‘मकतूबात-ए-आरजू’: पत्र में साहित्य का ज़ख़ीरा
बिहार लोक संवाद डॉट नेट
उर्दू कौन्सिल हिन्द के तत्वावधान में रविवार को पटना में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पत्रकार डॉ. नसीम अखतर की पुस्तक ‘मकतूबात-ए-आरजू’ की विषय-वस्तु पर साहित्यकारों और लेखकों ने प्रकाश डाला।
नसीम अखतर ने बताया कि ‘मकतूबात-ए-आरजू’ प्रमुख समालोचक मुखतारुद्दीन आरजू के पत्रों का संकलन है। पत्र में साहित्य का जखीरा मौजूद है।
साहित्य अकादमी सम्मान से सम्मानित उपन्यासकार डॉक्टर अब्दुस्समद ने कहा कि मुखतारुद्दीन के पत्र नई पीढ़ी के लिए प्रासंगिक हैं।
संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे समालोचक प्रोफेसर अलीमुल्लाह हाली ने कहा कि किताब के माध्यम से आरजू के व्यक्तित्व को उजागर करने की कोशिश की गई है।
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