोध प्रदर्शनों को हवा देने में लगा है दोनों देशों के बीच जंग की आहट तेज हो गई है। बिहार में सीटर के रूप में रजिस्टर्ड होने के बावजूद मिक्स्ड (सीटर स्लीपर) कांफिगरेशन में चल रही हैं, ऐसी बसों का परमिट रद्द किया जाएगा। बिहार में पीएचडी के लिए अब नेट पास करना ज़रूरी होगा।

और, जानिएगा कि जमानत के बाद अपराध की आशंका पर एहतियाती हिरासत पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

पहली ख़बर

हिन्दुस्तान के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच जंग की आहट तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान को मौजूदा सरकार से आजादी दिलाने में मदद करने को अमेरिका तैयार है। हमले के मद्देनजर इसराइल हाई अलर्ट पर है। दूसरी ओर, ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने अमेरिका और इजरायल को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अमेरिका हमला करता है तो ईरान उसके सैन्य ठिकानों पर हमला करेगा। ईरानी टीवी पर प्रसारित संसद में दिए गए बयान में गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका की ओर से सैन्य हमला होने की स्थिति में अमेरिकी सेना और उनके शिपिंग केंद्र को हम निशाना बनाएंगे। उनका इशारा इसराइल की ओर भी था, जिसे इस्लामी गणराज्य मान्यता नहीं देता। उन्होंने कहा कि अमेरिका के सैन्य कदम का जवाब कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा। वहीं, ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह खामेनेई ने ट्रंप से कहा कि ईरान के मामलों पर टिप्पणी करने की बजाय वह अपना देश संभालें।

सीटर बस को स्लीपर बनाया तो परमिट रद्द होगा

जागरण के अनुसार बिहार में स्लीपर बसों के संचालन और उनके निर्माण व बदलाव (माडिफिकेशन) पर सरकार सख्त हो गई है। परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने दो टूक शब्दों में कहा है कि बसों का अनधिकृत माडिफिकेशन कराया गया तो ऐसी स्थिति में परिवहन विभाग द्वारा जारी परमिट रद कर दिया जाएगा। मंत्री ने कहा कि बीते दिनों कटिहार भ्रमण के दौरान प्राप्त शिकायतों और जांच के आधार पर पाया गया है कि कई बसें सीटर के रूप में पंजीकृत होने के बावजूद मिक्स्ड (सीटर स्लीपर) कांफिगरेशन में चल रही हैं। ऐसी बसों का परमिट रद किया जाएगा। ऐसा करना केंद्रीय मोटर वाहन नियमावली, 1989 के नियम 126 और एआइएस-119 व एआइएस-052 मानकों के अनुरूप नहीं है।

पीएचडी के लिए अब नेट पास करना ज़रूरी

प्रभात खबर के अनुसार राज्यपाल सह कुलाधिपति आरिफ मोहम्मद खां ने शिक्षा विभाग और विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को निर्देशित दिया है कि पीएचडी के लिए यूजीसी की हालिया गाइडलाइन का अनिवार्य तौर पर पालन कराया जाए. यूजीसी की नयी गाइडलाइन के बिहार में प्रभावी होने से नेट पास विद्यार्थी या स्कॉलर ही पीएचडी कर पायेंगे. बिहार के विश्वविद्यालयों में हो रहे पीएचडी के प्रवेश टेस्ट बंद हो जायेंगे. अब इस निर्देश के बाद विभाग इसका प्रस्ताव बनायेगा और इससे परिनियम बनाना होगा. संभवत अगले सत्र से यूजीसी की गाइडलाइन के तहत पीएचडी में प्रवेश दिया जायेगा. कुलाधिपति ने यह मार्ग दर्शन लोक भवन में रविवार को बुलायी विशेष बैठक के दौरान दिये हैं. बैठक में कुलपतियों के अलावा शिक्षा मंत्री सुनील कुमार विशेष रूप से मौजूद रहे.

पटना में पारा 8 डिग्री सेल्सियस से नीचे

हिन्दुस्तान के अनुसार बिहार में एक बार फिर पारा लुढ़कने वाला है। सोमवार से राज्यभर के न्यूनतम तापमान में दो से तीन और अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री तक गिरावट के आसार हैं। इस दौरान दक्षिण बिहार के मुकाबले उत्तर में अधिक ठंड पड़ेगी। पटना में सोमवार को सुबह के समय कोहरा छाया रहेगा। लेकिन, दिन में धूप निकलने के आसार हैं। इस सीजन में पहली बार पटना का न्यूनतम तापमान रविवार को 8 डिग्री के नीचे रहा। वहीं, 15 दिनों के बाद अच्छी धूप निकलने से अधिकतम तापमान में 4.4 डिग्री की बढ़ोतरी हुई। अधिकतम तापमान 22.0 और न्यूनतम 7.8 डिग्री दर्ज किया गया। बुधवार तक उत्तर बिहार के कुछ स्थानों पर शीत दिवस और घने कोहरे की चेतावनी है। रविवार को प्रदेश के ज्यादातर जिलों में न्यूनतम तापमान में गिरावट और अधिकतम में बढ़ोतरी हुई। सबसे कम तापमान 4.0 डिग्री सबौर में और सबसे अधिक तापमान 24.9 डिग्री किशनगंज में दर्ज किया गया।

