छ्पी-अनछपी: 14 नवंबर को सरकार बदलेगी या नहीं? सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस पर ‘सनातनी’ हमला

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। चुनाव आयोग ने बिहार में 6 और 11 नवंबर को वोटिंग और 14 नवंबर को रिजल्ट का ऐलान कर दिया है और अब यह बहस तेज हो रही है कि बिहार में उस दिन सरकार बदलेगी या नहीं। सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस पर एक वकील ने सनातनी के नाम पर जूता फेंकने की कोशिश की। जयपुर के एक अस्पताल में आग लगने से 6 मरीज जिंदा जल गए। पश्चिम बंगाल में बाढ़ राहत का जायजा लेने पहुंचे भाजपा सांसद को लोगों ने खदेड़ दिया और हमले में वह घायल हो गए।

और, जानिएगा कि कॉमेट ब्राउज़र कैसे ईमेल और दूसरी ऑनलाइन सेवाओं में बदलाव ला सकता है।

पहली ख़बर

भास्कर के अनुसार बिहार विधानसभा चुनाव दो चरणों में होगे। पहले चरण का मतदान 121 सीटों पर 6 नवंबर को और दूसरे में 123 सीटों पर 11 नवंबर को होगा। नतीजे 14 नवंबर को आएंगे। नामांकन 10 और 13 अक्टूबर से होंगे। 20 अक्टूबर को पहले फेज के नाम वापसी शुरू होगी। 20 को ही दूसरे फेज के नामांकन का अंतिम दिन है। इसी दिन दिवाली भी है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को ये जानकारियां दी। कहा कि चुनावी प्रक्रिया 16 नवंबर तक पूरी कर ली जाएगी। वहीं, राजस्थान समेत 8 राज्यों की 8. विस सीटों पर 11 नवंबर को उपचुनाव होंगे। बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखें घोषित होते ही साफ हो गया है कि ये 25 साल का सबसे छोटा चुनाव है। इस बार सिर्फ 2 चरणों में वोटिंग हो रही। इससे पहले, 1995 में पांच, 2000 में तीन, 2005 में तीन, 2005 में चार, 2010 में छह, 2015 में पांच और 2020 में तीन चरणों में मतदान हुआ था। 1990 में एक चरण में चुनाव हुआ था। दिनों की बात करें तो इस बार चुनाव की घोषणा के 39वें दिन नतीजे आ जाएंगे। 2020 में यह अवधि 46, 2015 में 60, 2010 में 79 और 2005 में 60 और 2000 में 42 दिन थी। बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल ने बताया कि इस बार राज्य में किसी भी बूथ का री-लोकेशन नहीं होगा। मतदाता अपने पूर्व निर्धारित बूथों पर ही मतदान करेंगे।

चुनाव से जुड़ी दूसरी अहम बातें:

  • बुर्का और घूंघट में आने वाली महिलाओं की पहचान के लिए हर बूथ पर रहेगी आंगनबाड़ी सेविका
  • कुल मतदाता : 7,43,55,976
  • पुरुष मतदाता : 3,92,07,804
  • महिला मतदाता : 3,49,82,828
  • थर्ड जेंडर मतदाता : 1725
  • दिव्यांग मतदाता : 7,20,709
  • 85 वर्ष से अधिक : 4,03,985
  • 18-19 वर्ष वाले : 14,01,150
  • सेवा (सर्विस) मतदाता : 1,63,619
  • वोटर हेल्पलाइन 1950 पर देश-विदेश कहीं से डायल कर चुनाव से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस पर जूता चलाने की कोशिश

सुप्रीम कोर्ट में सोमवार सुबह 11:35 बजे चौंकाने वाला घटनाक्रम हुआ। 71 वर्षीय एक वकील राकेश किशोर अदालती ने कार्यवाही के दौरान सीजेआई बीआर गवई की तरफ जूता फेंकने की कोशिश की। घटना से विचलित हुए बगैर सीजेआई ने वकीलों से कहा, ‘इस सबसे विचलित न हों। ये चीजें मुझे प्रभावित नहीं करतीं।’ प्रत्यक्षदर्शी वकीलों के अनुसार, सीजेआई और जस्टिस विनोद चंद्रन की बेंच सुनवाई कर रही थी। तभी आरोपी ने स्पोटर्स शू निकाला और जज की तरफ फेंकने लगा। उसने ‘सनातन धर्म का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा हिंदुस्तान’ नारा लगाया। पुलिस ने बाद में कोर्ट परिसर में ही उसे छोड़ दिया। घटना के बाद सुप्रीम कोर्ट बार काउंसिल ने राकेश किशोर का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

जयपुर के एक अस्पताल में आग लगने से 6 मरीज जिंदा जले

हिन्दुस्तान के अनुसार जयपुर के सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल में सोमवार तड़के भीषण आग लग गई। आग न्यूरो आईसीयू में भड़की, जहां छह मरीजों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के समय आईसीयू में 11 मरीज भर्ती थे, पांच को किसी तरह सुरक्षित बाहर निकाला गया। अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर प्रभारी डॉक्टर अनुराग धाकड़ ने बताया कि आग स्टोर रूम में लगी और देखते ही देखते पूरे आईसीयू में फैल गई। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी। उन्होंने बताया, मृतकों में दो महिलाएं और चार पुरुष शामिल हैं।

पटना मेट्रो तीन स्टेशनों के साथ शुरू

राजधानी पटना में सोमवार को मेट्रो दौड़ने लगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना मेट्रो के प्रथम चरण का शुभारंभ कर राज्य की जनता को सौगात दी। मुख्यमंत्री ने पटना मेट्रो प्रायोरिटी कॉरिडोर अंतर्गत तीन स्टेशनों पाटलिपुत्र बस टर्मिनल-जीरो माइल-भूतनाथ का लोकार्पण करते हुए मेट्रो ट्रेन परिचालन का शुभारंभ किया।

