छ्पी-अनछपी: पापा की पार्टी के मेंबर बनेंगे निशांत, आखिरी गोली तक लड़ेगा ईरान

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। लंबे ना नुकुर के बाद निशांत कुमार अपने पापा नीतीश कुमार की पार्टी में शामिल होंगे। ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह ने कहा कि बहादुरी से लड़ने के अलावा हमारे पास कोई चारा नहीं है। रसोई गैस का दाम में ₹60 बढ़ा दिया गया है।

और, जानिएगा कि आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर पाबंदी लगाने की घोषणा की गई है।

पहली ख़बर

प्रभात खबर के अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार रविवार से एक्टिव पॉलिटिक्स में अपना सफर शुरू करेंगे. यह जानकारी जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने शुक्रवार को जदयू के सांसदों व विधायकों की बैठक के बाद दी. उन्होंने बताया कि निशांत कुमार रविवार को औपचारिक तौर पर पार्टी की सदस्यता लेंगे. उनके राजनीति में आने की मांग लंबे समय से हो रही थी. शुक्रवार को पार्टी सांसदों, विधायकों और वरिष्ठ नेताओं की हुई बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा कि विधायकों ने मांग की है कि निशांत कुमार को राजनीति में आना चाहिए, इसका जदयू के सभी नेताओं ने खड़े होकर तालियों की गूंज के साथ स्वागत व समर्थन किया. सबने कहा कि निशांत कुमार को राजनीति में लाया जाये. उस समय नीतीश कुमार भी मौजूद थे, पर निशांत नहीं थे. प्रवक्ता नीरज ने कहा कि निशांत कुमार पूरे बिहार का दौरा करेंगे और लोगों से संवाद भी करेंगे.

ईरान का ऐलान- आखिरी सैनिक तक लड़ेंगे

हिन्दुस्तान लिखता है कि ईरान और अमेरिका के बीच भीषण जंग जारी है। इस बीच ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह ने शुक्रवार को कहा कि बहादुरी से लड़ने के अलावा हमारे पास कोई विकल्प नहीं है। ईरान आखिरी गोली और आखिरी सैनिक तक लड़ेगा। खतीबजादेह रायसीना डायलॉग में हिस्सा लेने के लिए इन दिनों दिल्ली में हैं। एक समाचार एजेंसी से बात करते हुए उन्होंने कहा कि तेहरान लगातार बमबारी की चपेट में है। यह राष्ट्र की रक्षा की लड़ाई है। खतीबजादेह ने हिंद महासागर में ईरानी युद्धपोत को डुबोने की आलोचना की। उन्होंने कहा,यह पोत भारत के निमंत्रण पर अंतरराष्ट्रीय अभ्यास से भाग लेकर जा रहा था और निहत्था था। होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने की खबरों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि ईरान फिलहाल ऐसा करने का कोई इरादा नहीं रखता।

रसोई गैस सिलेंडर का दाम ₹60 बढ़ा

भास्कर की ख़बर है कि सरकारी तेल कंपनियों ने 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 60 रुपए और 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 115 रुपए बढ़ा दी है। दिल्ली में घरेलू सिलेंडर की कीमत 853 रुपए से बढ़कर 913 रुपए होगी। वहीं, कमर्शियल सिलेंडर की कीमत अब 1,764 रुपए से बढ़कर 1883 रुपए होगी। नए दाम 7 मार्च से लागू होंगे। घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत आखिरी बार 8 अप्रैल 2025 को 50 रुपए बढ़ाई गई थी। तबसे कीमतें स्थिर थीं। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत पिछले महीने 1 फरवरी को ही 50 रुपए बढ़ाई गई थी।