मोदी का बयान: सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का विरोध करने वाले ताकते आज भी मौजूद

जागरण के अनुसार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को परोक्ष रूप से कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आजादी के बाद सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का विरोध करने वाली ताकतें अब भी सक्रिय हैं और भारत को उनसे सतर्क रहना होगा और एकजुट होकर उन्हें हराना होगा। उन्होंने कहा कि सोमनाथ को लूटने वाले गजनवी, खिलजी जैसे आक्रांताओं ने बार-बार यहां हमला किया लेकिन सोमनाथ को नष्ट नहीं कर पाए। सोमनाथ का इतिहास विनाश और पराजय का नहीं, बल्कि विजय और पुनर्निमांण का है। आततायी अब इतिहास के पन्नों में सिमट गए हैं लेकिन सोमनाथ मंदिर आज भी स्वाभिमान के साथ खड़ा है। यही नहीं, पीएम ने कहा कि गजनवी, औरंगजेब जैसे आक्रांताओं का नफरत, अत्याचार और आतंक का असली इतिहास हमसे छिपाया गया और हमें सिखाया गया कि यह हमला महज मंदिर को लूटने का प्रयास था। सच को छिपाने के लिए किताबें लिखी गईं। मोदी ने कहा कि दुर्भाग्य वर्ष आज भी सोमनाथ के पुनर्निर्माण का विरोध करने वाली शक्तियां देश में मौजूद हैं।

जमानत के बाद अपराध की आशंका पर एहतियाती हिरासत गलत: सुप्रीम कोर्ट

जागरण की खबर है कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर किसी बंदी को जमानत पर रिहा कर दिया जाता है तो उसे महज इस आशंका पर एहतियाती हिरासत में रखना सही नहीं है कि वह दोबारा ऐसे अपराध में संलिप्त होगा जो सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा हो सकता है। यह आशंका उसे एहतियाती हिरासत में रखने का आदेश देने के लिए पर्याप्त आधार नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जमानत मिलने के बाद किसी व्यक्ति के दोबारा अपराध करने को आशंका, या सामान्य आपराधिक कानून के तहत जमानत रद करने के लिए पर्याप्त आधार होने पर भी, उसे एहतियाती हिरासत में रखना सही नहीं है। यह शक्ति असाधारण है और इसका उपयोग सामान्य आपराधिक प्रक्रियाओं (जैसे जमानत रद करने के लिए आवेदन) के विकल्प के रूप में नहीं किया जा सकता, बल्कि इसके लिए सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा ठोस सबूत चाहिए कि वह व्यक्ति है।

कुछ और सुर्खियां:

  • दिल्ली से दरभंगा आ रही बस उत्तर प्रदेश के मैनपुरी के पास टायर फटने से पलटी, दो लोगों की जान गई
  • जम्मू के चार जिलों में दिखे संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन, सेना की फायरिंग पर लौटे
  • मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 16 जनवरी से निकलेंगे समृद्धि यात्रा पर
  • सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ ने मानी गलती, 3500 से ज़्यादा पोस्ट और 600 से ज़्यादा खाते हटाए
  • भारत ने पहले वनडे क्रिकेट मैच में न्यूज़ीलैंड को चार विकेट से हराया, 301 का लक्ष्य 49 में ओवर में पाया

अनछपी: बिहार में नीतीश कुमार की सरकार को बचाए रखने में जिस एक योजना की सबसे ज्यादा चर्चा होती है वह है मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना लेकिन दिलचस्प बात यह है कि इस योजना के लिए ₹200000 देने के वास्ते अब तक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसेस यानी एसओपी नहीं बनाया गया है। अब तक यह तय नहीं कि दो लाख तक आर्थिक मदद देने की प्रक्रिया क्या होगी? लाभुकों का चयन कौन करेंगे, महिलाओं के रोजगार का अध्ययन का आधार क्या होगा? खबर आई है कि यह सब तय किया जा रहा है। इसके लिए राज्य कैबिनेट की स्वीकृति लेकर एसओपी लागू की जाएगी। ध्यान रहे कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना में पहले चरण में दस-दस हजार की राशि रोजगार शुरू करने के लिए दी गई है। इसके आगे के चरण में अब महिलाओं की ओर से शुरू किये गये रोजगार का आकलन कर, उन्हें दो लाख तक की मदद दी जानी है। ताकि, वह अपने रोजगार-व्यवसाय को और विकसित कर सकें। दो लाख की मदद आवश्यकतानुसार कई चरणों में दी जाएगी। अभी-तक दस-दस हजार रुपये एक करोड़ 56 लाख महिलाओं के खाते में भेजे गये हैं। इसके आलवा 19 लाख और आवेदन आये हैं, जिन्हें राशि भेजने की कार्रवाई चल रही है। इस बीच यह खबर भी आई है कि इसी योजना के तहत 11 लाख से अधिक जीविका दीदियों की सहायता राशि केवाईसी नहीं होने के कारण अटकी हुई है। इसके अलावा इस योजना के तहत रजिस्ट्रेशन भी बंद किया जा चुका है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव कहते हैं कि वह 100 दिनों तक सरकार के प्रदर्शन पर कुछ नहीं बोलेंगे लेकिन यह एक ऐसा मुद्दा है जिसे विपक्ष को गंभीरता से लेना चाहिए।

 

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