पश्चिम बंगाल में भाजपा सांसद को लोगों ने खदेड़ा

जागरण के अनुसार पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में सोमवार सुबह बाड़ प्रभावित इलाके में पहुंचे भाजपा सांसद खगैन मुर्मु और सिलीगुड़ी के विधायक और विधानसभा में मुख्य सचेतक शंकर घोष पर भीड़ ने हमला कर दिया। हमलावरों ने ईंट और पत्थर चलाए। सांसद मुर्मू के सिर में गंभीर चोट आई और वे खून से लथपथ हो गए। विधायक शंकर घोष भी घायल हुए हैं। घटना के बाद दोनों को सिलीगुड़ी के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है। भाजपा ने इस हमले के लिए तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों को जिम्मेदार ठहराया है। दोनों नेता नागराकाटा के बामनहांगा इलाके में बाढ़ पीड़ितों से मिलने पहुंचे थे। वह लोगों के पास जा रहे थे। इसी दौरान वहां मौजूद के-मुक्की करने लगा।

कॉमेट ब्राउज़र कैसे ईमेल और दूसरी ऑनलाइन सेवाओं में बदलाव लाएगा

हिन्दुस्तान के अनुसार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) अब सिर्फ तकनीक नहीं बल्कि काम करने का तरीका बदल रही है। अमेरिकी कंपनी पप्र्लेक्सिटी का कॉमेट ब्राउजर इस बदलाव का उदाहरण है। कंपनी के सीईओ अरविंद श्रीनिवास के अनुसार, यह एआई ब्राउजर बिना किसी मानवीय देखरेख के ईमेल, मीटिंग, डाटा और रोजमर्रा के काम खुद संभाल सकता है। उन्होंने इसे ‘सच्चा निजी सहायक’ करार दिया। श्रीनिवास ने अमेरिका के एक चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा, कॉमेट ब्राउजर लोगों के रोजमर्रा के कामों को बदल सकता है। इतना ही नहीं, यह भविष्य में कर्मचारियों की जरूरत को कम कर सकता है और कंपनियों की उत्पादकता बढ़ा सकता है।

कुछ और सुर्खियां:

  • गायिका मैथिली ठाकुर भाजपा के टिकट पर दरभंगा के अलीनगर या मधुबनी की बेनीपट्टी सीट से लड़ सकती है विधानसभा चुनाव
  • इरशाद अली आजाद होंगे बिहार शिया वक़्फ़ बोर्ड के नए चेयरमैन
  • नेपाल में 5 मार्च 2026 को आम चुनाव होंगे
  • बिहार के वन विभाग में 2739 पदों पर चुनाव के बाद होगी

अनछपी: सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया में चीफ जस्टिस बीआर गवई पर जूता चलाने की निंदनीय घटना हमें यह याद दिलाती है कि देश पर ऐसे लोगों का वर्चस्व बढ़ रहा है जो गोडसे की बर्बर और हिंसक विचारधारा से प्रभावित हैं और किसी भी सवाल के जवाब में कोई भी हिंसक कार्रवाई कर सकते हैं। जब हम इस बात की चर्चा करते हैं कि गोडसे ने गांधी की हत्या की है तो दरअसल इसमें संदेश यह है कि गोडसे की विचारधारा ने गांधी की विचारधारा की हत्या की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह तो कहा है कि चीफ जस्टिस पर हमले से पूरा भारत गुस्से में है लेकिन अफसोस के साथ कहना पड़ता है कि मोदी की यह बात पूरी तरह सही नहीं है। हमने कल ही देखा कि ऐसे लोग मौजूद हैं जो यह कह रहे हैं कि यह हमला इस वजह से किया गया क्योंकि उन्होंने सनातन धर्म के बारे में कोई टिप्पणी की थी और यह होना ही चाहिए। बड़ी संख्या में फॉलो किए जाने वाले एक हैंडल ने तो चीफ जस्टिस को पतित और कायर तक कह डाला। ऐसे लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थक माने जाते हैं और यह समझा जाता है कि वह श्री मोदी के चहेते हैं। इसलिए प्रधानमंत्री मोदी की इस बात पर बहुत भरोसा करना समझदारी की बात नहीं होगी और विचारधारा की लड़ाई को अलग स्तर पर लड़ना होगा। दरअसल इस विचारधारा को एक बड़े संगठन का भी समर्थन प्राप्त है बल्कि यह विचारधारा उसी की है जो इस समय अपने 100 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहा है। इस संगठन की चालाकी यह है कि यह हिंसक गतिविधियों के लिए विचारधारा तो उपलब्ध कराता है लेकिन जब कोई घटना हो जाती है तो उससे साफ तौर पर पिंड छुड़ाने की कोशिश करता है। जैसे गोडसे ने जब गांधी की हत्या की तो इस संगठन ने अपने आपको गोडसे से अलग बताया लेकिन गोडसे को कौन लोग अपना पूजनीय मानते हैं यह किसी से छिपा नहीं है। चीफ जस्टिस पर हमले के बाद यह बात और पुख्ता होती है कि गोडसे की विचारधारा भारत में केवल धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ दुश्मनी नहीं निभाता बल्कि वह दलित वर्ग का भी उतना बड़ा ही दुश्मन है हालांकि उस समुदाय के लोगों को इसकी अभी उतनी चेतन नहीं है। इस चेतन को जगाए रखने की जरूरत है।

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