मदरसों में स्मार्ट क्लास के लिए दो करोड़ 97 लाख खर्च होंगे

हिन्दुस्तान के अनुसार बिहार के मदरसों के बच्चे स्मार्ट क्लास से विज्ञान और गणित के कठिन सवालों को हल करना सीखेंगे। साथ ही, साहित्य के तहत अंग्रेजी और हिंदी की भी पढ़ाई करेंगे। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने मदरसों को सुदृढ़ीकरण के साथ ही वहां बच्चों को आधुनिक विषयों की शिक्षा स्मार्ट क्लास के माध्यम से देने की दिशा में कार्रवाई तेज कर दी है। विभाग के सचिव मो. सोहैल के अनुसार, स्मार्ट क्लास के लिए मौलाना मजहरूल हक अरबी एवं फारसी विवि, पटना में स्टूडियो बनाने का कार्य पूरा हो चुका है। प्रथम चरण में चयनित सभी 75 मदरसों में स्मार्ट क्लास की शुरुआत जल्द होगी। स्मार्ट क्लास के लिए 2 करोड़ 97 लाख खर्च किए जाएंगे। यह राशि वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत आवंटित की गई है। विभागीय सचिव के अनुसार, बिहार राज्य मदरसा बोर्ड से मान्यता प्राप्त मदरसों में आधारभूत संरचना के तहत अतिरिक्त वर्ग कक्ष, कार्यालय कक्ष, बहुउद्देशीय हॉल, कंप्यूटर, विज्ञान लैब, शौचालय, सौर ऊर्जा संयंत्र, शैक्षणिक शोध इत्यादि के कार्य किए जाएंगे। राज्य के मदरसों में विशेष रूप से विज्ञान, गणित, हिंदी और अंग्रेजी विषयों के शिक्षकों की कमी के कारण स्मार्ट क्लास शुरू करने पर जोर है।

नेपाल में बालेन शाह बन सकते हैं प्रधानमंत्री

जागरण लिखता है कि काठमांडू की सड़कों पर जीत का जश्न शुरू हो गया है। हर और हिप-हाप और लोक संगीत की धूम है, युवा मस्ती के आलम में नाच-गा रहे हैं। क्योंकि नेपाल में रैपर से राजनेता बने 35 वर्षीय बालेंद्र (बालेन) शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) प्नतिनिधि सभा के चुनाव में भारी जीत की ओर बढ़ रही है और वह खुद प्रधानमंत्री पद के इकलौते दावेदार बनकर उभरे हैं। राजधानी काठमांडू की सभी 10 सीटें आरएसपी को मिलने की उम्मीद है। सितंबर 2025 में जेन जी के हिंसक आंदोलन से अपदस्थ हुई केपी शर्मा ओली सरकार के स्थान पर सरकार के गठन के लिए गुरुवार को नेपाल में मतदान हुआ था। ये चुनाव सुशीला कार्की की अंतरिम सरकार की देखरेख में हुए हैं।

यूपीएससी सिविल सर्विस का रिज़ल्ट निकला, टॉपर राजस्थान का

संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने शुक्रवार को सिविल सेवा परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम घोषित किया। इस साल रिजल्ट में बिहार के छात्रों ने एक बार फिर अपना लोहा मनवाया है। टॉप टेन में दो तो टॉप 20 में पांच छात्र-छात्राएं सफल हुए हैं। यह पिछले वर्ष से बेहतर है। पिछले वर्ष सिर्फ 3 अभ्यर्थियों ने टॉप 20 में जगह बनाई थी। इस साल राज्य में टॉप 10 में दो छात्र हैं। इसमें मुजफ्फरपुर के सरैयागंज के राघव झुनझुनवाला ने चौथी रैंक हासिल कर राज्य में टॉप किया है। राघव ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातक किया है। दूसरा छात्र 10वीं रैंक प्राप्त करने वाला वैशाली का उज्ज्वल प्रियांक है। राजस्थान के रावतभाटा के रहने वाले डॉ. अनुज अग्निहोत्री टॉपर रहे हैं। अनुज अभी दिल्ली और यूटी सिविल सेवा में एसडीएम हैं। दूसरे स्थान पर तमिलनाडु की राजेश्वरी सुर्वे एम और तीसरे स्थान पर हरियाणा के आकांश ढुल रहे। जोधपुर एम्स से एमबीबीएस अनुज का वैकल्पिक विषय मेडिकल साइंस, चेन्नई के अन्ना विवि से बीई राजेश्वरी का समाजशास्त्र रहा।

आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर पाबंदी

हिन्दुस्तान की ख़बर है कि आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में राज्य सरकारों ने नाबालिगों के सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। आंध्र प्रदेश में 13 साल, जबकि कर्नाटक में 16 साल से कम उम्र के बच्चे सोशल मीडिया नहीं चला सकेंगे। आंध्र प्रदेश ने 90 दिन (तीन माह) के भीतर नियम लागू करने की बात कही है, वहीं कर्नाटक ने अभी प्रतिबंध लागू होने की तारीख स्पष्ट नहीं की है। प्रतिबंध लागू होने पर ये दोनों राज्य ऐसा करने वाले देश के पहले राज्य बन जाएंगे।

कुछ और सुर्खियां:

  • पश्चिम बंगाल में एसआईआर के बाद मतदाता सूची को लेकर टकराव तेज, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी धरने पर बैठीं
  • सूरत की साड़ी रंगने वाली फैक्ट्री में केमिकल कचरा साफ़ करने में बिहार के चार मज़दूर झुलसे
  • असम में सुखोई विमान हादसे का शिकार, एयरफोर्स के दो पायलटों की गई जान
  • आंध्र प्रदेश में दूसरे और तीसरे बच्चे की पैदाइश पर ₹25000 देने पर चल रहा विचार

अनछपी: नीतीश कुमार ने अपनी सेहत ठीक रहने के दौरान अपनी कथित विचारधारा से जितने समझौते किए, अपनी सेहत की खराबी की खबर के बाद भी उन्होंने जारी रखा है। कुछ लोग तो कहते हैं कि विचारधारा से समझौता ही उनकी विचारधारा रही। लालू प्रसाद को परिवारवाद के लिए हमेशा कोसने वाले नीतीश कुमार ने अपने बेटे निशांत कुमार को आखिरकार अपनी पार्टी में शामिल करने के फैसले पर मुहर लगा दी है। यह वही निशांत कुमार हैं जिनके बारे में लोगों को यह नहीं मालूम के सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग करने के बाद अपनी 49-50 साल की उम्र के दौरान उन्होंने क्या किया। आप कह सकते हैं कि नीतीश कुमार ने इस मामले में भी पलटी मार ली है जैसा कि इससे पहले वह कई बार सरकार बनाने के लिए पार्टियों के साथ आने और पार्टियों का साथ छोड़ने के दौरान पलटी मारते रहे हैं। उनकी पार्टी के बड़े लीडर भी इस मामले में वैचारिक रूप से नंगे हो गए हैं हालांकि उन्होंने इसके लिए एक बहाना यह निकाला कि निशांत युवा हैं और राजनीति में बेहतर कर सकते हैं। इस मामले में हम तो नीतीश से बेहतर उपेंद्र कुशवाहा को मानते हैं जिन्होंने साफ तौर पर यह स्वीकार किया कि हां उनकी पार्टी की विचारधारा परिवारवाद के खिलाफ नहीं है और चुपचाप अपने बेटे को बिना कोई चुनाव जीते मंत्री बनवा लिया। इस मौके पर हम खास करके केसी त्यागी का नाम लेना चाहते हैं जिन्होंने हमेशा नीतीश कुमार की पलटीमार विचारधारा का समर्थन किया, उसके लिए बेमतलब तर्क गढ़े और लालू प्रसाद को अपने बेटे तेजस्वी यादव को राजनीति में आगे बढाने पर परिवारवादी कहकर आलोचना का शिकार बनाया। शायद इससे भी बड़ी बात यह हो कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जिनका संबंध वैसे तो जेडीयू से नहीं है लेकिन भारतीय जनता पार्टी में जिस तरह परिवारवाद का विरोध किया जाता है, वह भी इस मामले में पलटीमार विचारधारा के समर्थक ही साबित हुए। परिवारवाद पर बोलने का अधिकार पहले भी ना तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास था और ना ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास, क्योंकि इससे पहले भी परिवारवादी पॉलिटिक्स का वह समर्थन करते रहे, बस शर्त यह रही कि ऐसे परिवार उनकी पार्टी में हों, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी या आरजेडी में नहीं। भारत की राजनीति में परिवारवाद का विरोध जितना मूर्ख बनाने वाला तर्क शायद ही कोई और हो।

 

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